Friday, April 4, 2025

यूरिक एसिड का देसी इलाज है किचन में मौजूद ये ड्रिंक्स, आज से ही करें डाइट में शामिल

Drinks For High Uric Acid: यूरिक एसिड आज के समय की एक एक बड़ी समस्या में से एक है. आपको बता दें कि शरीर में यूरिक एसिड का बढ़ता लेवल कई परेशानियों की वजह बन सकता है. इसकी वजह से शरीर में क्रिस्टल बन सकते हैं और यह गाउट का कारण बन सकता है. यूरिक एसिड के हाई लेवल को कंट्रोल करने के लिए खानपान में बदलाव सबसे कारगर उपाय माना जाता है. हाई यूरिक एसिड, जिसे हाइपरयूरिसीमिया भी कहा जाता है, आमतौर पर शुरूआत में इसके कोई लक्षण नजर नहीं आते ज्यादातर लोगों को इसके बारे में तब तक पता नहीं चलता जब तक कि यूरिक एसिड का स्तर ज्यादा न हो जाए. इसकी वजह से पेशाब में दिक्कत, यूरिन में बदबू, यूरिन में खून आना, दर्द, मतली, उल्टी, सूजन जैसी समस्याएं हो सकती हैं. तो चलिए जानते हैं यूरिक एसिड को कंट्रोल करने के लिए इन ड्रिंक्स का करें सेवन. 

यूरिक एसिड को कंट्रोल करने के लिए ड्रिंक्स- (Best Drinks For Uric Acid)

1. अजवाइन का पानी- 

किचन में मौजूद अजवाइन एक ऐसा मसाला है जिसे स्वाद के साथ सेहत के लिए भी कमाल माना जाता है. शरीर में मौजूद यूरिक एसिड को बाहर निकालने में मददगार है अजवाइन का पानी. 

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Photo Credit: iStock

2. जीरा पानी- 

जीरा पानी डिटॉक्सिफिकेशन, पाचन में मददगार माना जाता है. इसके सेवन से शरीर में बड़े हुए यूरिक एसिड को कंट्रोल करने में मदद मिल सकती है. 

3. नींबू पानी-

नींबू पानी यूरिक एसिड को घोलने और शरीर से बाहर निकालने में मदद कर सकता है. बढ़े हुए यूरिक एसिड को कंट्रोल करने के लिए आप नींबू पानी का सेवन सुबह खाली पेट कर सकते हैं.

4. हल्दी वाला पानी- 

किचन में मौजूद हल्दी सेहत के लिए बेहद फायदेमंद मानी जाती है. इसमें एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण पाए जाते हैं, जो सूजन को कम करने और यूरिक एसिड को कंट्रोल करने में मदद कर सकते हैं. 

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Wednesday, April 2, 2025

Tuesday, April 1, 2025

हरिद्वार, देहरादून, नैनीताल और उधम सिंह नगर के विभिन्न स्थानों के बदले नाम

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज एक महत्वपूर्ण फैसला लेते हुए जनपद हरिद्वार, देहरादून, नैनीताल और उधम सिंह नगर में स्थित विभिन्न स्थानों के नाम में परिवर्तन की घोषणा की. मुख्यमंत्री ने कहा कि विभिन्न स्थानों  के नाम में परिवर्तन जन भावना और भारतीय संस्कृति व विरासत के अनुरूप किया जा रहा है.  इससे लोग भारतीय संस्कृति और इसके संरक्षण में योगदान देने वाले महापुरुषों से प्रेरणा ले सकेंगे.

मुख्यमंत्री की घोषणा के अनुसार, हरिद्वार जनपद में औरंगजेबपुर का शिवाजी नगर, गाजीवाली का आर्य नगर, चांदपुर का ज्योतिबा फुले नगर, मोहम्मदपुर जट का मोहनपुर जट, खानपुर कुर्सली का अंबेडकर नगर, इंदरीशपुर का नंदपुर, खानपुर का श्री कृष्णपुर, अकबरपुर फाजलपुर का नाम विजयनगर किया गया है.

देहरादून जनपद में मियांवाला का रामजी वाला, पीरवाला का केसरी नगर, चांदपुर खुर्द का पृथ्वीराज नगर, अब्दुल्ला नगर का नाम दक्ष नगर किया गया.

जनपद नैनीताल में नवाबी रोड़ का अटल मार्ग, पनचक्की से आईटीआई मार्ग का नाम गुरु गोवलकर मार्ग किया गया. 

उधमसिंह नगर में नगर पंचायत सुल्तानपुर पट्टी का नाम बदलकर कौशल्या पुरी किए जाने की घोषणा की गई है.



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Monday, March 31, 2025

विदेशी निवेशकों की पसंद बना भारतीय शेयर बाजार, छह सत्रों में की 31,000 करोड़ रुपये की खरीदारी

भारतीय शेयर बाजार में तेजी के बीच विदेशी निवेशक लगातार खरीदारी कर रहे हैं. ताजा डिपॉजिटरी के आंकड़ों के मुताबिक, बीते छह कारोबारी सत्रों में विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (एफपीआई) ने करीब 31,000 करोड़ रुपये का निवेश शेयर बाजार में किया है. 

एफपीआई के बड़ी मात्रा में निवेश करने की वजह शेयर बाजार का आकर्षक वैल्यूएशन, डॉलर के मुकाबले रुपये का मजबूत होना और अर्थव्यवस्था में तेजी आना है. एफपीआई की वापसी से भारतीय शेयर बाजार में भी बड़ी रिकवरी देखने को मिली है.

समीक्षा अवधि के दौरान, निफ्टी में करीब 6 प्रतिशत की रिकवरी देखने को मिली है, जिससे निवेशकों का भरोसा बढ़ा है. एफपीआई का रुख बिकवाली से बदलकर खरीदारी होने के पीछे कई कारक जिम्मेदार हैं, जिसमें शेयर बाजार का अपने सितंबर 2024 के पीक से 16 प्रतिशत नीचे आना, रुपये का मजबूत होना और महंगाई में कमी आना, आईआईपी और जीडीपी ग्रोथ का मजबूत होना शामिल हैं.

डिपॉजिटरी के डेटा के मुताबिक, मार्च में एफपीआई की खरीदारी बढ़ने के कारण कुल आउटफ्लो कम होकर 3,973 करोड़ रुपये हो गया है. विशेषज्ञों का मानना ​​है कि आने वाले समय में एफपीआई निवेश अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा 2 अप्रैल को घोषित किए जाने वाले पारस्परिक टैरिफ के परिणाम पर निर्भर करेगा.

विशेषज्ञों ने आगे कहा कि अगर टैरिफ अधिक नहीं होते हैं तो यह रैली जारी रह सकती है. बीडीओ इंडिया के मनोज पुरोहित ने कहा, "इस सप्ताह स्थिति बदल गई है, एफपीआई इनफ्लो हरे निशान में शुरू हुआ है, जिससे भारतीय बाजार में रौनक लौट आई है, हालांकि यह वित्तीय वर्ष का अंतिम सप्ताह है, जिसमें आमतौर पर भारी मुनाफावसूली होती है."

बीते हफ्ते भारतीय शेयर बाजार का प्रदर्शन शानदार रहा. निफ्टी और सेंसेक्स करीब 0.70 प्रतिशत बढ़कर 23,519.35 और 77,414.92 पर बंद हुआ. इस तेजी का नेतृत्व बैंकिंग शेयरों ने किया. बैंक निफ्टी करीब 2 प्रतिशत की बढ़त के साथ 51,564.81 पर बंद हुआ. सेक्टोरल आधार पर निफ्टी पीएसई और एफएमसीजी इंडेक्स टॉप गेनर्स थे, जबकि मीडिया और फार्मा इंडेक्स टॉप लूजर्स थे.



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