केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के बयान पर एक बड़ी राजनीतिक बहस छिड़ गई है. बुधवार को कोयम्बटूर में बीजेपी के एक कार्यक्रम में बोलते हुए गृह मंत्री अमित शाह ने लोकसभा की सीटों के परिसीमन पर एक बयान दिया था. जिस पर राजनीति तेज हो गई है. अमित शाह ने कहा, "तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन और उनके बेटे लोगों का ध्यान भड़काने के लिए कुछ मुद्दे खड़ा कर रहे हैं. आज भी एक मीटिंग करने जा रहे हैं कि हम साउथ के साथ परिसीमन में अन्याय नहीं होने देंगे. स्टालिन जी, मोदी सरकार ने लोकसभा में स्पष्ट किया है कि डीलिमिटेशन के बाद किसी भी दक्षिण भारत के राज्य की एक भी सीट कम होने नहीं होगा".
तमिलनाडु के सीएम ने 5 मार्च को बुलाई बैठक
अमित शाह का बयान ऐसे वक्त पर आया है जब तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने 5 मार्च को परिसीमन के मसले पर राजनीतिक दलों की एक महत्वपूर्ण बैठक बुलाई है. लोकसभा की सीटों का परिसीमन राष्ट्रीय जनगणना के बाद जनसंख्या में हुए बदलाव के आधार पर किया जाता है.
जनगणना पूरी होने के बाद एक परिसीमन आयोग का गठन किया जाता है. परिसीमन आयोग टर्म्स ऑफ़ रेफरेंस के आधार पर लोकसभा की सीटों का परिसीमन करती है.
परिसीमन को लेकर दक्षिण भारतीय राज्यों का क्या है डर?
दक्षिण भारत के राज्यों को डर है कि 2011 की जनगणना के बाद उनकी जनसंख्या उत्तर भारत के राज्यों के अनुपात में कम बढ़ी है. ऐसे में अगर परिसीमन आयोग जनसंख्या के आधार पर लोकसभा की सीटों का परिसीमन करता है तो लोकसभा में उनकी सीट घट जाएंगे, उनका प्रतिनिधित्व भी घट जाएगा.
सीपीआई नेता ने परिसीमन के आधार पर संसद में चर्चा की मांग की
सीपीआई के महासचिव दी राजा ने गुरुवार को एनडीटीवी से कहा, "हम मांग करते हैं कि देश में नए परिसीमन का आधार क्या हो इस पर संसद में चर्चा कराई जाए. दक्षिण भारत के राज्यों- विशेषकर तमिलनाडु और केरल का पॉपुलेशन कंट्रोल का रिकॉर्ड बेहतर रहा है. उन्हें आशंका है कि अगर जनसंख्या को आधार बनाकर परिसीमन किया जाता है तो संसद में उनका प्रतिनिधित्व घटेगा. उत्तर प्रदेश और दूसरे उत्तर भारत के राज्यों में जनसंख्या में बढ़ोतरी की वजह से उनकी सीटें बढ़ सकती हैं."
सपा सांसद बोले- जनगणना के बाद गठित होगा परिसीमन आयोग
उत्तर प्रदेश से राज्यसभा के सांसद और समाजवादी पार्टी के नेता जावेद अली खान ने एनडीटीवी से बातचीत में कहा, "जनगणना की प्रक्रिया अभी शुरू नहीं हुई है. जनगणना की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही परिसीमन आयोग गठित किया जाएगा. उस समय ही उसके टर्म्स ऑफ़ रेफरेंस तय होंगे. इसलिए अभी कुछ भी कहना जल्दबाजी होगा कि कहां की सीटें बढ़ेंगी और कहां की सीटें घटेंगी".
हालांकि वह इस बात से सहमत हैं कि अगर सिर्फ जनसंख्या के आधार पर सीटों का निर्धारण होगा तो जनसंख्या नियंत्रित करने वाले राज्यों को घाटा होगा.
एक्सपर्ट बोले- परिसीमन का मामला पेंचीदा, अभी कुछ कहना जल्दबाजी
उधर चुनावों पर नजर रखने वाली संस्था नेशनल इलेक्शन वॉच/ADR के संस्थापक रहे प्रोफेसर जगदीप छोकर कहते हैं- परिसीमन पर अभी कुछ भी कहना जल्दबाजी होगा. प्रोफेसर जगदीप छोकर ने एनडीटीवी से कहा, "परिसीमन का मामला बेहद पेंचीदा है. परिसीमन कब होगा यह किसी को नहीं पता है. पहले जनगणना होगी, फिर परिसीमन होगा. उसके बाद फिर महिला आरक्षण का भी प्रावधान करना होगा. अभी तक परिसीमन की जो क्राइटेरिया है वह जनसंख्या है. परिसीमन आयोग जब गठित होगा तब यह तय करना होगा कि सीटों के परिसीमन का क्या क्राइटेरिया होगा...सरकार को दक्षिण भारत के राज्यों की जो आशंकाएं हैं उनका एड्रेस करना पड़ेगा..."
जाहिर है सरकार को सीटों के परिसीमन का आधार सही तरीके से तय करना होगा. प्रोफेसर जगदीप छोकर कहते हैं, सीटों के डीलिमिटेशन का आधार सरकार को सही तरीके से तय करना बेहद ज़रूरी होगा. आधार अगर गलत तरीके से तय होगा तो उसका नतीजा भी गलत होगा".
Champions Trophy Big News: आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी का मेजबान इस बार पाकिस्तान है. भारत, बांग्लादेश, न्यूजीलैंड, पाकिस्तान, ऑस्ट्रेलिया, इंग्लैंड, दक्षिण अफ्रीका, अफगानिस्तान समेत कुल 8 क्रिकेट टीमें इसमें हिस्सा ले रही हैं. ग्रुप ए में भारत, बांग्लादेश, न्यूजीलैंड और पाकिस्तान हैं तो ग्रुप बी में ऑस्ट्रेलिया, इंग्लैंड, दक्षिण अफ्रीका और अफगानिस्तान हैं. पाकिस्तान की हालत को जानते हुए भारत ने पाकिस्तान की जमीन पर एक भी मैच खेलने से इनकार दिया और टीम इंडिया अपने सभी मैच दुबई में खेल रही है. पाकिस्तान लगातार टूर्नामेंट में हारने और भारत जीतने लगा तो पाकिस्तान के मुख्य कोच आकिब जावेद ने कह दिया कि दुबई में खेलना भारत के लिए फायदेमंद है. मगर, विवाद खेल को लेकर ही सिर्फ नहीं है, बल्कि खेल के आयोजन को लेकर भी है.
पुलिसवाले नहीं दे रहे सुरक्षा
खबरों के मुताबिक, पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में 100 से ज्यादा पुलिसकर्मियों को बर्खास्त कर दिया गया है. मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो इन पुलिसकर्मियों ने चैंपियंस ट्रॉफी में ड्यूटी करने से ही इनकार कर दिया. इसके बाद इन पुलिसकर्मियों पर गाज गिरी है. पंजाब पुलिस के अधिकारियों के मुताबिक, इन बर्खास्त पुलिसकर्मियों को बार-बार ड्यूटी से गायब पाया गया. इन पुलिसकर्मियों को लाहौर के गद्दाफी स्टेडियम और होटल के बीच खिलाड़ियों की सुरक्षा के लिए लगाया गया था, लेकिन उन्होंने अपनी जिम्मेदारी का पालन नहीं किया. पाकिस्तानी पत्रकार हमजा आमीर ने अपनी रिपोर्ट में इस बात की तस्दीक की है.
मैच में आया शख्स आतंकवादी?
सवाल ये है कि 29 साल बाद पाकिस्तान में कोई आईसीसी इवेंट हो रहा है, लेकिन सुरक्षा को लेकर सवाल उठते जा रहे हैं. सोमवार को बांग्लादेश और न्यूज़ीलैंड के मैच के दौरान एक शख्स स्टेडियम में घुस आया था और उसने किवी खिलाड़ी रचिन रविंद्र (Rachin Ravindra) के गले लगने की कोशिश की थी. वीडियो में देखा जा सकता है कि वह अनजान शख्स जब मैदान पर आया तो उसे देखकर रविंद्र एक पल के लिए सहम से गए थे. हालांकि, मैदान पर शख्स को देख सिक्योरिटी गार्ड एक्शन में आए और उस शख्स को पकड़कर मैदान से बाहर ले गए. उसके हाथ में आतंकवादी संगठन तहरीक-ए-लबैक पाकिस्तान (टीएलपी) के प्रमुख हाफिज साद हुसैन रिजवी की तस्वीर थी. ये बात भी पाकिस्तानी पत्रकार हमजा आमीर ने अपनी रिपोर्ट में बताई है. अब सवाल ये है कि क्या वो शख्स आतंकवादी था? अगर वो आतंकवादी नहीं भी था तो वो एक आतंकवादी की तस्वीर क्यों लहरा रहा था? पाकिस्तान इस पर चुप है.
VIDEO देखें कैसे घुसा शख्स
Pitch invader attacked Rachin Ravindra. He was holding a poster of radical extremist leader.
मामला बढ़ा तो पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने उस अनजान शख्स को पाकिस्तान के सभी क्रिकेट वेन्यू में प्रवेश करने से प्रतिबंधित कर दिया है. पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने अपने बयान में कहा, इसमें शामिल शख्स को गिरफ्तार कर लिया गया है और उसे पाकिस्तान के सभी क्रिकेट वेन्यू में प्रवेश करने से स्थायी रूप से बैन करने का फैसला लिया गया है.
साजिश का हो चुका है खुलासा
पाकिस्तान के खुफिया ब्यूरो (आईबी) ने हाल ही में चैंपियंस ट्रॉफी 2025 के दौरान विदेशी मेहमानों का अपहरण करने की कथित साजिश का पर्दाफाश किया है. इसके बाद पाकिस्तान में सुरक्षा को लेकर हाई अलर्ट जारी किया गया है. रिपोर्ट के मुताबिक, कई आतंकी समूहों, जैसे तहरीक-ए तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी), आईएसआईएस और बलूचिस्तान-आधारित समूहों के खिलाफ चेतावनी जारी की गई है. इसके बाद, पाकिस्तान की सुरक्षा बलों ने रेंजर्स और स्थानीय पुलिस सहित उच्च स्तरीय सुरक्षा बल तैनात किए हैं. इस बीच पुलिस वालों का ड्यूटी से इनकार और फिर उन्हें बर्खास्त किया जाना खिलाड़ियों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े करता है.
समय रैना के शो ‘इंडियाज गॉट लेटेंट' में अभद्र भाषा का इस्तेमाल कर फंसे यूट्यूबर-पॉडकास्टर रणवीर इलाहाबादिया ने अपने बयान में जांच अधिकारी के सामने गलती स्वीकार की. उन्होंने यह भी बताया कि वह शो में क्यों शामिल हुए. रणवीर इलाहाबादिया ने महाराष्ट्र साइबर पुलिस को बताया कि समय रैना उनके दोस्त हैं और इसी वजह से वह उस शो में गए थे. उन्होंने अश्लील जोक्स को लेकर अपनी गलती स्वीकार की और बताया कि जिस लाइन को लेकर विवाद हुआ है, वह लाइन बोलना उनकी गलती थी. उन्हें ऐसा नहीं करना चाहिए था.
उन्होंने यह भी दावा किया कि शो में जाने के लिए उन्होंने एक भी पैसा नहीं लिया. रणवीर ने साइबर सेल को बताया कि यूट्यूबर दोस्ती में एक-दूसरे के शो पर जाते रहते हैं.
पूरा मामला देखिए
'इंडियाज गॉट लेटेंट' मामले में महाराष्ट्र पुलिस का साइबर सेल राखी सावंत को भी समन भेज चुका है. साइबर सेल ने उन्हें 27 फरवरी को पेश होने के लिए कहा है. अभिनेत्री भी 'इंडियाज गॉट लेटेंट' शो में जज बनकर गई थीं. उनके शॉर्ट वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुए थे.
जानकारी के अनुसार, 'इंडियाज गॉट लेटेंट' को लेकर चल रहे विवाद के आरोपी रणवीर इलाहाबादिया, अपूर्वा मखीजा और समय रैना महाराष्ट्र साइबर पुलिस के संपर्क में हैं. उनका बयान जल्द दर्ज किया जाएगा.
महाराष्ट्र पुलिस के साइबर सेल ने समय रैना को समन भेजकर 18 फरवरी को पेश होने के लिए कहा था, हालांकि उस समय वह उपस्थित नहीं हुए थे. उन्हें दूसरा समन भेजने के बाद भी वही पूछताछ के लिए नहीं पहुंचे. साइबर सेल ने उन्हें जल्द पेश होने के लिए कहा है.
ये है पूरा मामला
उल्लेखनीय है कि 'इंडियाज गॉट लेटेंट' शो में यूट्यूबर-पॉडकास्टर रणवीर इलाहाबादिया की अश्लील टिप्पणी के बाद समय रैना ने शो के सभी एपिसोड यूट्यूब से हटा दिए. सुप्रीम कोर्ट ने पॉडकास्टर और उसके सहयोगियों को अगले नोटिस तक यूट्यूब या अन्य प्लेटफॉर्म पर कोई भी शो प्रसारित करने से रोक दिया है.
बीते दिनों समय रैना ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा था, "जो कुछ भी हो रहा है, उसे संभालना मेरे लिए बहुत मुश्किल है. मैंने अपने चैनल से 'इंडियाज गॉट लेटेंट' के सभी वीडियो हटा दिए हैं. मेरा एकमात्र उद्देश्य लोगों को हंसाना और अच्छा समय बिताना था. मैं सभी एजेंसियों के साथ पूरा सहयोग करूंगा ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि उनकी जांच निष्पक्ष रूप से पूरी हो." बता दें कि साइबर पुलिस ने शो में शामिल 40 लोगों की पहचान करने का दावा किया था.
झारखंड पुलिस ने खूंटी जिले में तीन किशोरियों से बलात्कार करने के आरोप में 18 नाबालिगों को हिरासत में लिया है. पुलिस ने सोमवार को यह जानकारी दी.उन्होंने बताया कि 12-17 साल की उम्र के आरोपियों को किशोर सुधार गृह भेज दिया गया है और पीड़ित लड़कियों की सोमवार को चिकित्सा जांच कराई जाएगी.
पूरी मामला जानिए
पुलिस के अनुसार, घटना शुक्रवार की रात हुई है. पांच लड़कियां घर से कुछ दूरी पर एक शादी समारोह में पहुंची थी. सारे आरोपी भी यही पर थे. रात में पांचों लड़कियां शादी समारोह से अपने घर के लिए निकली तो आरोपी उनका पीछा करने लगे. लड़कियों को एक नदी पार कर घर जाना था. इससे पहले ही आरोपियों ने पांचों लड़कियों को पकड़ लिया और पास के ही जंगली क्षेत्र में ले गए. इसी बीच दो लड़कियां आरोपियों के चंगुल से किसी तरह भाग निकली और घर पहुंच ग्रामीणों को घटना की जानकारी दी. इसके बाद ग्रामीण मौके पर पहुंचे तो आरोपी भाग निकले. ग्रामीणों ने पुलिस को घटना की जानकारी रविवार को दी. इसके बाद सारे आरोपियों को गिरफ्तार किया गया.घटना के संबंध में एसपी अमन कुमार ने बताया कि लड़कियों का बयान लेकर मामला दर्ज कर आरोपियों को पकड़ लिया गया है.
खूंटी के पुलिस अधीक्षक (एसपी) अमन कुमार ने बताया कि घटना शुक्रवार देर रात की है, जब पांच लड़कियां रानिया इलाके में एक विवाह समारोह में शामिल होने के बाद घर लौट रही थीं.
परिवार के सदस्यों द्वारा दर्ज कराई गई पुलिस शिकायत के अनुसार, पांच लड़कियों में से तीन किशोरियों (उम्र 12 से 16 साल) से लड़कों ने बलात्कार किया.
एसपी ने कहा, ‘‘रविवार को रानिया पुलिस थाने में शिकायत दर्ज होने के बाद यह घटना सामने आई.'' उन्होंने बताया कि पुलिस ने तुरंत एक टीम गठित की, जिसने सभी 18 आरोपियों को पकड़ लिया. कुमार ने कहा, ‘‘आरोपियों को सोमवार को किशोर गृह भेज दिया गया। लड़कियों की जल्द से जल्द चिकित्सा जांच कराई जाएगी.''
आप सोचते होंगे एंकर या रिपोर्टर जो टीवी पर दिखते हैं, अपने सब्जेक्ट के बारे में जानकारी जुटाते हैं और बड़ी आसानी से वो आप तक पहुंचा देते हैं. लेकिन कई बार कहानी बताते हुए उसके पीछे रिपोर्टर को जो मशक्कत करनी पड़ती है, उसकी कहानी आप तक नहीं पहुंच पाती. ऐसे में मैंने सोचा क्यों न आज आपसे एक किस्सा शेयर किया जाए. ये बताने के लिए मुझे भी थोड़ा फ्लैश बैक में जाना होगा. तो सुनिए, हुआ ये कि 19 फरवरी बुधवार को मैं किसी भी सामान्य दिन की तरह मॉर्निंग एंकरिंग शिफ़्ट खत्म करके घर शाम को पहुंची थी.
उस दिन एक खबर शाम को डेवलप हो रही थी. हर किसी की निगाह इस बात पर अटकी थी कि दिल्ली का अगला सीएम कौन होगा? क्या इस बार किसी महिला को कमान मिलेगी? कई नाम चर्चा में थे. इस बीच शाम तक बीजेपी विधायक दल की बैठक चल रही थी, उसमें रेखा गुप्ता के नाम पर मुहर लगी कि वो अगले सीएम के तौर पर 20 फरवरी को रामलीला मैदान में शपथ लेने जा रही हैं, साथ ही कुछ और मंत्री भी.
फिर क्या था ये खबर चैनलों पर ब्रेकिंग न्यूज़ बनकर चलने लगी, इसी बीच रात क़रीब 8 बजे मुझे ऑफिस से फोन आया कि रेखा गुप्ता का घर शालीमार बाग में है. क्या आप उनके घर चली जाएंगी? वहां से लाइव रिपोर्टिंग थी, खबर बड़ी थी मैंने कहा- हां. मैं फटाफट निकलती हूं क्योंकि घर से शालीमार बाग पहुंचने में कम से कम पौना घंटा तो लगेगा ही, रिंग रोड का ट्रैफिक और उस पर पीक आवर का समय जोड़ लें तो एक घंटा भी लग सकता है.
फिर क्या था ऑफिस से कैमरापर्सन को सीधे शालीमार बाग पहुंचने को कहा और मैंने घर से बुक की ओला कैब. निकलने से पहले मैंने अपने बैग में डाली एक पानी की बोतल, मेरा मोबाइल चार्जर, मेरी पैन-डायरी बाकि कुछ ज़रूरी सामान लेकिन कहानी में यहा है ट्विस्ट क्योंकि इस वक्त सबसे ज़्यादा किसी चीज़ की अगर ज़रूरत थी तो वो था पावर बैंक. क्योंकि फोन की बैटरी थी सिर्फ़ 12 परसेंट.
सोचा कार में फोन थोड़ी देर चार्ज कर लूंगी तो काम हो जाएगा. लेकिन ये क्या घर में पावर बैंक ढूंढ रही हूं मिलने का नाम नहीं ले रहा. अक्सर जिस चीज़ की हमें सबसे ज़्यादा ज़रूरत होती है वो वक्त पर नहीं मिलती, ऐसा ही था, वक्त बीत रहा था ओला कैब पहुंचने वाली ही है लेकिन पावर बैंक न जाने कहां है. इस बीच ओला के ड्राइवर का फोन आ गया, सोचा चलिए घर से तो निकल पड़ते हैं देखेंगे वहां पहुंचकर कुछ जुगाड़ खोज लेंगे.
रात 8.30 बजे शालीमार बाग रेखा गुप्ता के घर पहुंचने के लिए अपने घर से निकली, लेकिन ये क्या जो पता बताया गया था वहां तो सन्नाटा था, कुछ देर में समझ आ गया कि पता गलत है. इस बीच ऑफिस लगातार पूछ रहा था आप कब तक पहुंच जाएंगी. आपका 9 बजे लाइव करना है. मैंने बताया जो पता मुझे ऑफिस से बताया गया है वो तो गलत है, मैं ढूंढ रही हूं उनका घर और ट्रैफिक जाम भी लगा है तो थोड़ा वक्त लग सकता है.
मैंने ये भी कहा जैसे ही मैं पहुंचती हूं तो बताती हूं. ओला के ड्राइवर के साथ मिलकर मैं रात में कई जगह रुक कर एड्रेंस ढूंढ रही थी, उधर ऑफिस से कैमरापर्सन के साथ निकली गाड़ी भी अभी तक शालीमार बाग नहीं पहुंच पाई थी. ट्रैफिक के कारण उसे भी वक्त लग रहा था. बहरहाल कहानी थोड़ी लंबी हो रही है सीधा प्वाइंट पर आते हैं, कैसे-तैसे पता मिल गया और मैं पहुंच गई रेखा गुप्ता के घर की तरफ़.
देखा जश्न का माहौल था, जिस गली में उनका घर है वहां चारों तरफ लोगों और गाड़ियों की भरमार है. इतना समझ आ गया था मैं नई सीएम जो बनने जा रही हैं उनके घर के आसपास ही हूं, ट्रैफिक जाम के बीच मैंने ओला छोड़ी पैदल निकल पड़ी. एक ढोल वाले भईया मिले. मैंने पूछा रेखा जी के घर जा रहे हो. उन्होंने बताया- हां, वहीं से बुलावा आया है, जा रहे हैं उनके घर. मैं भी पीछे-पीछे चल दी.
जब पहुंचे उनके घर के बाहर तो लोगों के खुशी से चहक रहे चेहरे दिखे, ढोल बज रहे थे, मिठाइयां बांटी जा रही थी. लेकिन मेरा सारा ध्यान इस बात पर था कि कुछ देर में लाइव करना है और मेरे फोन की बैटरी मुझे कब धोखा दे जाए कहना मुश्किल था. इसलिए अब कुछ तो जुगाड़ खोजना ही था. कैमरापर्सन सुशील भी कुछ देर में पहुंचने वाले थे और वक्त हो रहा था रात के पौने दस बजे का.
एक दो लोगों से पूछा कि आपके पास क्या पावर बैंक है. अपनी मस्ती में घूम रहे कुछ को लगा ये क्या सवाल है, मना करके आगे बढ़ चले. मज़े की बात है मुझे पावर बैंक भी चाहिए था और मेरे आईफोन को चार्ज करने वाली वो केबल भी जो पावर बैंक में लगकर मेरा फोन चार्ज कर पाए.
मैं मन ही मन सोच रही थी कि जया वक्त की नज़ाकत को देखते हुए ये डिमांड थोड़ी ज़्यादा है. लेकिन क्या करें कोशिश तो करनी ही थी. फिर क्या था भीड़ में मेरी नज़र दूर से एक 6 फीट लंबे, चौड़े कंधे, बियर्ड और मुस्टैच रखे 28-30 साल की उम्र के एक ऐसे नौजवान पर पड़ी जिसके हाथ में न सिर्फ़ पावर बैंक था, बल्कि वो खुद अपना आईफ़ोन उससे चार्ज कर रहा था.
फिर क्या था मेरी खुशी का कोई ठिकाना नहीं था, मैं उस शख्स के पास पहुंची ऐसा लगा था वो भी शायद कहीं आसपास का ही रहने वाला है. मैंने उस शख्स से रिक्वेस्ट की प्लीज़ आप मुझे थोड़ी देर के लिए अपना पावर बैंक दे सकते हैं, मेरा फोन बंद हो जाएगा और मुझे यहां से लाइव रिपोर्ट करना है.
उसने एक सेकंड नहीं सोचा और मुझे पावर बैंक और करीने से काली तार से लिपटी आईफोन की केबल के साथ वो मेरे सुपुर्द कर दी और फिर उस जुगाड़ को पाकर मेरी खुशी ऐसी थी मानो पावर बैंक नहीं कोई पूरा बैंक मेरे हाथ लग गया हो.
बस इतनी देर में देखा सामने से हमारे कैमरापर्सन सुशील भी आ पहुंचे और फिर वहां से रात 10 बजे शुरु हो गया लाइव रिपोर्टिंग का सिलसिला… भीड़ रेखा गुप्ता को सीएम बनाए जाने की खबर से खुशी में झूम रही थी. लाइव के दौरान बातचीत के वक्त कोई गा रहा था कोई अपनी शायरी ऑन एयर सुना रहा था, तो कोई ये बता रहा था कि रेखा जी से हमारा कितना पुराना नाता है.
तभी आतिशबाज़ी भी शुरू हो गई और लोगों को इंतज़ार था रेखा गुप्ता के घर पहुंचने का क्योंकि इसी इलाक़े से वो कई बार एमएलए का चुनाव लड़ीं लेकिन विधायक चुनी गईं पहली बार.
वहां से लगातार लाइव का सिलसिला जारी था इस बीच मेरी नज़र इस पर थी कि मेरा फोन चार्ज हो भी रहा है या नहीं. फ़ोन चार्ज तो हो रहा था लेकिन थोड़ा स्लो, लेकिन बड़ी राहत मेरे लिए यही थी फ़ोन बंद नहीं हुआ. गौर करने पर पता चला कि पावर बैंक भी ज़्यादा चार्ज नहीं है.
बहरहाल रेखा जी के पति,सासू मां समेत परिवार के बाकि लोगों के इंटरव्यू के साथ-साथ वहां के रंगों को दिखाते लाइव चालू था. इस बीच मेरी निगाह के सामने एक बार फिर वही शख्स था जिसने मुझे पावर बैंक दे रखा था, मैंने दूर से भरोसा दिलाते हुए कहा आपका पावर बैंक मेरी हिफ़ाज़त में है, सेफ़ है.
रेखा गुप्ता की सास से बातचीत.
उस शख्स ने भी हाथ से इशारा कर कहा आप अपना काम कर लीजिए. ढोल तेज़ी से बजने लगे, गुलाबों की पंखड़ियां रेखा जी के घर के बाहर ऊपरी मंज़िल से बरसाई जा रही थीं , ये पूरा नज़ारा हम स्टूडियो के एंकर द्वारा पूछे गए तमाम सवालों के साथ-साथ दिखाते जा रहे थे.
भीड़ बढ़ रही थी. पता चल गया था कि रेखा जी, जो 20 फरवरी को दिल्ली की मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ लेने जा रही हैं किसी भी पल पहुंचने वाली हैं. रेखा जी के साथ पूरा हुजूम था, पुलिसकर्मी भी थे, लेकिन भीड़ की धक्का मुक्की बढ़ गई थी. ऐसे में उनके पास तक पहुंचना आसान नहीं था.
नई सीएम बनने जा रहीं रेखा जी के बैठने और मीडिया को संबोधित करने के लिए घर की स्टेल्थ पार्किंग में तमाम गुलदस्तों के बीच, टेबल कुर्सी की व्यवस्था की हुई थी. लेकिन लोगों की बढ़ती भीड़ को देखते हुए कुर्सियां बाहर निकाल ली गईं और वहां के स्थानीय लोगों को माइक के ज़रिए रेखा जी ने संबोधित कर धन्यवाद दिया.
लेकिन घर के बाहर उस वक्त पांव रखने तक की जगह नहीं थी, लेकिन हर मीडियाकर्मी की कोशिश थी उनका इंटरव्यू मिल जाए या कम से कम वो उनका एक सवाल ले लें. कुछ सवालों के खड़े-खड़े उन्होंने जवाब भी दिए.
मैं भी उसी भीड़ में थी पीछे से ज़ोर का धक्का लगा, दाहिने कंधे में झटका आया और वहां खड़े कई लोगों का बैलेंस बिगड़ा, खुद को संभालते हुए मैं भी डटी रही. कुछ देर में रेखा गुप्ता का एक्सक्लूसिव इंटरव्यू भी मिल गया, मेरे तीनों सवालों के जवाब जो उन्होंने दिए चैनल पर ऑन एयर थे. अब लगा चलो काम खत्म हुआ.
लेकिन एक काम तो अभी बाकि था और वो था उस भीड़ में उस शख्स को खोजना जिसका ना तो नाम पता था, ना मोबाइल नंबर (हड़बड़ी में लेना भूल गई) ना ही घर का पता. अफ़सोस हो रहा था कि कम से कम मोबाइल नंबर ले लिया होता,अब इतनी भीड़ में ढूंढे भी तो कैसे, रात के करीब 12.45 हो रहे थे. रात सवा एक बजे तक हर तरफ़ उस शख्स को खोजने की कोशिश जारी थी . उसे शुक्रिया कहना था, उसे उसकी अमानत लौटानी थी..
उस पावर बैंक की बदौलत उस दिन सब काम संभव हो पाया था.उस इलाके को एक छोर से दूसरे छोर तक छान मारा. लेकिन वो कहीं नहीं था. बस था तो मेरे हाथ में वो पावर बैंक और काली तार से लिपटी वो चार्जर की केबल..अगले दिन तक यही सोच रही थी घर-दफ़्तर की क्या किया जाए कि जिसने इतनी मदद की उसे उसकी अमानत लौटा दी जाए और तहे दिल से शुक्रिया भी कहा जाए..
तभी दिमाग की बत्ती जली सोचा क्यों न एक छोटा सा वीडियो बनाकर उसे पोस्ट कर दिया जाए कि अगर ये मेरा वीडियो आप तक पहुंच पाया है तो मुझे कॉन्टैक्ट करें, मीडिया में हूं तो सोशल मीडिया अकाउंट पर लोग अक्सर डीएम कर देते हैं. वीडियो बनाकर मैं तैयार थी पोस्ट करने को, बस उसी सेकंड मेरे मोबाइल पर एक मैसेज आया अन-नोन नंबर से जिसमें लिखा था.
इस मैसेज में उन्होंने ये भी बताया कि वो भी मीडिया में हैं और कवर करने के लिए पहुंचे थे और वो मुझे पहचान गए थे कि मैं एनडीटीवी में हूं. जिस वक्त ये मैसेज आया एक बहुत बड़ी राहत की सांस ली क्योंकि अब यकीन था कि पावर बैंक और उससे लिपटी काली तार सही जगह अब पहुंच जाएगी...
लेखक परिचय- जया कौशिक, NDT India में Associate News Editor और Anchor हैं.
डिस्क्लेमर (अस्वीकरण) : इस आलेख में व्यक्त किए गए विचार लेखक के निजी विचार हैं.
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना (PM Kisan Samman Nidhi Yojana) के कारण किसानों के चेहरे चमक रहे हैं. इस योजना के कारण किसानों को संबल मिला है और योजना की राशि के सीधे बैंक में आने से किसानों को सरकारी दफ्तरों में भटकने की परेशानी से भी निजात मिली है. यही कारण है कि किसानों को यह योजना काफी पसंद आ रही है. छत्तीसगढ़ के बालोद जिले के किसानों ने इस योजना के तहत मिलने वाली आर्थिक सहायता के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार जताया है. किसान बताते हैं कि इस योजना के तहत सालाना 6 हजार रुपये की मदद न सिर्फ उनकी खेती की जरूरतों को पूरा करने में सहायक सिद्ध हुई है, बल्कि डीबीटी (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर) के जरिए सीधे बैंक खातों में पहुंचने से उन्हें सरकारी दफ्तरों में चक्कर भी नहीं काटना पड़ रहा है. मोदी सरकार की यह पहल किसानों के जीवन में समृद्धि ला रही है.
किसान सम्मान निधि योजना के लाभार्थियों का मानना है कि यह योजना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा किसानों को समृद्ध बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है. इस योजना के तहत किसानों को हर साल 6 हजार रुपये मिलते हैं, जो विशेष रूप से कृषि कार्य के समय उनकी जरूरतों को पूरा करने में मददगार साबित होते हैं.
पर्वो को धूमधाम से मना पाते हैं: किसान
लाभार्थियों का कहना है कि बीज, मजदूरी, और अन्य कृषि खर्चों में इस राशि का उपयोग करते हुए किसान अपने कृषि कार्य को बेहतर तरीके से चला पाते हैं. खासकर दिवाली जैसे पर्व के समय किसानों के खातों में आ रही किस्तें उन्हें अपने पर्व को धूमधाम से मनाने और अन्य घरेलू खर्चों को पूरा करने में मदद करती हैं.
किसान चिंता राम साहू ने प्रधानमंत्री मोदी के किसान सम्मान निधि योजना से हमें काफी फायदा हो रहा है. अब तक हमें कुल 18 किस्तों में 36 हजार रुपये मिल चुके हैं, जिन्हें हम अपनी जरूरतों के हिसाब से खर्च करते हैं.
हमारे लिए यह योजना वरदान: किसान
किसान रूपेंद्र साहू ने बताया कि यह योजना बहुत ही लाभकारी है. अब तक हमें 18 किस्तों में 36 हजार रुपये मिल चुके हैं, जो खेती के अलावा बच्चों की पढ़ाई-लिखाई और अन्य ज़रूरतों के लिए इस्तेमाल किए जाते हैं. मोदी जी की यह योजना हमारे लिए वरदान साबित हुई है.
किसान लोकनाथ सोनकर ने कहा कि किसान सम्मान निधि योजना से हमें बहुत सहायता मिली है. पहले खेती के लिए हमें आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ता था, लेकिन अब इस योजना के माध्यम से बैंक खातों में सीधे पैसा आता है, जिससे हमें भटकने की जरूरत नहीं पड़ती. अब तक 18 किस्तों का लाभ मिल चुका है, इसके लिए हम पीएम मोदी का दिल से धन्यवाद करते हैं.
किसान सुनील सोनकर ने भी अपनी बात रखते हुए कहा कि किसान सम्मान निधि के तहत साल में तीन किस्तों में 2 हजार रुपये मिलते हैं. अब तक मुझे 18 किस्तों में 36 हजार रुपये मिल चुके हैं. यह राशि खेती, दवाइयों, बीज, और अन्य आवश्यकताओं के लिए काफी मददगार है.
अब 24 फरवरी को भेजी जाएगी राशि
ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी एम के मार्गिय बताते हैं कि वर्तमान में जिले में 1,28,400 किसान पंजीकृत हैं, जिनमें से 1,28,001 किसानों का ई-केवाईसी पूरा हो चुका है और 1,26,202 किसानों का आधार सीरीज़ भी पूरा हो चुका है. आने वाली 24 तारीख को पीएम किसान योजना के तहत किसानों के खातों में सीधे राशि भेजी जाएगी, जिसका सीधा फायदा किसानों को मिलेगा.
Hot Or Cold Water For Weight Loss: अपने वजन को लेकर आज के समय में हर कोई परेशान रहता है. ऑफिस जाने वाले लोगों से लेकर घर पर रहने वाली महिलाओं तक. हर किसी को अपने वजन (Weight) की चिंता होती है. फिजिकल एक्टिविटी (Physical Activity) कम होने की वजह से वजन बढ़ने की समस्या हो जाती है. वजन कम करने के लिए लोग कई तरीके अपनाते हैं. उनमें से एक डाइट (Diet) में बदलाव भी हैं.
डाइट को चेंज करके भी वजन कम करने में मदद मिलती है. पर क्या आपको पता है पानी भी वजन कम करने में मदद करता है? जी हां आप ठंडा या गर्म जैसा पानी पीते हैं उससे वजन कम किया जा सकता है. कुछ लोगों का मानना है कि गर्म पानी (Warn Water) की मदद से वजन कम किया जा सकता है. आइए आपको बताते हैं कि वजन कम करने के लिए ठंडा या गर्म कौन सा पानी बेहतर होता है.
वजन कम करने के लिए ठंडा या गर्म कौन-सा पानी फायदेमंद? | Hot water vs cold water: What is better for weight loss
गर्म पानी पीने के फायदे
1-गर्म पानी पीने के कई फायदे होते हैं. अगर आप खाने से पहले गर्म पानी पीते हैं तो इससे आप कम खाना खाते हैं. जिससे वजन बढ़ने की समस्या कम होती है.
2-गर्म पानी पीने से डाइजेशन बेहतर होता है साथ ही ब्लड सर्कुलेशन बेहतर बन सकता है. जो मोटापे को खतरे को कम करता है.
ठंडा पानी पीने के फायदे
1-ठंडा पानी पीने से आपको ताजा महसूस होता है. जिससे आप ज्यादा पानी पीते हैं और भूख भी कम लगती है.
2-ठंडा पानी बॉडी को हाइड्रेट रखने में मदद करता है. ये भूख के साथ मेटाबॉल्जिम को भी कंट्रोल करता है जिससे वजन कम करने में मदद मिल सकती है.
अगर आप वजन कम करने की कोशिश कर रहे हैं तो दोनों ही तरह का पानी ठंडा और गर्म आपके वजन कम करने में मदद करता है. दोनों तरह का पानी पीने से वजन कम करने में मदद मिलती है. ठंडा या गर्म दोनों के प्रभाव में ज्यादा अंतर नहीं होता है. बस इस बात का ध्यान रखें कि वजन कम करते समय आपको शरीर को हाइड्रेट रखना है. अगर आपका शरीर हाइड्रेट नहीं रहेगा तो इससे कई समस्याएं हो सकती हैं. अगर आप सही मात्रा में पानी पीते हैं तो इससे भूख कंट्रोल होती है और आपको वजन कम करने में मदद मिलती है.
सोशल मीडिया पर आए दिन वीडियोज वायरल होते रहते हैं. कई उम्रदराज महिलाओं को आज के टाइम के गाने पर जबरदस्त डांस करते हुए देखा जाता है. अब एक फंक्शन का वीडियो सामने आया है, जिसमें एक आंटी ने डांस फ्लोर पर अपने डांस से सभी को हैरान कर दिया है. सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इस वीडियो को यकीनन आप एक बार नहीं बल्कि बार-बार देखेंगे. यह महिला वीडियो में अपनी बेटी के साथ हालिया रिलीज गाने पर शानदार डांस करते नजर आ रही है.
मां-बेटी ने किया धमाकेदार डांस
इस वीडियो में स्काई रंग की साड़ी पहने यह महिला रवीना टंडन की बेटी राशा थडानी की डेब्यू फिल्म आजाद के गाने 'उई अम्मा' पर खूबसूरत डांस कर रही है. आंटी के डांस में एक प्रोफेशनलिज्म नजर आ रहा है. कोई भी इस आंटी के डांस को देख उनका फैन बन सकता है. सॉन्ग उई अम्मा में जैसे-जैसे राशा ने डांस स्टेप्स किए थे, ठीक वैसे ही आंटी ने अपने ही अंदाज में एक-एक स्टेप को बड़ी ही खूबसूरती के साथ पेश किया है. हालांकि डांस में महिला का साथ उसकी बेटी भी दे रही है, लेकिन सबकी नजरें बेटी को छोड़ मां पर ही जा टिकी हैं.
आंटी के इस धांसू डांस पर एक यूजर ने लिखा है, 'यह तो सुपरमॉम डांसर हैं'. दूसरा यूजर लिखता है, 'आपको सुपरमॉम डांस रियलिटी शो में जाना चाहिए'. तीसरा यूजर लिखता है, 'डांस फ्लोर तोड़ परफॉर्मेंस'. चौथा यूजर लिखता है, 'साड़ी पहनकर इतना जबरदस्त डांस कैसे कर लिया'. पांचवां यूजर लिखता है, 'आंटी के डांस ने तो डांस फ्लोर ही हिला डाला, वाह कमाल कर दिया'. अब महिला के डांस पर लोग ऐसे ही प्यार बरसा रहे हैं. बता दें, इस वीडियो को 1 लाख 34 हजार 438 लोगों ने लाइक कर लिया है और साथ ही इस वीडियो को धड़ल्ले से शेयर भी किया जा रहा है.
BJP CM Surprise: दिल्ली में भाजपा ने मुख्यमंत्री के नाम के ऐलान पर फिर से चौंका दिया है. भाजपा ने सीएम रेस में चल रहे सभी नामों को पीछे छोड़ते हुए एक नये चेहरे को दिल्ली की कमान दी है. दिल्ली में भाजपा की प्रचंड बहुमत के बाद कई लोगों का नाम सीएम की रेस में आया था. लेकिन बुधवार शाम भाजपा विधायक दल की बैठक में भाजपा ने पहली बार की विधायक रेखा गुप्ता (Rekha Gupta) को मुख्यमंत्री बनाने का फैसला करते ही लोगों को चौंका दिया. हालांकि ऐसा पहली बार नहीं हुआ जब भाजपा ने सीएम के चयन में लोगों को चौंकाया है. इससे पहले भी भाजपा ने कई राज्यों में ऐसे में नए चेहरे को मौका दिया था. आइए जानते हैं भाजपा ने सीएम सरप्राइज की सस्पेंस से भरी 6 कहानियां.
भाजपा के सीएम सरप्राइज का ताजा मामला दिल्ली का
सीएम के नाम के चयन में भाजपा द्वारा हैरान करने का सबसे ताजा मामला दिल्ली का है. जहां भाजपा ने प्रवेश वर्मा, विजेंदर गुप्ता, आशीष सूद, सतीश उपाध्याय, मनोज तिवारी सहित कई नेताओं का नाम चल रहा था. लेकिन भाजपा ने सभी दावों को फेल करते हुए सरप्राइज सीएम के रूप में पहली बार की विधायक रेखा गुप्ता के नाम की घोषणा की.
दिल्ली से पहले भाजपा ने राजस्थान, मध्य प्रदेश, हरियाणा, उत्तराखंड, ओडिशा और छत्तीसगढ़ में भी सीएम के नाम की घोषणा पर चौंकाया था.
राजस्थान में वसुंधरा, किरोड़ी के बीच से भजनलाल शर्मा बने सीएम
राजस्थान में बड़ी जीत के बाद भाजपा से मुख्यमंत्री पद के दावेदारों में पूर्व सीएम वसुंधरा राजे, किरोड़ी लाल मीणा सहित कई वरिष्ठ नेताओं के नाम की चर्चा थी. लेकिन भाजपा पर्यवेक्षक राजनाथ सिंह ने सबसे बड़ी दावेदार वसुंधरा राजे के हाथों से ही पहली बार के विधायक भजनलाल शर्मा को मुख्यमंत्री बनाने की घोषणा की थी.
मध्य प्रदेश में मामा के बदले मोहन यादव को जिम्मेदारी
राजस्थान के साथ ही मध्य प्रदेश के विधानसभा चुनाव में भी भाजपा ने बड़ी जीत दर्ज करने के बाद सीएम के नाम पर चौंकाया था. मध्य प्रदेश में शिवराज सिंह चौहान लगातार सीएम बन रहे थे. लेकिन भाजपा ने शिवराज सिंह चौहान को केंद्र में बुलाते हुए मोहन यादव को मुख्यमंत्री बनाया था. एमपी में भाजपा की जीत के बाद मोहन यादव के नाम की चर्चा दूर-दूर तक नहीं थी.
शिवराज सिंह चौहान की मौजूदगी में मोहन यादव को एमपी का नया मुख्यमंत्री घोषित किया गया है.
हरियाणा में भी दोनों बार भाजपा ने किया हैरान
हरियाणा में भाजपा ने मनोहर लाल खट्टर के साथ-साथ नायब सिंह सैनी को सीएम बनाते समय भी सभी को चौंकाया था. भाजपा ने हरियाणा में विधानसभा चुनाव में जीत के बाद मनोहर लाल खट्टर को सीएम बनाया था. जब खट्टर के दूसरे टर्म में लोगों की उनसे नाराजगी बढ़ने लगी तो भाजपा ने बीच टर्म में नायब सिंह सैनी को सीएम बनाया, जिसका फायदा पार्टी को जीत की हैट्रिक के रूप में हुआ.
उत्तराखंड में धामी के नाम का ऐलान चौंकाने वाला था
उत्तराखंड में भी पहली बार जब भाजपा ने पुष्कर सिंह धामी के नाम की घोषणा की, तब यह ऐलान चौंकाने वाला ही था, क्योंकि उस समय भाजपा के कई अन्य बड़े नेता सीएम की रेस में शामिल थे, लेकिन पार्टी ने धामी पर भरोसा जताते हुए उन्हें सीएम बनाया था.
ओडिशा में मोहन चरण माझी के नाम का ऐलान
ओडिशा वो गढ़ था, जो भाजपा से लंबे समय से दूर था. लेकिन पिछली बार यहां हुआ विधानसभा चुनाव में भाजपा ने नवीन पटनायक की पार्टी को हराते हुए ओडिशा में भगवा लहराया था. ओडिशा में भाजपा को मिली जीत के बाद वहां धर्मेंद्र प्रधान, सांबित पात्रा सहित कई अन्य नामों की सीएम रेस में चर्चा थी, लेकिन आखिरी बाजी मोहन चरण माझी ने जीता था.
ओडिशा में मोहन चरण माझी के मुख्यमंत्री बनाए जाने की घोषणा के बाद गर्वनर से मिलते भाजपा नेता.
छत्तीसगढ़ में बघेल को हराने के बाद भाजपा ने दिया था सरप्राइज
विधानसभा चुनाव में बड़ी जीत के बाद सीएम के रूप में सरप्राइज देने वाली भाजपा ने छत्तीसगढ़ में भी इसी परिपाटी को बरकरार रखा था. छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव में जीत के बाद भाजपा ने विष्णु देव साय को सीएम पद की कमान सौंपी थी. हालांकि जीत के बाद सीएम के नाम के चयन तक कई और दूसरे नाम चर्चा में थे.
दिल्ली का रामलीला मैदान एक बार फिर ऐतिहासिक आयोजन का गवाह बनने जा रहा है. दिल्ली में भाजपा के वनवास समाप्ति का उत्सव ऐतिहासिक रामलीला मैदान पर होगा. 20 फरवरी को दोपहर साढ़े चार बजे होने वाला दिल्ली के मुख्यमंत्री का शपथ ग्रहण समारोह भव्य होने जा रहा है. इसे लेकर जबरदस्त तैयारियां की जा रही हैं. इस आयोजन में नवनियुक्त मुख्यमंत्री, मंत्रिपरिषद के सदस्यों और उपराज्यपाल के साथ ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और एनडीए शासित राज्यों के सभी मुख्यमंत्रियों और उपमुख्यमंत्री भी शामिल होंगे. भाजपा के महासचिवों विनोद तावड़े और तरुण चुग को शपथ ग्रहण समारोह का जिम्मा दिया गया है.
दिल्ली में भाजपा 27 साल बाद सत्ता में वापसी कर रही है. इस मौके को ऐतिहासिक बनाने के लिए पार्टी कोई कसर नहीं छोड़ रही है. पार्टी सत्ता में वापसी के बाद शक्ति प्रदर्शन कर जनता को धन्यवाद देगी.
शपथ ग्रहण समारोह के दौरान तीन मंच
शपथ ग्रहण के लिए तीन अलग-अलग मंच बनाए जा रहे हैं. जिसमें एक मंच 40 गुणा 24 और दो मंच 34 गुणा 40 के होंगे. मंच पर करीब 150 कुर्सियां लगाई जाएंगी. शपथ ग्रहण समारोह के लिए एक विशाल पंडाल तैयार किया जाएगा. एक बड़े मंच पर प्रधानमंत्री, उपराज्यपाल, नवनियुक्त मुख्यमंत्री और मंत्रिपरिषद के अन्य सदस्य रहेंगे. साथ ही अन्य मंचों पर बीजेपी के वरिष्ठ नेता और मुख्यमंत्री होंगे. साथ ही समारोह में बीजेपी के सभी वरिष्ठ नेता और मंत्री उपस्थिति रहेंगे. इस दौरान एक मंच पर सम्मानित अतिथि और साधु-संतों को जगह दी जाएगी.
युद्धस्तर पर जारी है शपथ ग्रहण की तैयारियां
रामलीला मैदान पर शपथ ग्रहण समारोह की तैयारियां शुरू हो चुकी हैं. मैदान साफ किया जा रहा है, पानी का छिड़काव हो रहा है और कुर्सियां आनी भी शुरू हो गई हैं. पार्टी की योजना इस मैदान में बीस हजार से भी अधिक कुर्सियां लगाने की है. सोफा सेट और मंच के लिए जरूरी सामान भी रामलीला मैदान पहुंचना शुरू हो चुका है. मैदान को साफ किया जा रहा है और पूरे मैदान पर लाल कार्पेट बिछाया जाएगा.
अरविंद केजरीवाल ने भी यहीं ली थी शपथ
रामलीला मैदान दिल्ली का ऐतिहासिक मैदान है, जो कई बड़ी राजनीतिक घटनाओं का साक्षी रहा है. अरविंद केजरीवाल ने भी मुख्यमंत्री पद की शपथ इसी मैदान पर ली थी.
इस आयोजन के जरिए एनडीए की एकता का संदेश भी दिया जाएगा. शपथ ग्रहण समारोह में 20 राज्यों के मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री पहुंचेंगे.
कार्यक्रम के दौरान गीत-संगीत का भी कार्यक्रम
रामलीला मैदान के मंच पर शपथ ग्रहण समारोह से पहले होगा गीत संगीत का रंगारंग कार्यक्रम का आयोजन होगा, जिसमें गायक कैलाश खैर की प्रस्तुति भी होगी. साथ ही इस भव्य आयोजन में 50 से ज्यादा फिल्मी सितारे भी मौजूद रहेंगे. साथ ही प्रसिद्ध उद्योगपतियों को भी आमंत्रित किया गया.
इस समारोह में साधु-संतों को भी आमंत्रित किया जाएगा. बाबा रामदेव, स्वामी चिदानंद, बाबा बागेश्वर धीरेन्द्र शास्त्री को भी शपथ ग्रहण समारोह में बुलाया गया है. प्रमुख देशों के राजनयिकों को भी आमंत्रण दिया गया है.
लाडली बहनें और किसान भी होंगे शामिल
इस आयोजन के लिए लाडली बहनों को भी शपथ ग्रहण समारोह में बुलाया जाएगा. साथ ही दिल्ली के किसान भी इस शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होंगे.
इसके साथ ही दिल्ली से आम लोगों और केंद्र सरकार की योजनाओं के लाभार्थियों को भी आमंत्रण दिया गया है तो पार्टी अपने कार्यकर्ताओं को भी नहीं भूली है. दिल्ली चुनाव में प्रचार करने वाले अन्य राज्यों के बीजेपी नेताओं और कार्यकर्ताओं को भी बुलाया गया है.
दिल्ली विधानसभा चुनाव में भाजपा ने जबरदस्त जीत दर्ज की है. भाजपा ने दिल्ली की 70 विधानसभा सीटों में से 48 सीटों पर जीत दर्ज की और आम आदमी पार्टी केवल 22 सीटें जीतने में कामयाब रही. वहीं इस चुनाव में एक बार फिर कांग्रेस अपना खाता भी नहीं खोल सकी है.
कपूर खानदान के सभी मेंबर्स पर फैन्स और फॉलोअर्स की खास नजर रहती है. अब अगर ये कभी फिल्म इंडस्ट्री से जुड़ा रहा हो तो फिर तो लोग इनका पीछा नहीं छोड़ते. जहां कहीं भी दिख जाएं लोग अपना प्यार जाहिर करना नहीं भूलते. अब हाल में शशि कपूर के लाडले बेटे करण कपूर पैपराजी के कैमरे में कैद हुए तो लोग तारीफ करने से खुद को रोक नहीं पाए. यूं तो पैपराजी नीतू कपूर को कैप्चर करने में लगे थे. करण इतनी फोटोज के मूड में नहीं थे लेकिन कैमरा पर्सन उन्हें कैसे जाने देते. तीनों ने साथ में पोज दिया और फिर वहां से निकल गए.
सोशल मीडिया ने करण कपूर पर बरसाया प्यार
करण कपूर का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ और लोग शशि और जेनिफर कपूर के बेटे की तारीफ करते हुए कमेंट्स की झड़ी लगा दी. एक फैन ने लिखा, ओह हां बॉम्बे डाइंन मैन करण कपूर...इतने दिनों बाद देखकर अच्छा लगा. ये तो अब पहले से ज्यादा हैंडसम लगते हैं. एक ने लिखा, ये बिल्कुल शशि कपूर जैसे लगते हैं साथ ही मां के वेस्टर्न जीन्स का भी असर है. एक ने तो करण को हॉलीवुड ही पहुंचा दिया और लिखा, ये तो जेम्स बॉन्ड लग रहे हैं. एक ने लिखा, करण इतने हैंडसम थे इन्हें हॉलीवुड या ब्रिटिश सिनेमा में किस्मत आजमानी चाहिए थी.
बता दें कि करण अब पेशे से एक फोटोग्राफर हैं. उनके इंस्टाग्राम पेज पर आप उनका तमाम काम देख सकते हैं. खुद उनकी बात करें तो उनका चेहरा हूबहू पिता शशि कपूर से मिलता है. स्माइल और बालों का स्टाइल भी वैसा ही है. करण कपूर की इस रीसेंट अपीयरेंस ने एक बार फिर शशि कपूर की यादें ताजा कर दीं.
अदाणी समूह के चेयरमैन गौतम अदाणी ने शनिवार को अजमेर में ख्वाजा गरीब नवाज की दरगाह पर जियारत की. उनके साथ उनकी पत्नी और अदाणी फाउंडेशन की अध्यक्ष प्रीति अदाणी भी मौजूद थीं. दंपति ने दरगाह पर मखमली चादर और अकीदत के फूल पेश किए. साथ ही देश की खुशहाली की दुआ मांगी.
दरगाह के खादिम सलमान चिश्ती ने गौतम अदाणी और उनकी पत्नी का स्वागत किया. साथ ही सिर पर साफा पहनाकर उन्हें दरगाह तक ले गए. इस दौरान उन्होंने हाथों में फूलों की टोकरी ली हुई थी. सलमान चिश्ती ने उन्हें जियारत करवाई, साथ ही तबर्रुक भी भेंट किया.
गौतम अदाणी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इसकी तस्वीरें शेयर करते हुए लिखा, "सभी के लिए बरकत और सलामती की दुआएं."
गौतम अदाणी निजी विमान से किशनगढ़ एयरपोर्ट पहुंचे थे, वहां से वे सड़क मार्ग से अजमेर पहुंचे. उन्होंने जियारत के बाद कव्वाली भी सुनी. दरगाह में आने वाले लोग अक्सर बेगमी दालान में सूफी संगीत का आनंद लेते हैं.
बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया की बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) ने बृहस्पतिवार को कहा कि उसे उम्मीद है कि भारत उनकी प्रतिद्वंद्वी शेख हसीना को वापस उनके देश भेजेगा, ताकि उन पर मुकदमा चलाया जा सके. बीएनपी का यह बयान संयुक्त राष्ट्र की एक तथ्यान्वेषण रिपोर्ट में किए गए उस दावे के एक दिन बाद आया है, जिसमें कहा गया है कि पिछले साल प्रदर्शनकारियों पर ‘‘सुनियोजित तरीके से हमलों और हत्याओं के जरिये सत्ता में बने रहने की कोशिश की गई थी.''
बांग्लादेश के विदेश मंत्रालय ने कहा कि अगर जरूरत पड़ी तो भारत को पिछले साल हसीना के प्रत्यर्पण के लिए किए गए गए अनुरोध का एक अनुस्मारक भेजा जाएगा.
हसीना की अवामी लीग पार्टी के लगभग 16 साल लंबे शासन का पांच अगस्त 2024 को छात्रों के आंदोलन के बाद पतन हो गया था, जिसके चलते वह बांग्लादेश छोड़ भारत चली गई थीं.
बीएनपी के महासचिव मिर्जा फखरुल इस्लाम आलमगीर ने यहां एक संवाददाता सम्मेलन में दावा किया कि संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट में कहा गया है कि सामूहिक हत्याएं, मानवाधिकारों का उल्लंघन और लोकतंत्र तथा संस्थाओं का विनाश हसीना के आदेश पर किया गया था, और रिपोर्ट से यह साबित हुआ है कि ‘‘हसीना एक फासीवादी हैं, जिन्होंने इस देश के लोगों को प्रताड़ित किया.''
आलमगीर ने कहा, ‘‘हम आज भारत सरकार से हसीना और उनके साथियों को तुरंत बांग्लादेश भेजने और उन्हें मुकदमे का सामना करने के लिए सरकार को सौंपने का आह्वान करते हैं.''
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) फ्रांस की अपनी यात्रा समाप्त कर अमेरिका के लिए रवाना हो गए हैं. फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों खुद उन्हें छोड़ने के लिए एयरपोर्ट तक आए. उन्होंने गले लगाकर पीएम मोदी को विदा किया. फ्रांस यात्रा को लेकर पीएम मोदी ने सोशल मीडिया साइट एक्स पर लिखा'धन्यवाद फ्रांस! एक सार्थक यात्रा समाप्त हुई, जहां मैंने एआई, वाणिज्य, ऊर्जा और सांस्कृतिक संबंधों से लेकर कई कार्यक्रमों में भाग लिया. राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों और फ्रांस के लोगों का आभार. पीएम मोदी का फ्रांस दौरा दोनों देशों के संबंधों के नजरिए से खासा अहम रहा. इस दौरान मोदी और मैक्रों ने अपनी गहरी दोस्ती को जाहिर किया.
पीएम मोदी की यात्रा के पहले दिन राष्ट्रपति मैक्रों की ओर से आयोजित रात्रिभोज में दोनों नेताओं ने बातचीत की. अगले दिन 'एआई एक्शन समिट' में भी यह सौहार्दपूर्ण माहौल जारी रहा. भारत और फ्रांस ने संयुक्त रूप से शिखर सम्मेलन की मेजबानी की.
मोदी वेंस मुलाकात: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मंगलवार को पेरिस में एआई एक्शन शिखर सम्मेलन के इतर अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस और उनकी भारतीय मूल की पत्नी उषा व बेटों इवान और विवेक से मुलाकात की. मोदी ने वेंस परिवार के साथ मुलाकात की तस्वीरें ‘एक्स' पर पोस्ट कीं। उन्होंने लिखा, “अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस और उनके परिवार के साथ एक शानदार मुलाकात हुई. हमने विभिन्न विषयों पर बहुत अच्छी बातचीत की. इससे पहले, प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) की ओर से साझा किए गए एक वीडियो में मोदी पेरिस में वेंस के साथ द्विपक्षीय वार्ता करते नजर आ रहे हैं, जबकि उषा यह सब देख रही हैं.
मोदी ने बताया भारत का विजन: पीएम मोदी ने एआई एक्शन समिट में भारत के विजन को दुनिया के सामने रखा. उन्होंने कहा कि भारत के आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस मिशन को लेकर कहा कि भारत अपना अनुभव और विशेषज्ञता साझा करने के लिए तैयार है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि एआई का भविष्य सबके लिए अच्छा हो. पीएम ने कहा कि हमें AI से संबंधित मुद्दों से निपटने के लिए वैश्विक मानकों की जरूरत है. भारत ने अपने 1.4 अरब से अधिक लोगों के लिए बहुत कम लागत पर डिजिटल सार्वजनिक बुनियादी ढांचे को सफलतापूर्वक तैयार किया है.
एआई समिट में चीन को पड़ी लताड़: एआई समिट में अमेरिका ने चीन को जमकर सुना दिया. साथ ही यूरोपीय संघ में शामिल अपने दोस्तों को भी उससे सतर्क रहने की सलाह दे डाली. इस समिट में अमेरिका ने एक तरह से जता दिया कि एआई के क्षेत्र में भी "बॉस" तो वही है. अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी जेडी वेन्स (US Vice President JD Vance) ने सोमवार को टेक्नोलॉजी पर चल रहे पेरिस शिखर सम्मेलन (Paris Summit) में सभी देशों को आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (AI) पर अत्यधिक रेगुलेशंस लगाने के विचार पर चेतावनी दी. उन्होंने यूरोपीय सहयोगियों और चीन जैसे प्रतिद्वंद्वियों को आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस के मामले में सरकारी पकड़ मजबूत करने पर चेतावनी दी.
दुनिया के टॉप सीइओ से पीएम मोदी ने की बात: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गूगल के CEO सुंदर पिचाई से पेरिस में मुलाकात की. इस मुलाकात के दौरान पीएम मोदी ने सुंदर पिचाई को भारत आने और एआई के क्षेत्र निवेश कर युवाओं पर दांव लगाने की बात कही है. पीएम मोदी ने पिचाई से मुलाकात के बाद एक सोशल मीडिया पोस्ट भी किया. इस पोस्ट में उन्होंने लिखा कि आपसे मिलकर खुशी हुई सुंदर पिचाई. भारत एआई में उल्लेखनीय प्रगति कर रहा है और इसका उपयोग जनता की भलाई के लिए कर रहा है. हम दुनिया से आग्रह करते हैं कि वे आएं और हमारे देश में निवेश करें और हमारी युवा शक्ति पर दांव लगाएं!
वाणिज्य दूतावास का उद्धाटन: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने बुधवार को संयुक्त रूप से मासे शहर में भारत के नए वाणिज्य दूतावास का उद्घाटन किया. प्रधानमंत्री मोदी राष्ट्रपति मैक्रों के निमंत्रण पर फिलहाल फ्रांस के दौरे पर हैं. दोनों नेताओं ने बटन दबाकर संयुक्त रूप से मासे शहर में नए वाणिज्य दूतावास का उद्घाटन किया. मासे में भारत के नए वाणिज्य दूतावास को बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है. भारत ने इस दूतावास को खोलने की घोषणा 2023 में मोदी के फ्रांस दौरे के दौरान की थी. यह दूतावास दक्षिणी फ्रांस में बसे भारतीय प्रवासी समुदाय को सेवाएं प्रदान करेगा. इससे लोगों को पेरिस जाकर कांसुलर कार्य करवाने की जरूरत नहीं पड़ेगी.
मोदी और मेक्रो की ट्यूनिंग: इस दौरे में पीएम मोदी और मेक्रो के बीच गजब की ट्यूनिंग देखने को मिली. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी फ्रांस की अपनी यात्रा समाप्त कर अमेरिका के लिए रवाना हो गए. फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों खुद उन्हें छोड़ने के लिए एयरपोर्ट तक आए. उन्होंने गले लगाकर पीएम मोदी को विदा किया.पीएम मोदी की यात्रा के पहले दिन राष्ट्रपति मैक्रों की ओर से आयोजित रात्रिभोज में दोनों नेताओं ने बातचीत की. अगले दिन 'एआई एक्शन समिट' में भी यह सौहार्दपूर्ण माहौल जारी रहा. भारत और फ्रांस ने संयुक्त रूप से शिखर सम्मेलन की मेजबानी की. इसके बाद व्यक्तिगत तालमेल को दर्शाने वाले एक विशेष संकेत में मंगलवार शाम को पीएम मोदी और राष्ट्रपति मैक्रों ने विमान में पेरिस से मार्सिले के लिए एक साथ उड़ान भरी.
मोदी और मैक्रों ने दोनों देशों के बीच व्यापार एवं निवेश संबंधों को बढ़ावा देने का आह्वान किया। उन्होंने हिंद-प्रशांत और विभिन्न वैश्विक मंचों एवं पहल में अपनी भागीदारी को और गहरा करने की प्रतिबद्धता भी जताई. एक बयान के अनुसार, दोनों नेताओं ने पिछले साल अंतरराष्ट्रीय कक्षा योजना की सफल शुरुआत का स्वागत किया. इस योजना के तहत भारतीय छात्रों को फ्रांस में उनके चुने हुए पाठ्यक्रम में दाखिला देने से पहले, प्रतिष्ठित फ्रांसीसी विश्वविद्यालयों में फ्रांस की भाषा फ्रेंच सिखाई जाती है और स्थानीय कार्यप्रणाली के बारे में पढ़ाया जाता है.
झारखंड में रांची के बिरसा कृषि विश्वविद्यालय (बीएयू) के एक कुक्कुट फार्म में एवियन फ्लू का मामला सामने आने के बाद सोमवार को रांची में कुल 5,163 पक्षियों को मार दिया गया. पिछले दो दिनों के भीतर बीएयू में 5,488 पक्षियों को मारा गया है और पूरे प्रभावित क्षेत्र का संक्रमणरोधन किया गया है.
जिला पशुपालन अधिकारी (डीएएचओ) कवींद्र नाथ सिंह ने ‘पीटीआई-भाषा' को बताया, ‘‘रविवार को कुल 325 ‘गिनी फाउल' (पक्षी) को मारा गया था, जबकि सोमवार को विश्वविद्यालय परिसर में 5,163 पक्षियों को मारा गया.''
उन्होंने कहा कि अब 10 किलोमीटर के दायरे के सभी स्थानों पर नजर रखी जाएगी. अधिकारियों ने बताया कि बीएयू के पशु चिकित्सा महाविद्यालय स्थित फार्म में पिछले 20 दिनों में करीब 150 ‘गिनी फाउल' की मौत हो चुकी हैं.
रांची पशु चिकित्सा महाविद्यालय के एक अधिकारी ने बताया कि भोपाल स्थित राष्ट्रीय उच्च सुरक्षा पशुरोग संस्थान (एनआईएचएसएडी) को भेजे गए नमूनों में ‘एवियन इन्फ्लूएंजा ए वायरस' के प्रकार एच5एन1 की मौजूदगी की पुष्टि हुई है.
केंद्रीय मत्स्यपालन, पशुपालन एवं डेयरी मंत्रालय ने राज्य को इसके प्रसार को रोकने के लिए सभी उपाय करने के निर्देश दिए हैं. इन निर्देशों में संक्रमित और निगरानी क्षेत्र घोषित करने, प्रभावित परिसरों तक पहुंच प्रतिबंधित करना और पक्षियों को मारना आदि शामिल है. राज्य पशुपालन विभाग ने शनिवार को एक परामर्श और मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) जारी कर क्षेत्र में पक्षियों की बिक्री और खरीद पर रोक लगा दी.
Trump Becomes More Strict On Canada: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की नज़र कनाडा पर टिकी हुई है. राष्ट्रपति चुनाव से पहले अपने भाषणों में ट्रंप कई बार कनाडा को अमेरिका का 51वां राज्य कह चुके हैं. राष्ट्रपति बनने के बाद भी वो ऐसा ही कह रहे हैं. सुपर बॉउल का फ़ाइनल देखने पहुंचे ट्रंप ने कहा कि कनाडा को अमेरिका का 51वां राज्य बन जाना चाहिए. सरकारी कामकाज से वक्त निकालकर अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप सुपर बॉउल पहुंचे तो शायद यही वक्त रहा होगा, जब उनके दस्तखतों से कोई आदेश नहीं निकला. हालांकि, इस मैच से पहले और बाद में उन्होंने कई फैसले लिए.
कनाडा को लेकर ट्रंप अपनी मंशा से पीछे हटना तो दूर और आगे बढ़ते जा रहे हैं. उनका कहना है कि वो इस मामले में बहुत गंभीर हैं. ट्रंप ने एक बार फिर कहा है कि कनाडा को अमेरिका का 51वां राज्य बन जाना चाहिए, क्योंकि उसके साथ कारोबार में अमेरिका को हर साल 200 अरब डॉलर खोने पड़ते हैं और वो ऐसा नहीं होने देना चाहते हैं.
ट्रंप ने पेनी के नए सिक्के ढालने पर रोक लगा दी है, क्योंकि ये घाटे का फैसला साबित हो रहा है. 2024 में 3.2 अरब पेनी ढाली गईं, जिसमें अमेरिकी टकसाल को साढ़े 8 करोड़ डॉलर का नुकसान हुआ. ट्रंप ने उपभोक्ता वित्तीय संरक्षण ब्यूरो के भी काम करने पर रोक लगा दी है. 2008 के आर्थिक संकट और गिरवी घोटाले के बाद उपभोक्ताओं के हितों की हिफाज़त के लिए इसे बनाया गया था. उनका टैरिफ वॉर भी जारी है. अब स्टील और एल्यूमिनियम के आयात पर 25 फीसदी टैक्स लगा रहे हैं.
इसके बाद ज़रूरत पड़ी तो वो अगले एक-दो दिनों में उन देशों के लिए इसे बढ़ा सकते हैं, जिन्होने ज़्यादा टैक्स लगाया है. हालांकि, भारत को ज़्यादा चिंता करने की ज़रूरत नहीं है, क्योंकि अमेरिका से भारत जो आयात करता है, उनमें से टॉप 30 सामानों पर टैक्स ज़ीरो से 7.5 फीसदी के बीच है. अमेरिका की यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री मोदी टैरिफ मामले में भी ट्रंप से बात कर सकते हैं. भारत भी अमेरिका को स्टील निर्यात करता रहा है. अमेरिका ने मार्च 2018 में स्टील पर 25 फीसदी और एल्यूमीनियम पर 10 फीसदी अतिरिक्त टैक्स लगाया था. इससे 2017-18 के मुकाबले 2018-19 में भारत का स्टील और अल्यूमीनियम निर्यात घट गया था. इस पर बात भी हुई, लेकिन टैक्स घटाया नहीं गया.
क्या आप भी घर की सफाई को लेकर परेशान रहते हैं? क्या आप एक ऐसे वैक्यूम क्लीनर की तलाश में हैं जो आपकी सफाई को आसान और तेज बना दे? अगर हां, तो आप बिल्कुल सही जगह पर हैं! Karcher WD वैक्यूम क्लीनर हर तरह से बढ़िया है, इसका शक्तिशाली 1000 W मोटर, जो गीले और सूखे कचरे दोनों के लिए डिज़ाइन किया गया है, यह स्थानों को बनाए रखने के तरीके को फिर से परिभाषित करता है. डिज़ाइन यूजर की सुविधा और फंक्शनेलिटी पर केंद्रित है, यह सुनिश्चित करते हुए कि हर कोने और दरार को बिना किसी कठिनाई के साफ किया जा सके. आज की बिजी लाइफ में, सफाई सोल्यूशन को स्मार्ट और मेहनती होना चाहिए; यह वैक्यूम क्लीनर उस बैलेंस को प्राप्त करता है. इसकी शक्ति, प्रैक्टिकेलिटी और स्टाइल का कॉम्बिनेशन इसे एक प्रमुख ऑप्शन बनाता है, जो किसी भी व्यक्ति को दैनिक सफाई कार्यों को सरल बनाने में मदद करता है, जबकि शानदार रिजल्ट्स भी प्राप्त होते हैं.
आजकल बाजार में कई तरह के वैक्यूम क्लीनर उपलब्ध हैं, लेकिन सही वैक्यूम क्लीनर चुनना थोड़ा मुश्किल हो सकता है. इसलिए हम आपके लिए लेकर आए हैं वैक्यूम क्लीनर पर शानदार डील्स, जिससे आप अपने बजट में एक बेहतरीन वैक्यूम क्लीनर खरीद सकते हैं.
यह वैक्यूम क्लीनर्स आपके घर की सफाई को आसान बना देंगे; फोटो क्रेडिट: Pexels
1. हाई-पावर परफॉरमेंस
एक मजबूत 1000 W मोटर के साथ डिज़ाइन किया गया, यह वैक्यूम क्लीनर सबसे जिद्दी गंदगी और स्पिल्स को जीतने के लिए पूरी ताकत से आगे बढ़ता है. इसका शक्तिशाली सक्शन सक्रिय रूप से कालीनों, सॉलिड फर्शों और असबाब से कचरा उठाता है, बिना किसी परेशानी के सतहों को साफ छोड़ देता है. इसके संचालन के पीछे गतिशील बल न केवल सफाई एक्टिव को बढ़ाता है, बल्कि घरेलू कामों में समय को भी काफी हद तक कम करता है. हर उपयोग के साथ, प्रभावशाली मोटर यह दिखाती है कि कैसे प्रौद्योगिकी परफॉरमेंस और दक्षता को बिना किसी कठिनाई के मिला सकती है.
2. कार्यात्मकता में विविधता
इस अभिनव सफाई साथी में अनुकूलनशीलता इसकी मुख्य विशेषता है. यह गीले स्पिल्स और सूखे कचरे दोनों को संभालने के लिए डिज़ाइन किया गया है, Karcher WD वैक्यूम क्लीनर विविध सफाई परिदृश्यों में चमकता है. विभिन्न एक्सेसरीज़ से लैस – जैसे सक्शन होज़ और पाइप्स से लेकर विशेष गीले और सूखे नोजल्स तक – यह वैक्यूम बिना किसी कठिनाई के इनडोर कालीन सफाई से लेकर बाहरी सफाई कार्यों में परिवर्तन कर सकता है. यह विभिन्न सतहों को बिना कोई समझौता किए संभालने की क्षमता सुनिश्चित करती है कि घर के हर कोने पर पूरी तरह से ध्यान दिया जा सके.
3. यूजर-अट्रैक्टिव डिज़ाइन
उपयोग में आसानी को प्राथमिकता देते हुए, इस वैक्यूम क्लीनर का डिज़ाइन प्रैक्टिकेलिटी और विचारशील नवाचार को प्रदर्शित करता है. इसका यूजर-फ्रेंडली यांत्रिकी यह सुनिश्चित करती है कि एक्सपीरियंस सफाई करने वालों से लेकर नए यूजर तक, सभी इसे न्यूनतम सीखने की प्रक्रिया के साथ चला सकें. रणनीतिक रूप से रखे गए कंट्रोल और सहज लेआउट इसे बिना किसी परेशानी के हैंडल करने के लिए आमंत्रित करते हैं, जबकि पहिए और विस्तारित प्लास्टिक की छड़ी चिकनी गतिशीलता और कठिन-से-पहुंच वाले एरिया तक पहुंचने की गारंटी देती है. प्रत्येक घटक को अव्यवस्था को कम करने और सफाई प्रक्रिया को सुव्यवस्थित करने के लिए व्यवस्थित किया गया है.
4. एडवांस फिल्ट्रेशन सिस्टम
इस वैक्यूम की दक्षता के केंद्र में एक जटिल तीन-परत निस्पंदन प्रणाली है, जो एक स्वच्छ इनडोर वातावरण सुनिश्चित करती है. कार्ट्रिज फ़िल्टर और फ्लीस फ़िल्टर बैग के संयोजन के बल से धूल, एलर्जी, और सूक्ष्म कणों को पकड़ने का काम किया जाता है, जिससे बेहतर एयर क्वालिटी को बढ़ावा मिलता है. यह निस्पंदन प्रणाली विशेष रूप से उन परिवारों के लिए मूल्यवान है, जो हवाई प्रदूषकों के प्रति संवेदनशील हैं. हर स्वीप और सक्शन चक्र इस मल्टी-स्टेज बैरियर से गुजरता है, यह सुनिश्चित करते हुए कि पुन: परिसंचालित हवा स्वच्छ और प्रदूषण मुक्त रहे.
यह वैक्यूम क्लीनर्स आपके घर की सफाई को आसान बना देंगे; फोटो क्रेडिट: Pexels
5. क्लेवर एक्सेसरीज़
एक सुविचारित एक्सेसरीज़ का सेट इस वैक्यूम को एक मल्टी-टास्किंग सफाई चमत्कार में बदल देता है. पैकेज में विभिन्न एक्सेसरी शामिल हैं जैसे सक्शन होज़, पाइप्स, और विशेष गीले और सूखे नोजल्स जो विभिन्न सफाई आवश्यकताओं के लिए उपयुक्त हैं. ये घटक डिवाइस में ही आसानी से संग्रहण के लिए डिज़ाइन किए गए हैं, यह सुनिश्चित करते हुए कि सब कुछ तुरंत उपयोग के लिए सुलभ रहेगा. प्रत्येक एक्सेसरी को विशिष्ट गंदगी को लक्षित करने के लिए डिजाइन किया गया है, जैसे कालीन के मजबूत रेशे या कठोर सतहों पर नाजुक स्पिल्स.
6. प्रैक्टिकेलिटी और इनोवेटिव
इनोवेटिव और प्रैक्टिकेलिटी इस वैक्यूम क्लीनर में एक साथ आते हैं, जिससे यह एक डिवाइस बनता है जो उतना ही स्मार्ट है जितना कि शक्तिशाली. ब्लोअर फंक्शन का समावेश एक अतिरिक्त आयाम जोड़ता है, जिससे यूजर कठिन-से-पहुंच वाले एरिया में हवा को निर्देशित कर सकते हैं या बाहरी स्थानों से कचरा साफ कर सकते हैं. 15-लीटर डस्ट कलेक्शन क्षमता का मतलब है कि यह वैक्यूम बिना बार-बार रुकावट के बड़े कचरे की मात्रा को संभाल सकता है. चार मीटर की कॉर्ड लंबाई इसकी प्रैक्टिकेलिटी में और योगदान देती है, जिससे बड़े एरिया में बिना बार-बार स्थानांतरित किए व्यापक पहुंच मिलती है.
7. बजट-फ्रेंडली
इसके प्रभावशाली फीचर्स के बावजूद, यह सफाई पावरहाउस आज के बाजार में एक अफोर्डेबल ऑप्शन बना हुआ है. हाई परफॉरमेंस और ड्यूरेबिलिटी को मिलाकर, यह यूनिट पैसे के लिए शानदार मूल्य प्रदान करती है. इसकी प्रतिस्पर्धी कीमत, जिसे अट्रैक्टिव कैशबैक और छूट ऑफ़र्स द्वारा और बढ़ाया गया है, इसे बजट-सीमित परिवारों के लिए एक समझदारी से किया गया निवेश बनाता है. इसकी प्रभावी संचालन और अतिरिक्त सफाई उपकरणों की आवश्यकता को कम करने से लंबी अवधि में बचत होती है, जिससे इसका आर्थिक लाभ और भी मजबूत होता है.
8. कस्टमर रिव्यु
Karcher WD 3 V 15/4/20 Wet & Dry Vacuum Cleaner ने अनगिनत यूजर्स को हैरान कर दिया है, जिसके 11,000 से अधिक रेटिंग्स और 1,300 से अधिक शानदार समीक्षाएं हैं. कई कस्टमर्स ने इस वैक्यूम क्लीनर के साथ अपने एक्सपीरियंस को 'अविश्वसनीय' बताया है, इसकी शक्तिशाली सक्शन, विविधता और उपयोग में आसानी की सराहना की है.
यह वैक्यूम क्लीनर्स आपके घर की सफाई को आसान बना देंगे; फोटो क्रेडिट: Pexels
अस्वीकरण: इस लेख में उपयोग की गई तस्वीरें केवल चित्रण के उद्देश्य से हैं. वे इस लेख में लिस्ट प्रोडक्ट्स, केटेगरी और ब्रांडों का सटीक प्रतिनिधित्व नहीं कर सकते हैं.
पंजाबी सिंगर दिलजीत दोसांझ पिछले कुछ समय से लगातार सुर्खियों में बने हुए है. अपने कॉन्सर्ट दिल-लुमिनाटी के चलते दिलजीत बीते दिनों सोशल मीडिया पर छाए हुए थे. दिल-लुमिनाटी कॉन्सर्ट के खत्म होने के ठीक एक महीने बाद सिंगर ने अपना नया सॉन्ग 'टेंशन मित्रा नु है नी' रिलीज किया है. इस गाने की लिरिक्स को लेकर दिलजीत दोसांझ एक बार फिर सुर्खियों में आ गए हैं. कुछ यूजर्स दिलजीत के नए गाने के लिरिक्स को लेकर उनकी आलोचना कर रहे हैं तो वहीं दूसरी तरफ उनके फैंस सिंगर को डिफेंड करने के लिए कमेंट सेक्शन में उतर चुके हैं.
'बैड लिरिक्स' के लिए ट्रोलिंग
सोशल मीडिया पर कई यूजर्स दिलजीत दोसांझ के नए गाने के लिरिक्स को खराब या एवरेज बताते हुए उनकी आलोचना कर रहे हैं. ब्राउन मुंडे टीवी नाम के इंस्टाग्राम अकाउंट से दिलजीत के नए गाने का एक वीडियो क्लिप शेयर किया गया है. वीडियो के ऊपर नजर आ रहे टेक्स्ट में लिखा है, "भाई 12 साल के बच्चों के लिए गाने बनाते हैं." वहीं पोस्ट के कैप्शन में लिखा है, "इस तरह से क्यों कूद रहे हैं? भाई, आप 41 साल के हो." एक तरफ कुछ यूजर्स दिलजीत को नए गाने के लिए खूब ट्रोल कर रहे हैं तो वहीं दूसरी तरफ कुछ यूजर्स सिंगर के सपोर्ट में भी खड़े नजर आ रहे हैं. पंजाब को अपने गानों के जरिए खूबसूरती से रिप्रजेंट करने के लिए कमेंट बॉक्स में यूजर्स दिलजीत दोसांझ की तारीफ करते दिखाई दे रहे हैं.
विवादों में घिरा रहा 'दिल-लुमिनाटी'
पंजाबी सिंगर दिलजीत दोसांझ का दिल-लुमिनाटी कॉन्सर्ट शुरू से अंत तक विवादों में घिरा रहा. शराब को प्रमोट करने, बच्चों को स्टेज पर बुलाने और टिकटों की कालाबजारी के चलते कॉनसर्ट ने काफी सुर्खियां बटोरी. दिलजीत ने दिल-लुमिनाटी टूर के अंतर्गत भारत के कई शहरों में परफॉर्म किया था. दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, हैदराबाद, बेंगलुरु और गुवाहाटी के अलावा दिलजीत ने लुधियाना में भी परफॉर्म किया था. बता दें कि लुधियाना को अंतिम समय में जोड़ा गया जिस वजह से दिल-लुमिनाटी टूर 29 दिसंबर को गुवाहाटी के बदले लुधियाना में 31 दिसंबर को समाप्त हुआ था. दिलजीत बहुत जल्द बॉर्डर 2 और पंजाब 95 जैसी फिल्मों के साथ बड़े पर्दे के जरिए लंबे समय बाद अपने फैंस से रूबरू होंगे.
महाराष्ट्र के पुणे जिले में 63 वर्षीय एक व्यक्ति की मौत के बाद संदिग्ध 'गुइलेन-बैरे सिंड्रोम' (जीबीएस) से मरने वालों की संख्या छह तक पहुंच गई है. एक स्वास्थ्य अधिकारी ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी. अधिकारी ने बताया कि बुखार, दस्त और पैरों में कमजोरी की शिकायत के बाद बुजुर्ग व्यक्ति को सिंहगढ़ रोड क्षेत्र के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया और जांच में पता चला कि उन्हें जीबीएस है.
पुणे नगर निगम के स्वास्थ्य अधिकारी ने बताया, ‘‘बुधवार को बुजुर्ग व्यक्ति की हालत बिगड़ गई और तीव्र 'इस्केमिक स्ट्रोक' के कारण उनकी मृत्यु हो गई.'' ‘इस्केमिक स्ट्रोक' तब होता है जब रक्त का थक्का मस्तिष्क तक जाने वाली धमनी को अवरुद्ध कर देता है.
अधिकारी ने बताया कि इन छह मौतों में से पांच की मौत संदिग्ध रूप से जीबीएस के कारण हुई है, जबकि एक मरीज की मौत इस बीमारी से हुई है. महाराष्ट्र स्वास्थ्य विभाग की एक विज्ञप्ति में कहा गया है कि तीन नए मामलों का पता चलने के साथ ही पुणे में जीबीएस के संदिग्ध मामलों की संख्या बढ़कर 173 हो गई.
बिहार कैबिनेट ने महिला विश्व कप कबड्डी चैम्पियनशिप और सेपकटकरा विश्व कप (महिला एवं पुरूष ) 2025 के आयोजन के लिए 21.57 करोड़ रुपए से अधिक की राशि को मंगलवार को मंजूरी प्रदान कर दी. बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में मंगलवार को राज्य कैबिनेट की बैठक के बाद मंत्रिमंडल सचिवालय विभाग के अपर मुख्य सचिव एस सिद्धार्थ ने पत्रकारों को संबोधित करते हुए कहा, ‘‘बिहार में पहली बार महिला विश्व कप कबड्डी चैम्पियनशिप 2025 का आयोजन सात से 12 मार्च तक बिहार राज्य खेल अकादमी, राजगीर में प्रस्तावित है.''
उन्होंने बताया कि कैबिनेट ने महिला विश्व कप कबड्डी चैम्पियनशिप 2025 के आयोजन पर होने वाले व्यय की कुल राशि को स्वीकृति दी जो आठ करोड़ 25 लाख 72 हजर 729 रुपये है.
सिद्धार्थ ने बताया कि बिहार में पहली बार सेपकटकरा विश्व कप (महिला एवं पुरूष ) 2025 का आयोजन भी 18 से 26 मार्च तक पटना के पाटलिपुत्र खेल परिसर में प्रस्तावित है. उन्होंने बताया कि कैबिनेट ने इस प्रतियोगिता के लिए 13 करोड़ 31 लाख 36 हजार रुपये की राशि को स्वीकृति दी.
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के संसद में बजट पेश करने के एक दिन बाद आर्थिक मामलों के सचिव अजय सेठ ने एनडीटीवी के साथ एक्सक्लूसिव बातचीत में उम्मीद जताई कि पर्सनल इनकम टैक्स रेट में कटौती से अर्थव्यवस्था में खपत बढ़ेगी और बचत में भी इजाफा होगा. साथ ही संसद में अगले सप्ताह पेश होने वाले नए इनकम टैक्स बिल के पीछे की मंशा को बताते हुए उन्होंने कहा कि इसके पीछे हमारी सोच सरलीकरण की है. मौजूदा कानून छह दशकों से भी ज्यादा पुराना हो चुका है.
अजय सेठ ने एनडीटीवी के साथ बातचीत में बजट 2025-26 में इनकम टैक्स में छूट को लेकर कहा कि हमने मध्यम वर्ग की आकांक्षाओं और अर्थव्यवस्था की जरूरत दोनों को ध्यान में रखकर यह फैसला किया है. उन्होंने कहा कि सरकार के इस फैसले से अर्थव्यवस्था को रफ्तार मिलेगी. साथ ही कंजप्शन डिमांड औ सेविंग्स दोनों ही बढ़ेगी.
दर कम होने पर टैक्स व्यवस्था से जुड़ते हैं लोग: सेठ
उन्होंने कहा कि टैक्स की दर जब भी कम की जाती है तो ज्यादा लोग टैक्स व्यवस्था से जुड़ते हैं. इस फैसले से मीडियम टर्म में टैक्स बेस बढ़ाने में भी मदद मिलेगी.
सेठ ने कहा कि हमें उम्मीद है कि नई टैक्स व्यवस्था में पर्सनल इनकम टैक्स रेट में कटौती से पुरानी टैक्स रिजीम से बड़ी संख्या में करदाता नई टैक्स व्यवस्था से जुड़ेंगे. अब तक तीन-चौथाई (करीब 78%) से ज्यादा टैक्स पेयर नई टैक्स व्यवस्था में आ चुके हैं.
नए बिल लाने के पीछे सरलीकरण की सोच: सेठ
इसके साथ ही संसद में अगले सप्ताह पेश होने वाले नए इनकम टैक्स बिल को लेकर सेठ ने कहा कि नया बिल लाने के पीछे हमारी सोच सरलीकरण की है. टैक्स व्यवस्था के सरलीकरण से आम करदाता टैक्स व्यवस्था को बेहतर तरीके से समझ सकेंगे और टैक्स लिटिगेशन भी कम करने में मदद मिलेगी. उन्होंने कहा कि नया बिजनेस सेटअप करने में भी टैक्सेशन बड़ा मुद्दा रहता है. इससे ईज ऑफ डुइंग बिजनेस भी बेहतर होगा.
बड़ा तबका इंश्योरेंस व्यवस्था से बाहर: सेठ
बजट के दौरान इंश्योरेंस सेक्टर में विदेशी निवेश को 74 फीसदी से बढ़ाकर 100 फीसदी करने की घोषणा की गई है. इसे लेकर सेठ ने कहा कि इंश्योरेंस सेक्टर में विदेशी पूंजी आने से नई टेक्नोलॉजी और नए प्रॉडक्ट्स लाने में मदद मिलेगी. उन्होंने कहा कि आज देश में जनसंख्या का एक बड़ा तबका है, जो इंश्योरेंस व्यवस्था से बाहर है.
उन्होंने कहा कि अर्थव्यवस्था के हालात मजबूत हुए हैं और इसलिए पहले इंश्योरेंस सेक्टर में एफडीआई को लेकर जो शर्तें लगाई गई थीं, उनकी जरूरत नहीं है.
Budget2025: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) ने शनिवार (1 फरवरी) को लोकसभा में आम बजट 2025 पेश किया. इस बार के बजट में मोदी सरकार ने 'GYAN' पर फोकस रखा. GYAN मतलब- गरीब, युवा, अन्नदाता और नारी शक्ति. बजट में वित्त मंत्री ने मिडिल क्लास, किसानों, गरीबों, युवाओं, टैक्सपेयर्स और महिलाओं के लिए तमाम ऐलान किए. पूरे बजट भाषण में वित्त मंत्री ने कुछ शब्दों का बार-बार इस्तेमाल किया. कुल मिलाकर कहें तो बजट इन्हीं के आसपास रहा.
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने इन शब्दों का किया इस्तेमाल