Tuesday, March 26, 2024

AIMIM to fight from Gandhinagar, Bharuch



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चलती स्कूटी पर अश्लीलता की हदें पार, पुलिस ने इस तरह सिखाया सबक, अकल लगी ठिकाने

दिल्ली मेट्रो के बाद अब होली से जुड़ा एक और वीडियो सामने आ रहा है, जिसमें स्कूटी पर सवार दो लड़कियां अश्लील डांस करती नजर आ रही हैं. वायरल हो रहे इस वीडियो में एक स्कूटी पर सवार बिना हेलमेट पहने तीन लोग होली खेलते दिखाई पड़ रहे हैं. वीडियो के वायरल होते ही इंटरनेट पर आक्रोश फैल गया और लोग स्कूटी सवार तीनों लोगों पर कार्रवाई की मांग करने लगे. हालांकि, सोशल मीडिया पर लोगों की शिकायत के बाद यूपी पुलिस ने बड़ी कार्रवाई कर दी है. वायरल हो रहा यह वीडियो उत्तरप्रदेश के नोएडा का बताया जा रहा है. पढ़ें क्या है पूरा माजरा.

यहां देखें वीडियो

चलती स्कूटी पर अश्लील डांस

वीडियो में एक स्कूटी पर बिना हेलमेट तीन लोग सवार दिखाई दे रहे हैं. देखा जा सकता है कि, जहां लड़का स्कूटी चला रहा है, वहीं पीछे वाली सीट पर एक दूसरे के सामने बैठी दो लड़कियां अश्लील हरकतें करती नजर आ रही हैं. बैकग्राउंड में अंग लगा ले गाना चल रहा है. वीडियो को देखकर अंदाजा लगाया जा सकता है कि, पीछे से आ रहे किसी शख्स ने इस वीडियो को रिकॉर्ड किया होगा, जो अब इंटरनेट पर धड़ल्ले से वायरल हो रहा है. इस वीडियो को देखने के बाद यूजर्स तरह-तरह के कमेंट्स करते हुए पुलिस से कार्रवीई की मांग कर रहे थे. 

पुलिस ने काटा चालान

पुलिस ने सोशल साइट X पर बताया कि, यातायात नियमों का उल्लंघन करने पर स्कूटी मालिक का 33 हजार रुपये का चालान काटा गया है. बता दें कि, होली से पहले ही नोएडा पुलिस ने ये एडवाइजरी भी जारी की थी कि, त्योहारों पर यातायात नियमों को तोड़ने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी. बावजूद इसके लोग अजीबोगरीब हरकतें करते नजर आए, जिन्हें ट्रैफिक पुलिस ने बढ़िया तरीके से सबक भी सिखाया. X पर वायरल इस 1 मिनट के वीडियो को अब तक 40 हजार से ज्यादा लोग देख चुके हैं. वीडियो शेयर करते हुए लिखा गया है, 'बिना हेलमेट के ड्राइविंग ट्रिपलिंग और स्टंट किया जा रहा है. आपसे अनुरोध है इन लोगों पर कार्रवाई करें.'

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दक्षिण भारत में अबकी बार बीजेपी की कितनी सीटें आएंगी? पार्टी की तैयारी कर देगी हैरान

दक्षिण भारत में लोकसभा की 129 सीटें हैं. इनमें से बीजेपी ने पिछली बार 29 सीटें जीती थी और अब चुनौती उन 29 सीटों को कायम रखने की और विपक्ष के 100 में से ज्यादातर सीटों को छीनने की है. इसके लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी
ने नए साल के 80 दिनों में 23 दिन दक्षिण भारत में गुजारे हैं. यानी कि हर चौथा दिन दक्षिण भारत में वह रहे. सेंगोल से लेकर तमिल संगम तक पर प्रधानमंत्री मोदी का जोर चुनावों के लिए एक बड़ा निवेश हो सकता है. इसीलिए सबकी नजर तमिलनाडु की 39 सीटों पर है, जहां पर बीजेपी ने छह-छह दलों से गठबंधन किया है.

पीएम मोदी ने संभाली कमान
बीजेपी तमिलनाडु में 23 सीटों पर लोकसभा चुनाव लड़ रही है और उसने आज 9 उम्मीदवारों की घोषणा की है. पूर्व गवर्नर तमिल साई, केंद्रीय मंत्री मुरुगन और प्रदेश अध्यक्ष अन्नामलाई जैसे दिग्गजों को पार्टी ने चुनाव मैदान में उतारा है. तमिलनाडु के कोयंबटूर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के किए रोड शो में उमड़ी भीड़ ने बीजेपी के हौसले को बढ़ा दिए हैं. आखिर बीजेपी ने 400 पार का जो सपना एनडीए के लिए देखा है, उसमें 39 सीटों वाले तमिलनाडु का साथ नहीं मिला तो लक्ष्य मुश्किल हो सकता है. तमिलनाडु में बीजेपी इस वक्त चुनावी लिहाज से शून्य बटे सन्नाटा है लेकिन प्रधानमंत्री मोदी ने इस लोकसभा चुनाव में तमिलनाडु पर सबसे ज्यादा जोर दिया है. 2024 का आगाज ही दक्षिण भारतीय राज्यों में प्रधानमंत्री मोदी के दौरे से शुरू हुआ. अभी पांच दिन के दक्षिण भारत दौरे पर प्रधानमंत्री आए थे और इसमें तमिलनाड के कोयंबटूर में उनका रोड शो हुआ, जहां हिंदू धर्म का सवाल उठाकर उन्होंने कांग्रेस और डीएमके को घेरने की कोशिश की. तमिलनाडु की राजनीति पिछले पांच दशक से दो दलों की धुरी पर नाचती आ रही है. एक डीएमके और दूसरा एआईएडीएमके.

तमिलनाडु में ऐसे बना गेमप्लान
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने द्विपक्षीय राजनीति में एक तीसरा पक्ष खड़ा करने की कोशिश की है. इसके तहत बीजेपी ने तमिलनाडु में छह दलों से गठबंधन किया है. इनमें सबसे अहम पीएमके है. इसके नेता हैं अंबुमणि रामदास. इसके अलावा बीजेपी ने तमिल मनिला कांग्रेस और दिनाकरण की अम्मा मक्कल मुनेत्र कड़गम (एएमएमके) के साथ भी गठबंधन किया है. बीजेपी यहां एनडीए में बड़े भाई की भूमिका में है, जो खुद उन 39 में से 23 सीटों पर चुनाव लड़ेगी, जबकि पीएमके 10 सीटों पर और एमएमके दो सीटों पर चुनाव लड़ेगी. बाकी दलों के लिए चार सीटें छोड़ी गईं हैं. पीएमके को खास तरजीह इसलिए दी गई है कि उसका वन्नियार समुदाय पर खासा प्रभुत्व है, जिसकी आबादी करीब 6 फीसद है और जो उत्तरी तमिलनाडु में अच्छा खासा प्रभाव रखती है. पीएमके को विधानसभा चुनाव में 3.8 फीदी वोट और पांच सीटें मिली थीं. बीजेपी से गठबंधन में ही 2014 में रामदास ने धर्मपुरी सीट से लोकसभा का चुनाव लड़ा और जीता था. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तमिलनाडु के लोगों से संवेदना के स्तर पर भी जुड़ते हुए दिख रहे हैं. पार्टी के ऑडिटर रमेश को याद करते हुए प्रधानमंत्री मोदी 63 सेकंड तक रुंधे गले के साथ खामोश रहे. बीजेपी नए सहयोगियों के जरिए उत्तर तमिलनाडु में अपने लिए जगह बनाना चाहती है.

जयललिता की जगह भरने की तैयारी
2014 में बीजेपी ने तमिलनाड में 5.5 फीसद वोटों के साथ एक सीट जीती थी, जबकि 2019 में 3.66 फीसद वोट तो हासिल किए लेकिन सीट एक भी नहीं मिली. अब एक तो दक्षिण विजय और दूसरे 400 पार का लक्ष्य. इसने बीजेपी को तमिलनाड पर ज्यादा जोर देने के लिए मजबूर कर दिया है. सबसे पुरानी भाषा और संस्कृति वाले तमिल समाज का दिल जीतना इस बार बीजेपी के लिए थोड़ा आसान हो सकता है, क्योंकि पिछले पांच साल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लगातार राज्य के दौरे पर आते रहे हैं. पिछले पांच साल से तमिल और काशी के सांस्कृतिक संबंधों पर उनका पूरा जोर रहा है. बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष अन्नामलाई अपने आक्रामक तेवरों के कारण जनसभाओं में बढ़िया भीड़ जुटाने में सक्षम दिख रहे हैं. जयललिता के निधन के बाद कमजोर पड़े एआईएडीएमके ने पिछले साल बीजेपी से गठबंधन तोड़ लिया तो बीजेपी ने उसके कई नेताओं को तोड़ लिया. जयललिता के ना होने से से विपक्ष की जगह भरने की कोशिश अब बीजेपी लगातार कर रही है. कभी उसी जयललिता के साथ 1998 में गठजोड़ कर बीजेपी ने तमिलनाडु में तीन सीटें हासिल की थी, लेकिन अब तैयारी नए सिरे से है.

कर्नाटक को ऐसे साधा
दक्षिण भारत में कर्नाटक ही एक ऐसा राज्य है, जहां पर बीजेपी की सरकार रही है. अपना मुख्यमंत्री रहा है. बीजेपी पिछली बार वहां अकेले चुनाव लड़ी थी और 28 में से 25 सीटें जीत गई थी. इस बार वह कोई रिस्क नहीं लेना चाहती. इसलिए खुद 25 सीटों पर लड़कर और तीन सीटें पूर्व पीएम देवेगौड़ा की पार्टी को देकर उसने गठबंधन किया है. इसके अलावा एक बड़ा गठबंधन आंध्र प्रदेश में भी हुआ है. पिछली बार शून्य पर सिमटी बीजेपी इस बार आंध्र प्रदेश में पुराने पार्टनर के साथ नई उम्मीदों के रथ पर सवार है. बीजेपी ने आंध्र प्रदेश में दो दलों के साथ तालमेल किया है, जिसमें एक पार्टी चंद्रबाबू नायडू की तेलगु देशम पार्टी है और दूसरी अभिनेता पवन कल्याण की जनसेना पार्टी. प्रधानमंत्री मोदी को यकीन है कि यह तिकड़ी चुनाव में कमाल करेगी. टीडीपी के साथ बीजेपी का गठबंधन बनता और बिगड़ता रहा है. अगर सीट शेरिंग की बात करें तो लोकसभा की 25 सीटों में टीडीपी 17 बीजेपी 6 और जनसेना पार्टी दो सीटों पर लड़ रही है. वहां विधानसभा के चुनाव भी साथ ही हो रहे हैं. लिहाजा विधानसभा के साथ हुए गठबंधन के तहत टीडीपी 144 बीजेपी 10 और जनसेना 21 सीटों पर चुनाव लड़ रही है. तमिलनाडु में बड़े भाई की भूमिका वाली बीजेपी आंध्र प्रदेश आते-आते मझले भाई के रोल में आ चुकी है.

आंध्र प्रदेश में मिले नये दोस्त
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यहां राष्ट्रीय स्वाभिमान और क्षेत्रीय विकास का संतुलन साधने की कोशिश की है. आंध्र प्रदेश में एनडीए के सामने हैं जगनमोहन रेड्डी की पार्टी युवजन श्रमिक रायथू कांग्रेस पार्टी यानी वाईएसआरसीपी और कांग्रेस. यानी लड़ाई त्रिकोणीय हो सकती है. फिर भी कांग्रेस को लेकर लगता है कि आंध्र में उसका खास जनाधार बचा नहीं है. बावजूद इसके कि वो अपनी पार्टी में मुख्यमंत्री जगनमोहन रेड्डी की बहन को लेकर आई है. दूसरी तरफ जगनमोहन रेड्डी को यकीन है कि वह सत्ता में लौटेंगे. आंध्र प्रदेश से कटकर बनी तेलंगाना में बीजेपी अकेले ही लड़ रही है. पिछली बार इसे 17 में से चार सीटें मिली थी. बीजेपी का दावा है कि इस बार वह डबल डिजिट में हो जाएगी. हालांकि यहां दो और अहम दल या गठबंधन मैदान में हैं. यह जरूर है कि कर्नाटक जो कभी बीजेपी का गढ़ था वहां भी बीजेपी ने अपनी जीत पक्की करने के लिए जेडीएस से हाथ मिलाया है. पिछली बार बीजेपी कर्नाटक की 28 सीटों में से 25 सीटें जीती थी. इस बार बीजेपी खुद 25 सीटों पर लड़ रही है और पिछली बार एक सीट जीतने वाली जेडीएस को तीन सीटें दे दी हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस साल की शुरुआत ही दक्षिण भारत की यात्रा से शुरू की थी. उनके लगातार मिशन साउथ पर लगे रहने से बीजेपी को लगता है कि इस बार विंध्याचल के पार खिला कमल दिल्ली से ही दिखने लगेगा.

केरल में बड़े चेहरे उतारे
केरल में बीजेपी की स्थिति कोई अच्छी नहीं है. हालांकि उसे पिछले लोकसभा चुनाव में भी 10 फीसद से ज्यादा वोट मिले थे लेकिन सीट एक भी नहीं मिली थी. इस बार प्रधानमंत्री मोदी का यह दावा है कि सीटें मिलेंगी और डबल डिजिट में मिलेंगी. इस साल की शुरुआत में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जब लक्षदीप पहुंचे थे तो उससे पहले वह केरल भी गए थे. उसके बाद भी लगातार केरल जाते रहे. इतना ही नहीं अभी 15 मार्च को भी जब पांच दिनों के दक्षिण दौरे पर पीएम मोदी गए तो केरल पहुंचे थे. बीजेपी के लिए केरल वोट के हिसाब से जरूर दहाई में पहुंचाने वाला राज्य है लेकिन सीटों की बात आती है तो पिछले लोकसभा और विधानसभा चुनावों में बीजेपी जीरो हो गई थी. 2019 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी को केरल में वोट तो 12 फीसद मिले थे लेकिन सीट एक भी नहीं मिली. वहीं 2021 में विधानसभा चुनावों में बीजेपी का वोट भी थोड़ा खिसका और वह 11.30 फीसद हो गया और सीट फिर से शून्य पर सिमट गई. यहां तक कि मेट्रो मैन के नाम से मशहूर ई श्रीधरण को अपना चेहरा बनाकर चुनाव लड़ा था, वह भी चुनाव हार गए थे. इस बार बीजेपी को लगता है कि लोकसभा में उसका खाता जरूर खुलेगा. बीजेपी ने इसके लिए अपने बड़े नेताओं को लोकसभा चुनाव में उतार दिया है. इनमें केंद्रीय मंत्री राजीव चंद्रशेखर, विदेश राज्य मंत्री वी मुरली धरण और अभिनेता से नेता बने सुरेश गोपी शामिल हैं.



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होली पर हुड़दंग, चलती स्कूटी पर खड़ी होकर लड़के को रंग लगा रही थी लड़की, अगले ही पल याद आ गई नानी

होली पर हुड़दंग मचाते लोगों के वीडियो तो आपने खूब देखे होंगे, लेकिन वायरल हो रहे इस वीडियो को देखकर यकीनन आप भी हक्के-बक्के रह जाएंगे. महज 14 सेकंड के इस वीडियो में एक लड़की चलती स्कूटी पर खड़ी होकर होली खेलती नजर आ रही है, लेकिन अगले ही पल उसके साथ जो होता है, उसे शायद वो जिंदगी भर नहीं भूलेगी. देखें पूरा वीडियो.

चलती स्कूटी पर होली (Holi Stunt Video)

वायरल हो रहा यह वीडियो उत्तर प्रदेश के नोएडा का बताया जा रहा है, जिसमें एक शख्स स्कूटी चलाता नजर आ रहा है, वहीं उसके पीछे वाली सीट पर एक लड़की खड़ी होकर रील बनवाती नजर आ रही है. वीडियो में देखा जा सकता है कि, लड़की कैसे चलती स्कूटी पर होली खेल रही है. वीडियो में लड़की स्कूटी चला रहे शख्स को चेहरे पर रंग लगाती नजर आ रही है, लेकिन अगले ही पल रील के चक्कर में लड़की बीच सड़क पर ही चारों खाने चित (गाड़ी से गिर जाती है) हो जाती है.

यहां देखें वीडियो

देखा जाए तो इस तरह कुछ लोगों की लापरवाही की वजह से दूसरे यात्रियों की जान खतरे में पड़ जाती है. नोएडा पुलिस ने होली के दिन स्‍टंट करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की है. वीडियो को मधुर सिंह नाम के यूजर ने अपने एक्स हैंडल से पोस्ट किया और नोएडा ट्रैफिक पुलिस को टैग कर शिकायत की है.

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Monday, March 25, 2024

"PM मोदी के बनारस आने की गिनती है, लेकिन मैं तो यहीं का हूं" : कांग्रेस उम्मीदवार अजय राय ने जताया जीत का भरोसा

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के खिलाफ वाराणसी लोकसभा सीट पर फिर से उम्मीदवार बनाए गए उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय ने कहा है कि इस बार बनारस में इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इंक्लूसिव अलायंस (INDIA) और भाजपा नीत राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के बीच सीधा मुकाबला है और चुनाव में 'स्थानीय बनाम बाहरी' का मुद्दा भी अहम भूमिका निभाएगा. राय ने रविवार को बातचीत में कहा, 'इस दफा लोकसभा चुनाव सीधे तौर पर ‘इंडिया' और एनडीए के बीच होगा. इससे समीकरण बदल गए हैं और चुनावी माहौल भी बिल्कुल परिवर्तित हो चुका है. जनता बेरोजगारी, महंगाई, भ्रष्टाचार और भाजपा के विकास के झूठे दावों से त्रस्त है और वह इस बार बदलाव का मन बना चुकी है.'

कांग्रेस नेता अजय राय ने कहा, 'अब लड़ाई वन-टू-वन हो गई है इसलिए बनारस का समीकरण बदल चुका है.' उन्होंने कहा कि पिछले कई चुनावों में ऐसा देखने को मिला था कि भाजपा और मुख्य विपक्षी पार्टी के साथ-साथ कोई तीसरा मजबूत उम्मीदवार भी खड़ा हो जाता था जिसकी वजह से वोट कई जगह बंट जाता था. मगर इस बार इंडिया और एनडीए के बीच सीधा मुकाबला है और इस बार चुनाव में ‘हमारा इंडिया गठबंधन जीतेगा.'

इस बार वाराणसी में 'स्थानीय बनाम बाहरी उम्मीदवार' का मुद्दा भी हावी है: अजय राय
वाराणसी की कोलअसला सीट से तीन बार और पिंडरा सीट से एक दफा विधायक रह चुके अजय राय ने कहा कि इस बार वाराणसी में 'स्थानीय बनाम बाहरी उम्मीदवार' का मुद्दा भी हावी है. राय ने 2014 और 2019 के लोकसभा चुनावों में भी मोदी के खिलाफ मैदान में उतरने पर ‘स्थानीय बनाम बाहरी' का मुद्दा उठाया था लेकिन दोनों बार उन्हें शिकस्त का सामना करना पड़ा था. उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री का संसदीय निर्वाचन क्षेत्र होने के बावजूद पिछले 10 सालों में वाराणसी की बुनियादी समस्याएं जस की तस बनी हुई हैं और जो विकास कार्य हुए भी हैं उनमें 'गुजरात लॉबी' को ही फायदा पहुंचाने की कोशिश की गई है. गुजरात प्रधानमंत्री मोदी का गृह राज्य है.

कांग्रेस नेता अजय राय ने पीएम मोदी पर अपने संसदीय क्षेत्र से गायब रहने का आरोप लगाते हुए कहा कि मोदी जी गिनती कर सकते हैं कि वह कितनी बार बनारस आए हैं. हम यहीं पैदा हुए हैं और यहीं रहेंगे.

 वाराणसी में गुजरात के लोगों को मिली है नौकरियां: अजय राय
राय ने आरोप लगाया कि वाराणसी में जो भी स्थाई नौकरियां पैदा हुईं उन पर गुजरात के लोगों को ही नियुक्त किया गया. इससे आम जनमानस में यह धारणा बैठ चुकी है कि उन्हें उन्हीं के घर में रोजगार से वंचित किया जा रहा है. उन्होंने दावा किया कि वाराणसी के स्थानीय लोग अब इस बात पर एकमत हो रहे हैं कि कोई भी बाहरी उम्मीदवार उनके दुख-दर्द को नहीं समझ सकता, लिहाजा अब वे परिवर्तन का मन बना चुके हैं.

बाहुबली राजनेता की छवि रखने वाले राय ने कहा कि वह प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से पिछले 10 वर्षों से मोर्चा ले रहे हैं. मोदी से टक्कर लेने वाले कई लोग या तो क्षेत्र छोड़कर भाग गए, कोई जेल चला गया, तो कोई भाजपा में शामिल हो गया लेकिन वह आज भी संघर्ष कर रहे हैं क्योंकि उन्होंने हमेशा 'साफ-सुथरी राजनीति' की है.

चुनावी बॉन्ड बनेगा चुनावी मुद्दा
राय ने कहा कि बेरोजगारी और महंगाई के साथ-साथ भ्रष्टाचार का मुद्दा भी इस चुनाव में प्रमुखता से उठाया जाएगा. उन्होंने चुनावी बॉन्ड मामले को लेकर हुए खुलासों का जिक्र करते हुए कहा कि इससे भाजपा की असलियत जनता के सामने खुल चुकी है. उन्होंने कहा, ‘‘इसका भी चुनावी माहौल पर व्यापक असर नजर आएगा.'' उन्होंने कहा कि वह क्षेत्र में इस मुद्दे को भी जोर-शोर से उठाएंगे कि जो भाजपा खुद के गौ रक्षक होने का दावा करती है, उसने बीफ का कारोबार करने वाली कंपनियों तक से चुनावी बॉन्ड के तौर पर चंदा लिया.

2009, 2014 और 2019 में वाराणसी से चुनाव लड़ चुके हैं अजय राय
कांग्रेस ने शनिवार को उत्तर प्रदेश में अपने उम्मीदवारों की पहली सूची जारी की. पार्टी ने अजय राय को पिछले दो बार से सांसद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मुकाबले वाराणसी से मैदान में उतारा है. राय वर्ष 2009, 2014 और 2019 में वाराणसी लोकसभा सीट से चुनाव लड़ चुके हैं. हालांकि तीनों ही बार उन्हें पराजय का सामना करना पड़ा. वर्ष 2009 में उन्होंने सपा के टिकट पर जबकि 2014 और 2019 में कांग्रेस के टिकट पर वाराणसी से चुनाव लड़ा था. साल 2019 में हुए पिछले लोकसभा चुनाव में राय 1,52,548 वोट पाकर तीसरे स्थान पर रहे थे.

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"कहीं 'नाम' के प्रति नाराजगी लाखों का 'काम' न बिगाड़ दे...": अपनी ही सरकार पर फिर बरसे वरुण गांधी

बीजेपी सांसद वरुण गांधी एक बार फिर अपनी ही सरकार पर हमलावर हैं. इस बार मामला अमेठी में संजय गंधी अस्पताल का लाइसेंस रद्द (Amethi Sanjay Gandhi Hospital License Suspension) किए जाने का है. केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी के संसदीय क्षेत्र में संजय गांधी अस्पताल का लाइसेंस निलंबत किए जाने पर बीजेपी सांसद वरुण गांधी ने अपनी ही सरकार पर सवाल उठाते हुए कहा है कि बिना किसी गहन जांच के अस्पताल का लाइसेंस तुरंत सस्पेंड कर दिया गया. यह उन सभी लोगों के साथ अन्याय है जो सिर्फ प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं के लिए ही नहीं बल्कि अपनी रोजी-रोटी के लिए भी इस संस्थान पर निर्भर हैं. 

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'लाइसेंस निलंबन पर जवाबदेही जरूरी'

वरुण गांधी ने कहा कि अस्पताल के लाइसेंस के निलंबन पर जवाबदेही जरूरी है. यह भी जरूरी है कि निष्पक्षता के सिद्धांतों को बरकरार रखा जाए और मामले की जांच की जाए. उन्होंने यूपी सरकार को चिट्ठी लिखकर मांग की है कि सरकार इस मामले पर फिर से विचार करे. उन्होंने उम्मीद जताई कि इलाके के लोगों की स्वास्थ्य सेवाओं में कोई बाधा नहीं आएगी. उन्होंने सरकार से पारदर्शी तरीके से मामले की जांच की मांग अपनी चिट्ठी में की है. पीलीभीत सांसद वरुण गांधी ने यह बात सोशल मीडिया साइट एक्स पर कही है और अपने पोस्ट में यूपी के डिप्टी सीएम बृजेश पाठक को भी टैग किया है. 

'सवाल सिर्फ कर्मचारियों का ही नहीं मरीजों का भी है'

एक अन्य ट्वीट में बीजेपी सांसद वरुण गांधी ने कहा है कि सवाल सिर्फ संजय गांधी अस्पताल के 450 कर्मचारियों का और उनके परिवार का ही नहीं है बल्कि उस आम जनता का भी है जो हर दिन अस्पताल में इलाज कराने आती है. उनकी पीड़ा के साथ न्याय ‘मानवता की दृष्टि' ही कर सकती है, ‘व्यवस्था का अहंकार' नहीं. कहीं ‘नाम' के प्रति नाराजगी लाखों का ‘काम' न बिगाड़ दे. 

अस्पताल के लाइसेंस बहाली को लेकर आंदोलन तेज

बता दें कि अमेठी के संजय गांधी अस्पताल के लाइसेंस सस्पेंशन को लेकर आंदोलन भी तेज हो गया है. प्रदर्शन कर रहे लोग सरकार से साइसेंस फिर से बहाल करने की मांग कर रहे हैं. कांग्रेस तो पहले से ही आंदोलनकारियों का हौसला बढ़ा रही है अब बीजेपी नेता वरुण गांधी भी उनके सपोर्ट में उतर आए हैं. लाइसेंस रद्द करने को लकर वह एक बार फिर से अपनी ही सरकार पर हमलावर हैं. उन्होंने ना सिर्फ योगी सरकार पर निशाना साधा बल्कि चिट्ठी लिखकर पारदर्शी तरीके से जांच की भी मांग की है. उनका कहना है कि बिना किसी जांच के तुरंत लाइसेंस कर कर देना वर्कर्स और मरीजों के साथ अन्याय है.

क्या है पूरा मामला?

बता दें कि पिछले दिनों संजय गांधी अस्पताल में इलाज के लिए पहुंची एक महिला की मौत हो गई थी. परिवार का आरोप था कि गलत इलाज की वजह से महिला की जान गई. डीएम से लेकर डिप्टी सीएम तक इस मामले की शिकायत की गई थी. जांच पूरी होने के बाद अस्पताल को प्रशासन ने बंद करवा दिया था और लाइसेंस को भी रद्द कर दिया गया.

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Lok Sabha Election : BJP की पांचवीं लिस्ट में कई बड़े नेता हुए बेटिकट, कुछ सीटों पर बदले उम्मीदवार

भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने लोकसभा चुनाव(Lok Sabha Elections 2024) के लिए रविवार को 111 उम्मीदवारों की पांचवीं सूची जारी कर दी. पार्टी ने पूर्व केंद्रीय मंत्री वी के सिंह की जगह गाजियाबाद से स्थानीय विधायक अतुल गर्ग को टिकट दिया है जबकि बिहार के बक्सर से केंद्रीय मंत्री अश्विनी चौबे का टिकट काटकर उनके स्थान पर मिथिलेश तिवारी को उम्मीदवार बनाया गया है. उत्तर प्रदेश के बदायूं से संघमित्रा मौर्या का भी टिकट काट लिया है.  संतोष गंगवार की जगह छत्रपाल गंगवार को टिकट दिया गया है. बिहार और झारखंड में तीन-तीन सांसदों का टिकट बीजेपी ने काट लिया है. 

यूपी में इन नेताओं का कट गया टिकट
उत्तर प्रदेश में कई वरिष्ठ नेताओं का टिकट बीजेपी ने काट लिया है. गाजियाबाद से केंद्रीय मंत्री वीके सिंह,  बदायूं से संघमित्रा मौर्या, पीलीभीत से वरुण गांधी,बरेली से संतोष गंगवार को बीजेपी ने बेटिकट कर दिया है. वहीं  बाराबंकी लोकसभा सीट से बीजेपी ने उम्मीदवार बदल दिया है.  भाजपा ने अपनी पांचवीं सूची में बाराबंकी से राजरानी रावत के नाम का ऐलान किया है. आपको बता दें कि बाराबंकी से मौजूदा सांसद उपेंद्र सिंह रावत को टिकट मिलने के बाद उनका कथित एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था जिसके बाद उन्होंने चुनाव लड़ने से इनकार कर दिया था. 

बिहार में भी तीन सांसद हुए बेटिकट
बिहार में बीजेपी ने तीन सांसदों के टिकट काट लिए हैं.   केंद्रीय मंत्री अश्विनी चौबे का बक्सर से टिकट कट गया है. उनकी जगह पर मिथिलेश तिवारी को टिकट दिया गया है. वहीं सासाराम से छेदी पासवान का टिकट भी पार्टी ने काट लिया है उनकी जगह पर शिवेश राम को उम्मीदवार बनाया गया है. मुजफ्फरपुर से अजय निषाद की जगह पर राज भूषण निषाद को उम्मीदवार बनाया गया है. 

झारखंड में बीजेपी ने दुमका सीट पर बदला उम्मीदवार
झारखंड के तीन लोकसभा सीटों पर बीजेपी ने अपने सांसदों का टिकट काट लिया है. चतरा से सुनील सोरेन बेटिकट हो गए हैं. उनकी जगह पर कालीचरण सिंह को उम्मीदवार बनाया गया है. धनबाद से तीन बार के सांसद पशुपति नाथ सिंह का टिकट कट गया है. उनकी जगह पर ढुलू महतो को उम्मीदवार बनाया गया है.  दुमका सीट से सुनील सोरेन का टिकट कट गया है. सुनील सोरेन की जगह पर हाल ही में बीजेपी में शामिल हुईं सीता सोरेन को उम्मीदवार बनाया गया है. 

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Sunday, March 24, 2024

AAP ने "समान अवसर" के मुद्दे पर मुलाकात के लिए चुनाव आयोग से तत्काल समय देने की मांग की

दिल्ली की मंत्री आतिशी ने शनिवार को कहा कि आम आदमी पार्टी ने लोकसभा चुनाव में समान अवसर सुनिश्चित करने के लिए चुनाव आयोग से तत्काल समय मांगा है. आतिशी ने दावा किया कि शुक्रवार को इंडिया गठबंधन के नेताओं की ओर से चुनाव आयोग का ध्यान आकर्षित कराने के बावजूद आयकर विभाग ने आम आदमी पार्टी विधायक के ठिकाने पर छापा मारा और राष्ट्रीय राजधानी में पार्टी का दफ्तर सील कर दिया गया.

आम आदमी पार्टी (AAP) की वरिष्ठ नेता आतिशी ने शनिवार को दावा किया कि दिल्ली में पार्टी का कार्यालय सभी ओर से ‘‘सील'' कर दिया गया है. पार्टी चुनाव आयोग से इस मामले की शिकायत करेगी. दिल्ली की मंत्री आतिशी ने कहा, ‘‘लोकसभा चुनाव के दौरान एक राष्ट्रीय पार्टी के कार्यालय को कैसे बंद किया जा सकता है? यह भारतीय संविधान में दिए ‘समान अवसर' के खिलाफ है. हम इसके खिलाफ शिकायत करने के लिए चुनाव आयोग से वक्त मांग रहे हैं.''

दिल्ली पुलिस के एक अधिकारी ने 'आप' के कार्यालय को सील करने के आरोप का खंडन किया है. अधिकारी ने कहा कि डीडीयू मार्ग पर लोगों की भीड़ रोकने के लिए पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया था, क्योंकि वहां दंड प्रक्रिया संहिता (CRPC) की धारा 144 लागू है.

पुलिस के मुताबिक, शनिवार को दिल्ली और पंजाब से करीब 500 आप कार्यकर्ता और नेता बहादुरशाह जफर मार्ग स्थित शहीदी पार्क में एकत्र हुए. पुलिस उपायुक्त (मध्य) एम हर्षवर्धन ने कहा, ‘‘इन लोगों ने एक जगह एकत्रित होने के लिए कभी कोई अनुमति नहीं ली थी और वे अचानक डीडीयू मार्ग की ओर बढ़ने लगे. चूंकि डीडीयू मार्ग पर धारा 144 लागू की गई थी, जहां राउज़ एवेन्यू अदालत और कई राजनीतिक दलों के कार्यालय हैं, (इसलिए) हमने उन्हें रोक दिया. हमने 25 लोगों को हिरासत में ले लिया और उन्हें संक्षिप्त अवधि के बाद रिहा कर दिया गया.''

आतिशी ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स' पर एक पोस्ट में पार्टी कार्यालय को ‘‘सील'' करने पर सवाल उठाते हुए कहा कि यह संविधान द्वारा प्रदत्त ‘‘समान अवसरों'' के खिलाफ है. उन्होंने कहा, ‘‘लोकसभा चुनाव के दौरान एक राष्ट्रीय पार्टी के कार्यालय को कैसे बंद किया जा सकता है? यह भारतीय संविधान में दिए ‘समान अवसर' के खिलाफ है. हम इसके खिलाफ शिकायत करने के लिए निर्वाचन आयोग से वक्त मांग रहे हैं.''

‘आप' के एक अन्य वरिष्ठ नेता और दिल्ली के मंत्री सौरभ भारद्वाज ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार ने पार्टी कार्यालय के सभी प्रवेश द्वार बंद कर दिए हैं. उन्होंने ‘एक्स' पर कहा, ‘‘हम निर्वाचन आयोग जाएंगे, केंद्र सरकार ने आदर्श आचार संहिता लागू रहते हुए भी आईटीओ पर ‘आप' के मुख्य कार्यालय के सभी प्रवेश द्वार बंद कर दिए हैं.''

आप नेताओं ने यह भी आरोप लगाया कि अपने घर जा रही आतिशी को पुलिस ने बाराखंभा रोड के पास रोक लिया. भारद्वाज ने संवाददाता सम्मेलन में कहा कि निर्वाचन आयोग को एक निष्पक्ष संस्था के रूप में काम करना चाहिए और पुलिस अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करनी चाहिए.

मध्य दिल्ली में आईटीओ के समीप डीडीयू मार्ग पर ‘आप' कार्यालय को भी शुक्रवार को पार्टी नेताओं तथा स्वयंसेवकों के बीजेपी मुख्यालय पर प्रदर्शन के दौरान बंद कर दिया गया था. पंडित दीन दयाल मार्ग पर ही बीजेपी और आम आदमी पार्टी के मुख्यालय स्थित हैं.

सौरभ भारद्वाज ने कहा कि उन्हें और आतिशी को पार्टी कार्यालय जाने से रोक दिया गया. उन्होंने पूछा कि चुनाव के दौरान किसी राष्ट्रीय पार्टी के कार्यालय को कैसे सील किया जा सकता है. उन्होंने यह भी दावा किया कि जिस गाड़ी से आतिशी घर जा रही थीं, उसे पुलिस ने रोका.

आतिशी ने ‘एक्स' पर एक वीडियो भी पोस्ट किया, जिसमें वह दिल्ली पुलिस के एक अधिकारी के साथ बहस करती देखी जा सकती हैं, जबकि कुछ आप नेता पुलिस द्वारा रोके जाने पर विरोध जताने के लिए सड़क पर लेट गए.

उन्होंने ‘एक्स' पर एक पोस्ट में कहा कि आम आदमी पार्टी ने लोकसभा चुनाव में समान अवसर सुनिश्चित करने के लिए निर्वाचन आयोग से तत्काल नियुक्ति की मांग की है. आतिशी ने यह भी कहा कि आप के मटियाला विधायक गुलाब सिंह के घर पर आयकर विभाग ने छापा मारा है.

हालांकि, डीसीपी वर्धन ने कहा, 'आप कार्यालय को पुलिस ने कभी सील नहीं किया था. पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है क्योंकि डीडीयू मार्ग पर धारा 144 लागू है और किसी भी प्रकार की सभा निषिद्ध है.'

एक पुलिस अधिकारी ने यह भी कहा कि आतिशी और उनके साथियों को घर जाने से नहीं रोका गया. उन्होंने कहा, 'चूंकि नई दिल्ली के पूरे जिले में धारा 144 लागू है, इसलिए उन्हें यह पूछने के लिए रोका गया था कि क्या वे कोई विरोध प्रदर्शन या सभा करने तो नहीं जा रहे हैं.'

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को अब निरस्त की जा चुकी आबकारी नीति से जुड़े धनशोधन मामले के संबंध में गिरफ्तार किए जाने के बाद 28 मार्च तक प्रवर्तन निदेशालय की हिरासत में भेज दिया गया है.
(इनपुट एएनआई और भाषा से)



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Saturday, March 23, 2024

सर्वोच्च पुरस्कार और राजा का निजी रात्रिभोज, पीएम मोदी के प्रति भूटान में खास सम्मान का भाव

भूटान (Bhutan) की यात्रा पर पहुंचे पीएम नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) को वहां के राजा ने निजी रात्रिभोज दिया. इसके साथ-साथ उन्हें देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान से सम्मानित किया गया. प्रधानमंत्री मोदी की इस हिमालयी राष्ट्र की राजकीय यात्रा के दौरान भूटान के तीन खास भाव देखे गए. यह पहली बार है जब किसी भारतीय प्रधानमंत्री की मेजबानी के5 निवास लिंगकाना पैलेस में की गई है. इसके अलावा, इससे पहले किसी भी भारतीय प्रधानमंत्री को भूटान के राजा ने निजी रात्रिभोज नहीं दिया है, लेकिन अतिथि के रूप में पीएम मोदी की मौजूदगी में यह परंपरा तोड़ दी गई.

यह पहली बार है जब किसी भारतीय प्रधानमंत्री को भूटान की ओर से सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार दिया गया. इसके साथ-साथ पीएम नरेंद्र मोदी पहले विदेशी नागरिक हैं जिन्हें भूटान ने यह पुरस्कार दिया.

निर्धारित रैंकिंग और प्राथमिकता के मुताबिक, 'ऑर्डर ऑफ द ड्रुक ग्यालपो' ऐसा सम्मान है जिसमें जीवन भर की उपलब्धियों के लिए अलंकृत किया जाता है. यह भूटान का सर्वोच्च सम्मान है. अपनी स्थापना के बाद से यह पुरस्कार सिर्फ चार प्रतिष्ठित हस्तियों को प्रदान किया गया है.

सन 2008 में रॉयल क्वीन दादी आशी केसांग चोडेन वांगचुक को, 2008 में जे थ्रिज़ुर तेनज़िन डेंडुप (भूटान के 68वें जे खेंपो) को, 2018 में जे खेंपो ट्रुलकु न्गवांग जिग्मे चोएद्रा और जे खेंपो, जो कि भूटान के केंद्रीय मठ संस्थान के मुख्य मठाधीश हैं, को यह सम्मान दिया गया था.

भूटान का सर्वोच्च नागरिक सम्मान पीएम मोदी को उनके "राष्ट्रीय, क्षेत्रीय और वैश्विक नेतृत्व में उत्कृष्ट लोकप्रियता" और भारत को दुनिया में सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था बनाने के लिए प्रदान किया गया.

पीएम मोदी ने भूटान के सर्वोच्च सम्मान ऑर्डर ऑफ द ड्रुक ग्यालपो से सम्मानित करने के लिए वहां के राजा जिग्मे खेसर नामग्याल वांगचुक को धन्यवाद दिया. 

पीएम मोदी ने थिम्पू के टेंड्रेलथांग फेस्टिवल ग्राउंड में अपने संबोधन में कहा, "आज एक भारतीय के रूप में मेरे जीवन का एक बड़ा दिन है. आपने मुझे भूटान के सर्वोच्च राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित किया है. हर पुरस्कार अपने आप में विशेष होता है, लेकिन जब कोई पुरस्कार किसी अन्य देश से मिलता है, तो यह इस विश्वास को मजबूत करता है कि हमारे दोनों देश सही दिशा में आगे बढ़ रहे हैं."

उन्होंने कहा कि, "यह सम्मान मेरी व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं है. यह भारत और 140 करोड़ भारतीयों का सम्मान है. मैं भूटान की इस महान भूमि में सभी भारतीयों की ओर से विनम्रतापूर्वक इस सम्मान को स्वीकार करता हूं और इस सम्मान के लिए आप सभी को दिल से धन्यवाद देता हूं." 

भूटान में पीएम मोदी का अभूतपूर्व स्वागत हुआ. लोग पारो से थिम्पू तक 45 किलोमीटर के पूरे रास्ते में सड़कों पर कतार में खड़े थे. सैकड़ों स्थानीय लोग महल में प्रधानमंत्री मोदी के आगमन का इंतजार कर रहे थे.

पीएम मोदी ने भारतीय प्रवासी सदस्यों और भूटान के स्थानीय लोगों से भी बातचीत की. वे थिम्पू में होटल के बाहर उनके स्वागत के लिए एकत्र हुए थे. पीएम मोदी से मुलाकात पर भारतीय समुदाय के लोगों ने खुशी जाहिर की.



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Friday, March 22, 2024

अरविंद केजरीवाल को ED दफ्तर में कहां रखा जाएगा? सुबह कोर्ट में किया जाएगा पेश

प्रवर्तन निदेशालय (ED) की टीम गुरुवार की शाम को दिल्ली में मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल (Arvind Kejriwal) के आवास पर पहुंची और सर्च के बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया. ईडी की टीम दिल्ली हाईकोर्ट द्वारा उन्हें आबकारी नीति (Delhi Liquor Policy Case)  से जुड़े मनी लॉन्डरिंग के मामले में दंडात्मक कार्रवाई से सुरक्षा देने से इनकार किए जाने के कुछ देर बाद पहुंची थी. केजरीवाल को ईडी के दफ्तर में ले जाया गया है. वे फिलहाल ईडी की हिरासत में रहेंगे.

अरविंद केजरीवाल के ईडी दफ्तर में पहुंचने के बाद आरएमएल अस्पताल के डॉक्टर ईडी ऑफिस में उनकी मेडिकल जांच करेंगे. उसके बाद उन्हें लॉकअप में रखा जाएगा. लॉकअप ईडी ऑफिस में ग्राउंड फ्लोर पर है और एयर कंडीशंड है.

अरविंद केजरीवाल के सिविल लाइंस स्थित आवास के आसपास शाम को ईडी के अधिकारियों के पहुंचने के बाद सुरक्षा बढ़ा दी गई थी. वहां पर दिल्ली पुलिस के कर्मियों के साथ-साथ रैपिड एक्शन फोर्स (आरएएफ) और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) इकाइयों की तैनाती की गई थी.

दिल्ली हाईकोर्ट द्वारा आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक को एजेंसी की किसी दंडात्मक कार्रवाई से राहत देने से इनकार करने के कुछ ही घंटों बाद उन्हें गिरफ्तार किया गया. पद पर रहने के दौरान किसी मुख्यमंत्री की गिरफ्तारी का यह पहला मामला है.

दिल्ली शराब नीति मामले में अरविंद केजरीवाल गुरुवार को नौवीं बार प्रवर्तन निदेशालय (ED) के समन पर हाजिर नहीं हुए. इसके बाद ईडी और दिल्ली पुलिस की टीम केजरीवाल के निवास पर पहुंची. सर्च के बाद में अरविंद केजरीवाल को गिरफ्तार कर लिया गया. उनकी गिरफ्तारी की कार्रवाई के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में तुरंत सुनवाई की मांग की अर्जी के साथ आम आदमी पार्टी रात में सुप्रीम कोर्ट पहुंची. सुप्रीम कोर्ट केजरीवाल की याचिका पर कल सुनवाई करेगा.

केजरीवाल की याचिका रात 8.57 पर सुप्रीम कोर्ट में दाखिल हुई. सुप्रीम कोर्ट में रात में सुनवाई के लिए कोई बेंच नहीं बनी. सुप्रीम कोर्ट केजरीवाल की याचिका पर कल सुनवाई करेगा. 

इससे पहले अरविंद केजरीवाल की ईडी की गिरफ्तारी से बचने को लेकर दायर याचिका गुरुवार को दिल्ली हाईकोर्ट (Delhi High Court) में खारिज हो गई. इसके बाद केजरीवाल की ओर से देर शाम को सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया गया. सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले को कल सुबह सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया है.

लोकसभा चुनावों के लिए प्रचार अभियान के बीच, केजरीवाल (55) की गिरफ्तारी पर आम आदमी पार्टी ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की. आप ने कहा, ‘‘केजरीवाल दिल्ली के मुख्यमंत्री बने रहेंगे. जरूरत पड़ने पर, वह जेल से सरकार चलाएंगे.'' हालांकि, भाजपा ने नैतिक आधार पर मुख्यमंत्री पद से उनके इस्तीफे की मांग की है.



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Delhi Liquor Policy Case: केजरीवाल-सिसोदिया समेत अब तक हुई 16 गिरफ्तारियां, 3 आरोपी बन गए सरकारी गवाह

दिल्ली के शराब नीति केस में गुरुवार को अब तक की सबसे बड़ी गिरफ्तारी हुई. प्रवर्तन निदेशालय ने सीएम अरविंद केजरीवाल को 2 घंटे की लंबी पूछताछ के बाद गिरफ्तार किया. ईडी ने शराब नीति केस में अरविंद केजरीवाल को मास्टरमाइंड बताया है. ईडी की टीम केजरीवाल को शुक्रवार सुबह कोर्ट में पेश करेगी. वहीं, केजरीवाल की अर्जी पर सुप्रीम कोर्ट कल सुबह सुनवाई करेगी. दिल्ली के शराब नीति केस में अब तक अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया और संजय सिंह समेत अब तक 16 गिरफ्तारियां हो चुकी हैं. 

दिल्ली के शराब नीति केस में गिरफ्तार हुए हाईप्रोफाइल लोगों की लिस्ट:- 

- अरविंद केजरीवाल (दिल्ली के मुख्यमंत्री)
-मनीष सिसोदिया (दिल्ली के पूर्व उपमुख्यमंत्री)
-संजय सिंह (AAP के राज्यसभा सांसद) 
-विजय नायर (AAP कम्युनिकेशन विंग के हेड)
-के कविता (बीआरएस नेता)
-राघव मगुंता (साउथ ग्रुप के सदस्य)
- गौतम मल्होत्रा (अकाली दल के पूर्व एमएलए के बेटे)
- समीर महेंद्रू (इंडोस्पिरिट के मालिक)
- अमित अरोड़ा (Vaddi रिटेल के मालिक)
- पी शरद रेड्डी (अरविंदो ग्रुप के प्रमोटर)
- अभिषेक बोनपल्ली (साउथ ग्रुप के सदस्य)
- बुचीबाबू गोरंटला (के कविता के पूर्व सीए)
- बिनॉय बाबू (रिकॉर्ड इंडिया का क्षेत्रीय प्रमुख)
-राजेश जोशी (डायरेक्टर चैरियेट प्रोडक्शन)
- दिनेश अरोड़ा (रेस्टोरेंट चेन के मालिक)


इनमें से दिनेश अरोड़ा, पी शरद रेड्डी और राघव मगुंता पहले आरोपी थे और अब सरकारी गवाह बन गए हैं.

केजरीवाल को कब-कब जारी हुआ समन?
शराब नीति केस में ईडी ने अरविंद केजरीवाल को इस साल 17 मार्च को नौवां समन भेजा था. उससे पहले दिल्ली के सीएम को 27 फरवरी को आठवां, 26 फरवरी को सातवां, 22 फरवरी को छठा, 2 फरवरी को पांचवां, 17 जनवरी को चौथा, 3 जनवरी को तीसरा समन जारी किया गया था. वहीं, 2023 में 21 दिसंबर को दूसरा और 2 नवंबर को पहला समन जारी हुआ था. 

केजरीवाल ने कोर्ट से कहा था कि वे प्रवर्तन निदेशालय के सामने पेश होने के लिए तैयार हैं, लेकिन उन्हें भरोसा दिया जाए कि जांच एजेंसी उन्हें गिरफ्तार नहीं करेगी. इस मामले में दिल्ली हाईकोर्ट ने ED को जवाब देने और नई अंतरिम याचिका दायर करने के लिए भी कहा है. 22 अप्रैल को इस केस की अगली सुनवाई होगी.

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Cash for Query केस में महुआ मोइत्रा के खिलाफ CBI ने दर्ज की FIR, लोकपाल ने दिए थे निर्देश

भ्रष्टाचार रोधी संस्था लोकपाल के निर्देश पर कार्रवाई करते हुए केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने धन लेकर सवाल पूछने के मामले में तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) की पूर्व सांसद महुआ मोइत्रा के खिलाफ बृहस्पतिवार को प्राथमिकी दर्ज की. लोकपाल ने मोइत्रा के खिलाफ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सांसद निशिकांत दुबे द्वारा लगाए गए आरोपों पर सीबीआई की प्रारंभिक जांच के निष्कर्ष मिलने के बाद एजेंसी को निर्देश जारी किए हैं. लोकपाल ने सीबीआई को इस मामले में मोइत्रा के खिलाफ शिकायतों के सभी पहलुओं की जांच करने के बाद छह महीने में अपने निष्कर्ष प्रस्तुत करने का निर्देश दिया.

लोकसभा ने पिछले साल दिसंबर में ‘‘अनैतिक आचरण'' के लिए मोइत्रा को निष्कासित कर दिया था. पूर्व सांसद ने अपने निष्कासन को उच्चतम न्यायालय में चुनौती दी है और वह आम चुनाव के दौरान पश्चिम बंगाल की कृष्णानगर लोकसभा सीट से टीएमसी उम्मीदवार के रूप में फिर से मैदान में होंगी.

दुबे ने आरोप लगाया था कि मोइत्रा ने उद्योगपति गौतम अडाणी और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी समेत अन्य पर निशाना साधने के लिए कारोबारी दर्शन हीरानंदानी से नकदी और उपहार के बदले में लोकसभा में सवाल पूछे.

मोइत्रा ने सभी आरोपों से इनकार किया है. लोकपाल की पीठ ने आदेश में कहा, ‘‘लोकपाल ने पाया कि प्रतिवादी लोक सेवक के खिलाफ लगाए गए आरोप बेहद गंभीर प्रकृति के हैं, जिनमें से अधिकतर के पक्ष में ठोस सबूत हैं.''

पीठ में न्यायमूर्ति अभिलाषा कुमारी (न्यायिक सदस्य) और सदस्य अर्चना रामसुंदरम और महेंद्र सिंह शामिल हैं. आदेश में कहा गया, ‘‘इसलिए, हमारी सुविचारित राय में सच्चाई का पता लगाने के लिए गहरी जांच की आवश्यकता है.''

आदेश में कहा गया कि लोक सेवक अपने कर्तव्यों के निर्वहन में ईमानदारी बरतने के लिए बाध्य है, चाहे वह किसी भी पद पर हो. लोकपाल के आदेश में कहा गया, ‘‘जन प्रतिनिधि के कंधों पर बड़ी जिम्मेदारी होती है. भ्रष्टाचार ऐसी बीमारी है जो इस लोकतांत्रिक देश के विधायी, प्रशासनिक, सामाजिक और आर्थिक कामकाज पर प्रतिकूल प्रभाव डाल रही है.''

पीठ ने आदेश में कहा, ‘‘हम सीबीआई को शिकायत में लगाए गए आरोपों के सभी पहलुओं की जांच करने और इस आदेश की तारीख से छह महीने के भीतर जांच रिपोर्ट की एक प्रति सौंपने का निर्देश देते हैं.'' आदेश में कहा गया है कि सीबीआई जांच की स्थिति के संबंध में मासिक रिपोर्ट दाखिल करेगी.



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Thursday, March 21, 2024

"जल्द तस्वीर साफ होगी" : अमित शाह और राज ठाकरे की मुलाकात पर देवेंद्र फडणवीस

महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस ने बुधवार को कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) प्रमुख राज ठाकरे के बीच बातचीत सकारात्मक रही और अगले कुछ दिनों में तस्वीर साफ हो जाएगी. राज ठाकरे ने मंगलवार को दिल्ली में शाह से मुलाकात की थी, दोनों नेताओं के बीच हुई यह मुलाकात इस बात का संकेत है कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) राज्य में अपने गठबंधन को मजबूत करने के मद्देनजर आगामी लोकसभा चुनाव में मनसे के साथ गठबंधन करने पर विचार कर रही है.

फडणवीस ने शाह और राज ठाकरे के बीच हुई इस मुलाकात को लेकर पूछे गए सवालों के जवाब में कहा, ‘‘राज ठाकरे ने दिल्ली में अमित शाह से मुलाकात की. इस पर तुरंत कोई टिप्पणी करना जल्दबाजी होगी. अगले कुछ दिनों में तस्वीर साफ हो जाएगी और हम आपको विस्तार से जानकारी देंगे.''इस बीच, महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) के नेता बाला नंदगांवकर ने कहा कि पार्टी राज ठाकरे के निर्देश पर लोकसभा चुनाव लड़ेगी.

राज ठाकरे ने वर्ष 2006 में अविभाजित शिवसेना से अलग होकर महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना नामक पार्टी की स्थापना की थी.

यदि, भाजपा और मनसे के बीच गठबंधन पर मुहर लग जाती है, तो मनसे को मुंबई से चुनाव लड़ने के लिए एक सीट दिए जाने की संभावना है.

बारामती (पुणे जिला) और माधा (सोलापुर जिला) जैसी प्रमुख लोकसभा सीट के लिए सत्तारूढ़ महायुति के सीट-बंटवारे के फॉर्मूले पर फडणवीस ने कहा, ‘‘बारामती हो या माधा, सबका लक्ष्य सीट जीतना और नरेन्द्र मोदी को फिरी से प्रधानमंत्री बनाना है.''

राज्य के उपमुख्यमंत्री अजित पवार की पत्नी सुनेत्रा पवार का नाम राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) से संबंधित सुप्रिया सुले के खिलाफ तय होने की उम्मीद है.

हालांकि, भाजपा के सहयोगी दलों के कुछ स्थानीय नेताओं ने सुनेत्रा पवार की उम्मीदवारी पर अपना विरोध व्यक्त किया है.

पुणे जिले के इंदापुर तहसील से पूर्व मंत्री और भाजपा नेता हर्षवर्धन पाटिल ने भी स्पष्ट किया कि सत्तारूढ़ सहयोगी दलों के नेताओं को कोई व्यक्तिगत टिप्पणी नहीं करनी चाहिए. उन्होंने बुधवार को मुंबई में फडणवीस और भाजपा के अन्य नेताओं से भी मुलाकात की.

हर्षवर्धन पाटिल ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘मैंने भाजपा नेताओं से मुलाकात की और अपने समर्थकों के विचार साझा किये. हमने विस्तृत चर्चा की. हम अपनी प्रतिक्रिया पर पार्टी के रुख का इंतजार करेंगे.'' गौरतलब है कि दशकों से इंदापुर के पाटिल परिवार और बारामती के पवार परिवार के बीच राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता रही है.



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