समय रैना के शो ‘इंडियाज गॉट लेटेंट' में अभद्र भाषा का इस्तेमाल कर फंसे यूट्यूबर-पॉडकास्टर रणवीर इलाहाबादिया ने अपने बयान में जांच अधिकारी के सामने गलती स्वीकार की. उन्होंने यह भी बताया कि वह शो में क्यों शामिल हुए. रणवीर इलाहाबादिया ने महाराष्ट्र साइबर पुलिस को बताया कि समय रैना उनके दोस्त हैं और इसी वजह से वह उस शो में गए थे. उन्होंने अश्लील जोक्स को लेकर अपनी गलती स्वीकार की और बताया कि जिस लाइन को लेकर विवाद हुआ है, वह लाइन बोलना उनकी गलती थी. उन्हें ऐसा नहीं करना चाहिए था.
उन्होंने यह भी दावा किया कि शो में जाने के लिए उन्होंने एक भी पैसा नहीं लिया. रणवीर ने साइबर सेल को बताया कि यूट्यूबर दोस्ती में एक-दूसरे के शो पर जाते रहते हैं.
पूरा मामला देखिए
'इंडियाज गॉट लेटेंट' मामले में महाराष्ट्र पुलिस का साइबर सेल राखी सावंत को भी समन भेज चुका है. साइबर सेल ने उन्हें 27 फरवरी को पेश होने के लिए कहा है. अभिनेत्री भी 'इंडियाज गॉट लेटेंट' शो में जज बनकर गई थीं. उनके शॉर्ट वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुए थे.
जानकारी के अनुसार, 'इंडियाज गॉट लेटेंट' को लेकर चल रहे विवाद के आरोपी रणवीर इलाहाबादिया, अपूर्वा मखीजा और समय रैना महाराष्ट्र साइबर पुलिस के संपर्क में हैं. उनका बयान जल्द दर्ज किया जाएगा.
महाराष्ट्र पुलिस के साइबर सेल ने समय रैना को समन भेजकर 18 फरवरी को पेश होने के लिए कहा था, हालांकि उस समय वह उपस्थित नहीं हुए थे. उन्हें दूसरा समन भेजने के बाद भी वही पूछताछ के लिए नहीं पहुंचे. साइबर सेल ने उन्हें जल्द पेश होने के लिए कहा है.
ये है पूरा मामला
उल्लेखनीय है कि 'इंडियाज गॉट लेटेंट' शो में यूट्यूबर-पॉडकास्टर रणवीर इलाहाबादिया की अश्लील टिप्पणी के बाद समय रैना ने शो के सभी एपिसोड यूट्यूब से हटा दिए. सुप्रीम कोर्ट ने पॉडकास्टर और उसके सहयोगियों को अगले नोटिस तक यूट्यूब या अन्य प्लेटफॉर्म पर कोई भी शो प्रसारित करने से रोक दिया है.
बीते दिनों समय रैना ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा था, "जो कुछ भी हो रहा है, उसे संभालना मेरे लिए बहुत मुश्किल है. मैंने अपने चैनल से 'इंडियाज गॉट लेटेंट' के सभी वीडियो हटा दिए हैं. मेरा एकमात्र उद्देश्य लोगों को हंसाना और अच्छा समय बिताना था. मैं सभी एजेंसियों के साथ पूरा सहयोग करूंगा ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि उनकी जांच निष्पक्ष रूप से पूरी हो." बता दें कि साइबर पुलिस ने शो में शामिल 40 लोगों की पहचान करने का दावा किया था.
झारखंड पुलिस ने खूंटी जिले में तीन किशोरियों से बलात्कार करने के आरोप में 18 नाबालिगों को हिरासत में लिया है. पुलिस ने सोमवार को यह जानकारी दी.उन्होंने बताया कि 12-17 साल की उम्र के आरोपियों को किशोर सुधार गृह भेज दिया गया है और पीड़ित लड़कियों की सोमवार को चिकित्सा जांच कराई जाएगी.
पूरी मामला जानिए
पुलिस के अनुसार, घटना शुक्रवार की रात हुई है. पांच लड़कियां घर से कुछ दूरी पर एक शादी समारोह में पहुंची थी. सारे आरोपी भी यही पर थे. रात में पांचों लड़कियां शादी समारोह से अपने घर के लिए निकली तो आरोपी उनका पीछा करने लगे. लड़कियों को एक नदी पार कर घर जाना था. इससे पहले ही आरोपियों ने पांचों लड़कियों को पकड़ लिया और पास के ही जंगली क्षेत्र में ले गए. इसी बीच दो लड़कियां आरोपियों के चंगुल से किसी तरह भाग निकली और घर पहुंच ग्रामीणों को घटना की जानकारी दी. इसके बाद ग्रामीण मौके पर पहुंचे तो आरोपी भाग निकले. ग्रामीणों ने पुलिस को घटना की जानकारी रविवार को दी. इसके बाद सारे आरोपियों को गिरफ्तार किया गया.घटना के संबंध में एसपी अमन कुमार ने बताया कि लड़कियों का बयान लेकर मामला दर्ज कर आरोपियों को पकड़ लिया गया है.
खूंटी के पुलिस अधीक्षक (एसपी) अमन कुमार ने बताया कि घटना शुक्रवार देर रात की है, जब पांच लड़कियां रानिया इलाके में एक विवाह समारोह में शामिल होने के बाद घर लौट रही थीं.
परिवार के सदस्यों द्वारा दर्ज कराई गई पुलिस शिकायत के अनुसार, पांच लड़कियों में से तीन किशोरियों (उम्र 12 से 16 साल) से लड़कों ने बलात्कार किया.
एसपी ने कहा, ‘‘रविवार को रानिया पुलिस थाने में शिकायत दर्ज होने के बाद यह घटना सामने आई.'' उन्होंने बताया कि पुलिस ने तुरंत एक टीम गठित की, जिसने सभी 18 आरोपियों को पकड़ लिया. कुमार ने कहा, ‘‘आरोपियों को सोमवार को किशोर गृह भेज दिया गया। लड़कियों की जल्द से जल्द चिकित्सा जांच कराई जाएगी.''
आप सोचते होंगे एंकर या रिपोर्टर जो टीवी पर दिखते हैं, अपने सब्जेक्ट के बारे में जानकारी जुटाते हैं और बड़ी आसानी से वो आप तक पहुंचा देते हैं. लेकिन कई बार कहानी बताते हुए उसके पीछे रिपोर्टर को जो मशक्कत करनी पड़ती है, उसकी कहानी आप तक नहीं पहुंच पाती. ऐसे में मैंने सोचा क्यों न आज आपसे एक किस्सा शेयर किया जाए. ये बताने के लिए मुझे भी थोड़ा फ्लैश बैक में जाना होगा. तो सुनिए, हुआ ये कि 19 फरवरी बुधवार को मैं किसी भी सामान्य दिन की तरह मॉर्निंग एंकरिंग शिफ़्ट खत्म करके घर शाम को पहुंची थी.
उस दिन एक खबर शाम को डेवलप हो रही थी. हर किसी की निगाह इस बात पर अटकी थी कि दिल्ली का अगला सीएम कौन होगा? क्या इस बार किसी महिला को कमान मिलेगी? कई नाम चर्चा में थे. इस बीच शाम तक बीजेपी विधायक दल की बैठक चल रही थी, उसमें रेखा गुप्ता के नाम पर मुहर लगी कि वो अगले सीएम के तौर पर 20 फरवरी को रामलीला मैदान में शपथ लेने जा रही हैं, साथ ही कुछ और मंत्री भी.
फिर क्या था ये खबर चैनलों पर ब्रेकिंग न्यूज़ बनकर चलने लगी, इसी बीच रात क़रीब 8 बजे मुझे ऑफिस से फोन आया कि रेखा गुप्ता का घर शालीमार बाग में है. क्या आप उनके घर चली जाएंगी? वहां से लाइव रिपोर्टिंग थी, खबर बड़ी थी मैंने कहा- हां. मैं फटाफट निकलती हूं क्योंकि घर से शालीमार बाग पहुंचने में कम से कम पौना घंटा तो लगेगा ही, रिंग रोड का ट्रैफिक और उस पर पीक आवर का समय जोड़ लें तो एक घंटा भी लग सकता है.
फिर क्या था ऑफिस से कैमरापर्सन को सीधे शालीमार बाग पहुंचने को कहा और मैंने घर से बुक की ओला कैब. निकलने से पहले मैंने अपने बैग में डाली एक पानी की बोतल, मेरा मोबाइल चार्जर, मेरी पैन-डायरी बाकि कुछ ज़रूरी सामान लेकिन कहानी में यहा है ट्विस्ट क्योंकि इस वक्त सबसे ज़्यादा किसी चीज़ की अगर ज़रूरत थी तो वो था पावर बैंक. क्योंकि फोन की बैटरी थी सिर्फ़ 12 परसेंट.
सोचा कार में फोन थोड़ी देर चार्ज कर लूंगी तो काम हो जाएगा. लेकिन ये क्या घर में पावर बैंक ढूंढ रही हूं मिलने का नाम नहीं ले रहा. अक्सर जिस चीज़ की हमें सबसे ज़्यादा ज़रूरत होती है वो वक्त पर नहीं मिलती, ऐसा ही था, वक्त बीत रहा था ओला कैब पहुंचने वाली ही है लेकिन पावर बैंक न जाने कहां है. इस बीच ओला के ड्राइवर का फोन आ गया, सोचा चलिए घर से तो निकल पड़ते हैं देखेंगे वहां पहुंचकर कुछ जुगाड़ खोज लेंगे.
रात 8.30 बजे शालीमार बाग रेखा गुप्ता के घर पहुंचने के लिए अपने घर से निकली, लेकिन ये क्या जो पता बताया गया था वहां तो सन्नाटा था, कुछ देर में समझ आ गया कि पता गलत है. इस बीच ऑफिस लगातार पूछ रहा था आप कब तक पहुंच जाएंगी. आपका 9 बजे लाइव करना है. मैंने बताया जो पता मुझे ऑफिस से बताया गया है वो तो गलत है, मैं ढूंढ रही हूं उनका घर और ट्रैफिक जाम भी लगा है तो थोड़ा वक्त लग सकता है.
मैंने ये भी कहा जैसे ही मैं पहुंचती हूं तो बताती हूं. ओला के ड्राइवर के साथ मिलकर मैं रात में कई जगह रुक कर एड्रेंस ढूंढ रही थी, उधर ऑफिस से कैमरापर्सन के साथ निकली गाड़ी भी अभी तक शालीमार बाग नहीं पहुंच पाई थी. ट्रैफिक के कारण उसे भी वक्त लग रहा था. बहरहाल कहानी थोड़ी लंबी हो रही है सीधा प्वाइंट पर आते हैं, कैसे-तैसे पता मिल गया और मैं पहुंच गई रेखा गुप्ता के घर की तरफ़.
देखा जश्न का माहौल था, जिस गली में उनका घर है वहां चारों तरफ लोगों और गाड़ियों की भरमार है. इतना समझ आ गया था मैं नई सीएम जो बनने जा रही हैं उनके घर के आसपास ही हूं, ट्रैफिक जाम के बीच मैंने ओला छोड़ी पैदल निकल पड़ी. एक ढोल वाले भईया मिले. मैंने पूछा रेखा जी के घर जा रहे हो. उन्होंने बताया- हां, वहीं से बुलावा आया है, जा रहे हैं उनके घर. मैं भी पीछे-पीछे चल दी.
जब पहुंचे उनके घर के बाहर तो लोगों के खुशी से चहक रहे चेहरे दिखे, ढोल बज रहे थे, मिठाइयां बांटी जा रही थी. लेकिन मेरा सारा ध्यान इस बात पर था कि कुछ देर में लाइव करना है और मेरे फोन की बैटरी मुझे कब धोखा दे जाए कहना मुश्किल था. इसलिए अब कुछ तो जुगाड़ खोजना ही था. कैमरापर्सन सुशील भी कुछ देर में पहुंचने वाले थे और वक्त हो रहा था रात के पौने दस बजे का.
एक दो लोगों से पूछा कि आपके पास क्या पावर बैंक है. अपनी मस्ती में घूम रहे कुछ को लगा ये क्या सवाल है, मना करके आगे बढ़ चले. मज़े की बात है मुझे पावर बैंक भी चाहिए था और मेरे आईफोन को चार्ज करने वाली वो केबल भी जो पावर बैंक में लगकर मेरा फोन चार्ज कर पाए.
मैं मन ही मन सोच रही थी कि जया वक्त की नज़ाकत को देखते हुए ये डिमांड थोड़ी ज़्यादा है. लेकिन क्या करें कोशिश तो करनी ही थी. फिर क्या था भीड़ में मेरी नज़र दूर से एक 6 फीट लंबे, चौड़े कंधे, बियर्ड और मुस्टैच रखे 28-30 साल की उम्र के एक ऐसे नौजवान पर पड़ी जिसके हाथ में न सिर्फ़ पावर बैंक था, बल्कि वो खुद अपना आईफ़ोन उससे चार्ज कर रहा था.
फिर क्या था मेरी खुशी का कोई ठिकाना नहीं था, मैं उस शख्स के पास पहुंची ऐसा लगा था वो भी शायद कहीं आसपास का ही रहने वाला है. मैंने उस शख्स से रिक्वेस्ट की प्लीज़ आप मुझे थोड़ी देर के लिए अपना पावर बैंक दे सकते हैं, मेरा फोन बंद हो जाएगा और मुझे यहां से लाइव रिपोर्ट करना है.
उसने एक सेकंड नहीं सोचा और मुझे पावर बैंक और करीने से काली तार से लिपटी आईफोन की केबल के साथ वो मेरे सुपुर्द कर दी और फिर उस जुगाड़ को पाकर मेरी खुशी ऐसी थी मानो पावर बैंक नहीं कोई पूरा बैंक मेरे हाथ लग गया हो.
बस इतनी देर में देखा सामने से हमारे कैमरापर्सन सुशील भी आ पहुंचे और फिर वहां से रात 10 बजे शुरु हो गया लाइव रिपोर्टिंग का सिलसिला… भीड़ रेखा गुप्ता को सीएम बनाए जाने की खबर से खुशी में झूम रही थी. लाइव के दौरान बातचीत के वक्त कोई गा रहा था कोई अपनी शायरी ऑन एयर सुना रहा था, तो कोई ये बता रहा था कि रेखा जी से हमारा कितना पुराना नाता है.
तभी आतिशबाज़ी भी शुरू हो गई और लोगों को इंतज़ार था रेखा गुप्ता के घर पहुंचने का क्योंकि इसी इलाक़े से वो कई बार एमएलए का चुनाव लड़ीं लेकिन विधायक चुनी गईं पहली बार.
वहां से लगातार लाइव का सिलसिला जारी था इस बीच मेरी नज़र इस पर थी कि मेरा फोन चार्ज हो भी रहा है या नहीं. फ़ोन चार्ज तो हो रहा था लेकिन थोड़ा स्लो, लेकिन बड़ी राहत मेरे लिए यही थी फ़ोन बंद नहीं हुआ. गौर करने पर पता चला कि पावर बैंक भी ज़्यादा चार्ज नहीं है.
बहरहाल रेखा जी के पति,सासू मां समेत परिवार के बाकि लोगों के इंटरव्यू के साथ-साथ वहां के रंगों को दिखाते लाइव चालू था. इस बीच मेरी निगाह के सामने एक बार फिर वही शख्स था जिसने मुझे पावर बैंक दे रखा था, मैंने दूर से भरोसा दिलाते हुए कहा आपका पावर बैंक मेरी हिफ़ाज़त में है, सेफ़ है.
रेखा गुप्ता की सास से बातचीत.
उस शख्स ने भी हाथ से इशारा कर कहा आप अपना काम कर लीजिए. ढोल तेज़ी से बजने लगे, गुलाबों की पंखड़ियां रेखा जी के घर के बाहर ऊपरी मंज़िल से बरसाई जा रही थीं , ये पूरा नज़ारा हम स्टूडियो के एंकर द्वारा पूछे गए तमाम सवालों के साथ-साथ दिखाते जा रहे थे.
भीड़ बढ़ रही थी. पता चल गया था कि रेखा जी, जो 20 फरवरी को दिल्ली की मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ लेने जा रही हैं किसी भी पल पहुंचने वाली हैं. रेखा जी के साथ पूरा हुजूम था, पुलिसकर्मी भी थे, लेकिन भीड़ की धक्का मुक्की बढ़ गई थी. ऐसे में उनके पास तक पहुंचना आसान नहीं था.
नई सीएम बनने जा रहीं रेखा जी के बैठने और मीडिया को संबोधित करने के लिए घर की स्टेल्थ पार्किंग में तमाम गुलदस्तों के बीच, टेबल कुर्सी की व्यवस्था की हुई थी. लेकिन लोगों की बढ़ती भीड़ को देखते हुए कुर्सियां बाहर निकाल ली गईं और वहां के स्थानीय लोगों को माइक के ज़रिए रेखा जी ने संबोधित कर धन्यवाद दिया.
लेकिन घर के बाहर उस वक्त पांव रखने तक की जगह नहीं थी, लेकिन हर मीडियाकर्मी की कोशिश थी उनका इंटरव्यू मिल जाए या कम से कम वो उनका एक सवाल ले लें. कुछ सवालों के खड़े-खड़े उन्होंने जवाब भी दिए.
मैं भी उसी भीड़ में थी पीछे से ज़ोर का धक्का लगा, दाहिने कंधे में झटका आया और वहां खड़े कई लोगों का बैलेंस बिगड़ा, खुद को संभालते हुए मैं भी डटी रही. कुछ देर में रेखा गुप्ता का एक्सक्लूसिव इंटरव्यू भी मिल गया, मेरे तीनों सवालों के जवाब जो उन्होंने दिए चैनल पर ऑन एयर थे. अब लगा चलो काम खत्म हुआ.
लेकिन एक काम तो अभी बाकि था और वो था उस भीड़ में उस शख्स को खोजना जिसका ना तो नाम पता था, ना मोबाइल नंबर (हड़बड़ी में लेना भूल गई) ना ही घर का पता. अफ़सोस हो रहा था कि कम से कम मोबाइल नंबर ले लिया होता,अब इतनी भीड़ में ढूंढे भी तो कैसे, रात के करीब 12.45 हो रहे थे. रात सवा एक बजे तक हर तरफ़ उस शख्स को खोजने की कोशिश जारी थी . उसे शुक्रिया कहना था, उसे उसकी अमानत लौटानी थी..
उस पावर बैंक की बदौलत उस दिन सब काम संभव हो पाया था.उस इलाके को एक छोर से दूसरे छोर तक छान मारा. लेकिन वो कहीं नहीं था. बस था तो मेरे हाथ में वो पावर बैंक और काली तार से लिपटी वो चार्जर की केबल..अगले दिन तक यही सोच रही थी घर-दफ़्तर की क्या किया जाए कि जिसने इतनी मदद की उसे उसकी अमानत लौटा दी जाए और तहे दिल से शुक्रिया भी कहा जाए..
तभी दिमाग की बत्ती जली सोचा क्यों न एक छोटा सा वीडियो बनाकर उसे पोस्ट कर दिया जाए कि अगर ये मेरा वीडियो आप तक पहुंच पाया है तो मुझे कॉन्टैक्ट करें, मीडिया में हूं तो सोशल मीडिया अकाउंट पर लोग अक्सर डीएम कर देते हैं. वीडियो बनाकर मैं तैयार थी पोस्ट करने को, बस उसी सेकंड मेरे मोबाइल पर एक मैसेज आया अन-नोन नंबर से जिसमें लिखा था.
इस मैसेज में उन्होंने ये भी बताया कि वो भी मीडिया में हैं और कवर करने के लिए पहुंचे थे और वो मुझे पहचान गए थे कि मैं एनडीटीवी में हूं. जिस वक्त ये मैसेज आया एक बहुत बड़ी राहत की सांस ली क्योंकि अब यकीन था कि पावर बैंक और उससे लिपटी काली तार सही जगह अब पहुंच जाएगी...
लेखक परिचय- जया कौशिक, NDT India में Associate News Editor और Anchor हैं.
डिस्क्लेमर (अस्वीकरण) : इस आलेख में व्यक्त किए गए विचार लेखक के निजी विचार हैं.
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना (PM Kisan Samman Nidhi Yojana) के कारण किसानों के चेहरे चमक रहे हैं. इस योजना के कारण किसानों को संबल मिला है और योजना की राशि के सीधे बैंक में आने से किसानों को सरकारी दफ्तरों में भटकने की परेशानी से भी निजात मिली है. यही कारण है कि किसानों को यह योजना काफी पसंद आ रही है. छत्तीसगढ़ के बालोद जिले के किसानों ने इस योजना के तहत मिलने वाली आर्थिक सहायता के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार जताया है. किसान बताते हैं कि इस योजना के तहत सालाना 6 हजार रुपये की मदद न सिर्फ उनकी खेती की जरूरतों को पूरा करने में सहायक सिद्ध हुई है, बल्कि डीबीटी (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर) के जरिए सीधे बैंक खातों में पहुंचने से उन्हें सरकारी दफ्तरों में चक्कर भी नहीं काटना पड़ रहा है. मोदी सरकार की यह पहल किसानों के जीवन में समृद्धि ला रही है.
किसान सम्मान निधि योजना के लाभार्थियों का मानना है कि यह योजना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा किसानों को समृद्ध बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है. इस योजना के तहत किसानों को हर साल 6 हजार रुपये मिलते हैं, जो विशेष रूप से कृषि कार्य के समय उनकी जरूरतों को पूरा करने में मददगार साबित होते हैं.
पर्वो को धूमधाम से मना पाते हैं: किसान
लाभार्थियों का कहना है कि बीज, मजदूरी, और अन्य कृषि खर्चों में इस राशि का उपयोग करते हुए किसान अपने कृषि कार्य को बेहतर तरीके से चला पाते हैं. खासकर दिवाली जैसे पर्व के समय किसानों के खातों में आ रही किस्तें उन्हें अपने पर्व को धूमधाम से मनाने और अन्य घरेलू खर्चों को पूरा करने में मदद करती हैं.
किसान चिंता राम साहू ने प्रधानमंत्री मोदी के किसान सम्मान निधि योजना से हमें काफी फायदा हो रहा है. अब तक हमें कुल 18 किस्तों में 36 हजार रुपये मिल चुके हैं, जिन्हें हम अपनी जरूरतों के हिसाब से खर्च करते हैं.
हमारे लिए यह योजना वरदान: किसान
किसान रूपेंद्र साहू ने बताया कि यह योजना बहुत ही लाभकारी है. अब तक हमें 18 किस्तों में 36 हजार रुपये मिल चुके हैं, जो खेती के अलावा बच्चों की पढ़ाई-लिखाई और अन्य ज़रूरतों के लिए इस्तेमाल किए जाते हैं. मोदी जी की यह योजना हमारे लिए वरदान साबित हुई है.
किसान लोकनाथ सोनकर ने कहा कि किसान सम्मान निधि योजना से हमें बहुत सहायता मिली है. पहले खेती के लिए हमें आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ता था, लेकिन अब इस योजना के माध्यम से बैंक खातों में सीधे पैसा आता है, जिससे हमें भटकने की जरूरत नहीं पड़ती. अब तक 18 किस्तों का लाभ मिल चुका है, इसके लिए हम पीएम मोदी का दिल से धन्यवाद करते हैं.
किसान सुनील सोनकर ने भी अपनी बात रखते हुए कहा कि किसान सम्मान निधि के तहत साल में तीन किस्तों में 2 हजार रुपये मिलते हैं. अब तक मुझे 18 किस्तों में 36 हजार रुपये मिल चुके हैं. यह राशि खेती, दवाइयों, बीज, और अन्य आवश्यकताओं के लिए काफी मददगार है.
अब 24 फरवरी को भेजी जाएगी राशि
ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी एम के मार्गिय बताते हैं कि वर्तमान में जिले में 1,28,400 किसान पंजीकृत हैं, जिनमें से 1,28,001 किसानों का ई-केवाईसी पूरा हो चुका है और 1,26,202 किसानों का आधार सीरीज़ भी पूरा हो चुका है. आने वाली 24 तारीख को पीएम किसान योजना के तहत किसानों के खातों में सीधे राशि भेजी जाएगी, जिसका सीधा फायदा किसानों को मिलेगा.
Hot Or Cold Water For Weight Loss: अपने वजन को लेकर आज के समय में हर कोई परेशान रहता है. ऑफिस जाने वाले लोगों से लेकर घर पर रहने वाली महिलाओं तक. हर किसी को अपने वजन (Weight) की चिंता होती है. फिजिकल एक्टिविटी (Physical Activity) कम होने की वजह से वजन बढ़ने की समस्या हो जाती है. वजन कम करने के लिए लोग कई तरीके अपनाते हैं. उनमें से एक डाइट (Diet) में बदलाव भी हैं.
डाइट को चेंज करके भी वजन कम करने में मदद मिलती है. पर क्या आपको पता है पानी भी वजन कम करने में मदद करता है? जी हां आप ठंडा या गर्म जैसा पानी पीते हैं उससे वजन कम किया जा सकता है. कुछ लोगों का मानना है कि गर्म पानी (Warn Water) की मदद से वजन कम किया जा सकता है. आइए आपको बताते हैं कि वजन कम करने के लिए ठंडा या गर्म कौन सा पानी बेहतर होता है.
वजन कम करने के लिए ठंडा या गर्म कौन-सा पानी फायदेमंद? | Hot water vs cold water: What is better for weight loss
गर्म पानी पीने के फायदे
1-गर्म पानी पीने के कई फायदे होते हैं. अगर आप खाने से पहले गर्म पानी पीते हैं तो इससे आप कम खाना खाते हैं. जिससे वजन बढ़ने की समस्या कम होती है.
2-गर्म पानी पीने से डाइजेशन बेहतर होता है साथ ही ब्लड सर्कुलेशन बेहतर बन सकता है. जो मोटापे को खतरे को कम करता है.
ठंडा पानी पीने के फायदे
1-ठंडा पानी पीने से आपको ताजा महसूस होता है. जिससे आप ज्यादा पानी पीते हैं और भूख भी कम लगती है.
2-ठंडा पानी बॉडी को हाइड्रेट रखने में मदद करता है. ये भूख के साथ मेटाबॉल्जिम को भी कंट्रोल करता है जिससे वजन कम करने में मदद मिल सकती है.
अगर आप वजन कम करने की कोशिश कर रहे हैं तो दोनों ही तरह का पानी ठंडा और गर्म आपके वजन कम करने में मदद करता है. दोनों तरह का पानी पीने से वजन कम करने में मदद मिलती है. ठंडा या गर्म दोनों के प्रभाव में ज्यादा अंतर नहीं होता है. बस इस बात का ध्यान रखें कि वजन कम करते समय आपको शरीर को हाइड्रेट रखना है. अगर आपका शरीर हाइड्रेट नहीं रहेगा तो इससे कई समस्याएं हो सकती हैं. अगर आप सही मात्रा में पानी पीते हैं तो इससे भूख कंट्रोल होती है और आपको वजन कम करने में मदद मिलती है.
सोशल मीडिया पर आए दिन वीडियोज वायरल होते रहते हैं. कई उम्रदराज महिलाओं को आज के टाइम के गाने पर जबरदस्त डांस करते हुए देखा जाता है. अब एक फंक्शन का वीडियो सामने आया है, जिसमें एक आंटी ने डांस फ्लोर पर अपने डांस से सभी को हैरान कर दिया है. सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इस वीडियो को यकीनन आप एक बार नहीं बल्कि बार-बार देखेंगे. यह महिला वीडियो में अपनी बेटी के साथ हालिया रिलीज गाने पर शानदार डांस करते नजर आ रही है.
मां-बेटी ने किया धमाकेदार डांस
इस वीडियो में स्काई रंग की साड़ी पहने यह महिला रवीना टंडन की बेटी राशा थडानी की डेब्यू फिल्म आजाद के गाने 'उई अम्मा' पर खूबसूरत डांस कर रही है. आंटी के डांस में एक प्रोफेशनलिज्म नजर आ रहा है. कोई भी इस आंटी के डांस को देख उनका फैन बन सकता है. सॉन्ग उई अम्मा में जैसे-जैसे राशा ने डांस स्टेप्स किए थे, ठीक वैसे ही आंटी ने अपने ही अंदाज में एक-एक स्टेप को बड़ी ही खूबसूरती के साथ पेश किया है. हालांकि डांस में महिला का साथ उसकी बेटी भी दे रही है, लेकिन सबकी नजरें बेटी को छोड़ मां पर ही जा टिकी हैं.
आंटी के इस धांसू डांस पर एक यूजर ने लिखा है, 'यह तो सुपरमॉम डांसर हैं'. दूसरा यूजर लिखता है, 'आपको सुपरमॉम डांस रियलिटी शो में जाना चाहिए'. तीसरा यूजर लिखता है, 'डांस फ्लोर तोड़ परफॉर्मेंस'. चौथा यूजर लिखता है, 'साड़ी पहनकर इतना जबरदस्त डांस कैसे कर लिया'. पांचवां यूजर लिखता है, 'आंटी के डांस ने तो डांस फ्लोर ही हिला डाला, वाह कमाल कर दिया'. अब महिला के डांस पर लोग ऐसे ही प्यार बरसा रहे हैं. बता दें, इस वीडियो को 1 लाख 34 हजार 438 लोगों ने लाइक कर लिया है और साथ ही इस वीडियो को धड़ल्ले से शेयर भी किया जा रहा है.
BJP CM Surprise: दिल्ली में भाजपा ने मुख्यमंत्री के नाम के ऐलान पर फिर से चौंका दिया है. भाजपा ने सीएम रेस में चल रहे सभी नामों को पीछे छोड़ते हुए एक नये चेहरे को दिल्ली की कमान दी है. दिल्ली में भाजपा की प्रचंड बहुमत के बाद कई लोगों का नाम सीएम की रेस में आया था. लेकिन बुधवार शाम भाजपा विधायक दल की बैठक में भाजपा ने पहली बार की विधायक रेखा गुप्ता (Rekha Gupta) को मुख्यमंत्री बनाने का फैसला करते ही लोगों को चौंका दिया. हालांकि ऐसा पहली बार नहीं हुआ जब भाजपा ने सीएम के चयन में लोगों को चौंकाया है. इससे पहले भी भाजपा ने कई राज्यों में ऐसे में नए चेहरे को मौका दिया था. आइए जानते हैं भाजपा ने सीएम सरप्राइज की सस्पेंस से भरी 6 कहानियां.
भाजपा के सीएम सरप्राइज का ताजा मामला दिल्ली का
सीएम के नाम के चयन में भाजपा द्वारा हैरान करने का सबसे ताजा मामला दिल्ली का है. जहां भाजपा ने प्रवेश वर्मा, विजेंदर गुप्ता, आशीष सूद, सतीश उपाध्याय, मनोज तिवारी सहित कई नेताओं का नाम चल रहा था. लेकिन भाजपा ने सभी दावों को फेल करते हुए सरप्राइज सीएम के रूप में पहली बार की विधायक रेखा गुप्ता के नाम की घोषणा की.
दिल्ली से पहले भाजपा ने राजस्थान, मध्य प्रदेश, हरियाणा, उत्तराखंड, ओडिशा और छत्तीसगढ़ में भी सीएम के नाम की घोषणा पर चौंकाया था.
राजस्थान में वसुंधरा, किरोड़ी के बीच से भजनलाल शर्मा बने सीएम
राजस्थान में बड़ी जीत के बाद भाजपा से मुख्यमंत्री पद के दावेदारों में पूर्व सीएम वसुंधरा राजे, किरोड़ी लाल मीणा सहित कई वरिष्ठ नेताओं के नाम की चर्चा थी. लेकिन भाजपा पर्यवेक्षक राजनाथ सिंह ने सबसे बड़ी दावेदार वसुंधरा राजे के हाथों से ही पहली बार के विधायक भजनलाल शर्मा को मुख्यमंत्री बनाने की घोषणा की थी.
मध्य प्रदेश में मामा के बदले मोहन यादव को जिम्मेदारी
राजस्थान के साथ ही मध्य प्रदेश के विधानसभा चुनाव में भी भाजपा ने बड़ी जीत दर्ज करने के बाद सीएम के नाम पर चौंकाया था. मध्य प्रदेश में शिवराज सिंह चौहान लगातार सीएम बन रहे थे. लेकिन भाजपा ने शिवराज सिंह चौहान को केंद्र में बुलाते हुए मोहन यादव को मुख्यमंत्री बनाया था. एमपी में भाजपा की जीत के बाद मोहन यादव के नाम की चर्चा दूर-दूर तक नहीं थी.
शिवराज सिंह चौहान की मौजूदगी में मोहन यादव को एमपी का नया मुख्यमंत्री घोषित किया गया है.
हरियाणा में भी दोनों बार भाजपा ने किया हैरान
हरियाणा में भाजपा ने मनोहर लाल खट्टर के साथ-साथ नायब सिंह सैनी को सीएम बनाते समय भी सभी को चौंकाया था. भाजपा ने हरियाणा में विधानसभा चुनाव में जीत के बाद मनोहर लाल खट्टर को सीएम बनाया था. जब खट्टर के दूसरे टर्म में लोगों की उनसे नाराजगी बढ़ने लगी तो भाजपा ने बीच टर्म में नायब सिंह सैनी को सीएम बनाया, जिसका फायदा पार्टी को जीत की हैट्रिक के रूप में हुआ.
उत्तराखंड में धामी के नाम का ऐलान चौंकाने वाला था
उत्तराखंड में भी पहली बार जब भाजपा ने पुष्कर सिंह धामी के नाम की घोषणा की, तब यह ऐलान चौंकाने वाला ही था, क्योंकि उस समय भाजपा के कई अन्य बड़े नेता सीएम की रेस में शामिल थे, लेकिन पार्टी ने धामी पर भरोसा जताते हुए उन्हें सीएम बनाया था.
ओडिशा में मोहन चरण माझी के नाम का ऐलान
ओडिशा वो गढ़ था, जो भाजपा से लंबे समय से दूर था. लेकिन पिछली बार यहां हुआ विधानसभा चुनाव में भाजपा ने नवीन पटनायक की पार्टी को हराते हुए ओडिशा में भगवा लहराया था. ओडिशा में भाजपा को मिली जीत के बाद वहां धर्मेंद्र प्रधान, सांबित पात्रा सहित कई अन्य नामों की सीएम रेस में चर्चा थी, लेकिन आखिरी बाजी मोहन चरण माझी ने जीता था.
ओडिशा में मोहन चरण माझी के मुख्यमंत्री बनाए जाने की घोषणा के बाद गर्वनर से मिलते भाजपा नेता.
छत्तीसगढ़ में बघेल को हराने के बाद भाजपा ने दिया था सरप्राइज
विधानसभा चुनाव में बड़ी जीत के बाद सीएम के रूप में सरप्राइज देने वाली भाजपा ने छत्तीसगढ़ में भी इसी परिपाटी को बरकरार रखा था. छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव में जीत के बाद भाजपा ने विष्णु देव साय को सीएम पद की कमान सौंपी थी. हालांकि जीत के बाद सीएम के नाम के चयन तक कई और दूसरे नाम चर्चा में थे.
दिल्ली का रामलीला मैदान एक बार फिर ऐतिहासिक आयोजन का गवाह बनने जा रहा है. दिल्ली में भाजपा के वनवास समाप्ति का उत्सव ऐतिहासिक रामलीला मैदान पर होगा. 20 फरवरी को दोपहर साढ़े चार बजे होने वाला दिल्ली के मुख्यमंत्री का शपथ ग्रहण समारोह भव्य होने जा रहा है. इसे लेकर जबरदस्त तैयारियां की जा रही हैं. इस आयोजन में नवनियुक्त मुख्यमंत्री, मंत्रिपरिषद के सदस्यों और उपराज्यपाल के साथ ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और एनडीए शासित राज्यों के सभी मुख्यमंत्रियों और उपमुख्यमंत्री भी शामिल होंगे. भाजपा के महासचिवों विनोद तावड़े और तरुण चुग को शपथ ग्रहण समारोह का जिम्मा दिया गया है.
दिल्ली में भाजपा 27 साल बाद सत्ता में वापसी कर रही है. इस मौके को ऐतिहासिक बनाने के लिए पार्टी कोई कसर नहीं छोड़ रही है. पार्टी सत्ता में वापसी के बाद शक्ति प्रदर्शन कर जनता को धन्यवाद देगी.
शपथ ग्रहण समारोह के दौरान तीन मंच
शपथ ग्रहण के लिए तीन अलग-अलग मंच बनाए जा रहे हैं. जिसमें एक मंच 40 गुणा 24 और दो मंच 34 गुणा 40 के होंगे. मंच पर करीब 150 कुर्सियां लगाई जाएंगी. शपथ ग्रहण समारोह के लिए एक विशाल पंडाल तैयार किया जाएगा. एक बड़े मंच पर प्रधानमंत्री, उपराज्यपाल, नवनियुक्त मुख्यमंत्री और मंत्रिपरिषद के अन्य सदस्य रहेंगे. साथ ही अन्य मंचों पर बीजेपी के वरिष्ठ नेता और मुख्यमंत्री होंगे. साथ ही समारोह में बीजेपी के सभी वरिष्ठ नेता और मंत्री उपस्थिति रहेंगे. इस दौरान एक मंच पर सम्मानित अतिथि और साधु-संतों को जगह दी जाएगी.
युद्धस्तर पर जारी है शपथ ग्रहण की तैयारियां
रामलीला मैदान पर शपथ ग्रहण समारोह की तैयारियां शुरू हो चुकी हैं. मैदान साफ किया जा रहा है, पानी का छिड़काव हो रहा है और कुर्सियां आनी भी शुरू हो गई हैं. पार्टी की योजना इस मैदान में बीस हजार से भी अधिक कुर्सियां लगाने की है. सोफा सेट और मंच के लिए जरूरी सामान भी रामलीला मैदान पहुंचना शुरू हो चुका है. मैदान को साफ किया जा रहा है और पूरे मैदान पर लाल कार्पेट बिछाया जाएगा.
अरविंद केजरीवाल ने भी यहीं ली थी शपथ
रामलीला मैदान दिल्ली का ऐतिहासिक मैदान है, जो कई बड़ी राजनीतिक घटनाओं का साक्षी रहा है. अरविंद केजरीवाल ने भी मुख्यमंत्री पद की शपथ इसी मैदान पर ली थी.
इस आयोजन के जरिए एनडीए की एकता का संदेश भी दिया जाएगा. शपथ ग्रहण समारोह में 20 राज्यों के मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री पहुंचेंगे.
कार्यक्रम के दौरान गीत-संगीत का भी कार्यक्रम
रामलीला मैदान के मंच पर शपथ ग्रहण समारोह से पहले होगा गीत संगीत का रंगारंग कार्यक्रम का आयोजन होगा, जिसमें गायक कैलाश खैर की प्रस्तुति भी होगी. साथ ही इस भव्य आयोजन में 50 से ज्यादा फिल्मी सितारे भी मौजूद रहेंगे. साथ ही प्रसिद्ध उद्योगपतियों को भी आमंत्रित किया गया.
इस समारोह में साधु-संतों को भी आमंत्रित किया जाएगा. बाबा रामदेव, स्वामी चिदानंद, बाबा बागेश्वर धीरेन्द्र शास्त्री को भी शपथ ग्रहण समारोह में बुलाया गया है. प्रमुख देशों के राजनयिकों को भी आमंत्रण दिया गया है.
लाडली बहनें और किसान भी होंगे शामिल
इस आयोजन के लिए लाडली बहनों को भी शपथ ग्रहण समारोह में बुलाया जाएगा. साथ ही दिल्ली के किसान भी इस शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होंगे.
इसके साथ ही दिल्ली से आम लोगों और केंद्र सरकार की योजनाओं के लाभार्थियों को भी आमंत्रण दिया गया है तो पार्टी अपने कार्यकर्ताओं को भी नहीं भूली है. दिल्ली चुनाव में प्रचार करने वाले अन्य राज्यों के बीजेपी नेताओं और कार्यकर्ताओं को भी बुलाया गया है.
दिल्ली विधानसभा चुनाव में भाजपा ने जबरदस्त जीत दर्ज की है. भाजपा ने दिल्ली की 70 विधानसभा सीटों में से 48 सीटों पर जीत दर्ज की और आम आदमी पार्टी केवल 22 सीटें जीतने में कामयाब रही. वहीं इस चुनाव में एक बार फिर कांग्रेस अपना खाता भी नहीं खोल सकी है.