Sunday, March 9, 2025

महिला दिवस: आने वाले वक्त के लिए खुद को तैयार करें पुरुष

एक मिनट के लिए कल्पना कीजिए कि आपके आसपास कोई महिला नहीं है. घर में नहीं. दफ्तर में नहीं. आपके पास पड़ोस में नहीं. आपके शहर में नहीं. कैसी होगी दुनिया? अधूरी, या उससे भी कम? कमजोर? बेरंग? आपको चंद लम्हों में समझ आएगा कि आपका, आपके आसपास की चीजों का और इस दुनिया का नूर महिलाओं से है. तो फिर आज भी अपने समाज का एक बड़ा तबका इस दुनिया को बेनूर बनाने पर क्यों तुला है?

ये हंसी मजाक की बात हो गई है कि हर कामयाब पुरुष के पीछे किसी महिला का हाथ होता है. लेकिन असल में ये बात सिर्फ कहने के लिए नहीं है. सच्चाई है. पीछे मुड़कर देखिए, आप अपनी कामयाबी के लिए किसी न किसी महिला के शुक्रगुजार होंगे. तो महिलाओं की और महिलाओं के होने की कद्र करें, उनके लिए नहीं, अपने लिए.

महिलाओं से डरते हैं पुरुष!

इस पर काफी कुछ लिखा गया है कि महिलाएं कई कारणों से पुरुषों की तुलना में बेटर जेंडर हैं. इस पर भी दलीलें दी गई हैं कि पुरुषों को ये बात मालूम है, इसलिए महिलाओं को आगे आने नहीं देना चाहते. महिलाओं पर रोक-टोक के पीछे पितृ सत्तात्मक सोच की बात होती है, लेकिन उसके पीछे असल में कमजोर होने का डर है, ऐसा भी कहा गया है.

  • पिछले कई सालों से CBSE परीक्षाओं में लड़कों से बेहतर लड़कियां कर रही हैं. 
  • आप पुरुष और महिला बॉस वाली कंपनियों में तुलना कर लीजिए. महिला बॉस वाली कंपनी काम करने के लिए बेहतर जगह होगी. 
  • सेबी के एक सर्वे के मुताबिक F&O ट्रेडिंग में महिला ट्रेडर्स को वित्त वर्ष 2023-24 में पुरुष ट्रेडर्स की तुलना में कम नुकसान हुआ.
  • एनल्स ऑफ इंटरनल मेडिसिन की एक स्टडी बताती है कि महिला डॉक्टरों से इलाज कराने वालों को मौत का खतरा कम रहता है.
  • व्हीबॉक्स इंडिया स्किल्स की रिपोर्ट के मुताबिक भारत में पुरुषों से ज्यादा महिलाएं नौकरी देने लायक हैं.

बेहतर कल के लिए एक संकल्प आज 

आप अपने अनुभव के तराजू पर तौल कर देख लीजिए. आप लोकल एमएलए एक महिला चाहेंगे या एक पुरुष? भ्रष्टाचार कौन ज्यादा करेगा? आपके दुख दर्द कौन ज्यादा सुनेगा? बेहतर काम कौन करेगा? अपने स्कूल के दिनों को याद कीजिए, मैम बेहतर थे या सर?

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आज हर राजनीतिक दल महिला केंद्रित राजनीति कर रहा है. इसके दूरगामी परिणाम होंगे. हाल फिलहाल हुए राज्यों के चुनावों को देख लीजिए. महिलाओं ने सरकारें गिराई हैं, सरकारें बनाई हैं. बोर्ड रूम से लेकर फोर्स और सत्ता केंद्रों में महिलाओं की दखल बढ़ने वाली है. खेत-खलिहानों से लेकल आर्थिक रूप से भी महिलाएं और मजबूत होने वाली हैं. पुरुषों को आने वाले वक्त के लिए खुद को तैयार करना है तो जेंडर संघर्ष के रास्ते को छोड़कर सहयोग का रास्ता अख्यितार करना चाहिए, करना ही पड़ेगा.

तो एक बेहतर जीवन, घर, दफ्तर, समाज चाहते हैं तो महिला दिवस एक दिन न मनाएं. रोज मनाएं. ऐसा इसलिए ना करें क्योंकि महिलाओं पर कोई ऐहसान करना है, अपने भले के लिए करें. इस महिला दिवस पर एक शुरुआत कर सकते हैं. रोज कुछ ऐसा करें जो आपके करीब किसी महिला को फील गुड कराए. ऐसा करेंगे तो अपने बेहतर भविष्य में निवेश करेंगे.

संतोष कुमार पिछले 25 साल से पत्रकारिता से जुड़े हैं. डिजिटल, टीवी और प्रिंट में लंबे समय तक काम किया है. राजनीति समेत तमाम विषयों पर लिखते रहे हैं.

डिस्क्लेमर (अस्वीकरण) : इस आलेख में व्यक्त किए गए विचार लेखक के निजी विचार हैं.



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Saturday, March 8, 2025

Row erupts over appointing heads of board of studies at GU



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गुजरात के नवसारी में 34,000 से अधिक महिलाएं बनीं 'लखपति', सरकारी मदद से शुरू किया अपना उद्यम

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर गुजरात के नवसारी में 'लखपति दीदी' कार्यक्रम को संबोधित करेंगे. इस अवसर पर क्षेत्र की महिला उद्यमियों के साथ ही साथ सफल व्यक्तियों की सफलता की कहानियां सामने आ रही हैं. नवसारी की 34,000 से ज्यादा महिलाओं ने विभिन्न सरकारी योजनाओं की मदद से स्वरोजगार अपनाया है और आज वो आर्थिक रूप से स्वतंत्र और आत्मनिर्भर बन गई हैं.

साहू गांव की संगीता सोलंकी ने बताया कि उन्हें परिवार के साथ ही साथ अपने लिए भी कुछ करना था. शुरुआत में सिलाई का काम किया, लेकिन मन में था कि कुछ और बेहतर करना है, लेकिन पैसे की तंगी के कारण नहीं कर पाए.

उन्होंने बताया कि मैंने गांव की 10 महिलाओं के एक समूह में शामिल होकर एक छोटा-सा ऋण लेकर घरेलू व्यवसाय शुरू किया, लेकिन यह मेरे लिए पर्याप्त नहीं था. सीएससी के तहत बैंक मित्र के रूप में प्रशिक्षण लिया, घर पर बैंक मित्र इकाई स्थापित की. मुद्रा लोन के तहत घर में कंप्यूटर और प्रिंटर सहित उपकरण लगवाए और काम करना शुरू कर दिया. पहले महीने में उनकी कमाई कम हुई, लेकिन उन्होंने उम्मीद नहीं छोड़ी.

उन्होंने लोगों के लिए बैंकिंग कार्य के साथ-साथ पैन कार्ड, आधार कार्ड, ई-श्रमिक कार्ड, गैस और बिजली बिल जमा-निकासी जैसी सेवाएं भी शुरू की. आज वह हर महीने 10,000 रुपये की आय अर्जित कर रही हैं.

'लखपति दीदी' योजना के तहत अपने जीवन में आए परिवर्तन के लिए संगीता सोलंकी मोदी सरकार की आभारी हैं. नवसारी तालुका के मोलधारा गांव की एक अन्य निवासी जिग्नासाबेन मिस्त्री की भी ऐसी ही कहानी है. कॉमर्स में स्नातक करने के बाद, उन्होंने ललित कला में कोर्स किया और सखी मंडली योजना के तहत आर्टिफिशियल ज्वैलरी बनाकर बेचना शुरू किया.

उन्होंने कहा कि आभूषण बनाने के लिए कच्चा माल खरीदने के लिए उन्हें सरकारी एजेंसियों से सहायता मिली. आज वह आत्मनिर्भर बन गई हैं और सालाना एक लाख रुपए की कमाई कर रही हैं. इन पैसों से परिवार चलाने में काफी मदद मिल रही है. उन्होंने पीएम मोदी का आभार जताया है.



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Friday, March 7, 2025

ब्रिटेन में जयशंकर की सुरक्षा में सेंध को लेकर भारत ने की निंदा, ब्रिटिश उच्चायोग से भी जताया विरोध

भारत ने बृहस्पतिवार को नई दिल्ली स्थित ब्रिटिश उच्चायोग प्रभारी को आपत्ति पत्र भेजकर लंदन में विदेश मंत्री एस जयशंकर की सुरक्षा में हुई चूक को लेकर कड़ा विरोध दर्ज कराया. ब्रिटेन की राजधानी लंदन में बुधवार शाम खालिस्तान समर्थक एक प्रदर्शनकारी ने अवरोधक तोड़ने और जयशंकर के काफिले को रोकने का प्रयास किया, जबकि कुछ अन्य लोग भारत विरोधी नारे लगा रहे थे.

भारत ने घटना को लेकर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि वह अपेक्षा करता है कि मेजबान सरकार ऐसे मामलों में अपने कूटनीतिक दायित्वों का पूरी तरह पालन करेगी. भारत ने ‘अलगाववादियों के छोटे से समूह' के ‘लोकतांत्रिक स्वतंत्रता का दुरुपयोग' किए जाने की निंदा भी की. मामले की जानकारी रखने वाले लोगों ने बताया कि ब्रिटिश उच्चायोग के प्रभारी को विदेश मंत्रालय में तलब कर आपत्ति पत्र सौंपा गया.

यह घटना उस समय हुई थी, जब जयशंकर बुधवार शाम ‘चैथम हाउस' में एक संवाद सत्र के समापन के बाद वहां से निकल रहे थे. ‘चैथम हाउस' ‘रॉयल इंस्टीट्यूट ऑफ इंटरनेशनल अफेयर्स' का मुख्यालय है.

विदेश मंत्री ब्रिटेन और आयरलैंड की अपनी छह दिवसीय यात्रा के पहले चरण के तहत लंदन में थे. इस यात्रा का उद्देश्य द्विपक्षीय सहयोग को और बढ़ावा देने के तरीके तलाशना है.

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा, ‘हमने विदेश मंत्री की ब्रिटेन यात्रा के दौरान हुई सुरक्षा संबंधी चूक की घटना के फुटेज देखे हैं.' उन्होंने कहा, ‘‘हम अलगाववादियों और चरमपंथियों के इस छोटे समूह की उकसावे वाली गतिविधियों की निंदा करते हैं.'

जायसवाल ने कहा, ‘हम ऐसे तत्वों के लोकतांत्रिक स्वतंत्रता का दुरुपयोग किए जाने की निंदा करते हैं. हम अपेक्षा करते हैं कि ऐसे मामलों में मेजबान सरकार अपने कूटनीतिक दायित्वों का पूरी तरह से पालन करेगी.' ब्रिटेन के विदेश मंत्रालय ने भी घटना की निंदा की और कहा कि सार्वजनिक कार्यक्रमों को बाधित करने के प्रयास अस्वीकार्य हैं.

सोशल मीडिया पर साझा किए गए वीडियो में नजर आ रहा है कि खालिस्तान समर्थक प्रदर्शनकारियों का एक छोटा समूह पीले झंडे पकड़े हुए ‘चैथम हाउस' के सामने सड़क के एक ओर खड़े होकर भारत और जयशंकर के खिलाफ नारे लगा रहा है.

जयशंकर जैसे ही संस्थान से निकले, एक व्यक्ति पुलिस की घेराबंदी तोड़कर जयशंकर के काफिले की ओर भागने की कोशिश करता हुआ दिखाई दे रहा है. लंबे कद का दाढ़ी वाला यह व्यक्ति मंत्री के काफिले के सामने खड़े होकर उन्हें रोकने की कोशिश करता और तिरंगे का अपमान करता नजर आ रहा है. मेट्रोपॉलिटन पुलिस के अधिकारी उस व्यक्ति को तुरंत अपने साथ ले जाते दिख रहे हैं. खालिस्तान समर्थक तत्वों के सुरक्षा का उल्लंघन किए जाने की यह पहली घटना नहीं है.

कुछ खालिस्तान समर्थक तत्वों ने लंदन स्थित भारतीय उच्चायोग पर लगे भारतीय ध्वज को मार्च 2023 में उतार दिया था और इस घटना पर भारत ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की थी. भारत ने दिल्ली में सबसे वरिष्ठ ब्रिटिश राजनयिक को तलब किया था और मिशन में ‘‘सुरक्षा व्यवस्था की पूरी तरह से गैर-मौजूदगी'' पर स्पष्टीकरण मांगा था. भारत की मांग है कि ब्रिटेन अपनी धरती से सक्रिय खालिस्तान समर्थक तत्वों के खिलाफ कार्रवाई करे.



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Thursday, March 6, 2025

Seven edu institutes to train workforce for semiconductor industry: Govt



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औरंगजेब विवाद : अबू आजमी पर उद्धव ठाकरे का हमला, बोले- विधानसभा से हमेशा के लिए हों निलंबित

महाराष्ट्र में औरंगजेब को लेकर छिड़े विवाद में शिवसेना (उद्धव गुट) प्रमुख उद्धव ठाकरे और समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव आमने-सामने आ गए हैं. उद्धव ठाकरे ने सपा विधायक (निलंबित) अबू आज़मी पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि अबू आजमी को सिर्फ बजट सत्र से नहीं, बल्कि हमेशा के लिए निलंबित कर देना चाहिए.

जब अखिलेश यादव ने महाराष्ट्र में औरंगजेब के मुद्दे पर आपत्ति जताई, तो उद्धव ठाकरे ने जवाब देते हुए कहा कि अखिलेश को आपत्ति जतानी है, तो जताने दीजिए, लेकिन यहां पूरे महाराष्ट्र ने आपत्ति जताई है. अगर उन्हें (अखिलेश) ऐसा लगता है, तो वो अबू आज़मी को उत्तर प्रदेश से चुनकर लाएं. क्या उन्हें सच पता है?

यह विवाद तब शुरू हुआ जब अबू आज़मी ने औरंगजेब को लेकर बयान दिया था, जिस पर भाजपा और शिवसेना (शिंदे गुट) ने कड़ा विरोध जताया है. अब उद्धव ठाकरे भी इस विवाद में खुलकर सामने आ गए हैं और उन्होंने अखिलेश यादव पर भी निशाना साधा है.

विवाद बढ़ने के बाद बुधवार को सपा विधायक अबू आजमी को महाराष्ट्र विधानसभा से मौजूदा सत्र के लिए निलंबित कर दिया गया है. महाराष्ट्र के संसदीय कार्य मंत्री चंद्रकांत पाटिल ने सदन के पटल पर अबू आजमी के खिलाफ प्रस्ताव पेश किया, जिसे सदन ने पारित कर दिया. इस सत्र के दौरान अबू आजमी के विधानसभा परिसर में घुसने पर रोक रहेगी.

इससे पहले मंगलवार को अबू आजमी के औरंगजेब की तारीफ वाले बयान का मुद्दा महाराष्ट्र विधानमंडल के दोनों सदनों में गूंजा. उनके इस बयान को लेकर सत्तारूढ़ गठबंधन महायुति के सदस्यों ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की और आजमी को विधानसभा से निलंबित करने की मांग की थी. उनके खिलाफ राजद्रोह का मामला दर्ज करने की भी मांग की गई. हालांकि, समाजवादी पार्टी (सपा) के विधायक अबू आजमी ने औरंगजेब वाले बयान पर सफाई भी दी. उन्होंने कहा कि उनके शब्दों को तोड़-मरोड़कर पेश किया गया.

बता दें कि सोमवार को सपा नेता अबू आजमी ने मुगल शासक औरंगजेब की तारीफ की थी. अबू आजमी ने कहा था, 'औरंगजेब इंसाफ पसंद बादशाह था. उसके कार्यकाल में ही भारत सोने की चिड़िया बना. मैं औरंगजेब को क्रूर शासक नहीं मानता हूं. औरंगजेब के समय में राजकाज की लड़ाई थी, धर्म की नहीं थी, हिंदू-मुसलमान की लड़ाई नहीं थी. औरंगजेब ने अपने कार्यकाल में कई हिंदू मंदिरों का निर्माण करवाया. औरंगजेब को लेकर गलत इतिहास दिखाया जा रहा है.'



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Tuesday, March 4, 2025

महाकुंभ : प्रयागराज की अर्थव्यवस्था में 200 से 300 फीसदी का बूस्ट, ऑटोमोबाइल-इलेक्ट्रॉनिक्स उद्योग में बढ़ोत्तरी

महाकुंभ 2025 के दिव्य और भव्य आयोजन ने जहां एक ओर तीर्थराज प्रयाग का मान बढ़ाया है, तो साथ ही यह आयोजन आने वाले दिनों में प्रयागराज शहर की अर्थव्यवस्था में भी भारी बढ़ोतरी लाएगा. 45 दिनों तक चले महाकुंभ के आयोजन से प्रयागराज शहर में सबसे ज्यादा लाभ होटल, रेस्टोरेंट इंडस्ट्री, टूर एंड ट्रैवेल तथा खुदरा व्यापारियों को हुआ. लेकिन, महाकुंभ के बाद शहरवासियों की बढ़ी आय रियल एस्टेट, ऑटोमोबाइल, इलेक्ट्रॉनिक्स और लग्जरी आइटम्स के व्यापार को बढ़ावा देगी. 

ऐसा अनुमान व्यक्त किया जा रहा है कि महाकुंभ के आयोजन से बढ़ी आय फ्लो प्रयागराज की इकॉनमी में लगभग 200 से 300 फीसदी का बूस्ट ला सकता है. साथ ही सीएम योगी के विजन के मुताबिक प्रयागराज का आध्यात्मिक टूरिज्म महाकुंभ के बाद सामान्य दिनों में भी बढ़ने की उम्मीद है.

महाकुंभ का आयोजन आस्था और आध्यात्मिक उत्थान के साथ प्रयागराजवासियों के लिए आर्थिक तौर पर भी वरदान साबित हो रहा है. 45 दिनों तक शहर में चले भव्य आयोजन में 66 करोड़ से अधिक श्रद्धालु प्रयागराज आए. जिससे तात्कालिक रूप से शहर के होटल, रेस्टोरेंट, टूर एंड ट्रैवेल इंडस्ट्री समेत अनाज, सब्जी, गद्दे, बेड, फर्नीचर, टेंट के व्यवसायियों को 30 से 40 गुना मुनाफा हुआ. 

इसके साथ ही संगम क्षेत्र में नाव चालकों, ऑटो रिक्शा चालकों, ठेला-खोमचा लगाने वाले और जनरल मर्चेंट के दुकानदारों की भी अच्छी आमदनी हुई है. प्रयागराज व्यापार मंडल के जनरल सेक्रेटरी शिव शंकर सिंह का कहना है कि शहरवासियों की आय में हुई वृद्धि आने वाले दिनों में शहर की इकॉनमी को 200 से 300 फीसदी तक की बढ़ोतरी प्रदान कर सकती है.

व्यापार मंडल के जनरल सेक्रेटरी ने बताया कि शहरवासियों की महाकुंभ से बढ़ी आय का फ्लो जब स्थानीय बाजार में होगा तो इकॉनमी बूस्ट होगा. इसके चलते आने वाले दिनों में प्रयागराज में रियल स्टेट बाजार, ऑटोमोबाइल, इलेक्ट्रॉनिक्स और लग्जरी गुड्स के बाजार में वृद्धि देखने को मिलेगी. 

उन्होंने कहा कि जिस तरह से मुख्यमंत्री योगी प्रदेश में आध्यात्मिक और डॉमेस्टिक टूरिज्म को बढ़ावा दे रहे हैं, प्रयागराज उनकी योजना के मुख्य शहर में है, जिसका लाभ आने वाले दिनों में भी शहर को जरूर मिलेगा. 

महाकुंभ के दौरान प्रयागराज में बने 12 कॉरिडोर, संगम क्षेत्र में पक्के घाट के साथ आसपास के तीर्थ और पर्यटन स्थलों से शहर की कनेक्टिविटी में बढ़ोतरी आगामी दिनों में भी टूरिज्म को बढ़ावा देगी. इसका सीधा लाभ प्रयागराज और प्रदेश की अर्थव्यवस्था में दिखाई देगा.



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