Thursday, November 16, 2023

BharatPe: दिल्ली पुलिस का दावा- अश्नीर ग्रोवर से जुड़ी HR फर्म्स ने की ₹7.5 करोड़ की हेराफेरी

दिल्ली पुलिस की जांच में अश्नीर ग्रोवर (Ashneer Grover) पर फंड साइफनिंग के आरोप लगाए गए हैं. दिल्ली हाई कोर्ट में जमा स्टेट्स रिपोर्ट में पुलिस ने कहा कि ग्रोवर की पत्नी माधुरी जैन से जुड़ी 8 ह्यूमन रिसोर्स फर्म्स ने भारतपे से 7.6 करोड़ रुपये की साइफनिंग की है. माधुरी जैन पहले भारतपे की डायरेक्टर ऑफ पे रह चुकी हैं.

जिन आठ फर्मों का यहां जिक्र है, वे सभी माधुरी जैन के रिश्तेदारों से जुड़ी हैं. इनमें उनके पिता सुरेश जैन और भाई श्वेतांक जैन शामिल हैं. दिल्ली पुलिस की जांच के मुताबिक इन आठ फर्मों पर आरोप है कि इन्होंने गलत इन्होंने भारतपे में HR सर्विसेज के लिए झूठे इनवॉइस लगाए.

इन कंपनियों के नाम हैं -

  • वर्धमान मार्केटिंग
  • इंप्लस मार्केटिंग
  • विस्टा सर्विसेज
  • इवोल्व बिजसर्व
  • टीम सोर्स
  • टीम वर्क्स
  • ट्रू वर्क्स
  • विकास एंटरप्राइजेज (टीम प्लस सर्विसेज)

पुलिस ने अपनी रिपोर्ट में कहा, 'फर्म्स की स्थापना और इनके बैंक अकाउंट को सिर्फ फंड की साइफनिंग और आरोपित लोगों को फायदा पहुंचाने के लिए खोला गया था.'

BQ प्राइम ने स्टेट्स रिपोर्ट का रिव्यू किया है. पुलिस के मुताबिक, ऊपर जिन 8 फर्मों का उल्लेख है, इनमें से शुरुआती 6 की क्रेडिट एंट्रीज सिर्फ भारतपे से हैं. जबकि डेबिट एंट्रीज सिर्फ सेल्फ कैश विड्रॉल्स की हैं. दूसरी डेबिट एंट्रीज आरोपित लोगों और उनकी कंपनियों से जुड़ी हैं.

पुलिस ने कहा, 'आरोपित लोगों के ऑफिशियल इमेल के एनालिसिस और कंपनी बैंक अकाउंट्स के एनालिसिस से पता चलता है कि माधुरी जैन अकाउंट ब्रांच को इन HR कंसल्टेंट को पेमेंट देने की प्रक्रिया को तेज करने को कहती थीं.'

पुलिस ने आगे बताया कि कुछ मामलों में माधुरी जैन को रिक्रूटेड कैंडिडेट्स के बारे में अहम जानकारी अपने पिता और भाई के साथ शेयर करती थीं. ये वो कैंडिडेट जिन्हें पियर्स या इंडस्ट्री रिकमेंडेशन के आधार पर रखा जाता था. लेकिन फर्जी इनवॉइस के जरिए बताया जाता कि इन्हें कंसल्टेंसी फर्म्स के जरिए हायर किया गया है. इसके बाद ये फर्म्स रिक्रूटमेंट के लिए भारतपे से मोटी रकम कमीशन के लिए लेतीं.

अपनी जांच के दौरान पुलिस ने इन इनवॉइस की जांच की, जहां HR फर्म्स ने खास HSIN कोड का इस्तेमाल किया था. GST डिपार्टमेंट के मुताबिक, इस HSIN कोड का इस्तेमाल परमानेंट प्लेसमेंट एजेंसीज और दूसरी एक्जीक्यूटिव सर्च सर्विसेज के साथ किया गया.

इन HR फर्मों के मालिक इन इनवॉइस के एवज में जो काम किया गया है, उसके लिए सबूत पेश नहीं कर पाए.

दिल्ली पुलिस ने 33 गैरमौजूद/फर्जी वेंडर्स की भी जांच की, जहां इनमें से 23 वेंडर्स को खोजा ही नहीं जा सका. लेकिन ये जांच अभी अपनी शुरुआती स्टेज में ही है.

मार्च, 2022 में भारतपे ने अश्नीर ग्रोवर को पद से हटा दिया था. ये कार्रवाई इंटरनल गवर्नेंस रिव्यू में सामने आए गंभीर मुद्दों के बाद की गई थी.



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Wednesday, November 15, 2023

उत्तरकाशी टनल हादसा: रेस्क्यू टीम ने वॉकी-टॉकी से जाना 40 मजूदरों का हाल, पाइप से खाने-पानी की सप्लाई

उत्तराखंड के उत्तरकाशी में एक निर्माणाधीन टनल (Uttarkashi Tunnel Collapse) के धंस जाने से 40 मजदूर फंसे हुए हैं. 12 नवंबर को ये टनल धंस गई थी. 65 घंटे से ज्यादा वक्त हो गया है, लेकिन इन मजदूरों को रेस्क्यू नहीं किया जा सकता है. मलबा हटाने के दौरान ऊपर की मिट्टी धंस रही है, जिससे रेस्क्यू ऑपरेशन में दिक्कत आ रही है.

रेस्क्यू टीम मंगलवार को वॉकी-टॉकी की मदद से टनल में फंसे मजदूरों से बात कर पाए. इन मजदूरों में से एक ने अपने बेटे से उस पाइप के जरिए कुछ मिनट तक बात भी की, जिसका इस्तेमाल ऑक्सीजन सप्लाई के लिए किया जा रहा था.

फंसे हुए मजदूर बिहार, झारखंड, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, ओडिशा, उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश के हैं. नेशनल हाईवे एंड इन्फ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन लिमिटेड (NHIDCL), NDRF, SDRF, ITBP, BRO और नेशनल हाईवे की 200 से ज्यादा लोगों की टीम 24 घंटे रेस्क्यू ऑपरेशन चला रहे हैं. मजदूरों को पाइप के जरिए ऑक्सीजन की सप्लाई की जा रही है. खाना-पानी भी दिया जा रहा है. 

रविवार को ब्रह्मखाल-यमुनोत्री हाईवे पर 4.5 किलोमीटर लंबी सुरंग का एक हिस्सा ढह गया. चारधाम प्रोजेक्ट के तहत यह टनल ​​​​ब्रह्मखाल और यमुनोत्री नेशनल हाईवे पर सिल्क्यारा और डंडलगांव के बीच बनाई जा रही है. 
जो मजदूर सुरक्षित भागने में सफल रहे, वे 400 मीटर के बफर जोन में फंस गए हैं. ये बफर जोन 200 मीटर चट्टानी मलबे के नीचे है. 

रेस्क्यू टीम ने शुरुआत में एक कागजी नोट को पाइप के जरिए पास कराया गया. कागज जब अंदर चला गया, तो वॉकी टॉकी को उसी पाइप से नीचे खिसका दिया गया. क्योंकि चट्टान की दीवार के पीछे से सेलफोन रिसेप्शन नामुमकिन था.

यह अभी तक यह साफ नहीं है कि मजदूरों के रेस्क्यू में कितना समय लगेगा. एनडीआरएफ या एसडीआरएफ ने रेस्क्यू ऑपरेशन को लेकर कोई निर्धारित समय नहीं दिया है.


 



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Tuesday, November 14, 2023

CBI ने LG से दिल्ली के पूर्व मंत्री सत्येंद्र जैन के खिलाफ एक और मामले में जांच की मांगी अनुमति

सीबीआई ने दिल्ली के उपराज्यपाल से दिल्ली सरकार के पूर्व मंत्री सत्येंद्र जैन के खिलाफ एक और मामले में जांच करने की अनुमति मांगी है, इसको लेकर आम आदमी पार्टी खासी नाराज है. उसका कहना है कि ये कानून का मखौल उड़ाने के अलावा और कुछ नहीं है.

सूत्रों के मुताबिक दिल्ली के उपराज्यपाल दफ्तर से सीबीआई ने सत्येंद्र जैन के खिलाफ एक और मामले में जांच की अनुमति मांगी है. 

दिल्ली के पूर्व स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन पर आरोप है कि उन्होंने महाठग सुकेश चंद्रशेखर समेत कई कैदियों से प्रोटेक्शन मनी की उगाही की. CBI ने इस मामले में तत्कालीन तिहाड़ जेल सुपरिंटेंडेंट राजकुमार के खिलाफ भी जांच की अनुमति मांगी है. CBI ने प्रिवेंशन ऑफ़ करप्शन एक्ट के प्रावधानों के तहत ये अनुमति मांगी है.

ये कानून का मखौल- AAP
इस बार आम आदमी पार्टी ने कड़ी प्रतिक्रिया जारी करते हुए कहा है कि केवल और केवल देश के सबसे बड़े ठग सुकेश चंद्रशेखर के बयान के आधार पर सीबीआई ने सत्येंद्र जैन और अन्य लोगों के खिलाफ जांच की अनुमति उपराज्यपाल से मांगी है. ये कानून का मखौल उड़ाने के अलावा और कुछ नहीं है. AAP स्पष्ट रूप से जैन और सुकेश चन्द्रशेखर या उनके किसी भी सहयोगी के बीच किसी भी संबंध, संचार और किसी भी पैसे के लेन-देन से इनकार करती है.

सुकेश के बयान को सत्य मान लेना ठीक नहीं- आप
आप का कहना है कि, चूंकि केंद्र सरकार ने सुकेश चन्द्रशेखर के बयानों को सत्यवादी हरिश्चन्द्र की तरह सच मानना ​​शुरू कर दिया है, इसलिए उसे सबसे पहले सुकेश चन्द्रशेखर के दावों की पूरी तरह से सीबीआई जांच शुरू करनी चाहिए, जिसने 2020 में बिजनेसमैन फैमिली से 200 करोड़ रुपये की उगाही की.



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Monday, November 13, 2023

अगर इन एक्ट्रेसेस ने ना किया होता रिजेक्ट तो तारा सिंह की सकीना नहीं होती अमीषा पटेल, सनी देओल के कारण किया था गदर 2 को रिजेक्ट

Gadar: गदर: एक प्रेम कथा के बाद 11 अगस्त को गदर 2 का सिनेमाघरों में गदर तो हर किसी ने देखा है. 60 करोड़ के बजट में बनीं फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर 500 करोड़ से ज्यादा की कमाई हासिल की है. हालांकि गदर 2 ही नहीं साल 2001 में रिलीज हुई गदर भी सुपरहिट फिल्म थी. इसमें तारा सिंह और सकीना के रोल में सनी देओल और अमीषा पटेल ने फैंस के दिलों में ऐसी छाप छोड़ी की आज तक इसे कोई मिटा नहीं पाया. लेकिन क्या आपको पता है कि गदर 2 को बॉलीवुड की टॉर एक्ट्रेसेस ने रिजेक्ट किया था. 

बॉलीवुड बबल को दिए एक इंटरव्यू में निर्देशक अनिल शर्मा ने कहा, “मैं किसी का नाम नहीं लेना चाहता, यह सही नहीं है. मीडिया किसी का भी नाम लेने के लिए स्वतंत्र है. लेकिन हमने उस समय की कई टॉप एक्ट्रेसेस से संपर्क किया. कुछ लोगों को लगा कि हम उनके मानकों पर खरे नहीं उतरे, उन्हें लगा कि सनी देओल साहब उनके मानकों पर खरे नहीं उतरे. उन्हें लगा कि वे हमारे लिए बहुत बड़े हैं. उन्हें लगा कि हम 'ट्रेंडी' नहीं हैं. उन्होंने कहानी भी नहीं सुनी.”

डायरेक्टर ने आगे कहा, “हमारी कहानी सुनने वाली कुछ एक्ट्रेसेस को लगा कि यह एक पीरियड फिल्म है और इसमें डर्टी होना शामिल होगा. उन दिनों फिल्मों की शूटिंग अंतरराष्ट्रीय स्तर पर होती थी. वे हमसे कहते थे कि 'युवा-उन्मुख' फिल्में बनाओ. वे कोई न कोई बहाना बना देंते.” 

खबरों की मानें तो काजोल के अलावा ऐश्वर्या राय और माधुरी दीक्षित ने भी गदर: एक प्रेम कथा को करने से इनकार कर दिया था. हालांकि किस्मत को अमीषा पटेल का हिस्सा होने मंजूर था, जो कि दर्शकों को भी पसंद आया और दोनों ही फिल्में बॉक्स ऑफिस पर ब्लॉकबस्टर साबित हुई. इतना ही नहीं ओटीटी पर भी यह फिल्म टॉप फिल्मों में गिनी जा रही है. 



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देशभर में दिवाली का जश्न, दिल्ली में पिछले आठ साल में सबसे बेहतर रही वायु गुणवत्ता

देशभर में लोगों ने रविवार को धूमधाम से दिवाली मनाई और घरों को मिट्टी के दीयों और रंग-बिरंगी रोशनी से सजाया गया. पिछले वर्षों की तुलना में अपेक्षाकृत बेहतर वायु गुणवत्ता ने दिल्ली में जश्न मनाने वालों को काफी राहत दी.दिवाली के दिन रविवार को राष्ट्रीय राजधानी की वायु गुणवत्ता आठ साल में सबसे बेहतर दर्ज की गई. हालांकि, पटाखे जलाने और रात में तापमान कम रहने से प्रदूषण के स्तर में वृद्धि हो सकती है.

दिल्लीवासियों की सुबह साफ आसमान और खिली धूप के साथ शुरू हुई और शहर का वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) शाम चार बजे 218 रहा, जो बीते कम से कम तीन सप्ताह में सबसे अच्छा रहा.

दिवाली सबसे लोकप्रिय हिंदू त्योहारों में से एक है. माना जाता है कि इसी दिन भगवान राम अपने 14 साल के वनवास के दौरान रावण को हराने के बाद अपनी पत्नी सीता और भाई लक्ष्मण के साथ अयोध्या लौटे थे और इसे बुराई पर अच्छाई की जीत के उत्सव के रूप में देखा जाता है.दिवाली के मौके पर लोगों ने नये कपड़े पहनकर मिठाइयों और उपहारों का आदान-प्रदान किया. मंदिरों में श्रद्धालुओं की भीड़ देखी गई. 

मथुरा में पटाखा बाजार में आग लगी, नौ घायल
 

हालांकि, उत्तर प्रदेश के मथुरा शहर के गोपालबाग में पटाखा बाजार की कुछ दुकानों में रविवार को आग लगने से एक फायरमैन सहित नौ लोग घायल हो गए.पुलिस सूत्रों ने बताया, ‘‘गोपालबाग इलाके में पटाखे की सात दुकानों में आग लग गई. इस घटना में नौ लोग झुलसकर घायल हो गए. ऐसा लगता है कि आग बिजली के शॉर्ट सर्किट के कारण लगी.''

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने देशवासियों को शुभकामनाएं दीं और उम्मीद जताई कि यह त्योहार खुशहाली लाएगा.

पीएम मोदी ने हिमाचल प्रदेश के लेप्चा में सुरक्षाबलों के साथ दिवाली मनाई

सैनिकों के साथ दिवाली मनाने की परंपरा को बरकरार रखते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रविवार को हिमाचल प्रदेश के लेप्चा में सुरक्षाबलों के साथ दिवाली मनाई और उनके अटूट साहस की सराहना करते हुए कहा कि जब तक देश की सीमाओं पर बहादुर जवान खड़े हैं, तब तक भारत सुरक्षित है.

उन्होंने कहा कि देश से बढ़ती वैश्विक अपेक्षा के समय शांति बनाए रखने और भारत की सीमाओं को सुरक्षित रखने में सुरक्षा बलों की बड़ी भूमिका है.मोदी ने कहा कि भारत रक्षा क्षेत्र में तेजी से एक बड़ी वैश्विक ताकत के रूप में उभर रहा है और इसके सुरक्षा बलों की क्षमताएं लगातार बढ़ रही हैं.

प्रधानमंत्री ने सीमा के पास तैनात सुरक्षाकर्मियों के साथ दिवाली मनाने के बाद जवानों को संबोधित किया. भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) की वर्दी पहने मोदी ने कहा, ‘‘ऐसे महत्वपूर्ण समय में यह जरूरी है कि भारत की सीमाएं सुरक्षित रहें और देश में शांति का माहौल रहे और इसमें आपकी बड़ी भूमिका है.'' प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘भारत तब तक सुरक्षित है, जब तक मेरे बहादुर जवान हिमालय की तरह सीमाओं पर खड़े हैं.''

भारत-पाकिस्तान की सेनाओं के बीच मिठाइयों का आदान-प्रदान

भारतीय थलसेना ने जम्मू-कश्मीर के पुंछ जिले में नियंत्रण रेखा (एलओसी) पर रविवार को दिवाली के अवसर पर अपने पाकिस्तानी समकक्षों के साथ मिठाइयों का आदान-प्रदान किया. अधिकारियों ने यह जानकारी दी.

अधिकारियों ने बताया कि हालांकि, अंतरराष्ट्रीय सीमा पर दोनों पक्षों के बीच मिठाइयों के आदान-प्रदान के दौरान पिछले वर्षों जैसा उत्साह देखने को नहीं मिला. हाल में पाकिस्तान की तरफ से संघर्षविराम का उल्लंघन करने की घटनाएं इसके लिए जिम्मेदार रहीं, जिसमें सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) का एक जवान शहीद हो गया था.

पाकिस्तान की कराची जेल से रिहा हुए 80 मछुआरे रविवार को ट्रेन से गुजरात के वडोदरा पहुंचे. एक अधिकारी के मुताबिक, वडोदरा से इन मछुआरों को दिवाली पर अपने परिवारों से मिलाने के लिए बस द्वारा राज्य के गिर सोमनाथ जिले के वेरावल ले जाया गया.

दिल्ली के उपराज्यपाल वीके सक्सेना और मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने दिवाली पर शहर के लोगों के लिए सुख और समृद्धि की कामना की.

दिल्लीवासियों की सुबह साफ आसमान और खिली धूप के साथ हुई और शहर का वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) शाम चार बजे 218 रहा, जो बीते कम से कम तीन सप्ताह में सबसे अच्छा है. केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के आंकड़ों के मुताबिक, दिल्ली में पिछले साल दिवाली पर एक्यूआई 312, 2021 में 382, 2020 में 414, 2019 में 337, 2018 में 281, 2017 में 319 और 2016 में 431 दर्ज किया गया था. शनिवार को 24 घंटे का औसत एक्यूआई 220 था, जो पिछले आठ वर्षों में दिवाली से एक दिन पहले सबसे कम रहा था.

योगी आदित्‍यनाथ ने गांवों के लोगों के साथ दीपावली मनाई

अयोध्या में शनिवार को दीपोत्सव का नया कीर्तिमान बनाने के बाद रविवार को उत्तर प्रदेश के मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ ने गोरखपुर में वनटांगिया गांवों के लोगों के साथ दीपावली मनाई और कहा कि सकारात्मक भाव से किया गया कोई भी संघर्ष कभी व्यर्थ नहीं जाता. अयोध्या से रविवार सुबह गोरखपुर के वनटांगिया गांव तिकोनिया नंबर तीन में दीपावली मनाने पहुंचे योगी ने जिले की विभिन्न ग्राम पंचायतों के लिए 153 करोड़ रुपये की 52 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण व शिलान्यास किया.

मुख्‍यमंत्री ने रविवार को अयोध्या में श्री हनुमानगढ़ी पहुंचकर दर्शन-पूजन किया. इसके बाद उन्‍होंने श्रीरामजन्मभूमि पहुंचकर भगवान रामलला के दर्शन किए और जनमानस के सुखी-स्वस्थ होने की प्रार्थना की.

मुख्‍यमंत्री योगी ने रविवार को सोशल मीडिया मंच ‘एक्स' (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्‍ट किया, ‘‘असत्य पर सत्य, अत्याचार पर सदाचार, अंधकार पर प्रकाश की विजय के महापर्व दीपावली की प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं! प्रभु श्रीराम और माता जानकी की कृपा से यह पावन पर्व आप सभी के जीवन को सुख, समृद्धि, सौभाग्य एवं आरोग्यता के धवल प्रकाश से भर दे. जय श्री राम.''

गोवा में नरकासुर के विशाल पुतले जलाए गए

गोवा के लोगों ने रविवार को दिवाली उत्सव पर ‘नरकासुर' के विशाल पुतले जलाए. मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने लोगों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि वे इस पर्व को मनाने के लिए स्थानीय उत्पाद खरीदें. गोवा में नरकासुर के पुतले बनाने और उन्हें दिवाली पर जलाने की पुरानी परंपरा है. यह बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है. राज्य में ‘नरकासुर वध'(राक्षस का वध) प्रतियोगिताएं भी आयोजित की गईं.

पणजी के एक इतिहासकार संजीव सरदेसाई ने कहा, ‘‘यह बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है. भगवान कृष्ण की पोशाक पहने एक कलाकार सुबह के समय नरकासुर वध का प्रदर्शन करता है. हम इस तरह दिवाली मनाते हैं.''

भगवंत मान  और मनोहरलाल खट्टर ने शुभकामनाएं दीं

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने रविवार को रोशनी के त्योहार दिवाली और ‘बंदी छोड़ दिवस' पर लोगों को शुभकामनाएं दीं. हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने भी दिवाली के शुभ अवसर पर लोगों को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दीं.

एक संदेश में मान ने लोगों से दिवाली और ‘बंदी छोड़ दिवस' के त्योहारों को पर्यावरण-अनुकूल तरीके से मनाने की अपील की. उन्होंने कहा कि सदियों से लोग पूरी श्रद्धा और धार्मिक उत्साह के साथ दिवाली मनाते रहे हैं.

हरियाणा के मुख्यमंत्री खट्टर ने कहा कि यह त्योहार बुराई पर अच्छाई, अंधेरे पर प्रकाश की जीत का प्रतीक है और सकारात्मकता की ओर बढ़ने की याद दिलाता है. उन्होंने लोगों से प्रदूषण मुक्त उत्सव को बढ़ावा देते हुए पर्यावरण अनुकूल तरीके से त्योहार मनाने का आग्रह किया.

हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने रविवार को शिमला के बालिका आश्रम टूटीकांडी में बच्चों के साथ दीपावली मनाई और उनके बीच मिठाइयां, फल और पटाखे भी बांटे. दिल्ली के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान में 15 दिन इलाज कराने के बाद सुक्खू शनिवार को शिमला लौटे थे. एक आधिकारिक बयान के मुताबिक, मुख्यमंत्री ने कहा कि मौजूदा राज्य सरकार ने कानून बनाकर अनाथ बच्चों को 'राज्य के बच्चे' का दर्जा दिया है.

पंजाब और हरियाणा में बड़ी संख्या में लोगों ने हर्षोल्लास और उत्साह के साथ दिवाली मनाई. प्रकाश के त्योहार पर श्रद्धा सुमन अर्पित करने के लिए दोनों राज्यों और चंडीगढ़ में मंदिरों और गुरुद्वारों के सामने श्रद्धालुओं की कतारें लगी रहीं.

झारखंड में लोगों को पटाखे फोड़ने के लिए रात आठ बजे से 10 बजे तक दो घंटे का समय दिया गया. अधिकारियों के मुताबिक, गुरुपर्व, छठ, क्रिसमस और नए साल पर भी इसी तरह दो घंटे की छूट दी जाएगी, लेकिन समय अलग-अलग होगा.

कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धरमैया ने रविवार को राज्य के लोगों से अपील की कि आग लगने की घटनाओं से बचने और प्रदूषण रहित दिवाली मनाने के लिए केवल हरित पटाखों का उपयोग करें क्योंकि प्रदूषण सांस और हृदय की बीमारियों से ग्रस्त मरीजों के स्वास्थ्य के लिए खतरा बन सकता है. दीपावली के अवसर पर लोगों को शुभकामनाएं देते हुए उन्होंने कहा कि यह पर्व अज्ञानता के अंधेरे से ज्ञान के प्रकाश तक की यात्रा का प्रतीक है.

तमिलनाडु में पक्षी अभयारण्य के नजदीक नहीं फोड़े गए पटाखे

दिवाली के मौके पर जहां पूरे देश में पटाखों की गूंज सुनाई दे रही है, वहीं तमिलनाडु के इरोड जिले के सात गांवों में इस त्योहार को सिर्फ रोशनी के साथ मनाया गया और नजदीकी पक्षी अभयारण्य में पक्षियों के संरक्षण के मद्देनजर पटाखे नहीं फोड़े गए.ये गांव इरोड से 10 किलोमीटर दूर वदामुगम वेल्लोड के आसपास स्थित हैं, जहां पक्षी अभयारण्य है.

इस वर्ष भी, सेलप्पमपलयम, वदामुगम वेल्लोड, सेम्मांडमपालयम, करुक्कनकट्टू वलासु, पुंगमपाडी और दो अन्य गांवों ने ‘शांत' दीपावली की सम्मानजनक परंपरा को बरकरार रखा. वे पिछले 22 वर्षों से दिवाली पर पटाखे नहीं फोड़कर इस संरक्षण दृष्टिकोण का पालन कर रहे हैं.

पक्षियों की हजारों स्थानीय प्रजातियां और अन्य क्षेत्रों से प्रवासी पक्षी अक्टूबर और जनवरी के बीच अंडे देने और उन्हें सेने के लिए अभयारण्य में आते हैं.

श्रीनगर और कश्मीर घाटी में मंदिरों को सजाया गया

जम्मू-कश्मीर में रविवार को स्थानीय हिंदू आबादी और सुरक्षा बलों द्वारा हर्षोल्लास के साथ दिवाली मनाई गई और दीपोत्सव का जश्न मनाने के लिए कई मंदिरों और लोकप्रिय स्थलों को रोशनी से सजाया गया. अधिकारियों ने कहा कि श्रीनगर शहर और घाटी में अन्य जगहों पर सभी प्रमुख मंदिरों को दिवाली मनाने के लिए रोशनी से सजाया गया था.

उन्होंने बताया कि रोशनी के त्योहार को चिह्नित करने के लिए पुलों और इमारतों तथा पोलो व्यू मार्केट और झेलम बांध जैसे अन्य स्थलों को भी फ्लोरोसेंट रोशनी से जगमगाया गया.

पर्यटक और स्थानीय लोग भी जश्न मनाने के लिए शहर के प्रतिष्ठित घंटाघर पर एकत्र हुए. हिंदू ने श्रद्धालुओं ने पारंपरिक मिट्टी के दीयों से सजाए गए मंदिरों का दौरा किया, जबकि सुरक्षा बलों द्वारा भी अपने शिविरों के अंदर त्योहार मनाने की खबरें कश्मीर घाटी से प्राप्त हुईं.



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Sunday, November 12, 2023

मध्य प्रदेश में दीपावली के एक दिन पहले बीजेपी ने जारी किया संकल्प पत्र, जनता से किए अनेक वादे

Madhya Pradesh Elections 2023: दीपावली से एक दिन पहले मध्य प्रदेश भारतीय जनता पार्टी ने विधानसभा चुनाव के लिए अपना संकल्प पत्र (घोषणा पत्र) जारी कर दिया. मध्य प्रदेश में 17 नवंबर को एक ही चरण में विधानसभा चुनाव के लिए मतदान होना है. भाजपा के घोषणा पत्र में ‘लाडली बहना' और उज्ज्वला योजनाओं के लाभार्थियों के लिए 450 रुपये में रसोई गैस सिलेंडर और गरीब परिवारों की लड़कियों के लिए पोस्ट ग्रेजुएशन तक की मुफ्त शिक्षा सहित कई अन्य वादे किए गए हैं.

भाजपा ने घोषणा पत्र में प्रदेश की जनता से कई वादे किए हैं. भाजपा का संकल्प पत्र, कांग्रेस के वचन पत्र (घोषणा पत्र) पर भारी पड़ गया है. भोपाल के कुशाभाऊ ठाकरे कन्वेंशन सेंटर में शनिवार को भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा, प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा और मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, प्रदेश भाजपा चुनाव समिति के संयोजक व केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर और मध्य प्रदेश के पूर्व वित्त मंत्री व संकल्प पत्र समिति के अध्यक्ष जयंत मलैया ने संकल्प पत्र का विमोचन किया. इसमें भाजपा ने मध्य प्रदेश के अगले पांच साल के ब्लूप्रिंट को प्रदेश की जनता के समक्ष रखा है. संकल्प पत्र का शीर्षक ‘मोदी की गारंटी, भाजपा का भरोसा मध्य प्रदेश संकल्प पत्र 2023' रखा गया है. 

संकल्प पत्र में 10 प्रमुख संकल्प लिए गए हैं. प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना को अगले 5 साल के लिए क्रियान्वित करते हुए रियायती दरों पर दाल, सरसों का तेल एवं चीनी भी दी जाएगी. भाजपा ने किसानों के लिए बड़ा ऐलान करते हुए धान और गेहूं के समर्थन मूल्य में जबर्दस्त वृद्धि करने की बात कही है. किसानों को प्रतिवर्ष 12000 रुपये की सम्मान निधि तो दी ही जाएगी, साथ ही साथ एमएसपी के साथ बोनस 2700 रुपये प्रति क्विंटल पर गेहूं एवं 3100 रुपये प्रति क्विंटल पर धान की खरीद की जाएगी.

गौरतलब है कि कांग्रेस ने अपने वचन पत्र में  2600 रुपये गेहूं और धान का समर्थन मूल्य 2500 रुपये देने का वचन दिया है. भाजपा के संकल्प पत्र में इस राशि को बढ़ाया गया है. भाजपा ने कहा है कि मुख्यमंत्री जन आवास योजना के तहत बेघर को सरकार घर बनाकर देगी. भाजपा ने लाड़ली बहनों को आर्थिक सहायता जारी रखने के साथ आवास का लाभ देने का भी वादा किया है. भाजपा ने तेंदूपत्ता संग्रहण दर को 4000 रुपये प्रति बोरा करने का संकल्प लिया है. गरीब परिवार के सभी विद्यार्थियों को 12वीं कक्षा तक निःशुल्क शिक्षा प्रदान करने का संकल्प भी लिया गया है. प्रत्येक संभाग में आईआईटी की तर्ज पर मध्य प्रदेश इंस्टिट्यूट ऑफ़ टेक्नोलॉजी एवं एम्स की तर्ज पर मध्य प्रदेश इंस्टिट्यूट ऑफ़ मेडिकल साइंस की स्थापना का संकल्प भाजपा ने लिया है. प्रदेश के प्रत्येक परिवार में कम से कम एक रोजगार अथवा स्वरोजगार का अवसर सुनिश्चित करने का संकल्प लिया है. 10 प्रमुख संकल्पों के अलावा भी भाजपा ने अनेक गारंटी दी हैं.

भाजपा के प्रमुख 10 संकल्प

1. 5 वर्षों के लिए प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना जारी रहेगी, गरीब परिवार को राशन के साथ रियायती दर पर दाल, सरसों का तेल एवं चीनी उपलब्ध होगी.
2. सबको घर देने के लिए प्रधानमंत्री आवास योजना के साथ ही मुख्यमंत्री जन आवास योजना शुरू करेंगे.
3. लाड़ली बहनों को मासिक आर्थिक सहायता के साथ आवास का लाभ भी दिया जाएगा.
4. न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) के साथ बोनस 2700 रुपये प्रति क्विंटल पर गेहूं एवं 3100 रुपये प्रति क्विंटल पर धान की खरीद की जाएगी.
5. पीएम किसान सम्मान निधि एवं मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना के लाभार्थियों को वार्षिक 12,000 रुपये दिए जाएंगे.
6. तेंदूपत्ता संग्रहण दर 4000 रुपये प्रति बोरा देना सुनिश्चित किया जाएगा.
7. गरीब परिवार के सभी विद्यार्थियों को 12वीं कक्षा तक मुफ्त शिक्षा की व्यवस्था होगी.
8. सरकारी स्कूल में मिड-डे मील के साथ अब पौष्टिक नाश्ता भी दिया जाएगा.
9. प्रत्येक संभाग में मध् प्रदेश इंस्टिट्यूट ऑफ़ टेक्नोलॉजी एवं मध्य प्रदेश इंस्टिट्यूट ऑफ़ मेडिकल साइंस स्थापित किया जाएगा.
10. प्रत्येक परिवार में कम से कम एक रोजगार अथवा स्वरोजगार का अवसर सुनिश्चित करेंगे.

पीएम मोदी ने दी गारंटियां

  • ग्रामीण महिलाओं को लखपति बनाएंगे. 15 लाख महिलाओं को लखपति योजना के अंतर्गत कौशल प्रशिक्षण का लाभ मिलेगा. 
  • लाड़ली लक्ष्मियों को कुल 2 लाख रुपये, सभी जरूरतमंद बालिकाओं को जन्म से 21 वर्ष तक लाभ.
  • पीएम उज्ज्वला योजना एवं लाड़ली बहना योजना की लाभार्थियों को 450 रुपये में गैस सिलेंडर मिलेगा.
  • सभी छात्राओं को केजी से पीजी तक मुफ्त शिक्षा का मिलेगा लाभ.
  • जनजातीय समुदाय के सशक्तिकरण के लिए अगले 5 वर्षो में स्वास्थ्य, शिक्षा एवं सामाजिक सशक्तिकरण पर 3 लाख करोड़ रुपये व्यय करेंगे.
  • प्रत्येक एसटी ब्लॉक में एकलव्य विद्यालय की स्थापना के साथ ही 3800 शिक्षकों की भर्ती करेंगे.
  • एसटी बहुल जिलों मंडला, खरगोन, धार, बालाघाट एवं सीधी में मेडिकल कॉलेज का निर्माण करेंगे.
  • सौ करोड़ रुपये के निवेश के साथ जनजातीय श्रद्धा-स्थल संरक्षण मिशन के तहत पूजा स्थलों का विस्तार एवं नवीनीकरण करेंगे.
  • गरीब परिवारों के छात्रों को कक्षा 1 से 12 तक मुफ्त शिक्षा के साथ 1200 रुपये की वार्षिक सहायता स्कूल बैग, किताबें एवं यूनिफॉर्म के लिए देंगे.
  • वन डिस्ट्रिक्ट-वन स्पोर्ट्स काम्प्लेक्स योजना के अंतर्गत प्रत्येक जिले में एक स्पोर्ट्स काम्प्लेक्स की स्थापना करेंगे.
  • वरिष्ठ एवं दिव्यांग नागरिकों को  1500 रुपये की मासिक पेंशन दी जाएगी.
  • कारीगरों को 15,000 रुपये की वित्तीय सहायता, 500 रुपये का दैनिक भुगतान किया जाएगा.
  • पिछड़े क्षेत्रों के विकास के लिए 3 विकास बोर्ड बुंदेलखंड, विंध्य एवं महाकौशल विकास बोर्ड की स्थापना करेंगे.
  • अटल गृह ज्योति योजना के अंतर्गत सभी घरों को लाभ प्रदान करते हुए 100 रुपये में 100 यूनिट बिजली देंगे.
  • छह नए एक्सप्रेस वे - विंध्य एक्सप्रेस वे, नर्मदा पथ, अटल प्रगति पथ, मालवा-निमाड़ पथ, बुंदेलखंड पथ एवं मध्य भारत विकास पथ का निर्माण शीघ्र करेंगे.
  • आयुष्मान भारत के सभी लाभार्थियों को 5 लाख से ज्यादा व्यय होने पर सीएम रिलीफ फंड के अंतर्गत प्रदेश सरकार खर्चा उठाएगी.
  • पुलिस कमिश्नर प्रणाली का विस्तार करते हुए भोपाल एवं इंदौर के बाद जबलपुर और ग्वालियर में लागू करेंगे.
  • भोपाल में राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय स्थापित करेंगे.
  • सभी जनजातीय नायकों के भव्य स्मारकों का निर्माण करेंगे. साथ ही चौगान किला, देवगढ़ किला, मंडला किला, चौरागढ़ किला एवं मदन महल किला का नवीनीकरण करेंगे.
  • भाषाई साहित्य अकादमियों की स्थापना के उद्देश्य से बघेली, बुंदेली, गोंडी एवं भीली साहित्य अकादमी की स्थापना करेंगे.


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'बेटा नीचे आओ...', चुनावी रैली में टावर पर चढ़ी लड़की से बोले PM मोदी

हैदराबाद: PM नरेंद्र मोदी ने शनिवार को यहां एक रैली को संबोधित किया था, जिसके बाद उन्हें एक पल के लिए अपना भाषण बीच में रोकना पड़ा, जब उन्होंने एक युवती को परेड ग्राउंड में एक इमारत पर चढ़ते हुए देखा, जिस पर लाईट लगी हुई थी. पीएम मोदी अनुसूचित जाति के सबसे बड़े घटकों में से एक, मैडिगा के सामुदायिक संगठन, मैडिगा रिजर्वेशन पोराटा समिति (एमआरपीएस) द्वारा आयोजित एक बैठक को संबोधित करने के लिए गए थे.

प्रधानमंत्री ने बार-बार युवती से नीचे आने का अनुरोध किया और कहा कि बिजली के तारों के पास करंट का खतरा है. जब वह पीएम मोदी को कुछ बताने की कोशिश कर रही थीं, तो उन्होंने हिंदी में कहा, "बेटा, मैं तुम्हारी बात सुनूंगा. कृपया नीचे आओ और बैठो. शॉर्ट-सर्किट हो सकता है. यह सही नहीं है. मैं आप लोगों के लिए आया हूं." पीएम के भाषण का अनुवाद कर रहे  कृष्णा ने उनसे तेलुगु में अनुरोध किया.

वहीं, मडिगा रिजर्वेशन पोराटा समिति (एमआरपीएस) की नेता मंदा कृष्णा मडिगा हैदराबाद के मंच पर भावुक हो गए, जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को एक सार्वजनिक रैली को संबोधित करने पहुंचे थे. हैदराबाद के सिकंदराबाद में मंदा कृष्णा मडिगा ने पीएम मोदी के साथ मंच साझा किया. पीएम को मंच पर एमआरपीएस नेता से बात करते देखा गया, जहां मडिगा रो पड़े. इसके बाद PM ने मडिगा का हाथ पकड़कर उन्हें सांत्वना दी.

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तेलंगाना की चुनावी रैली में भावुक हुए एमआरपीएस प्रमुख मडिगा, PM मोदी ने गले लगाकर दी सांत्वना

हैदराबाद (तेलंगाना): मडिगा रिजर्वेशन पोराटा समिति (एमआरपीएस) की नेता मंदा कृष्णा मडिगा हैदराबाद के मंच पर भावुक हो गए, जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को एक सार्वजनिक रैली को संबोधित करने पहुंचे थे.  हैदराबाद के सिकंदराबाद में मंदा कृष्णा मडिगा ने पीएम मोदी के साथ मंच साझा किया. पीएम को मंच पर एमआरपीएस नेता से बात करते देखा गया, जहां मडिगा रो पड़े. इसके बाद PM ने मडिगा का हाथ पकड़कर उन्हें सांत्वना दी.

पीएम मोदी तेलुगु राज्यों में अनुसूचित जाति के सबसे बड़े घटकों में से एक, मडिगा समुदाय के संगठन, मडिगा रिजर्वेशन पोराटा समिति द्वारा आयोजित की जा रही रैली को संबोधित करने के लिए वहां मौजूद थे. रैली को राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जाता है, क्योंकि एमआरपीएस मडिगा पर प्रभाव रखता है, एक दलित समुदाय जिसकी एक बड़ी आबादी ऐतिहासिक रूप से चमड़े के श्रमिकों और मैनुअल मैला ढोने वालों द्वारा कब्जा कर ली गई है.

मंदा कृष्णा के साथ हुई बैठक के बाद, भाजपा ने अपने 2014 के घोषणापत्र में आंतरिक आरक्षण का वादा किया. एमआरपीएस की स्थापना जुलाई 1994 में आंध्र प्रदेश के प्रकाशम जिले के एडुमुडी गांव में मंदा कृष्णा मडिगा और अन्य के नेतृत्व में आंतरिक आरक्षण लागू करने के उद्देश्य से की गई थी. 

'...जितना BRS से सतर्क रहना है उतना ही कांग्रेस...'
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक सार्वजनिक रैली में कहा, "मैं मादिगा समुदाय के लोगों से कहूंगा कि आपको जितना BRS से सतर्क रहना है उतना ही कांग्रेस से सावधान रहना है. BRS दलित विरोधी और कांग्रेस भी इसमें कम नहीं है. BRS ने नए संविधान की मांग करके बाबा साहब का अपमान किया और कांग्रेस का इतिहास भी कुछ ऐसा ही है. कांग्रेस के कारण ही दशकों तक बाबा साहब को भारत रत्न नहीं दिया गया...".

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Saturday, November 11, 2023

कांग्रेस ने तेलंगाना में चुनाव प्रचार के लिए अपनी कर्नाटक की ताकत झोंकी

बेंगलुरु: कांग्रेस ने तेलंगाना चुनाव में कर्नाटक के 10 मंत्रियों और 48 वरिष्ठ नेताओं को चुनाव प्रबंधन के लिए पड़ोसी राज्य में भेजा है जिससे वह कर्नाटक में अपनी ताकतों का इस्तेमाल करते हुए तेलंगाना में जीत अनुकरण करना चाहती है. तेलंगाना में 30 नवंबर को मतदान होना है.

कांग्रेस ने कर्नाटक के 10 मंत्रियों को अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) समूह के प्रभारी के रूप में नियुक्त किया है जबकि दल के 48 अन्य नेताओं को तेलंगाना के विभिन्न जिलों के लिए एआईसीसी विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र पर्यवेक्षक के रूप में नियुक्त किया गया है.

कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धरमैया और उपमुख्यमंत्री डी. के. शिवकुमार तेलंगाना में चुनावी अभियान में अग्रिम पंक्ति से नेतृत्व कर रहे हैं. शिवकुमार केरल प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रमुख भी है. दोनों नेता इस समय चुनाव प्रचार के लिए तेलंगाना में हैं और कर्नाटक की तरह चुनावी राज्य में भी कांग्रेस को जीत दिलाने के लिए काम कर रहे हैं.

एआईसीसी समूह के प्रभारी के रूप में मंत्री दिनेश गुंडू राव, प्रियांक खरगे, एम. सी. सुधाकर, एस. पी. पाटिल, के. एच. मुनियप्पा, कृष्णा बायरे गौड़ा, शिवराज एस. तंगदागी, जमीर अहमद खान, ईश्वर खंड्रे और बी नागेंद्र को नियुक्त किया गया है. तेलंगाना में मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री को 'चुनावी ड्यूटी' कांग्रेस को कर्नाटक में आलोचना का भी सामना करना पड़ रहा है जिसमें दल को विशेष रूप से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) घेर रही है. भाजपा ने आरोप लगाया कि कर्नाटक में सूखे की स्थिति के बावजूद ये चुनाव प्रचार में शामिल है.

शिवकुमार ने तेलंगाना के लिए रवाना होने से पहले आलोचना पर एक सवाल का जवाब देते हुए कहा, 'अधिक संख्या में नहीं, हमने केवल पांच से छह मंत्रियों को तैनात किया है. भाजपा सरकार के दौरान भी उन्होंने तैनाती की थी.'' उन्होंने कहा कि इसके साथ ही 40 कांग्रेस विधायकों को भी तैनात किया गया है. ये भी चुनाव प्रचार के लिए तेलंगाना जाएंगे. हालांकि, राजस्व मंत्री कृष्णा बायरे गौड़ा को चुनावी राज्य में नहीं जाने के लिए कहा गया है क्योंकि सूखे की स्थिति के बीच राज्य में उनकी आवश्यकता होगी.
 

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Friday, November 10, 2023

कर्नाटक के IT मंत्री प्रियांक खरगे ने BJP शासन के दौरान 500 करोड़ रुपये की अनियमितता का लगाया आरोप

कर्नाटक के सूचना प्रौद्योगिकी एवं जैव प्रौद्योगिकी मंत्री प्रियांक खरगे ने बृहस्पतिवार को आरोप लगाया कि पिछली भाजपा सरकार के दौरान कर्नाटक राज्य इलेक्ट्रॉनिक्स विकास निगम लिमिटेड (केओनिक्स) में करीब 500 करोड़ रुपये की वित्तीय अनियमितताएं हुईं थीं. कर्नाटक सरकार में मंत्री ने दावा किया कि राज्य में भारतीय जनता पार्टी(भाजपा) की तत्कालीन सरकार ने केवल '40 प्रतिशत कमीशन' ही नहीं लिया था, बल्कि 400 प्रतिशत से अधिक का कमीशन वसूला था.

राज्य में हुए विधानसभा चुनाव के दौरान कांग्रेस ने भाजपा पर यह आरोप लगाते हुए दावा किया था. प्रियांक खरगे ने यह भी कहा कि कांग्रेस के सत्ता में आने के बाद जब से उन्होंने मंत्री का पद संभाला है, तब से केओनिक्स में एक भी आदेश पारित नहीं किया गया और न ही एजेंसी के माध्यम से कोई खरीद हुई. प्रियांक खरगे ने यहां एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘‘अंकेक्षण रिपोर्ट में 500 करोड़ रुपये के करीब वित्तीय अनियमितताएं दिखाई गई हैं, जो 2019 से 2023 तक हुई हैं. पिछली भाजपा सरकार महज '40 प्रतिशत कमीशन सरकार' नहीं थी, बल्कि यह 400 प्रतिशत कमीशन तक पहुंच गई थी. ये हम नहीं बल्कि अंकेक्षण रिपोर्ट कह रही है. ''

कर्नाटक सरकार में मंत्री का यह बयान ऐसे समय में आया है जब भाजपा के कुछ नेताओं ने आरोप लगाया कि केओनिक्स के एक अधिकारी ने 300 करोड़ रुपये के कुछ बिल को मंजूरी देने के लिए 38 करोड़ रुपये की रिश्वत मांगी. भाजपा नेताओं ने खरगे पर भी इसमें शामिल होने का आरोप लगाया है. खरगे ने कहा कि इस संबंध में जांच के आदेश दे दिए गए हैं और कांग्रेस सरकार जवाबदेही और पारदर्शिता के नियमों में जो बदलाव ला रही है, उससे कई पूर्व मंत्रियों और विधायकों के लिए परेशानी पैदा होगी.

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न्यायालय ने 23 साल पुराने मामले में सुरजेवाला के खिलाफ जारी गैर जमानती वारंट के अमल पर रोक लगाई

नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने बृहस्पतिवार को कांग्रेस नेता रणदीप सिंह सुरजेवाला को राहत प्रदान करते हुए सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के 23 साल पुराने एक आपराधिक मामले में वाराणसी की सांसद/विधायक अदालत द्वारा जारी गैर-जमानती वारंट (एनबीडब्ल्यू) के अमल पर रोक लगा दी. विशेष न्यायाधीश (एमपी-एमएलए) अवनीश गौतम ने बुधवार को राज्यसभा सदस्य सुरजेवाला के खिलाफ एनबीडब्ल्यू जारी कर उन्हें 21 नवंबर को पेश होने का निर्देश दिया था.

सुरजेवाला की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता अभिषेक सिंघवी ने पूर्वाह्न प्रधान न्यायाधीश डी. वाई. चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली तीन-सदस्यीय पीठ के समक्ष मामले का विशेष उल्लेख किया और तत्काल सुनवाई का अनुरोध किया. इस पर प्रधान न्यायाधीश ने अपराह्न सुनवाई को लेकर सहमति जता दी.

सिंघवी ने सुनवाई के दौरान कहा कि मामला वर्ष 2000 का है और सुरजेवाला के खिलाफ समन 22 साल बाद पिछले वर्ष अगस्त में जारी किया गया था. उन्होंने दलील दी कि चूंकि अदालत ने उन्हें आवश्यक दस्तावेजों की सुपाठ्य प्रतियां उपलब्ध नहीं कराई है, इसलिए कांग्रेस नेता ने दंड प्रक्रिया संहिता (सीआरपीसी) की धारा 482 के तहत इलाहाबाद उच्च न्यायालय का रुख किया और अदालत ने 30 अक्टूबर, 2023 को अपना फैसला सुरक्षित रख लिया.

सीआरपीसी की धारा 482 उच्च न्यायालय को अदालत की प्रक्रिया के दुरुपयोग को रोकने या न्याय के उद्देश्य को सुरक्षित करने के लिए आवश्यक आदेश पारित करने की शक्ति प्रदान करती है. सिंघवी ने कहा कि उच्च न्यायालय द्वारा फैसला सुरक्षित रखने के बावजूद सुरजेवाला के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किया गया. उन्होंने कहा कि एनबीडब्ल्यू उस वक्त जारी किया गया, जब सुरजेवाला मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव के प्रचार में व्यस्त थे.

इसके बाद, शीर्ष अदालत ने सुरजेवाला को पांच सप्ताह के भीतर एनबीडब्ल्यू रद्द कराने के लिए विशेष न्यायाधीश (एमपी/एमएलए) वाराणसी की अदालत से संपर्क करने को कहा. पीठ ने कहा, ‘‘याचिकाकर्ता को एनबीडब्ल्यू निरस्त कराने के लिए एक अर्जी दायर करने की छूट दी गई है. इस बीच पांच सप्ताह तक की अवधि के लिए वारंट निष्पादित नहीं किया जाएगा.''

यह मामला वर्ष 2000 का है जब सुरजेवाला भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष थे. वाराणसी में महिला कैदियों के संरक्षण गृह से संबंधित संवासिनी घोटाले में कांग्रेस नेताओं को कथित रूप से गलत फंसाने के विरोध में हंगामा करने के आरोप में उनके खिलाफ मामला दर्ज किया गया था.

प्रदर्शन के दौरान, कांग्रेस नेता ने अपने समर्थकों के साथ कथित तौर पर संपत्ति को नुकसान पहुंचाया, पथराव किया और लोक सेवकों को उनके कर्तव्यों के निर्वहन से रोका.



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Thursday, November 9, 2023

घूसकांड के आरोपों से सांसदी रद्द करने की सिफारिश तक, महुआ मोइत्रा केस की पूरी टाइमलाइन

घूस लेकर संसद में सवाल पूछने (Cash for Query) के आरोपों में घिरीं पश्चिम बंगाल के कृष्णानगर से टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा (Mahua Moitra) की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं. पार्लियामेंट एथिक्स कमेटी ने इस मामले की जांच के बाद महुआ मोइत्रा की लोकसभा सदस्यता रद्द करने की सिफारिश की है. वहीं, बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे (Nishikant Dubey) ने दावा किया है कि एंटी-करप्शन पैनल ने इसी मामले में महुआ मोइत्रा के खिलाफ सीबीआई जांच का आदेश दिया है. आइए महुआ मोइत्रा घूसकांड की पूरी टाइमलाइन पर डालते हैं एक नजर:-

14 अक्टूबर:- महुआ मोइत्रा के एक्स लिव इन पार्टनर और सुप्रीम कोर्ट के वकील जय अनंत देहद्राई ने महुआ के खिलाफ घूस लेकर संसद में सवाल पूछने की शिकायत की. जय अनंत देहद्राई ने इसी मामले में बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे को भी एक चिट्ठी लिखी.

15 अक्टूबर:-  इसके बाद झारखंड के गोड्डा से बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने लोकसभा स्पीकर ओम बिरला से महुआ मोइत्रा के बारे में वही शिकायत की. दुबे ने मोइत्रा को सस्पेंड करने की मांग की.

16 अक्टूबर:- बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने केंद्रीय आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव और आईटी राज्य मंत्री राजीव चंद्रशेखर से महुआ मोइत्रा के संसद अकाउंट के लॉग-इन आईडी और आईपी की जांच कराने की मांग की. महुआ ने भी सभी सांसदों के CDR और लॉग-इन डिटेल मांगी. राजीव चंद्रशेखर ने इसपर ट्वीट भी किया था.

17 अक्टूबर:- बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे की शिकायत को स्पीकर ने एथिक्स कमेटी को सौंप दिया. इसी दिन महुआ ने दिल्ली हाईकोर्ट में मानहानि की याचिका दायर की.

18 अक्टूबर:- लोकसभा एथिक्स कमेटी ने नोटिस जारी कर 26 अक्टूबर को निशिकांत दुबे को कमेटी के सामने पेश होने को कहा. इसी दिन वकील जय अनंत देहद्राई का भी बयान लिया गया.

19 अक्टूबर:- बिजनेसमैन दर्शन हीरानंदानी का विस्फोटक कबूलनामा सामने आया. उन्होंने अपने एफिडेविट में माना कि महुआ मोइत्रा ने उन्हें अपने लोकसभा अकाउंट का क्रेडेंशियल दिया था, ताकि वो सवाल पोस्ट कर सके. हीरानंदानी ने ये भी कबूल किया कि मोइत्रा ने इसके एवज में उनसे मोटा कैश और लग्जरी गिफ्ट्स, फॉरिन टूर की डिमांड की.

20 अक्टूबर:- इसी दिन महुआ के मानहानि मामले की सुनवाई हुई. अदालत ने 31 अक्टूबर की अगली डेट दी.

21 अक्टूबर:- निशिकांत दुबे ने आरोप लगाया कि महुआ मोइत्रा की संसद की आईडी दुबई से 47 बार लॉग-इन हुई है. जबकि इस दौरान वो खुद भारत में थीं. इसके बाद एथिक्स कमेटी ने आईटी मंत्रालय, विदेश मंत्रालय और गृह मंत्रालय से रिपोर्ट मांगी.

27 अक्टूबर:- एथिक्स कमेटी ने महुआ मोइत्रा को 31 अक्टूबर को पेश होने को कहा. महुआ ने पेशी के लिए 5 नवंबर के बाद की डेट मांगी. इसी दिन महुआ मोइत्रा ने माना कि उन्होंने हीरानंदानी को अपने संसद अकाउंट का लॉग-इन आईडी और पासवर्ड दिया था. उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने दर्शन हीरानंदानी के सिर पर बंदूक रखकर एफिडेटिव साइन करवाया है. 

28 अक्टूबर:- महुआ की गुजारिश पर एथिक्स कमेटी ने उन्हें 31 अक्टूबर के बजाय 2 नवंबर को पेश होने को कहा.
महुआ ने भी पेश होने की हामी भरी.
    
31 अक्टूबर:- तृणमूल कांग्रेस की सांसद महुआ मोइत्रा ने अपने खिलाफ कथित फर्जी और अपमानजनक सामग्री के प्रसारण के खिलाफ दिल्ली हाईकोर्ट में दायर अपनी याचिका से पक्षकार के रूप में कई मीडिया घरानों को हटाने का अनुरोध किया. मुकदमा सिर्फ दो प्रतिवादियों - बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे और वकील जय अनंत देहद्राई के खिलाफ जारी रहेगा. 

1 नवंबर:- महुआ मोइत्रा की पेशी से एक दिन पहले एथिक्स कमेटी को गृह मंत्रालय, विदेश मंत्रालय और आईटी मंत्रालय की रिपोर्ट मिली. आईटी मंत्रालय की रिपोर्ट में बताया गया कि महुआ का संसद अकाउंट दुबई से 47 बार लॉग-इन हुआ था.

2 नवंबर:- 2 नवंबर को महुआ मोइत्रा संसद की एथिक्स कमेटी के सामने पेश हुईं. इस दौरान मीटिंग में खूब हंगामा हुआ. महुआ ने कहा कि एथिक्स कमेटी को कोई दूसरा नाम देना चाहिए, क्योंकि इसमें कोई नैतिकता नहीं बची है. चेयरमैन ने दुर्भावनापूर्ण और अपमानजनक तरीके से सवाल किए. वहां मौजूद 11 में से 5 सदस्यों ने पूछताछ का बहिष्कार किया. महुआ ने आरोप लगाया कि एक महिला के रूप में मेरी गरिमा को तार-तार करने वाले व्यक्तिगत सवाल पूछे गए. कमेटी ने इन आरोपों को खारिज किया. 7 नवंबर को अगली मीटिंग रखी गई, जो बाद में रद्द हो गई.

6 नवंबर:- महुआ ने दावा किया कि 7 नवंबर को होने वाली लोकसभा की एथिक्स कमेटी की बैठक इसलिए स्थगित की गई, ताकि कमेटी के मेंबर कांग्रेस सांसदों को कार्यवाही से दूर रखा जा सके.

8 नवंबर:- सूत्रों के मुताबिक, मामले की जांच के बाद संसदीय एथिक्स कमेटी ने महुआ मोइत्रा की लोकसभा सदस्यता रद्द करने की सिफारिश की है. वहीं, बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने अपने X हैंडल पर दावा किया है कि एंटी-करप्शन पैनल ने इसी मामले में महुआ मोइत्रा के खिलाफ सीबीआई जांच का आदेश दिया है. 

9 नवंबर:- महुआ पर लगे आरोपों की मसौदा रिपोर्ट पर विचार करने के लिए 9 नवंबर को एथिक्स कमेटी की बैठक होगी. कमेटी ने महुआ को गुरुवार शाम 4 बजे पेश होने को कहा है.


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घूसकांड: महुआ मोइत्रा मामले में एक राय से एथिक्स कमेटी की रिपोर्ट नहीं, 2 कांग्रेस सांसद देंगे असहमति नोट : सूत्र

महुआ मोइत्रा घूसकांड में लोकसभा की एथिक्स कमेटी सात नवंबर को ड्राफ्ट करेगी रिपोर्ट



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Wednesday, November 8, 2023

Deepfake वीडियो पर क्या कहता है IT एक्ट? कानून के बाद भी क्यों शिकार हुईं रश्मिका मंदाना और कैटरीना कैफ?

टेक्नोलॉजी जिस तेज़ी से बदल रही है और दुनिया को जिस तेज़ी से प्रभावित कर रही है, वो हैरान करने वाला है. ऐसी कई चीज़ें, जिनके बारे में हम कभी सोच भी नहीं सकते थे, वो भी इस टेक्नोलॉजी के ज़रिए असलियत में सामने आ रही हैं. Artificial Intelligence यानी AI ऐसी ही एक टेक्नोलॉजी है. AI इन दिनों हमारी जिंदगी के हर पहलू को प्रभावित कर रही है. कई मायनों में AI से हमारी ज़िंदगी आसान हुई है, तो कई मायनों में ये हमारे लिए नई मुसीबतें भी खड़ी कर सकती है. इसी AI के ज़रिए एक डीपफेक टेक्नॉलजी (Deepfake Technology) विकसित हुई है. इससे किसी के भी चेहरे और शरीर को बदलकर दिखाया जा सकता है. हाल में एक्ट्रेस रश्मिका मंदाना (Rashmika Mandana) और कैटरीना कैफ (Katreena Kaif) इसका शिकार हुई हैं, जिसे लेकर नई बहस छिड़ गई है.

आइए जानते हैं क्या है डीपफेक वीडियो और इसे रोकने के लिए भारत के आईटी लॉ में क्या है खामियां:-

डीपफेक वीडियो क्या होता है?
किसी रियल वीडियो, फोटो या ऑडियो में दूसरे के चेहरे, आवाज और एक्सप्रेशन को फिट कर देने को डीपफेक नाम दिया गया है. ये इतनी सफाई से होता है कि कोई भी यकीन कर ले.

पहली बार Reddit पर पोस्ट किए गए थे डीपफेक वीडियोज
'डीपफेक' शब्द पहली बार 2017 में इस्तेमाल किया गया था. तब अमेरिका के सोशल न्यूज एग्रीगेटर Reddit पर डीपफेक आईडी से कई सेलिब्रिटीज के वीडियो पोस्ट किए गए थे. इसमें एक्ट्रेस एमा वॉटसन, गैल गैडोट, स्कारलेट जोहानसन के कई पोर्न वीडियो थे.

AI और मशीन लर्निंग का लिया जाता है सहारा
डीपफेक वीडियो में मशीन लर्निंग और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का सहारा लिया जाता है. इसमें वीडियो और ऑडियो को टेक्नोलॉजी और सॉफ्टवेयर की मदद से ऐसे तैयार किया जाता है कि फेक भी रियल दिखने लगता है. वर्तमान टेक्नोलॉजी में अब आवाज भी इम्प्रूव हो गई है. इसमें वॉयस क्लोनिंग बेहद खतरनाक हो गई है.

रश्मिका मंदाना का मामला क्या है?
साउथ और बॉलीवुड एक्ट्रेस रश्मिका मंदाना का एक डीपफेक वीडियो वायरल हुआ है. इसमें एक्ट्रेस को बेहद वोल्ड कपड़ों में एक लिफ्ट की ओर जाते हुए दिखाया गया है. खास बात ये है कि इस वीडियो में चेहरा रश्मिका मंदाना का है, लेकिन बॉडी किसी और की है. जैसे ही ये क्लिप सोशल मीडिया पर वायरल हुई, तो पता चला कि वीडियो दरअसल ब्रिटिश इंडियन इन्फ़्लुएंसर ज़ारा पटेल के वीडियो के साथ छेड़छाड़ कर बनाया गया है. YouTube influencer ज़ारा पटेल का वीडियो 9 अक्टूबर का था, जिसे डीपफेक टेक्नॉलजी के इस्तेमाल से बदला गया. इसमें ज़ारा पटेल के चेहरे को बदलकर उसकी जगह रश्मिका मंदाना का चेहरा बनाया गया है. 

जब तक रश्मिका मंदाना ने इस वीडियो पर ऐतराज नहीं जताया, तब तक किसी को इसके डीपफेक होने का अहसास भी नहीं हुआ. ये है डीपफेक की ताकत, जो अब न जाने कितने ही लोगों के लिए एक नई मुसीबत के तौर पर सामने आ रही है. 

रश्मिका ने X पर जताई हैरानी
रश्मिका मंदाना ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट कर इस डीपफेक वीडियो पर हैरानी और डर जताया है. उन्होंने लिखा, "मैं इसे शेयर करते हुए बहुत दुखी हूं और मुझे ऑनलाइन फैलाए जा रहे अपने डीपफेक वीडियो पर बात करनी है. ऐसा न सिर्फ़ मेरे लिए बहुत डरावना है, बल्कि जिस तरह टेक्नॉलजी का गलत इस्तेमाल हो रहा है उसके कारण हम सभी पर इसका ख़तरा मंडरा रहा है."
 
एक्ट्रेस ने लिखा, "आज एक महिला और अभिनेत्री होने के नाते मैं अपने परिवार, दोस्तों और चाहने वालों की शुक्रगुज़ार हूं जो मेरे बचाव में रहे हैं. लेकिन अगर ऐसा मेरे साथ तब होता, जब मैं स्कूल या कॉलेज में थी; तो मैं सोच भी नहीं सकती कि मैं कैसे इसका मुकाबला करती. हमें एक समुदाय के तौर पर इससे गंभीरता से निपटना होगा, इससे पहले कि पहचान की इस चोरी से हममें से और लोग भी प्रभावित हों."
 
कैटरीना कैफ भी हुईं शिकार

रश्मिका मंदाना के बाद मंगलवार को एक्ट्रेस कैटरीना कैफ से जुड़ी ऐसा ही एक डीपफेक वीडियो सामने आया. रियल इमेज में कैटरीना कैफ टॉवल पहने फिल्म 'टाइगर-3' के लिए एक एक्शन सीक्वेंस कर रही हैं. लेकिन जो मॉर्फ्ड इमेज बनाई गई है, उसमें कैटरीना को उसी पोज़ में लेकिन अलग कपड़ों में दिखाया गया है, जो तस्वीर को अश्लील बनाता है. मॉर्फ्ड इमेज सामने आने के कुछ ही घंटे बाद इसे सोशल मीडिया से हटा दिया गया.

अमेरिका में डीपफेक तस्वीरों पर हुआ हंगामा
कुछ ही दिन पहले अमेरिका में AI से तैयार ऐसी ही कई डीपफेक तस्वीरों पर हंगामा हुआ था. तब न्यू जर्सी के वेस्टफील्ड हाई स्कूल में स्कूली छात्राओं की कई नेकेड फोटोज सोशल मीडिया पर वायरल की गईं. इन फेक फोटोज से स्कूली छात्राएं दहशत में आ गई थीं. हैरान करने वाली बात ये रही कि इन तस्वीरों को तैयार करने वाले उनके ही बैचमेट थे, जिन्होंने चैट पर ये मॉर्फ्ड तस्वीरें शेयर की थीं.

डीपफेक टेक्नोलॉजी का पिछले कुछ सालों में काफी गलत इस्तेमाल हुआ है. स्कैमर्स और साइबर क्रिमिनल इसका धड़ल्ले से दुरुपयोग कर रहे हैं. इसका सबसे ज़्यादा दुरुपयोग पोर्नोग्राफ़ी यानी अश्लील वीडियो या तस्वीरों के तौर पर हो रहा है. यही नहीं जानी मानी हस्तियों की पहचान के साथ भी इस टेक्नॉलजी के ज़रिए खिलवाड़ हो रहा है. 

इस डीपफेक टेक्नॉलजी में पावरफुल ग्राफ़िक कार्ड्स का इस्तेमाल किया जाता है. इंटरनेट पर ऑनलाइन ऐसे कई टूल्स और ट्यूटोरियल्स हैं, जो फ्री में इस डीपफेक टेक्नॉलजी का इस्तेमाल करना सिखाते हैं. यही वजह है कि दुनिया भर में AI से जुड़े नियमों को सख्त करने की मांग तेजी से उठ रही है. 

आईटी मंत्री ने भी किया पोस्ट
रश्मिका मंदाना से जुड़े डीपफेक वीडियो के विवाद के बाद केंद्रीय आईटी राज्य मंत्री राजीव चंद्रशेखर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट किया. उन्होंने कहा, "अप्रैल 2023 में जारी आईटी नियमों के मुताबिक सभी प्लेटफॉर्म्स के लिए ये कानूनी बाध्यता है कि वो किसी भी यूज़र द्वारा गलत जानकारी को पोस्ट न होने दें. अगर कोई यूज़र या सरकार इसकी शिकायत करती है, तो गलत जानकारी को 36 घंटे में हटाना सुनिश्चित करें. अगर प्लेटफॉर्म इस पर अमल नहीं करते, तो उनके खिलाफ नियम 7 लागू होगा और उनके खिलाफ आईपीसी की धाराओं के तहत प्रभावित व्यक्ति द्वारा केस किया जा सकता है."

सरकार ने याद दिलाए नियम
इस बीच केंद्र सरकार ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को वो कानून याद दिलाए हैं, जो Artificial Intelligence के ज़रिए ऐसे डीपफेक्स के दुरुपयोग पर होने वाली सज़ा से जुड़ा है. इलेक्ट्रॉनिक्स और इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी मंत्रालय ने अपनी एडवाइज़री में Information Technology Act, 2000 के Section 66D का ज़िक्र किया है. 

Section 66D के तहत कोई भी अगर किसी संचार उपकरण (Communication Device) या कंप्यूटर के ज़रिए किसी की पहचान बदलकर धोखा देता है, तो उसे तीन साल तक की सजा और 1 लाख रुपये तक का जुर्माना हो सकता है.

क्या कहते हैं साइबर लॉ एक्सपर्ट?
सवाल ये है कि क्या ये कानून प्रभावी तरीके से लागू हो रहा है या इसमें कुछ खामियां हैं? NDTV ने इस पूरे मामले पर साइबर लॉ एक्सपर्ट विराग गुप्ता से बात की. विराग गुप्ता ने बताया, "इंटरनेट की दुनिया में 20-25 सालों में कई मंजिल की एक बिल्डिंग बन गई है. डीपफेक उसी का एक एक्टेंशन है. जब तक हम उस बिल्डिंग को, उसके बेसिक स्ट्रक्चर को कानून के दायरे में नहीं लाएंगे, तो डीपफेक की दुनिया के रेगुलेशन में मुश्किल आएगी. क्योंकि जब तक आप समस्या की जड़ नहीं पकड़ेंगे, तब तक समाधान नहीं होगा."

विराग गुप्ता आगे बताते हैं, "इस समस्या की जड़ के पहलुओं को समझना भी जरूरी है. जिन कंपनियों के प्लेटफॉर्म पर डीपफेक का सर्कुलेशन होता है. जैसे-फेसबुक, इंस्टाग्राम, यू-ट्यूब या फिर दूसरे प्लेटफॉर्म. इन कंपनियों को कानून की भाषा में इंटरमिडिएरी कहते हैं. भारत में आईटी एक्ट की धारा 79 के तहत उनको कानूनी छूट प्राप्त है. इसलिए सेफ हार्बर की वजह से उनके खिलाफ कोई एक्शन नहीं लिया जाता है. ऐसे में मौजूदा कानून को लेकर पेंच ये है कि जब भी आपत्तिजनक कंटेंट हटाने की बात आती है, तब ये कंपनियां कहती हैं कि ये तो सरकार का आदेश है या फिर कोर्ट का आदेश आए. इसके लिए 10 साल पहले गोविंदाचार्य मामले में हाईकोर्ट ने शिकायतकर्ता से कहा था कि आप शिकायत अधिकारी नियुक्त करें, लोग उनके टोलफ्री नंबर पर कॉल करें. ईमेल में संपर्क करें. ये कंपनियां इन शिकायतों का निपटारा करेंगी. एक मैकेनिज्म होने के बाद भी लोगों को राहत नहीं मिल पा रही है."

साइबर लॉ एक्सपर्ट विराग गुप्ता कहते हैं, "दूसरी बात, भारत में बच्चों के जो डिजिटली बालिग होने का कानून है, उसे सही तरीके से लागू नहीं किया गया है. कानूनन 18 साल से कम उम्र के बच्चे नाबालिग होते हैं, वो सोशल मीडिया के अकाउंट नहीं खोल सकते हैं. ऐसे कॉन्ट्रैक्ट नहीं कर सकते हैं. लेकिन ये कानून भी फॉलो नहीं किया जाता. कंपनियों की इसकी जानकारी रहती है, लेकिन ये कंपनियां मुनाफे के लिए इसपर रोक नहीं लगाती हैं."

यूरोपीय यूनियन ने उठाया है बड़ा कदम
बता दें कि यूरोपीय यूनियन ने डीपफेक को रोकने के लिए AI एक्ट के तहत "कोड ऑफ प्रैक्टिस ऑन डिसइन्फॉर्मेशन' लागू किया है. इस पर साइन करने के बाद गूगल, मेटा, ट्विटर सहित कई तकनीकी कंपनियों को अपने प्लेटफॉर्म पर डीपफेक और फेक अकाउंट्स रोकने के लिए सख्त कदम उठाने होते हैं. इन्हें लागू करने के लिए छह महीने का समय दिया जाता है. कानून तोड़ने पर कंपनी को अपने सालाना ग्लोबल रेवेन्यू का 6% जुर्माना देना पड़ता है.

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