Thursday, April 4, 2024

AGEL becomes India’s first company with 10 GW RE capacity

Adani Green Energy Limited surpassed 10,000 MW renewable capacity milestone, aiming for 45 GW by 2030. They're building the world's largest renewable energy plant in Khavda, offsetting 21 million tonnes of CO2 emissions annually.

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Wednesday, April 3, 2024

स्पेस में योग? जानें दुनिया के पहले 'अंतरिक्ष योगी' बने राकेश शर्मा ने क्या कहा

यदि आपको लगता है कि योग का अभ्यास करना कठिन है, तो इसे शून्य गुरुत्वाकर्षण में करने का प्रयास करें. अंतरिक्ष में समय बिताने वाले भारत के एकमात्र शख्स होने के अलावा, विंग कमांडर राकेश शर्मा को अंतरिक्ष में योग का अभ्यास करने वाले पहले व्यक्ति होने का भी गौरव हासिल है, जिससे वो पहले 'अंतरिक्ष योगी' बन गए.

अंतरिक्ष में उड़ान भरने के 40 से अधिक सालों के बाद, विंग कमांडर राकेश शर्मा ने एनडीटीवी के साइंस एडिटर पल्लव बागला से योग आसन करने के लिए एक विशेष उपकरण का उपयोग करने, गुरुत्वाकर्षण की गैरमौजूदगी से उत्पन्न चुनौतियों और इसके परिणामों पर बात की. उनकी योग दिनचर्या की तुलना उनके साथ मिशन पर रहे रूसी अंतरिक्ष यात्रियों द्वारा अपनाई जाने वाली प्रशिक्षण दिनचर्या से की गई.

अंतरिक्ष यात्री ने कहा कि योग प्रयोग को सोयुज टी-11 के मिशन में शामिल किया गया था, जो सोवियत सैल्यूट 7 अंतरिक्ष स्टेशन का छठा अभियान था. ये 3 अप्रैल, 1984 को लॉन्च किया गया था, क्योंकि सभी अंतरिक्ष यात्री बीमारी से बचने के तरीकों की तलाश में थे.

राकेश शर्मा ने कहा, "तैयारी के और कई तरीके थे. एक जिसे पश्चिम ने अपनाया और एक जिसे उस समय सोवियत संघ ने अपनाया, तो यहां ये पता लगाने का प्रयास था कि क्या अंतरिक्ष यात्रियों को अंतरिक्ष की कठोरता का सामना करने के लिए तैयार करने की योगिक विधि है, अगर है तो ये एक अलग, व्यवहार्य विकल्प पेश करेगा. रवीश मल्होत्रा, मिशन पर उनके बैकअप थे और मैंने लॉन्च से लगभग तीन से चार महीने पहले योग किया था."

पूर्व भारतीय वायु सेना पायलट ने कहा कि उन्होंने रूसी नियम के अनुसार प्रशिक्षण बंद कर दिया था और ये पता लगाया था कि प्रक्षेपण से पहले, अंतरिक्ष में और पृथ्वी पर वापस आने के बाद सभी चरणों में अंतरिक्ष यात्रियों की तुलना में वे कितने अच्छी तरह तैयार हैं.

अंतरिक्ष में योग करना कठिन

विंग कमांडर राकेश शर्मा ने कहा, "योग ने हमें कुछ सबक सिखाए, क्योंकि अंतरिक्ष में योग करने का मतलब है कि आप इसे शून्य गुरुत्वाकर्षण में कर रहे हैं. जबकि पृथ्वी पर, जब आप योग कर रहे होते हैं, तो गुरुत्वाकर्षण होता है. इसलिए, उस गुरुत्वाकर्षण को दोहराने के लिए इलास्टिक डोरियों के साथ एक हार्नेस डिजाइन किया गया था. लेकिन, फिर खुद को संतुलित करना भी थोड़ा मुश्किल है. इसलिए, मैं कहूंगा कि अगर किसी प्रशिक्षित ने हमें योग करते देखा होता, तो वह काफी निराश होता."

अंतरिक्ष यात्री ने कहा कि एक सबक ये मिला कि अगर अंतरिक्ष में योग का अभ्यास करना है तो बेहतर उपकरण की जरूरत है. उस समय रूसी अंतरिक्ष यात्रियों द्वारा अपनाई गई योगिक तैयारी और खाने के बीच तुलना के परिणाम पर उन्होंने कहा कि दोनों ठीक थे.

उन्होंने कहा, "कोई कम से कम ये कह सकता है कि योग प्रणाली द्वारा की गई तैयारी उससे बुरी नहीं थी, जो की जा रही थी, लेकिन यह कहने के लिए कि यह बेहतर थी, एक व्यापक सैंपल की जरूरत होगी."

ये पूछे जाने पर कि क्या वो गगनयान कार्यक्रम के लिए नामित भारत के चार अंतरिक्ष यात्रियों को योग की सिफारिश करेंगे, विंग कमांडर शर्मा ने कहा कि ये बाद के मिशनों के दौरान हो सकता है.

उन्होंने कहा, "मैं वास्तव में इसे उन लोगों पर छोड़ दूंगा जो प्रयोग कर रहे हैं, क्योंकि समय बीत चुका है. एक चीज़ जो नहीं बदली है वो है मनुष्य का शरीर विज्ञान. इसलिए, मुझे लगता है, उस पहलू से ये प्रासंगिक रहेगा. लेकिन उन्हें निर्णय लेने दें. मुझे लगता है कि पहली कुछ उड़ानों के लिए, हमारे लिए सिस्टम को साबित करना और ये सुनिश्चित करना अधिक महत्वपूर्ण है कि वे विश्वसनीय हैं, ताकि हम इस रास्ते पर आगे बढ़ सकें. ये प्रयोग बाद के चरण में हो सकते हैं."
 



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"प्रेरित करती है उनकी यात्रा..." : ISRO प्रमुख ने की भारत के एकमात्र अंतरिक्ष यात्री की तारीफ

ऐतिहासिक उड़ान की 40वीं वर्षगांठ मना रहे देश के पहले अंतरिक्ष यात्री राकेश शर्मा ने कहा कि भारत अभी भी "सारे जहां से अच्छा" है. भारत के चार यात्रियों को अंतरिक्ष में भेजने के देश के नए प्रयास से जुड़े 75 साल के राकेश शर्मा ने कहा कि वो एक बार फिर अंतरिक्ष में जाना पसंद करेंगे, लेकिन इस बार सिर्फ एक पर्यटक के रूप में.

राकेश शर्मा ने एनडीटीवी को दिए एक एक्सक्लूसिव इंटरव्यू में कहा, ''मैं इस बार बस अंतरिक्ष यान की खिड़की से, अंतरिक्ष से धरती मां के नज़ारे का आनंद लेना चाहता हूं.''

आज, जब भारत मिशन गगनयान के हिस्से के रूप में अपनी पहली मानव अंतरिक्ष उड़ान की तैयारी कर रहा है, भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन भी 40 साल पहले के उस सुनहरे पल को याद कर रहा है.

अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन के अध्यक्ष एस सोमनाथ, जो उस समय 21 साल के थे, उन्होंने कहा, "स्क्वाड्रन लीडर राकेश शर्मा की अंतरिक्ष यात्रा ने न केवल भारत को प्रेरित किया, बल्कि मानव प्रयास की असीम क्षमता का भी प्रतीक बनाया."

एस सोमनाथ ने कहा, ''ऐतिहासिक अंतरिक्ष उड़ान की इस 40वीं वर्षगांठ पर, आइए हम उनकी उल्लेखनीय उपलब्धि और भारतीय अंतरिक्ष अन्वेषण पर छोड़ी गई अमिट छाप का सम्मान करने के लिए कुछ समय निकालें.''

3 अप्रैल, 1984 को इतिहास रचा गया था, जब स्क्वाड्रन लीडर राकेश शर्मा ने सोवियत रूस के एक रॉकेट पर अंतरिक्ष के लिए उड़ान भरी और भारत के पहले गगनयात्री बने. वो सोवियत अंतरिक्ष स्टेशन पर 7 दिन और 21 घंटे तक रहे.

दूरदर्शन से हर घर में प्रसारित तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के साथ उनकी बातचीत ने देश को रोमांचित कर दिया था. उनके सवाल "ऊपर से भारत कैसा दिखता है"? राकेश शर्मा ने अलामा इकबाल की प्रसिद्ध पंक्ति "सारे जहां से अच्छा" के साथ जवाब दिया था. राकेश शर्मा ने एनडीटीवी को बताया कि ये जवाब कोई सोचा-समझा नहीं था, स्कूल में हमेशा ये गीत गाते थे, इसलिए ये जवाब स्वाभाविक रूप से आया.

इसरो अब अपने मिशन गगनयान के हिस्से के रूप में श्रीहरिकोटा से नामित चार अंतरिक्ष यात्रियों में से एक को अंतरिक्ष में भेजने की उम्मीद कर रहा है. रॉकेट भारतीय होगा और जैसा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, "इस बार, उलटी गिनती भी हमारी होगी."

ग्रुप कैप्टन रवीश मल्होत्रा ने राकेश शर्मा के साथ प्रशिक्षण लिया था और एक स्टैंडबाय अंतरिक्ष यात्री थे, उन्होंने कभी अंतरिक्ष में उड़ान नहीं भरी. अब वो 81 साल के हो गए हैं, उन्होंने बेंगलुरु में भारत की सबसे वाइब्रेंट एयरोस्पेस कंपनियों में से एक, डायनेमैटिक टेक्नोलॉजीज बनाने में मदद की.

राकेश शर्मा ने कहा, "मुझे अंतरिक्ष में जाने के लिए चुने जाने का सौभाग्य मिला. मैं इस बात पर जोर देकर फिर से कहना चाहता हूं कि ये सरासर सौभाग्य था, और वो केवल मेरे हिस्से में था. क्योंकि मेरे सहकर्मी रवीश सर और मेरे बीच, मैं किसी विशेष गुण का दावा नहीं कर सकता."

राकेश शर्मा अब इसरो को गगनयान मिशन के लिए नामित चार अंतरिक्ष यात्रियों को प्रशिक्षित करने में मदद करते हैं. उन्होंने अपनी उड़ान से पहले योग का प्रशिक्षण लिया था और इसे लगभग शून्य गुरुत्वाकर्षण स्थिति में किया था. इस अभ्यास के कारण उन्हें "विश्व का पहला अंतरिक्ष योगी" उपनाम मिला.

उन्होंने कहा, "शुद्धतावादियों को मेरे द्वारा किया गया योग अनुभवहीन लगेगा, लेकिन इसे भारहीन स्थिति में करना आसान नहीं है और योगी को अंतरिक्ष में रखने के लिए एक गुणवत्तापूर्ण हार्नेस की आवश्यकता होती है."

इसरो के सूत्रों ने कहा कि योग अब "फैबुलस फोर" की दिनचर्या का हिस्सा है, जैसा कि गगनयात्री पदनामों को अक्सर कहा जाता है. सोमनाथ ने कहा कि राकेश शर्मा "गगनयान के विकास के समर्थक, प्रवर्तक और सलाहकार" रहे हैं.

सोमनाथ ने कहा, "मानव अंतरिक्ष उड़ान क्षमता विकसित करने के लिए राकेश शर्मा कई तरीके से इसरो का सहयोग करते हैं. वो भारत के लिए अग्रणी गगनयात्री हैं, मिशन गगनयान के हिस्से के रूप में चार उम्मीदवार उनके नक्शेकदम पर चल रहे हैं."

राकेश शर्मा ने कहा कि वो उस दिन का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं जब उन्हें "यूनिवर्स गेजर्स" के उस विशिष्ट क्लब में एक भारतीय का साथ मिलेगा.



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Tuesday, April 2, 2024

ये है अमिताभ बच्चन के करियर की सबसे खराब फिल्म, आधे में ही जया बच्चन चली गई थीं थिएटर छोड़

सदी के महानायक के तौर पर लोकप्रिय बॉलीवुड के एंग्री यंग मैन अमिताभ बच्चन ने हर दौर में ढेर सारी फिल्में दी हैं. शोले, दीवार,जंजीर से लेकर पीकू जैसी शानदार फिल्में देने वाले अमिताभ हर दिल अजीज हैं. अमिताभ बच्चन ने अपने स्टाइल से बॉलीवुड को नए आयाम दिए हैं और बॉलीवुड के लगभग सभी स्टार उनको अपना सुपरस्टार मानते हैं. लेकिन ऐसा नहीं है कि अमिताभ बच्चन के करियर में हमेशा सब कुछ अच्छा ही रहा है. दूसरे स्टार्स की तरह अमिताभ बच्चन ने भी करियर में ढलान देखा है और उसका मजबूती से सामना किया है. ऐसा ही एक दौर था जब अमिताभ बच्चन की फिल्में पिट रही थी और ऐसी ही एक फिल्म की स्क्रीनिंग के दौरान खुद उनकी पत्नी तक बीच में उठकर चली गईं. लोग कहने लगे थे कि अब बिग बी की करियर खत्म है. जानें क्या है पूरा माजरा.

बीच स्क्रीनिंग से उठकर चली गई थीं जया बच्चन 
जी हां, बात हो रही है 1990 के दशक की, जब बिग बी के करियर में ढलान का वक्त था. उनकी कई फिल्में पिट चुकी थीं और दर्शकों का टेस्ट भी बदल रहा था. उस वक्त 1997 में अमिताभ बच्चन की फिल्म आई, फिल्म का नाम था मृत्युदाता. ये फिल्म साल की एक बड़ी फ्लॉप साबित हुई. अमिताभ बच्चन ने एक इंटरव्यू में उस फिल्म का जिक्र करते हुए कहा कि जया मेरी सबसे बड़ी क्रिटिक रही हैं. जब इस फिल्म की स्क्रीनिंग हो रही थी तो जया भी फिल्म देखने आईं. वो उस वक्त हैरान रह गए जब जया स्क्रीनिंग के बीच से ही उठकर चली गईं. जया को वो फिल्म इतनी नापसंद लगी कि वो पूरी फिल्म देखने के लिए बैठी नहीं रह सकीं.

बुरी तरह फ्लॉप हुई थी फिल्म 
आपको बता दें कि 1992 के बाद ये अमिताभ बच्चन की पहली फिल्म थी जो उनका कमबैक करवा सकती थी. फिल्म के निर्देशक मेहुल कुमार थे और फिल्म का प्रोडक्शन खुद अमिताभ बच्चन की कंपनी एबीसीएल ने किया था. देखा जाए तो पांच साल बाद ये फिल्म अमिताभ के लिए कमबैक थी लेकिन फिल्म बॉक्स ऑफिस पर बुरी तरह फ्लॉप हो गई. इसके साथ ही अमिताभ बच्चन की फिल्म प्रोडक्शन कंपनी एबीसीएल भी मुश्किल में आ गई. फिल्म में अमिताभ बच्चन डॉक्टर बनते हैं और उनकी पत्नी का रोल डिंपल कपाड़िया ने निभाया था.



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Monday, April 1, 2024

देशभर में लोकसभा चुनाव का शोर, दिल्ली के बॉर्डर पर अब भी डटे हैं किसान; बताया क्या है आगे का प्लान?

लोकसभा चुनाव (Lok Sabha Elections 2024) को लेकर देश भर में जारी तैयारी के बीच पंजाब के किसानों का आंदोलन जारी है. , पंजाब के किसान लगभग दो महीने से हरियाणा के साथ लगती राज्य की सीमा पर डेरा डाले हुए हैं. किसान पहले दिल्ली मार्च की तैयारी कर रहे थे हालांकि बाद में सरकार के साथ कई दौर की बातचीत के बाद उन्होंने अपने मार्च को स्थगित कर दिया.  इन किसानों ने अपनी फसलों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) की कानूनी गारंटी और कृषि ऋण माफी आदि की मांगों को लेकर 13 फरवरी को दिल्ली तक मार्च शुरू किया, लेकिन सुरक्षा कर्मियों ने उन्हें हरियाणा सीमा पर रोक दिया. किसान तब से पंजाब और हरियाणा के बीच शंभू और खनौरी बॉर्डर पर डेरा डाले हुए हैं.

ऑल इंडिया किसान सभा के सदस्य कृष्ण प्रसाद ने कहा कि किसान भारतीय जनता पार्टी (BJP) सरकार और उसकी नीतियों का विरोध करने के लिए प्रतिबद्ध हैं.

क्या तमिलनाडु के किसानों वाला मॉडल अपनाएंगे पंजाब के किसान?
करीब तीन दशक पहले सरकारी नीतियों से नाखुश तमिलनाडु के एक हजार से अधिक किसानों ने अपनी शिकायतों की ओर ध्यान आकर्षित करने के लिए लोकसभा चुनाव में एक ही निर्वाचन क्षेत्र से नामांकन दाखिल किया था. यही वह समय था जब निर्वाचन आयोग (EC) को इरोड जिले के मोदाकुरिची से अप्रत्याशित 1,033 उम्मीदवारों को समायोजित करने के लिए पारंपरिक 'मतपत्र' के बजाय 'मतपत्र पुस्तिका' जारी करनी पड़ी.

ऑल इंडिया किसान सभा के सदस्य कृष्ण प्रसाद ने ‘पीटीआई-भाषा' से कहा, ''हालांकि हमारा वह (चुनावी) रास्ता अपनाने की योजना नहीं है. दिल्ली में हुई महापंचायत में हमने भाजपा का विरोध करने और उसकी नीतियों को उजागर करने के अपने रुख की घोषणा की थी. हम इस मुद्दे पर एकजुट हैं.'' 

किसानों को राजनीतिक दलों से कोई उम्मीद नहीं
राष्ट्रीय किसान महासंघ  के सदस्य अभिमन्यु कोहाड़ ने कहा, ''हम 13 फरवरी से सीमाओं पर बैठे हैं और हमने खुद को चुनावी राजनीति से दूर कर लिया है. हमारा मानना है कि जब विपक्ष में होते हैं तो सभी दल किसानों का समर्थन करते हैं लेकिन जब सत्ता में होते हैं तो वे सभी कॉर्पोरेट समर्थक और किसान विरोधी बन जाते हैं.” 

14 मार्च को दिल्ली में किसानों ने की थी महापंचायत 
पुलिस ने किसानों को कुछ शर्तों के साथ ही 'किसान मजदूर महापंचायत' आयोजित करने की अनुमति दी थी. जिसमें कहा गया था कि वह ट्रैक्टर ट्रॉली नहीं लाएंगे और न ही कोई मार्च निकालेंगे और 5,000 से अधिक प्रदर्शनकारी एक जगह इकट्ठा भी नहीं हो सकेंगे. इस महापंचायत का मकसद "सरकार की नीतियों के खिलाफ लड़ाई को तेज करना", एमएसपी जैसे मुद्दों पर ध्यान केंद्रित करना और स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशों को लागू करवाना था."

मोदाकुरिची में किसानों के अनोखे विरोध के कारण EC को हुई थी परेशानी
गौरतलब है कि तमिलनाडु के किसानों के अनोखे विरोध के कारण मोदाकुरिची में चुनाव करवाने में चुनाव आयोग को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा था. मोदाकुरिची के 1,033 किसानों ने 1996 के लोकसभा चुनाव के लिए नामांकन दाखिल किया था, तो निर्वाचन आयोग को 'अखबारों की तरह मतपत्र' छापने पड़े थे और चार फुट से अधिक ऊंची मतपेटियां रखनी पड़ी थी. उम्मीदवारों की लंबी सूची को समायोजित करने के लिए मतदान के घंटे भी बढ़ाए गए थे. उस चुनाव में द्रविड़ मुन्नेत्र कषगम (द्रमुक) की सुब्बुलक्ष्मी जगदीशन अन्नाद्रमुक के आर एन किट्टूसामी को हराकर विजयी हुई थीं.

जगदीशन, किट्टुसामी और एक निर्दलीय को छोड़कर सभी उम्मीदवारों की जमानत जब्त हो गई. 88 उम्मीदवारों को कोई वोट नहीं मिला, वहीं 158 को केवल एक-एक वोट मिला. वर्ष 1996 के आम चुनाव में सबसे अधिक 13,000 उम्मीदवार थे. इसके बाद निर्वाचन आयोग ने जमानत राशि 500 रुपये से बढ़ाकर 10,000 रुपये कर दी. इससे 1998 के लोकसभा चुनावों में उम्मीदवारों की संख्या प्रति सीट 8.75 तक लाने में मदद मिली.

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अल्ट्राटेक सीमेंट को छत्तीसगढ़ सरकार से 21.13 करोड़ रुपये का डिमांड ऑर्डर मिला

देश की अग्रणी सीमेंट निर्माता कंपनी अल्ट्राटेक सीमेंट को न्यूनतम उत्पादन जरूरतों का पालन नहीं करने पर छत्तीसगढ़ सरकार से 21.13 करोड़ रुपये का डिमांड ऑर्डर मिला है. अल्ट्राटेक सीमेंट ने शुक्रवार को यह जानकारी दी. 

आदित्य बिड़ला समूह की फर्म ने एक रेगुलेटरी फाइलिंग में कहा कि उसे गुरुवार को डिमांड आर्डर प्राप्त हुआ है.

अल्ट्राटेक ने कहा, "कंपनी को कलेक्टर, बलौदाबाजार, खनन विभाग, छत्तीसगढ़ से खदान विकास और उत्पादन समझौते (MDPA) के मुताबिक न्यूनतम उत्पादन आवश्यकता के मुकाबले 21.13 करोड़ रुपये की राशि का डिमांड आर्डर मिला है." किए गए कथित उल्लंघनों के विवरण में कहा गया है कि, "एमडीपीए के अनुसार उत्पादन नहीं किया गया."

अल्ट्राटेक की छत्तीसगढ़ के बलौदा बाजार, भाटापारा में एक ग्रे सीमेंट मैन्युफैक्चरिंग यूनिट है. कंपनी की कुल क्षमता 146.2 मिलियन टन ग्रे सीमेंट प्रति वर्ष है. यह चीन को छोड़कर दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा सीमेंट उत्पादक है.



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Sunday, March 31, 2024

"दीदी माफ करना, मुझे जाना होगा" : यौन उत्पीड़न से तंग आकर नाबालिग छात्रा ने की खुदकुशी

विशाखापत्तनम में 17 साल की एक छात्रा कॉलेज की बिल्डिंग से छलांग लगाकर आत्महत्या कर ली. मौत के कुछ देर पहले ही घरवालों से चैट कर नाबालिग लड़की ने बताया कि उसके साथ यौन उत्पीड़न हुआ है. वो ना तो कॉलेज में इसकी शिकायत कर सकती है और ना ही पुलिस में केस दर्ज करवा सकती है. नाबालिग छात्रा ने बताया कि अगर मैने कहीं शिकायत की तो मेरी तस्वीरों को सोशल मीडिया पर शेयर कर दी जाएगी.

इस दिल दहला देने वाले संदेशों में लड़की ने अपने परिवार को बताया कि कॉलेज में उसके कुछ साथी छात्रों ने भी यौन उत्पीड़न किया था और फिर नाबालिग ने अपनी बड़ी बहन को मैसेज किया, "माफ करना दीदी, मुझे जाना होगा."

नाबालिग लड़की विशाखापत्तनम के एक पॉलिटेक्निक कॉलेज की छात्रा थी - उसकी पहचान छुपाने के लिए नाम गुप्त रखा गया है. नाबालिग लड़की का परिवार आंध्र प्रदेश के अनाकापल्ले जिले में रहता है,  गुरुवार रात 10 बजे के आसपास संस्थान के अधिकारियों ने परिजनों को फोन कर बताया कि लड़की गायब है. परिजनों ने फिर पुलिस को इसकी जानकारी दी.

शुक्रवार को लगभग 12.50 बजे, नाबालिग लड़की ने आखिरकार अपने परिवार के मैसेज कर बताया कि वो परेशान और हताश है..

नाबालिग लड़की ने परिजनों को तेलुगु मैसेज कर बताया कि "तनाव मत करो, मेरी बात सुनो, मैं आपोक नहीं बता सकता कि मैं क्यों जा रही हूं और अगर मैं ऐसा करूंगी भी, तो आप नहीं समझोगे. कृपया मुझे माफ कर दीजिए. आपने मुझे जन्म दिया, इसके लिए मैं आभारी हूं.

नाबालिग लड़की ने मरने से पहले अपनी प्रेग्नेट बहन को शुभकामना भी दी है. वहीं बड़ी बहन ने लिखा "अपने भविष्य पर ध्यान दो, जो चाहें पढ़ाई करें. मेरे विपरीत, विचलित मत हो, दूसरों से प्रभावित मत हो. हमेशा खुश रहो, और एक अच्छा जीवन जियो.”

नाबालिग छात्रा ने अपने पिता को मैसेज में लिखा कि ये कदम इसलिए उठा रही है क्योंकि कॉलेज में उसका यौन उत्पीड़न किया गया था.  नाबालिग छात्रा ने मैसेज में लिखा कि कॉलेज में कोई मदद नहीं करेगा, इसलिए शिकायत नहीं की. उसने लिखा कि मेरी तस्वीरें लेकर मुझे धमकी दे रहे हैं कि किसी को बताने पर सोशल मीडिया पर वायरल कर देंगे.

मृतिका ने लिखा "मैं यह फैसला इसलिए ले रही हूं क्योंकि जब भी मुझे आपलोग देखेंगे तो मुझे बुरा लगेगा. मैंने आप सभी को परेशान कर दिया है. उसने अंतिम मैसेज में लिखा है, मुझे माफ करना दीदी, मुझे जाना होगा.

मैसेज देखने के बाद फैमिली ने तुरंत रिप्लाई देते हुए लिखा है कि कोई भी गलत कदम नहीं उठाए. पुलिस को सूचना दे दी गई है. क बाद में छात्रा का शव मिला.

लड़की के पिता ने कहा कि पुलिस में शिकायत दर्ज करायी गयी है. "मुझे यह जानने की ज़रूरत है कि मेरी बेटी की मृत्यु क्यों हुई. मैंने उसे बहुत प्यार और देखभाल से पाला. उसने 10 वीं कक्षा की परीक्षा में अच्छे अंक प्राप्त किए और हमने उसे इस विश्वास के साथ इस कॉलेज में दाखिला दिलाया कि उसे यहाँ अच्छी शिक्षा मिलेगी."

कॉलेज के प्रिंसिपल ने कहा कि महिला हॉस्टल में पुरुष नहीं पहुंच सकते. उन्होंने दावा किया, "हम सभी छात्रों पर नजर रखते हैं. पुरुष लड़कियों के छात्रावास में नहीं जा सकते. वहां महिला वार्डन हैं, इसलिए यौन उत्पीड़न की कोई संभावना नहीं है."

एक पुलिस अधिकारी ने कहा कि संकाय सदस्यों और अन्य छात्रों से पूछताछ की जा रही है और सभी पहलुओं की जांच की जा रही है.


 



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HyFun Foods to invest Rs 100 crore for HyFarm Initiative



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Saturday, March 30, 2024

राहुल गांधी के खिलाफ वायनाड से BJP उम्मीदवार सुरेंद्रन पर दर्ज हैं 242 आपराधिक मामले

भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने वर्तमान सांसद राहुल गांधी के खिलाफ वायनाड लोकसभा सीट से केरल इकाई के अध्यक्ष के सुरेंद्रन को अपना उम्मीदवार बनाया है. उनके खिलाफ 242 आपराधिक मामले हैं. कानूनी अनिवार्यताओं के चलते सुरेंद्रन ने हाल ही में पार्टी के मुखपत्र में अपने मामलों का विवरण प्रकाशित किया था. उनके मुकदमे का जिक्र तीन पृष्ठों में था.

इसी तरह, भाजपा के एर्णाकुलम निर्वाचन क्षेत्र के उम्मीदवार के एस राधाकृष्णन के खिलाफ लगभग 211 मामले हैं.

सुरेंद्रन के खिलाफ मामलों के बारे में पूछे जाने पर पार्टी के प्रदेश महासचिव जॉर्ज कुरियन ने कहा, ‘‘ज्यादातर मामले 2018 में हुए सबरीमला विरोध प्रदर्शन से संबंधित हैं. पार्टी के नेता विरोध प्रदर्शन का आह्वान करते हैं, तो पुलिस उस संबंध में मामला दर्ज करती है.''

भाजपा के प्रदेश प्रमुख के खिलाफ मामलों की संख्या का ब्यौरा देते हुए कुरियन ने कहा कि 237 मामले सबरीमला विरोध प्रदर्शन से संबंधित हैं, जबकि पांच केरल में विभिन्न आंदोलनों के संबंध में दर्ज किए गए थे.

पतनममथिट्टा जिले के सबरीमला मंदिर में महिलाओं के प्रवेश पर उच्चतम न्यायालय के आदेश को लागू करने के केरल सरकार के फैसले के खिलाफ भाजपा और उससे संबद्ध संगठनों ने 2018 में राज्यव्यापी विरोध प्रदर्शन आयोजित किया था.

कुरियन ने कहा कि उम्मीदवारों के खिलाफ मामलों का विवरण प्रकाशित करना अनिवार्य है.

इस बीच, भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव बी एल संतोष ने ‘एक्स' पर एक पोस्ट में सुरेंद्रन, राधाकृष्णन, अलप्पुझा से पार्टी की उम्मीदवार शोभा सुरेंद्रन और वटकारा के उम्मीदवार प्रफुल्ल कृष्ण के खिलाफ मामलों का विवरण देते हुए कहा कि ‘‘भारत के कुछ हिस्सों में राष्ट्रवादी होना कठिन है.''
 



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Friday, March 29, 2024

रूस-यूक्रेन के बीच शांति की बहाली के लिए 'बातचीत' ही आगे का रास्ता है : भारत

भारत ने बृहस्पतिवार को कहा कि वह 'बातचीत और राजनय' के जरिए रूस-यूक्रेन संघर्ष के शांतिपूर्ण समाधान के लिए प्रोत्साहन जारी रखेगा. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने स्विट्जरलैंड शांति शिखर सम्मेलन में भारत के रुख को लेकर पूछे गए एक सवाल के जवाब में यह टिप्पणी की.

उन्होंने कहा, 'हम बातचीत और राजनय के माध्यम से रूसी-यूक्रेन संघर्ष के शांतिपूर्ण समाधान को प्रोत्साहित करते रहेंगे.'

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 20 मार्च को रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की के साथ अलग-अलग बातचीत की थी और जोर दिया था कि रूस-यूक्रेन संघर्ष के समाधान के लिए बातचीत और राजनय ही आगे का रास्ता है.

मोदी ने हालिया चुनाव में पांचवीं बार जीत हासिल करने के लिए पुतिन को बधाई देने की खातिर टेलीफोन पर बातचीत की थी. उसके बाद प्रधानमंत्री ने जेलेंस्की को फोन किया था और मौजूदा संघर्ष को शीघ्र समाप्त करने तथा शांति के लिए सभी प्रयासों के प्रति भारत के समर्थन से अवगत कराया था.

जेलेंस्की ने प्रधानमंत्री मोदी के साथ हुई बातचीत के दौरान अपने देश की संप्रभुता के समर्थन के लिए भारत के प्रति आभार व्यक्त किया था. उन्होंने कहा कि भारत को स्विट्जरलैंड में पहले शांति शिखर सम्मेलन में भाग लेते देखना यूक्रेन के लिए महत्वपूर्ण होगा.
 



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लोकसभा चुनाव 2024: बिहार में NDA और INDIA गठबंधन के 3 उम्मीदवारों ने दाखिल किया नामांकन

बिहार में सत्तारूढ़ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के तीन उम्मीदवारों और विपक्षी ‘इंडिया' गठबंधन के कई उम्मीदवारों ने लोकसभा चुनाव के पहले चरण की सीट के लिए बृहस्पतिवार को नामांकन पत्र दाखिल किये. पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी (गया), विवेक ठाकुर (नवादा) और अरुण भारती (जमुई) ने भाजपा नेतृत्व वाले राजग के वरिष्ठ नेताओं की उपस्थिति में अपना -अपना नामांकन पत्र दाखिल किया.

बिहार की सबसे बडी विपक्षी पार्टी राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के उम्मीदवारों, अभय कुशवाहा (औरंगाबाद), अर्चना रविदास (जमुई) और कुमार सर्वजीत (गया) ने भी नामांकन पत्र दाखिल किये. राजद ‘इंडिया' गठबंधन का एक हिस्सा है.

‘इंडिया' गठबंधन द्वारा सामूहिक तौर सीट बंटवारे की घोषणा किए बिना ही बिहार में लगभग एक दर्जन सीट पर राजद ने एकतरफा उम्मीदवार उतारकर सबको चौंका दिया है.

राजद प्रमुख लालू प्रसाद ने जिन सीट पर टिकट दिया है, उनमें औरंगाबाद भी शामिल है. औरंगाबाद से कांग्रेस के पूर्व सांसद निखिल कुमार को चुनावी मैदान में उतारे जाने की चर्चा थी लेकिन राजद ने जदयू से पाला बदलकर आए अभय कुशवाहा को उम्मीदवार के रूप में चुनाव मैदान में उतार दिया है.

औरंगाबाद से मौजूदा भाजपा सांसद सुशील कुमार सिंह ने इस सप्ताह की शुरुआत में अपना नामांकन पत्र दाखिल किया था.

हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा के प्रमुख 79 वर्षीय जीतन राम मांझी ने प्रदेश भाजपा प्रमुख और उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, जदयू मंत्री श्रवण कुमार और लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के अध्यक्ष चिराग पासवान जैसे सहयोगियों की उपस्थिति में आरक्षित गया सीट से अपना नामांकन पत्र दाखिल किया.

जमुई (आरक्षित सीट) जाने से पहले राजग नेताओं ने इस अवसर पर आयोजित एक सार्वजनिक सभा को भी संबोधित किया.

लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) ने चिराग पासवान के बहनोई अरुण भारती को जमुई (आरक्षित सीट) से चुनावी मैदान में उतारा है. चिराग लगातार दो बार लोकसभा में जमुई का प्रतिनिधित्व करने के बाद अपने पिता दिवंगत रामविलास पासवान की पुरानी सीट हाजीपुर से इसबार चुनाव लड़ने जा रहे हैं.

नवादा में राज्यसभा सांसद और भाजपा उम्मीदवार विवेक ठाकुर ने केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह सहित पार्टी के वरिष्ठ नेताओं की उपस्थिति में नामांकन पत्र दाखिल किया. गिरिराज सिंह 2014 में इस सीट से लोकसभा पहुंचे थे पर पांच साल बाद वह बेगुसराय चले गए.

राजग उम्मीदवारों के नामांकन दाखिल करने के समय जहां उनके कई वरिष्ठ नेता मौजूद थे वहीं राजद उम्मीदवारों के नामांकन दाखिल करने के समय पार्टी प्रमुख लालू प्रसाद और तेजस्वी यादव जैसे शीर्ष पार्टी नेता दिल्ली में होने के कारण अनुपस्थित रहे .
 



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Thursday, March 28, 2024

फोन टैपिंग केस में KCR को नंबर 1 आरोपी बनाया जाए : NDTV से बोले बीजेपी नेता

तेलंगाना में एक बीजेपी नेता ने मांग की है कि पूर्व मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव को फोन टैपिंग केस में आरोपी नंबर एक बनाया जाए. इस केस में केसीआर की पार्टी भारत राष्ट्र समिति को कड़े सवालों का सामना करना पड़ रहा है. पूर्व विधायक और अब मेडक लोकसभा सीट से उम्मीदवार बीजेपी नेता रघुनंदन राव ने इस मामले पर राज्य पुलिस को पत्र लिखा है. इसमें उन्होंने जिक्र किया है कि वे भी फोन टैपिंग में निशाने पर थे.

रघुनंदन राव ने एक विशेष इंटरव्यू में एनडीटीवी से कहा कि भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) को इस पर संज्ञान लेना चाहिए, क्योंकि यहां तक कि जजों के फोनों की भी जासूसी की गई थी.

इस मामले में तीन वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को गिरफ्तार कर लिया गया है और राज्य खुफिया ब्यूरो के पूर्व प्रमुख वांछित हैं. आरोप है कि राज्य पुलिस तत्कालीन विपक्षी नेताओं, मशहूर हस्तियों और व्यापारियों के फोन टैप करने में शामिल थी. विपक्षी नेताओं की लिस्ट में कांग्रेस के रेवंत रेड्डी भी शामिल थे, जो कि अब मुख्यमंत्री हैं.

राज्य खुफिया ब्यूरो के पूर्व प्रमुख टी प्रभाकर राव के खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी किया गया है. वे कथित तौर पर इस समय अमेरिका में हैं. दूसरा वांछित व्यक्ति आई न्यूज नामक एक तेलुगु टीवी चैनल चलाने वाला श्रवण राव है. उसने कथित तौर पर इजरायल के फोन-टैपिंग उपकरण स्थापित करने में मदद की थी. माना जा रहा है कि वह देश से बाहर है.

रघुनंदन राव ने पुलिस प्रमुख को लिखे गए पत्र में कहा है कि उन्होंने दिसंबर 2020 में दुब्बाक उपचुनाव जीतने के बाद शिकायत की थी कि उनका फोन टैप किया जा रहा है. उन्होंने दावा किया कि गिरफ्तार डीएसपी प्रणीत राव ने दुब्बाक, हुजूराबाद और मुनुगोडे उपचुनाव के दौरान फोन टैप करने की बात कबूल की है.

न्यायिक मजिस्ट्रेट को एक सीलबंद कवर में कबूलनामा दिया गया था, लेकिन बीजेपी नेता ने कहा कि उन्हें उसमें वर्णित सामग्री के बारे में पता है.

रघुनंदन राव ने कहा कि, मुख्यमंत्री रेड्डी और आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू 2015 में इस मामले में पहले पीड़ितों में से थे. उसी साल रेड्डी को वोट के बदले नोट घोटाले में 50 लाख रुपये की रिश्वत की पेशकश करने की कोशिश करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था.

सूत्रों के अनुसार पूर्व मुख्यमंत्री के आदेश पर कथित तौर पर एक लाख से अधिक फोन टैप किए गए थे. केसीआर के बाद मुख्यमंत्री बने रेवंत रेड्डी ने कार्रवाई करने का संकल्प लिया है. उन्होंने एनडीटीवी से कहा था, ''साजिश से जुड़े तथ्यों की अभी भी जांच चल रही है, लेकिन अभी भी बहुत कुछ सामने आना बाकी है...''



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बेंगलुरु : बस कंडक्टर ने महिला यात्री को बेरहमी से पीटा, VIDEO वायरल होने पर हुआ सस्पेंड

बेंगलुरु महानगर परिवहन निगम (BMTC) के एक बस कंडक्टर को महिला यात्री के साथ मारपीट करने के मामले में सस्पेंड कर दिया गया है. महिला के साथ मारपीट का वीडियो वायरल होने के बाद यह एक्शन लिया गया है. वायरल हो रहे इस वीडियो में देखा जा सकता है कि कैसे महिला को बेरहमी से कंडक्टर पीट रहा है.

देखें वीडियो

रिपोर्ट्स के मुताबिक, महिला बिलेकल्ली से शिवाजीनगर जा रही थी, उस दौरान उसकी कंडक्टर से कथित तौर पर टिकट को लेकर बहस हो गई.

वीडियो में देखा जा सकता है कि महिला यात्री कंडक्टर पर चिल्ला रही है, "मेरे साथ मारपीट करने की हिम्मत कैसे हुई?" इस दौरान अन्य यात्री दोनों को शांत कराने की कोशिश कर रहे थे. हालात तब और ज्यादा बिगड़ गए जब कंडक्टर हिंसक हो गया और महिला ने उसे ही थप्पड़ जड़ दिया. इसके बाद पलटवार करते हुए कंडक्टर ने महिला को पीटा. महिला ने इस मामले की शिकायत सिद्दापुर पुलिस थाने में करवाई है. 

महिला के शिकायत दर्ज कराने के बाद बीएमटीसी ने कंडक्टर को सस्पेंड कर दिया.

BMTC ने बयान जारी करते हुए कहा, "सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो के आधार पर कंडक्टर होन्नप्पा नागप्पा अगासर के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की गई है और उसे तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया गया."

BMTC ने साथ ही कहा है, "हम महिलाओं की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हैं और महिला यात्रियों के खिलाफ किसी भी प्रकार की हिंसा, अशिष्ट व्यवहार और अप्रिय घटनाओं के दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी."



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