Wednesday, April 30, 2025
मायावती के लिए आकाश मजबूरी या ज़रूरी? BSP में वापसी के दो हफ्ते बाद भी रोल पर सस्पेंस
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Tuesday, April 29, 2025
DPRs for Rajkot, Vadodara metro rail sent for Centre’s approval
Monday, April 28, 2025
पटना में बेकाबू कार ने 17 लोगों को रौंदा, सात की हालत गंभीर
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Amdavadis travel 24 mins on average to access sports facilities: CEPT study
Sunday, April 27, 2025
Dusty Roads To Fast Lanes: How Car Plant Wheeled In Change
बच्चों के लिए Trendy Hoodie चाहिए हों या खूबसूरत Kurta Set, इस Sale में मात्र 299 रुपये से शुरू हैं Kids Wear
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Saturday, April 26, 2025
मरून कलर सड़िया सॉन्ग 26 करोड़ के पार, यूट्यूब की सुपरहिट जोड़ी आम्रपाली-निरहुआ का तूफान
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Suspended clinical trial head at VS Hospital denies charges
Gujarat man using fake Portuguese passport to travel to UK since 2009 held in Delhi
Friday, April 25, 2025
Gujarat launches drive to eradicate measles, rubella by 2026
Thursday, April 24, 2025
Burglars target 11 police homes, steal from only one
Wednesday, April 23, 2025
VIDEO: पहले हम हिंदुस्तान के बाशिंदे... आतंकी हमले को लेकर पहलगाम के लोगों ने निकाला कैंडल मार्च
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Tuesday, April 22, 2025
"10 करोड़ रुपये दो वरना..." : बाबा सिद्दीकी के बेटे जीशान सिद्दीकी को मिली धमकी
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Monday, April 21, 2025
Three of a family assault Bopal shop owner, his aide
97k aspirants take GPSC exam for 245 vacancies
Sunday, April 20, 2025
तुम्हारे जैसे हजारों नफरती खत्म हो जाएंगे, लेकिन...: अनुराग कश्यप को मनोज मुंतशिर की चेतावनी
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Tour operator molested for not confirming 8-yr-old’s Dubai ticket
Saturday, April 19, 2025
भारत में आईटी सेक्टर 2025 में पैदा करेगा 4.5 लाख से ज्यादा नई नौकरियां
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23 duped of Rs 2.41 crore in visa fraud, CID files case against 2 from Anand
Congress rules out alliance with AAP for upcoming assembly bypolls
Friday, April 18, 2025
Gujarat unveils SpaceTech Policy with incentives for startups
Thursday, April 17, 2025
Nutrition advisor accuses domestic help of stealing gold jewellery
Wednesday, April 16, 2025
इंडिया जस्टिस रिपोर्ट 2025: देश में 10 लाख लोगों पर सिर्फ 15 जज, उच्च न्यायालयों में 33% पद खाली
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Tuesday, April 15, 2025
‘Monumental feat’: Gujarat ATS, ICG earn Amit Shah’s praise
Ahmedabad, Surat among Top 10 dists with active retail investors
Monday, April 14, 2025
आंबेडकर की हार से कांशीराम की जीत तक, जानिए यूपी की दलित वोट कथा
Dalit vote story of UP: आंबेडकर के असली अनुयायी कौन! कांशीराम के सच्चे साथी कौन! दलित, शोषित और वंचितों के मान सम्मान के ये दो सबसे ताकतवर प्रतीक है. मामला दलित वोट का है. संघर्ष सत्ता बचाने और बनाने का है. हर राजनैतिक पार्टी के पहले एजेंडे पर दलित हैं. दो तरह की होड़ मची है. अपने को दलितों का असली हमदर्द बताने की. साथ ही दूसरे को दलित विरोधी साबित करने की. सोमवार को बाबा साहेब भीमराव आंबेडकर की जयंती है. उनकी एक मूर्ति का उद्घाटन अखिलेश यादव ने किया. वे भी अपने गृह जिले इटावा में.
लोकसभा चुनाव में उनका PDA मतलब पिछड़ा दलित अल्पसंख्यक वाला फ़ार्मूला हिट रहा. अखिलेश को फोकस अब दलित वोट बैंक पर है. समाजवादी पार्टी पर दलित विरोधी होने के आरोप लगते रहे हैं. अखिलेश यादव की कोशिश इसी नैरेटिव को तोड़ने की है.
मायावती का आरोप- अखिलेश दलितों के नाम पर घड़ियाली आंसू बहाते हैं
कुछ दिनों पहले मायावती ने अखिलेश यादव पर नकली होने का आरोप लगाया था. बीएसपी चीफ़ ने कहा था कि वे दलितों के नाम पर घड़ियाली आँसू बहाते है. मायावती ने गेस्टहाउस कांड तक का ज़िक्र किया था. साल 1995 में लखनऊ के गेस्ट हाउस में समाजवादी पार्टी नेताओं ने उनके साथ बदतमीज़ी की थी. उन दिनों बीएसपी ने मुलायम सरकार से अपना समर्थन वापस ले लिया था. फिर कई सालों बाद 2019 के आम चुनाव में समाजवादी पार्टी और बीएसपी ता गठबंधन हुआ था.
कांशीराम जीत नहीं पा रहे थे, उन्हें मुलायम ने जिताया: अखिलेश
कांशीराम को लेकर अखिलेश यादव के ताज़ा बयान से विवाद बढ़ गया है. इटावा में उन्होंने कहा "वो जीत नहीं पा रहे थे कहीं से. हमें ये नहीं कहना चाहिए. पर ये बात इतिहास में दर्ज है. कांशीराम जी को जिताने का काम किसी ने किया था तो वे मुलायम सिंह थे. समाजवादी पार्टी थी. अब उनके इसी बयान पर घमासान मचा है.
अखिलेश का आधा सच बताने की बीमारीः केशव प्रसाद मौर्या
डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य कहते हैं अखिलेश को आधा सच बताने की बीमारी है. बीएसपी ने भी तो निसान सिंह के खिलाफ उम्मीदवार नहीं उतारा था. डिप्टी सीएम केशव ने कहा कि मायावती को समाजवादी गुंडों से बीजेपी के नेताओं ने ही बचाया था.
केशव प्रसाद मौर्या बोले- मुलायम को सीएम कांशीराम ने बनाया
एनडीटीवी इंडिया से डिप्टी सीएम केशव ने कहा मुलायम सिंह को मुख्यमंत्री भी तो कांशीराम जी ने बनवाया था. अखिलेश तो ऐसे बता रहे हैं जैसे समाजवादी पार्टी ने कांशीराम जी पर उपकार किया था. यही चरित्र है उनका. दलित कभी अखिलेश पर भरोसा नहीं कर सकता है.
बीजेपी चला रही 10 दिनों का गांव चलो अभियान
समरसता को लेकर लखनऊ में आज बीजेपी की कार्यशाला हुई. बाबा साहेब आंबेडकर की जयंती पर पार्टी दस दिनों का गाँव चलो अभियान शुरू कर रही है. वर्कशॉप का उद्घाटन करते हुए योगी आदित्यनाथ ने कांग्रेस को दलित विरोधी बताया. आज कल इतिहास के पन्नों वाली राजनीति का चलन है.
कांग्रेस से कैसे क्षेत्रीय दलों में शिफ्ट हुए दलित वोटर
एक जमाने में ब्राह्मण और मुस्लिम के साथ साथ दलित भी कांग्रेस के वोटर थे. राजनीति का दौर बदला. क्षेत्रीय पार्टियों ने ये वोट कांग्रेस से छीन लिया. पिछले कुछ सालों से दलित बिरादरी का एक तबका बीजेपी के साथ है. पिछले लोकसभा चुनाव में संविधान और आरक्षण खत्म करने के आरोप में बीजेपी को नुक़सान हुआ.
आंबेडकर और कांशीराम के नाम की परिक्रमा से सत्ता के पराक्रम तक
समाजवादी पार्टी PDA वाली रणनीति से दलितों को अपना बनाने में जुटी है. कांग्रेस को भी लगता है दलितों का साथ मिला तो अच्छे दिन आ सकते हैं. मायावती कभी इस समाज की नेचुरल लीडर थीं. पर अब तो पार्टी और घर बचाने के लिए संघर्ष कर रही हैं. ऐसे में आंबेडकर और कांशीराम के नाम की परिक्रमा जारी है. क्या पता इसी से सत्ता का पराक्रम मिल जाए!!
यह भी पढ़ें - आंबेडकर का असली अनुयायी कौन? फिर शुरू हुई होड़, समझें UP की सियासत में दलित क्यों जरूरी
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From Baisakhi to Bihu and Vishu to Puthandu, New Year festivities are here
Sunday, April 13, 2025
Vandalism in Vejalpur society: Cops begin probe
Saturday, April 12, 2025
क्या है काल बैसाखी जिसने बिहार में ली 60 से ज्यादा लोगों की जान, कैसे करें अपना बचाव
Bihar Weather Update: यदि आप बिहार में हैं तो सावधान हो जाइए. क्योंकि बिहार में आसमान से मौत बरस रही है! बिहार के अलग-अलग जिलों में पिछले दो दिन के अंदर 60 से ज्यादा लोग काल के गाल में समा गए हैं. कई जख्मी है. जो अस्पताल में तड़प रहे हैं. और बिहार में मचे इस मौसमी कोहराम के पीछे वजह बताया जा रहा है काल बैसाखी को. आखिर क्या है ये काल बैसाखी जो बिहार के लोगों के लिए बन गई काल. आइए जानते हैं. आसान भाषा में.
काल बैसाखी का मतलब बैसाख के महीने में आने वाली आंधी-बारिश और वज्रपात
आसान भाषा में समझें तो काल बैसाखी का मतलब बैसाख महीने में आने वाले आंधी-तूफान, बारिश और ओलावृष्टि से है. ये एक मौसमी घटना है, जो मुख्य रूप से पूर्वी और उत्तर-पूर्वी भारत (जैसे बिहार, पश्चिम बंगाल और असम) में बैसाख महीने यानी अप्रैल से मई के बीच में होती है. ये तेज हवाओं, भारी बारिश और कभी-कभी ओलावृष्टि के साथ आने वाली आंधी-तूफान है.
अब वैज्ञानिक नजरिए से समझें, क्यों होता है ऐसा
वैज्ञानिक नजरिए से देखें तो गर्मी शुरू होने पर गर्म हवा ऊपर उठती है और ठंडी, नम हवा से टकराती है. इससे आसमान में घने काले बादल बनते हैं, तेज हवा चलती है और जोरदार बारिश होती है. ये तूफान अचानक आता है और थोड़े समय के लिए रहता है.
कई बार ये फसलों के लिए फायदेमंद भी होता है, लेकिन कई बार तेज हवा और ओले नुकसान फसलों को भारी नुकसान भी पहुंचाते हैं. जैसे इस बार पहुंचाया है. बिहार के 20 जिलों में मौसम की मार ने लोगों को परेशान कर दिया है. इसके साथ ही ये हादसों की वजह भी बन गया है.

बिहार में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने एक x पोस्ट के जरिए सरकार से लोगों की मदद करने की अपील की है. उन्होंने X पर लिखा- 'बिहार में आंधी, तूफान, बारिश, वज्रपात, वृक्ष व दीवार गिरने की विभिन्न घटनाओं में हुई 50 से अधिक दुखद मौतों से मर्माहत हूँ. सभी मृतकों के प्रति गहरी शोक संवेदना व्यक्त करता हूँ. ईश्वर आपदा से प्रभावित परिवारों को दुःख की इस घड़ी में संबल प्रदान करें. बिहार सरकार से माँग है कि वह सभी पीड़ित परिवारों को उचित मुआवजा प्रदान करे.'
नालंदा में सबसे ज्यादा 23 लोगों की हुई मौत
ओलावृष्टि, भारी बारिश औरआंधी-तूफान के ट्रिपल अटैक के कारण पेड़ गिर रहे हैं, बिजली के खंभे टूट रहे हैं और घरों की छतें उड़ रही हैं...घरों की दीवारें टूट रही हैं...जो हादसों की वजह बन रही है. बिहार के नालंदा में तो गुरुवार को एक ही दिन में 23 लोग मौत की नींद सो गए. पूरे शहर में चीख पुकार मच गई थी.
मौसम के इस कहर से कैसे करें अपना बचाव
सावधानी बरतें और सुरक्षित स्थानों पर ही रहें. अगर बहुत ज्यादा जरूरी ना हो तो खराब मौसम में घर से बाहर न निकलें...कुछ भी ऐसा काम ना करें...जिससे आपकी जान पर संकट खड़ा हो जाए...क्योंकि ये जिंदगी ना मिलेगी दोबारा.
यह भी पढ़ें - बिहार के नालंदा में आखिर ये हुआ क्या, बारिश-आंधी के कहर ने ली 22 लोगों की जान
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Friday, April 11, 2025
Ahmedabad jeweller puts out social media ad, hires new employee who then vanishes with gold worth 12L
पीएम विश्वकर्मा योजना से बुरहानपुर के कारीगरों को मिला नया जीवन, आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ रहा कदम
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विश्वकर्मा योजना ने बुरहानपुर जिले में न केवल हुनर को पहचान दी है, बल्कि यहां के कई घरों की आर्थिक स्थिति को भी मजबूत किया है. इस योजना के तहत जिले के दर्जनों महिला-पुरुषों ने प्रशिक्षण प्राप्त कर अपने जीवन में आत्मनिर्भरता की नई राह पकड़ी है.
बुरहानपुर की महिलाओं ने 6 दिवसीय सिलाई प्रशिक्षण लेकर अब कपड़े सिलने के ऑर्डर लेना शुरू कर दिए हैं, पहले जो महिलाएं घरों तक सीमित थीं, अब वे अपने हुनर से न सिर्फ आर्थिक रूप से सक्षम बन रही हैं, बल्कि आत्मविश्वास से भी भर चुकी हैं। कुछ महिलाओं ने ब्यूटी पार्लर का प्रशिक्षण लेकर खुद का छोटा पार्लर भी शुरू कर दिया है, जिससे उन्हें नियमित आय प्राप्त हो रही है.
पुरुषों ने भी इस योजना के अंतर्गत बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया. किसी ने कारपेंटर का कार्य सीखा, तो किसी ने फिशिंग नेट बनाना. विशेष रूप से मछुआरा समुदाय में यह प्रशिक्षण अत्यंत लाभदायक सिद्ध हुआ है, जहां प्रशिक्षित युवाओं द्वारा बनाई गई मजबूत फिशिंग नेट का उपयोग स्थानीय मछुआरे कर रहे हैं.
योजना से लाभान्वित सभी लोगों का एक ही स्वर है, “प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना ने हमें हुनर दिया, काम दिया और आत्मनिर्भर बनाया। पहले न तो कोई काम था, न आमदनी, लेकिन अब सम्मान के साथ जीवन जी रहे हैं.” सभी हितग्राहियों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनकी दूरदर्शी योजना से उन्हें नया जीवन मिला है और अब वे न केवल अपने घर का पालन-पोषण कर पा रहे हैं, बल्कि अपने बच्चों का भविष्य भी संवार रहे हैं.
विश्वकर्मा योजना से लाभांवित कारपेंटर आशीष सोनकर ने कहा कि हम पहले बेरोजगार थे, लेकिन प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना की वजह से अब हमें काम मिल रहा है. पीएम मोदी को धन्यवाद देते हुए उन्होंने कहा कि उन्होंने कारपेंटर और मूर्तिकार का काम सीखा है, जिससे वह कमाई कर पा रहे हैं.
फिश नेट बनाने वाले राहुल अशोक चौधरी ने बताया कि उन्होंने नाई का काम सीखा है. इसके लिए उन्हें 6 दिनों की ट्रेनिंग दी गई. उन्होंने पीएम मोदी को धन्यवाद देते हुए कहा कि पीएम ने हमें एक प्लेटफार्म दिया, जहां हमने काम सीखा और कम ब्याज पर विश्वकर्मा योजना से लोन भी मिला, जिससे जिंदगी आसान हो गई है.
ब्यूटी पार्लर संचालक मिलन पवार ने कहा कि पीएम विश्वकर्मा योजना से उन्हें ट्रेनिंग मिली और उनके व्यापार को आगे बढ़ाने में मदद मिली है. उन्होंने घर से बाहर नहीं निकलने वाली महिलाओं के लिए कहा कि यह योजना घर में रहने वाली महिलाओं के लिए बहुत अच्छी पहल है. उन्होंने भी पीएम मोदी का आभार जताया.
कपड़ों की सिलाई करने वाली नीता हेमंत ने कहा कि पीएम विश्वकर्मा योजना से उन्हें जीने की हिम्मत मिली है. उन्होंने कहा कि इससे उन्हें कपड़ों की सिलाई की ट्रेनिंग मिली, जिससे उन्होंने अपने व्यवसाय को गति दी.
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Thursday, April 10, 2025
'कांग्रेस राजा है, मैं रंक हूं', अहमदाबाद बैठक में शामिल हुए पप्पू यादव, क्या दर्द-ए-दिल हो गया दूर?
Bihar Elections: बिहार में इसी साल विधानसभा चुनाव होना है. राज्य की सभी पार्टियां अपनी-अपनी तैयारियों में जुटे हैं. लेकिन इस बार बिहार चुनाव में पप्पू यादव की पार्टी नजर नहीं आएगी. क्योंकि पप्पू यादव ने अपनी पार्टी का विलय कांग्रेस में करा दिया था. हालांकि इस विलय के बाद भी पप्पू यादव निर्दलीय लोकसभा चुनाव लड़े और जीते. कुछ दिनों पहले बिहार चुनाव के लिए दिल्ली में कांग्रेस की बैठक में भी पप्पू यादव को नहीं बुलाया गया था. जिससे पूर्णिया सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव नाराज नजर आए थे. पप्पू यादव ने कहा था, "मुझे इस मीटिंग के बारे में जानकारी भी नहीं थी और बुलाया भी नहीं गया. मैं कांग्रेस के संसदीय दल की बैठक में शामिल होता हूं, जहां कहीं भी चुनाव होता है, वहां प्रचार करता हूं. जो भी जिम्मेदारी नेतृत्व की ओर से दी जाती है, उसे पूरा करता हूं. फिर भी बिहार को लेकर हुई बैठक में मुझे क्यों नहीं बुलाया गया, यह समझ से परे है."
पप्पू यादव के इस बयान के बाद उनके राजनीतिक भविष्य को लेकर कयास लगाए जा रहे थे. लेकिन अब अहमदाबाद में कांग्रेस के अधिवेशन में पप्पू यादव के शामिल होने से इन कयासबाजियों पर विराम लग गया है.
कांग्रेस राजा है, मैं रंक हूंः पप्पू यादव
साथ ही पप्पू यादव का एक बयान भी चर्चा में है. पप्पू यादव ने कहा, "कांग्रेस राजा है और मैं रंक हूं". उनके इस बयान का यह मतलब निकाला जा रहा है कि पप्पू यादव को कांग्रेस से जो तकलीफ थी, वो शायद दूर हो गई है.
बिहार के बदलाव में कांग्रेस की भूमिका अहम, पूरी निष्ठा से निभाऊंगा जिम्मेदारीः पप्पू यादव
अहमदाबाद में कांग्रेस के अधिवेशन में शामिल हुए पप्पू यादव ने सोशल मीडिया पर लिखा- आर्थिक, सामाजिक, सांस्कृतिक, वैचारिक और संवैधानिक मूल्यों की रक्षा व देशहित में उठने वाली हर आवाज में मैं सदैव शामिल रहूंगा. आज इवेंट्स सेंटर, साबरमती रिवर फ्रंट, पालड़ी, अहमदाबाद में AICC (ऑल इंडिया कांग्रेस कमिटी) की बैठक में कांग्रेस के आमंत्रण पर भाग लेने का अवसर मिला.

पप्पू यादव ने आगे लिखा- बिहार में आने वाले समय में बदलाव की दिशा में ठोस कदम बढ़ा दिए हैं, जिसमें कांग्रेस की भूमिका महत्वपूर्ण होने वाली है और उस परिवर्तन यात्रा में अपनी जिम्मेदारी को मैं पूरी निष्ठा से निभाऊंगा.
गौरतलब हो कि हाल ही में बिहार कांग्रेस की दिल्ली मीटिंग में नहीं बुलाए जाने से नाराज पप्पू यादव थे. उसके बाद पप्पू के इस बयान के कई मतलब निकाले जा रहे हैं. जब दिल्ली में बिहार को लेकर कांग्रेस की बैठक हुई थी तब एनडीटीवी से बातचीत में पप्पू का दर्द छलका था.
बिहार वाली मीटिंग में नहीं बुलाए जाने पर क्या बोले थे पप्पू यादव
पप्पू यादव ने कहा था कि मुझे तो उस मीटिंग के बारे में जानकारी भी नहीं दी गई और तो और बुलाया भी नहीं गया. पप्पू ने कहा था कि मुझे कांग्रेस के संसदीय दल की बैठक में बुलाया जाता है और जहां कहीं भी चुनाव होता है वहां मैं कांग्रेस के पक्ष में प्रचार करने के लिए जाता हूं . जो भी जिम्मेदारी और कांग्रेस नेतृत्व की ओर से दायित्व दिया जाता है मैं उसे पूरा करता हूं. मैं लगातार कांग्रेस के विचारों के साथ हूं चुनाव जीतने के बाद भी उनका क्या मजबूरी है . उन्हींने यहां तक कहा कि यह मुझे समझ में नहीं आता है यह मेरा दुर्भाग्य है क्या कारण है आप संसदीय दल की बैठक क्यों बुलाते हैं एसोसिएट मेंबर हैं और जब बिहार को लेकर बात होती है तो आप बुलाते तक नहीं है.

दुख तो इतना पहुंचा है इसका अंदाजा आपको नहीं होगा. बिहार का चुनाव हो और पप्पू यादव जो संघर्ष का चेहरा हो उसको बैठक में ना बुलाए. इसे बड़ा दुख क्या होगा बहुत बड़ा दुखद है.
पप्पू यादव की कांग्रेस की नाराजगी की वजह
पप्पू के कांग्रेस से नाराजगी की वजह जायज भी लगती है. चुनाव से ठीक पहले पप्पू यादव ने अपनी पार्टी का विलय दिल्ली में कांग्रेस में कर दिया लेकिन चुनाव में कांग्रेस ने पप्पू को टिकट तक नहीं दिया. उल्टे पप्पू को हराने के लिए बिहार में कांग्रेस का चुनावी साझीदार पप्पू को हराने में कोई कसर नहीं छोड़ रखी.
पप्पू यादव की पत्नी कांग्रेस से राज्यसभा सांसद
तेजस्वी यादव ने पूर्णिया में चुने प्रचार के दौरान यहां तक कर डाला कि अगर आप मन गठबंधन को उम्मीदवार को वोट नहीं देते हैं तो एनडीए उम्मीदवार को जिताए. लेकिन पप्पू यादव के पक्ष में कांग्रेस के किसी एक भी नेता ने एक शब्द तक नहीं कहा पप्पू यादव को कांग्रेस का चुनाव चिन्ह ना मिलने पर पूर्णिया से निर्दलीय चुनाव लड़ना पड़ा. गौरतलब है कि पप्पू यादव की पत्नी रंजीत रंजन कांग्रेस से राज्यसभा सदस्य भी है.
यह भी पढ़ें - लगता है डेस्टिनी कुछ और चाहती है... पप्पू यादव का क्या कांग्रेस से हो गया मोहभंग?
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Wednesday, April 9, 2025
UGVCL team attacked during power theft inspection in Sanand village
Tuesday, April 8, 2025
People looking at Cong with hope: Khera
Three Vejalpur ward officials issued notices
Monday, April 7, 2025
Did owner, AMC ignore society warnings?
राहुल बार-बार बिहार क्यों जा रहे हैं? बिहार के युवाओं को सफेद टी-शर्ट पहनकर आने के लिए क्यों कहा
Rahul Gandhi Bihar Visit: राहुल गांधी पिछले कुछ दिनों से लगातार बिहार का दौरा कर रहे हैं और सोमवार को भी वो वहीं रहेंगे. हाल के दिनों की बात करें तो राहुल गांधी की यह तीसरी बिहार यात्रा है. इस बार राहुल गांधी बेगूसराय में कन्हैया कुमार के साथ पदयात्रा में भी भाग लेंगे. कन्हैया कुमार एनएसयूआई के बैनर के तहत पूरे बिहार में 'पलायन रोको, रोजगार दो' के मुद्दे पर पदयात्रा कर रहे हैं. राहुल गांधी ने इस संबंध में सोशल मीडिया पर अपना वीडियो भी जारी किया है, जिसमें युवाओं से 'पलायन रोको, रोजगार दो' यात्रा में शामिल होने और अपनी आवाज उठाने का निमंत्रण दिया है.
राहुल गांधी का वीडियो संदेश
बिहार के युवा साथियों, मैं 7 अप्रैल को बेगूसराय आ रहा हूं, पलायन रोको, नौकरी दो यात्रा में आपके साथ कंधे से कंधा मिलाकर चलने।
— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) April 6, 2025
लक्ष्य है कि पूरी दुनिया को बिहार के युवाओं की भावना दिखे, उनका संघर्ष दिखे, उनका कष्ट दिखे।
आप भी White T-Shirt पहन कर आइए, सवाल पूछिए, आवाज़ उठाइए -… pic.twitter.com/LhVUROFCOW
राहुल गांधी ने सफेद टी शर्ट पहन कर इस यात्रा में शामिल होने के लिए कहा है. सफेद टी-शर्ट क्यों इसका भी जवाब राहुल गांधी ने दिया है कि इससे पूरी दुनिया को बिहार के नौजवानों का इमोशन दिखेगा.बिहार की समस्याएं समझ आएंगी और सरकार पर प्रेशर पड़े.
राहुल गांधी का बिहार प्लान
कन्हैया कुमार की इस यात्रा में युवा बड़ी तादाद में शामिल हुए हैं. कन्हैया कुमार की इस यात्रा का मकसद भी यही था कि लोग बिहार में कांग्रेस के बारे में बातें करना शुरू करें ताकि थोड़ी हवा बने. कांग्रेस ने बिहार को लेकर पिछले कुछ महीनों में काफी काम किया है. सबसे पहले प्रभारी के रूप में कृष्णा अल्लावुरू को भेजा, जो लगातार बिहार में ही जमे हैं. मीटिंग कर रहे हैं और अपनी रिपोर्ट राहुल गांधी को भेज रहे हैं. इसके बाद राहुल गांधी ने बिहार के प्रदेश अध्यक्ष अखिलेश सिंह को हटाकर राजेश कुमार को बना दिया. राजेश कुमार दलित हैं और दो बार के विधायक हैं. मौजूदा समय में भी वो विधायक हैं. कन्हैया कुमार अगड़ी जाति से आते हैं और प्रदेश अध्यक्ष दलित हैं. राहुल गांधी ने इन दोनों की एक जोड़ी बनाई है, जिसमें शकील अहमद खान भी हैं, जो विधानसभा में कांग्रेस के नेता हैं. साथ ही कन्हैया कुमार के साथ युवाओं को भी जोड़ने का काम किया है.
क्या महागठबंधन में रहेगी कांग्रेस
कई जानकार राहुल के बार-बार बिहार जाने को कांग्रेस के महागठबंधन में अपनी ज़मीन बचाने की कोशिश के तौर पर भी देख रहे हैं. कांग्रेस पिछले विधानसभा चुनाव में 70 सीटों पर लड़ी थी और 19 सीट ही जीत पाई थी. कांग्रेस को पता है कि लालू यादव इस बार कांग्रेस को इतनी सीटें नहीं देंगे, इसलिए सौदेबाजी से पहले कांग्रेस अपनी जमीन और आधार मजबूत करना चाहती है. कांग्रेस पहले ही कह चुकी है वह महागठबंधन के साथ ही चुनाव लड़ेगी, मगर कितनी सीटों पर यह सबसे बड़ा सवाल है. राहुल गांधी की लगातार बिहार यात्रा इस बात का संकेत है कि कांग्रेस सीटों के बंटवारे में कोई कसर नहीं छोड़ना चाहेगी. कन्हैया कुमार की 'पलायन रोको, रोजगार दो' इसी महीने खत्म हो रही है.
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जयसूर्या का मैदान पर वो खौफ! जब PM मोदी ने भी कहा- T20 को तो आपने ही जन्म दिया है
PM Modi with Sri Lankan cricketers: श्रीलंका क्रिकेट टीम के पूर्व बल्लेबाज सनथ जयसूर्या अपने समय से सबसे खतरनाक बल्लेबाजों में एक रहे हैं. उनकी ताबड़तोड़ बैंटिग से पूरी दुनिया के गेंदबाज दहशत में रहते थे. हाल ही में जब वो अपने साथियों के साथ पीएम मोदी से मिले तब भारतीय प्रधानमंत्री ने जयसूर्या की उस बेखौफ बल्लेबाजी को याद किया. साथ ही पीएम मोदी ने यह भी कहा कि टी-20 क्रिकेट को तो आपने जन्म दिया है.
1996 वर्ल्ड कप विजेता टीम से सदस्यों से मिले पीएम मोदी
दरअसल श्रीलंका के दौरे पर गए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 1996 क्रिकेट वर्ल्ड कप के विजेता टीम के सदस्यों से विशेष बातचीत की. PM मोदी के साथ हुई इस बातचीत में श्रीलंका क्रिकेट टीम के स्टार ऑलराउंडर रहे सनथ जयसूर्या, चमिंडा वास, अरविंद डी सिल्वा, मार्वन अटापट्टू, रविंद्र पुष्पकुमारा, उपुल चंदाना, कुमार धर्मसेना और रोमेश कालूवितराना शामिल रहे.
आपके आक्राकम खेल ने टी-20 क्रिकेट के जन्म को प्रेरित कियाः पीएम मोदी
प्रधानमंत्री मोदी ने इस अवसर पर बताया कि भारत की 1983 वर्ल्ड कप जीत और श्रीलंका की 1996 की वर्ल्ड कप विजय ने वैश्विक क्रिकेट परिदृश्य में क्रांतिकारी बदलाव लाए. उन्होंने कहा कि श्रीलंकाई टीम के 1996 वर्ल्ड कप में आक्रामक और नवाचारपूर्ण खेल ने दरअसल टी20 क्रिकेट के जन्म को प्रेरित किया.
A wonderful conversation with members of the Sri Lankan cricket team that won the 1996 World Cup. Do watch… pic.twitter.com/3cOD0rBZjA
— Narendra Modi (@narendramodi) April 6, 2025
बम विस्फोट के बाद भारत के दौरे का भी किया उल्लेख
उन्होंने 1996 में भारत के श्रीलंका दौरे का भी उल्लेख किया, जब बम विस्फोट के बावजूद भारत ने श्रीलंका का दौरा किया था, इसे उन्होंने खेल भावना और स्थायी दोस्ती का प्रतीक बताया. प्रधानमंत्री ने 2019 के आतंकवादी हमलों के बाद श्रीलंका का दौरा करने का उदाहरण दिया और कहा कि भारत की भावना हमेशा एक जैसी रहती है.
जाफना में क्रिकेट मैदान के विकास में सहयोग मांगी
श्रीलंकाई खिलाड़ियों ने प्रधानमंत्री मोदी से उत्तरी श्रीलंका, विशेषकर जाफना में एक उच्च गुणवत्ता वाले क्रिकेट मैदान के विकास में सहायता की अपील की. खिलाड़ियों ने भारत द्वारा श्रीलंका के आर्थिक संकट के समय में दी गई उदार सहायता के लिए प्रधानमंत्री का आभार व्यक्त किया.

पीएम मोदी बोले- पड़ोसियों के साथ मजबूती से खड़ा है भारत
प्रधानमंत्री मोदी ने 'पड़ोसी पहले' नीति को फिर से दोहराया और उदाहरण के रूप में म्यांमार में हाल ही में आए भूकंप के बाद भारत द्वारा की गई सहायता का हवाला दिया. प्रधानमंत्री मोदी ने यह स्पष्ट किया कि भारत हमेशा अपने पड़ोसियों के साथ मजबूत और स्थायी संबंध बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है.
पीएम मोदी से मुलाकात पर क्या बोले श्रीलंकाई टीम के खिलाड़ी
- पीएम मोदी से मुलाकात के बाद पूर्व श्रीलंकाई क्रिकेटर मार्वन अटापट्टू ने कहा, "यह एक असाधारण मुलाकात थी. हां, हम भाग्यशाली हैं. हमने दुनिया की यात्रा की है, कई क्रिकेटरों और दिग्गजों से मुलाकात की है, लेकिन एक राष्ट्राध्यक्ष और मजबूत नेता से मिलना, जिसने भारत को ऊंचाइयों पर पहुंचाया है, एक सपना सच होने जैसा था. आज शाम प्रधानमंत्री से मिलना सम्मान और सौभाग्य की बात थी."
- पूर्व श्रीलंकाई विकेटकीपर रोमेश कालूवितराना ने पीएम मोदी से मुलाकात को उत्साहजनक बताया. उन्होंने कहा, "जब से पीएम मोदी सत्ता में आए हैं, बहुत सी चीजें बेहतर हुई हैं. इससे श्रीलंका को भी बहुत लाभ हुआ है."

- पूर्व श्रीलंकाई पेसर चमिंडा वास ने कहा, "1996 विश्व कप विजेता टीम के रूप में, उनसे व्यक्तिगत रूप से मिलना हमारे लिए बहुत सम्मान की बात थी. हमने 1996 विश्व कप जीत और उस टूर्नामेंट में भारत को कैसे हराया, इस बारे में बात की. हमने श्रीलंकाई क्रिकेट के भविष्य पर भी चर्चा की और बातचीत वाकई अच्छी रही."
- 1996 विश्व कप के स्टार और श्रीलंका के पूर्व बाएं हाथ के विस्फोटक ओपनर सनथ जयसूर्या ने कहा, "1996 की क्रिकेट टीम के लिए प्रधानमंत्री मोदी से मुलाकात करना एक शानदार अवसर था. हमने कुछ चीजों पर चर्चा की और अपने क्रिकेट के बारे में बात की. यह हमारे लिए एक शानदार मुलाकात थी और एक बेहतरीन अनुभव भी था. पीएम मोदी ने भारत में किए गए अपने कार्यों के बारे में भी विस्तार से बताया."
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Sunday, April 6, 2025
City cyclists face growing pain as infrastructure deteriorates
'भारत' इनोवेशन और टेक्नोलॉजी आधारित विकास में ग्लोबल लीडर बनने के लिए तैयार : पीयूष गोयल
केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा है कि भारत इनोवेशन और टेक्नोलॉजी आधारित विकास में ग्लोबल लीडर के रूप में उभरेगा. उन्होंने 'स्टार्टअप महाकुंभ' कार्यक्रम में वॉक-थ्रू के दौरान स्टार्टअप्स के काम की सराहना की.
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि कोई भी व्यक्ति वर्ल्ड क्लास क्वालिटी काम को देख सकता है, एनर्जी एफिशिएंसी पर बनी टेक्नोलॉजी का अनुभव ले सकता है, नए स्टार्टअप द्वारा बनाए जा रहे रक्षा उपकरणों को देख और महसूस कर सकता है कि 'फिनटेक' कैसे आम नागरिक के लिए सशक्तीकरण का स्रोत बन रहा है.
'स्टार्टअप महाकुंभ' के दूसरे एडिशन में 10 थीमेटिक पवेलियन्स का आयोजन किया गया, जिसमें एआई, डीपटेक और साइबर सिक्योरिटी, हेल्थटेक और बायोटेक, एग्रीटेक, क्लाइमेट टेक, इनक्यूबेटर और एक्सेलेरेटर, डी2सी, फिनटेक, गेमिंग और स्पोर्ट्स, बी2बी और प्रिसिजन मैन्युफैक्चरिंग, डिफेंस और स्पेस टेक के साथ ही मोबिलिटी जैसे प्रमुख उद्योगों को शामिल किया गया.
Extremely delighted to give away the Startup Maharathi awards to our talented and deserving winners from all over the country at #StartupMahakumbh.
— Piyush Goyal (@PiyushGoyal) April 5, 2025
Reiterated how the confidence and enthusiasm of our young innovators and entrepreneurs are major driving forces behind India's… pic.twitter.com/w6nRssDgo3
केंद्रीय मंत्री ने क्लाइमेट टेक, बायोटेक, एआई और डीपटेक और कई दूसरे क्षेत्रों में ग्राउंड ब्रेकिंग इनोवेशन को प्रदर्शित करने वाले कई प्रदर्शनियों का दौरा किया, जिसमें इंटेलिजेंट एयर प्यूरीफायर और ईवी ट्रैक्टर से लेकर फंक्शनल ब्रेन मैपिंग के लिए एआई-ड्रिवन प्लेटफॉर्म और डिफेंस एप्लीकेशन के लिए कटिंग-एज मैन्युफैक्चरिंग ड्रोन शामिल थे.
भारत की फिनटेक यात्रा में एक महत्वपूर्ण क्षण इंडिया फिनटेक फाउंडेशन के शुभारंभ के साथ देखने को मिला, जिसमें जी-20 शेरपा अमिताभ कांत, डीपीआईआईटी के संयुक्त सचिव संजीव सिंह और भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के पूर्व डिप्टी गवर्नर एनएस विश्वनाथन भी मौजूद थे.
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Saturday, April 5, 2025
"हम चिमनी के पास बैठकर कॉफी पीते हैं, सैनिक बर्फीली हवाओं से ...": दिल्ली हाईकोर्ट
दिल्ली हाईकोर्ट ने दो सैन्यकर्मियों को विकलांगता पेंशन के भुगतान से जुड़े आदेश में दखल देने से इनकार कर दिया और इस बात को रेखांकित किया कि सैनिक अक्सर कठोर एवं दुर्गम परिस्थितियों में देश की रक्षा करते हैं तथा बीमारी एवं विकलांगता की आशंका देश सेवा की इच्छा के साथ “पैकेज डील” के रूप में आती है.
न्यायमूर्ति सी हरिशंकर की अध्यक्षता वाली पीठ ने 27 मार्च को पारित आदेश में देशभक्ति पर अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति जॉन एफ कैनेडी की “प्रेरक टिप्पणियों” को याद किया और कहा, ‘‘जब हम चिमनी के पास बैठकर गर्म कैपुचीनो (एक तरह की कॉफी) की चुस्कियां ले रहे होते हैं, तब सैनिक सरहद पर बर्फीली हवाओं से जूझ रहे होते हैं और एक पल में अपनी जान की कुर्बानी देने के लिए तैयार रहते हैं.”
पीठ ने कहा, “इसलिए, बीमारी और विकलांगता की आशंका, देश सेवा की इच्छा और दृढ़ संकल्प के साथ एक ‘पैकेज डील' के रूप में आती है. जिन परिस्थितियों में सैनिक राष्ट्र की सेवा करते हैं, उनमें सबसे बहादुर सैनिक के भी बीमारियों की चपेट में आने का खतरा रहता है, जो कभी-कभी उसे अपाहिज बनाने वाली प्रकृति की हो सकती हैं, जिससे वह सैन्य सेवा जारी रखने में असमर्थ हो जाता है.” पीठ में न्यायमूर्ति अजय दिगपॉल भी शामिल थे. पीठ ने आगे कहा, “ऐसी परिस्थितियों में राष्ट्र, सैनिक की ओर से की गई निस्वार्थ सेवा के बदले कम से कम उसे बचे हुए वर्षों में सांत्वना और सुकून तो प्रदान ही कर सकता है.” पीठ ने कहा, “राष्ट्रपति जॉन एफ कैनेडी की ओर से अपने शपथ ग्रहण समारोह में की गई प्रेरक टिप्पणी कि ‘यह मत पूछो कि तुम्हारा देश तुम्हारे लिए क्या कर सकता है; यह पूछो कि तुम अपने देश के लिए क्या कर सकते हो', आज भी देशभक्ति और देशप्रेम के सभी मायनों का भव्य सारांश प्रस्तुत करती है.”
अदालत ने कहा, “ऐसे लोग भी हैं, जो इन शब्दों को अपने जीवन में आत्मसात कर लेते हैं और देश के लिए अपना सबकुछ कुर्बान करने को तैयार रहते हैं... जो उस समय सरहद पर बर्फीली हवाओं से जूझ रहे होते हैं और एक पल में अपनी जान की कुर्बानी देने के लिए तैयार रहते हैं, जब हम चिमनी के पास बैठकर अपनी गर्म कैपुचीनो की चुस्की ले रहे होते हैं. क्या राष्ट्र और उसके नागरिक के रूप में हम, मातृभूमि के इन सच्चे सपूतों को ऐसा कुछ भी दे सकते हैं, जो कभी भी बहुत अधिक हो सकता है?” पीठ ने कहा कि मानव शरीर, जो त्वचा और हड्डियों से बना है, हमेशा “आत्मा के साथ तालमेल रखने” में सक्षम नहीं होता और इसलिए कानून में उन सैनिकों को विकलांगता पेंशन जैसे वित्तीय लाभ प्रदान करने का प्रावधान किया गया है, जो किसी बीमारी या विकलांगता के शिकार हो जाते हैं, जिसकी उत्पत्ति या बढ़ने के लिए सैन्य सेवा जिम्मेदार होती है.
हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार की उन याचिकाओं पर सुनवाई के दौरान यह आदेश पारित किया, जिनमें दो पूर्व सैन्य अधिकारियों को विकलांगता पेंशन देने के सशस्त्र बल न्यायाधिकरण के फैसले को चुनौती गई थी. इनमें से एक अधिकारी 1985 में भारतीय सेना में भर्ती हुए थे, लेकिन 2015 में टाइप-2 मधुमेह के चलते उन्हें सेवा से बर्खास्त कर दिया गया था और विकलांगता पेंशन देने से इनकार कर दिया गया था.वहीं, दूसरे अधिकारी रक्षा सुरक्षा कोर से जुड़े हुए थे और उन्हें “उनके दाहिने पैर के निचले हिस्से की परिधीय धमनी के अवरुद्ध होने” के बावजूद विकलांगता पेंशन देने से मना कर दिया गया था.
केंद्र ने अपनी याचिकाओं में दलील दी थी कि दोनों अधिकारी “पीस पोस्टिंग” पर थे और उनकी बीमारी उनकी सैन्य सेवा के कारण नहीं थी या उससे बढ़ी नहीं थी.“पीस पोस्टिंग” का मतलब कम अस्थिर क्षेत्रों में गैर-परिचालन भूमिकाओं में तैनाती से है, जिसमें युद्ध या उच्च जोखिम वाली तैनाती के विपरीत अक्सर प्रशासनिक, प्रशिक्षण या सहायक भूमिकाएं शामिल होती हैं.
हाईकोर्ट ने इस बात पर गौर किया कि दोनों मामलों में बीमारी की शुरुआत अधिकारियों की सैन्य सेवा के दौरान हुई थी और कहा कि केवल यह दलील देना कि वे “पीस पोस्टिंग” पर थे, रिलीज मेडिकल बोर्ड (आरएमबी) पर यह दिखाने का दायित्व डालने के लिए पर्याप्त नहीं है कि बीमारी के लिए सेवा जिम्मेदार नहीं थी.पीठ ने कहा कि यह सर्वविदित है कि मधुमेह की बीमारी तनावपूर्ण परिस्थितियों में रहने के कारण उत्पन्न हो सकती है या बढ़ सकती है. उसने कहा कि “पीस पोस्टिंग” के मामले में आरएमबी पर यह जिम्मेदारी और भी बढ़ जाती है कि वह बीमारी के कारण की पहचान करे और इसकी उत्पत्ति के कारक को दावेदार अधिकारी की सैन्य सेवा से अलग करे.
पीठ ने कहा, “हम यह दोहराना चाहेंगे कि सैन्य कर्मियों को अपनी सेवा के दौरान विभिन्न प्रकार की परेशानियों का सामना करना पड़ता है, और केवल यह तथ्य कि किसी बीमारी की शुरुआत उस समय हुई होगी, जब अधिकारी “पीस पोस्टिंग” पर था, निर्विवाद रूप से यह संकेत नहीं देता कि बीमारी सैन्य सेवा के कारण नहीं थी.” उसने कहा, “हम दोहराते हैं कि कुछ रोग और विकार ऐसे होते हैं, जो उत्पन्न तो हो चुके होते हैं, लेकिन उनके लक्षण उभरने में समय लग जाता है, जिससे ये देर में पकड़ में आते हैं.” पीठ ने कहा, “उपरोक्त सभी कारणों से, दोनों रिट याचिकाओं को खारिज किया जाता है और एएफटी की ओर से पारित आदेशों को पूरी तरह से बरकरार रखा जाता है.”
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Schools advised to follow heatwave safety measures
Gujarat chief minister launches Sujalam Sufalam 2.0 from Mehsana
Friday, April 4, 2025
यूरिक एसिड का देसी इलाज है किचन में मौजूद ये ड्रिंक्स, आज से ही करें डाइट में शामिल
Drinks For High Uric Acid: यूरिक एसिड आज के समय की एक एक बड़ी समस्या में से एक है. आपको बता दें कि शरीर में यूरिक एसिड का बढ़ता लेवल कई परेशानियों की वजह बन सकता है. इसकी वजह से शरीर में क्रिस्टल बन सकते हैं और यह गाउट का कारण बन सकता है. यूरिक एसिड के हाई लेवल को कंट्रोल करने के लिए खानपान में बदलाव सबसे कारगर उपाय माना जाता है. हाई यूरिक एसिड, जिसे हाइपरयूरिसीमिया भी कहा जाता है, आमतौर पर शुरूआत में इसके कोई लक्षण नजर नहीं आते ज्यादातर लोगों को इसके बारे में तब तक पता नहीं चलता जब तक कि यूरिक एसिड का स्तर ज्यादा न हो जाए. इसकी वजह से पेशाब में दिक्कत, यूरिन में बदबू, यूरिन में खून आना, दर्द, मतली, उल्टी, सूजन जैसी समस्याएं हो सकती हैं. तो चलिए जानते हैं यूरिक एसिड को कंट्रोल करने के लिए इन ड्रिंक्स का करें सेवन.
यूरिक एसिड को कंट्रोल करने के लिए ड्रिंक्स- (Best Drinks For Uric Acid)
1. अजवाइन का पानी-
किचन में मौजूद अजवाइन एक ऐसा मसाला है जिसे स्वाद के साथ सेहत के लिए भी कमाल माना जाता है. शरीर में मौजूद यूरिक एसिड को बाहर निकालने में मददगार है अजवाइन का पानी.
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2. जीरा पानी-
जीरा पानी डिटॉक्सिफिकेशन, पाचन में मददगार माना जाता है. इसके सेवन से शरीर में बड़े हुए यूरिक एसिड को कंट्रोल करने में मदद मिल सकती है.
3. नींबू पानी-
नींबू पानी यूरिक एसिड को घोलने और शरीर से बाहर निकालने में मदद कर सकता है. बढ़े हुए यूरिक एसिड को कंट्रोल करने के लिए आप नींबू पानी का सेवन सुबह खाली पेट कर सकते हैं.
4. हल्दी वाला पानी-
किचन में मौजूद हल्दी सेहत के लिए बेहद फायदेमंद मानी जाती है. इसमें एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण पाए जाते हैं, जो सूजन को कम करने और यूरिक एसिड को कंट्रोल करने में मदद कर सकते हैं.
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Thursday, April 3, 2025
Gujarat to draft heat action plans for vulnerable cities, town
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Wednesday, April 2, 2025
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Tuesday, April 1, 2025
हरिद्वार, देहरादून, नैनीताल और उधम सिंह नगर के विभिन्न स्थानों के बदले नाम
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज एक महत्वपूर्ण फैसला लेते हुए जनपद हरिद्वार, देहरादून, नैनीताल और उधम सिंह नगर में स्थित विभिन्न स्थानों के नाम में परिवर्तन की घोषणा की. मुख्यमंत्री ने कहा कि विभिन्न स्थानों के नाम में परिवर्तन जन भावना और भारतीय संस्कृति व विरासत के अनुरूप किया जा रहा है. इससे लोग भारतीय संस्कृति और इसके संरक्षण में योगदान देने वाले महापुरुषों से प्रेरणा ले सकेंगे.
मुख्यमंत्री की घोषणा के अनुसार, हरिद्वार जनपद में औरंगजेबपुर का शिवाजी नगर, गाजीवाली का आर्य नगर, चांदपुर का ज्योतिबा फुले नगर, मोहम्मदपुर जट का मोहनपुर जट, खानपुर कुर्सली का अंबेडकर नगर, इंदरीशपुर का नंदपुर, खानपुर का श्री कृष्णपुर, अकबरपुर फाजलपुर का नाम विजयनगर किया गया है.
देहरादून जनपद में मियांवाला का रामजी वाला, पीरवाला का केसरी नगर, चांदपुर खुर्द का पृथ्वीराज नगर, अब्दुल्ला नगर का नाम दक्ष नगर किया गया.
जनपद नैनीताल में नवाबी रोड़ का अटल मार्ग, पनचक्की से आईटीआई मार्ग का नाम गुरु गोवलकर मार्ग किया गया.
उधमसिंह नगर में नगर पंचायत सुल्तानपुर पट्टी का नाम बदलकर कौशल्या पुरी किए जाने की घोषणा की गई है.
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