Thursday, December 7, 2023

BBC के अगले चीफ के तौर पर भारतीय मूल के समीर शाह ब्रिटेन सरकार की पसंद

ब्रिटेन की सरकार ने बुधवार को बीबीसी के नए प्रमुख के लिए भारतीय मूल के समीर शाह के नाम को तय किया है.  सरकार ने अनुभवी टीवी पत्रकार समीर शाह को रिचर्ड शार्प के स्थान पर अपनी पसंद के रूप में नामित किया है. रिचर्ड शार्प को अप्रैल में पद से हटा दिया गया था. शाह की नियुक्ति को संसदीय समिति द्वारा अनुमोदित किया जाएगा. सरकार का यह फैसला ऐसे समय में आया है जब बीबीसी आर्थिक संकट से गुजर रहा है. बीबीसी ने हाल ही में अपने "न्यूज़नाइट" कार्यक्रम में कटौती की घोषणा की है. 

जानकारी के अनुसार 71 वर्षीय समीर शाह को सरकार के साथ लाइसेंस शुल्क में वृद्धि के लिए बातचीत करने का काम सौंपा जाएगा, जहां से बीबीसी को अधिकांश फंडिंग मिलती है. यूके मीडिया ने हाल ही में बताया कि प्रधान मंत्री ऋषि सुनक ने वार्षिक शुल्क में नौ प्रतिशत की वृद्धि को रोकने की योजना बनाई है, जो वर्तमान में प्रति परिवार £159 ($200) है.  समीर शाह ने 40 से अधिक वर्षों तक टेलीविजन में काम किया है और बीबीसी में करंट अफेयर्स के प्रमुख सहित कई भूमिकाएं निभाई हैं. उन्होंने एक बयान में कहा कि उन्हें सरकार का पसंदीदा उम्मीदवार नामित किये जाने पर ''खुशी'' है. 

बीबीसी के एक प्रवक्ता ने कहा कि हम इस घोषणा का स्वागत करते हैं कि समीर शाह को बीबीसी प्रमुख की भूमिका निभाने के लिए सरकार के पसंदीदा उम्मीदवार के रूप में चुना गया है और औपचारिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद बोर्ड में उनके शामिल होने की उम्मीद है. 

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Wednesday, December 6, 2023

सचिन पायलट की एक्टिविटी को किया ट्रैक, फोन भी टैप करवाया : अशोक गहलोत के OSD लाकेश शर्मा का दावा

राजस्थान के निवर्तमान मुख्यमंत्री अशोक गहलोत (Ashok Gehlot) के ऑफिसर ऑन स्पेशल ड्यूटी लोकेश शर्मा ( OSD Lokesh Sharma) विधानसभा चुनावों में कांग्रेस की हार के बाद लगातार खुलासे कर रहे हैं. अब उन्होंने सचिन पायलट (Sachin Pilot)को लेकर गहलोत के बारे में चौंकाने वाला दावा किया है. लोकेश शर्मा ने मंगलवार को आरोप लगाया कि 2020 में तत्कालीन उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट की बगावत से पहले और उस दौरान उनकी गतिविधियों और फोन को ट्रैक किया गया था. 

उन्होंने कहा कि यह निश्चित रूप से सामान्य बात है कि पायलट कहां जा रहे थे? किससे मिल रहे थे? किससे बात कर रहे थे? इन सब चीजों पर नजर रखी जा रही थी. इन आरोपों पर कांग्रेस नेता गहलोत और सचिन पायलट या उनके सहयोगियों की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है. 

लोकेश शर्मा ने आरोप लगाया, ''जब 2020 का राजनीतिक संकट आया. सचिन पायलट अपने 18 विधायकों के साथ चले गए थे. ऐसी स्थिति में सरकार ने अपनी मशीनरी को काम में लगाया था. तब हर किसी पर नजर रखी जा रही थी. ये लोग कहां जाते हैं, किससे मिलते हैं और वे किससे बात करते हैं. सबकुछ सर्विलांस पर था. पायलट का पीछा भी किया गया. उनके फोन भी टैप किए गए."

आसानी से रोका जा सकता था राजस्थान का नुकसान    
लोकेश शर्मा ने कहा, "राजस्थान का नुकसान आसानी से रोका जा सकता था. अपने सर्वे के आधार पर मैंने अशोक गहलोत से कहा था कि उन्हें मौजूदा विधायकों को बदलने की जरूरत है. साथ ही सीएम को सचिन पायलट के उठाए गए पेपर लीक मुद्दे पर भी ध्यान देना चाहिए. लेकिन गहलोत-पायलट की अंदरूनी कलह ने विधानसभा चुनाव में पार्टी पर भारी असर डाला. ये चुनाव हम जीत सकते थे."

बीकानेर या भीलवाड़ा से टिकट चाहते थे लोकेश शर्मा
बता दें कि लोकेश शर्मा को राजस्थान विधानसभा चुनाव लड़ने के लिए टिकट नहीं दिया गया था. वह बीकानेर और बाद में भीलवाड़ा से चुनाव लड़ने की इच्छा जाहिर कर चुके थे. यहां कांग्रेस 20 साल से हारती आ रही थी. लोकेश शर्मा ने कहा कि लेकिन गहलोत ने एक्पेरिमेंट करने से इनकार कर दिया था.

राजस्थान में नहीं थी एंटी इंकमबेंसी
उन्होंने कहा, "राजस्थान में कांग्रेस सरकार के खिलाफ कोई सत्ता विरोधी लहर नहीं थी. लेकिन लोग कई विधायकों को अपने प्रतिनिधि के रूप में वापस आते नहीं देखना चाहते थे. ऐसी रिपोर्टें मुख्यमंत्री को बताई गईं. ये सिर्फ मेरी रिपोर्टें नहीं थीं, बल्कि ऑल इंडिया कांग्रेस कमिटी के सर्वे और कुछ दूसरी रिपोर्टों में भी ऐसा कहा गया था. मैंने सीएम से कहा था कि मौजूदा विधायकों के टिकट काटे जाने चाहिए, लेकिन ऐसा नहीं किया गया."

रिपोर्टों पर कार्रवाई क्यों नहीं की गई? इसके जवाब में लोकेश शर्मा कहते हैं, "आप कह सकते हैं कि यह उनकी (गहलोत की) जिद थी. उन्हें शायद लगा कि यह उन लोगों के प्रति उनका नैतिक कर्तव्य था, जिन्होंने उनकी सरकार बचाने में मदद की थी." 

नहीं निकाल रहा टिकट न दिए जाने की भड़ास- लोकेश शर्मा
लोकेश शर्मा ने इस बात से इनकार किया कि टिकट नहीं दिये जाने के कारण वह ऐसे आरोप लगा रहे हैं. उन्होंने कहा कि यह पार्टी पर निर्भर है कि वह उनके टिकट पर फैसला करे या न करे. उन्होंने कहा, "मैं ऐसा अभी कह रहा हूं, क्योंकि मैं चाहता हूं कि सुधारात्मक कदम उठाए जाएं. क्योंकि लोकसभा चुनाव नजदीक हैं. चीजों को ठीक करना महत्वपूर्ण है."

राजस्थान चुनाव में कांग्रेस की हार के बाद लोकेश शर्मा ने निवर्तमान सीएम अशोक गहलोत पर निशाना साधा था. उन्होंने कहा था कि गहलोत का अनुभव, मैजिक और योजनाएं राज्य में कांग्रेस को सत्ता में वापस नहीं ला सकीं.

लोकेश शर्मा के बयानों पर पार्टी को गौर करना चाहिए- पायलट
इन आरोपों पर सोमवार को सचिन पायलट का भी बयान सामने आया. पायलट ने कहा था, "मैंने लोकेश शर्मा का बयान देखा है. यह अजीब है, क्योंकि वह मुख्यमंत्री के ओएसडी थे. इसलिए यह चिंता का विषय है. मेरा मानना ​​है पार्टी इस बात पर गौर करेगी कि उन्होंने ऐसा क्यों कहा. इसमें कितनी सच्चाई है इसकी भी जांच होनी चाहिए."


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कोलकाता में रहने वाले भारतीय शख्स से शादी करने के लिए भारत पहुंची पाकिस्तानी महिला

कोलकाता निवासी व्यक्ति से शादी करने के लिए एक पाकिस्तानी युवती ने मंगलवार को वाघा-अटारी अंतरराष्ट्रीय सीमा पार कर भारत में प्रवेश किया. दोनों की शादी अगले साल जनवरी में होने वाली है. कराची की रहने वाली जावेरिया खानुम ने अमृतसर जिले में अटारी से भारतीय सीमा में प्रवेश किया, जहां उनके मंगेतर समीर खान और उनके परिवार के कुछ सदस्यों ने ढोल-नगाड़ों के साथ उनका स्वागत किया. पूर्व में, खानुम की दो वीजा अर्जियां रद्द होने और कोविड महामारी के कारण शादी करीब पांच साल टलने के बाद उन्हें 45 दिनों का वीजा प्रदान किया गया है.

अटारी में जोड़े ने एक संक्षिप्त बातचीत में कहा कि शादी अगले साल जनवरी में होगी. खानुम ने कहा, ‘‘मुझे 45 दिनों का वीजा दिया गया है. यहां आकर मैं बहुत खुश हूं. यहां पहुंचते ही, मुझे काफी प्यार मिला. जनवरी के पहले सप्ताह में शादी होगी.'' उन्होंने शादी के लिए भारत की यात्रा संभव होने पर अपनी खुशी जाहिर करते हुए कहा कि दो बार वीजा हासिल करने की कोशिश की थी, लेकिन तीसरे प्रयास में सफलता मिली. उन्होंने कहा, ‘‘यह एक सुखद अंत है और खुशियों की शुरूआत है.''

खानुम ने कहा, ‘‘घर पर (पाकिस्तान में) सभी लोग खुश हैं. मुझे यकीन नहीं हो रहा कि पांच साल बाद मुझे वीजा मिल गया .''उन दोनों का एक-दूसरे से कैसे संपर्क हुआ, इस बारे में खान ने कहा कि उन्होंने अपनी मां के मोबाइल फोन पर खानुम की तस्वीर देखने के बाद उससे शादी करने की इच्छा जताई थी. उन्होंने कहा, ‘‘यह सब मई 2018 में शुरू हुआ. पढ़ाई पूरी कर मैं जर्मनी से घर आया था. मैंने अपनी मां के फोन पर उसकी तस्वीर देखी और अपनी इच्छा जताई. मैंने अपनी मां से कहा कि मैं जावेरिया से शादी करना चाहता हूं.''

खान ने वाीजा के लिए भारत सरकार के प्रति आभार जताया. उन्होंने बताया कि जर्मनी में पढ़ाई के दौरान उनके बहुत से दोस्त बने जो अफ्रीका, स्पेन, अमेरिका तथा कई अन्य देशों से हैं और उन सबके भी शादी में शामिल होने की संभावना है. संवाददाताओं से बातचीत के बाद, यह जोड़ा (खान और खानुम) अमृतसर से कोलकाता की उड़ान में सवार होने के लिए निकल गया

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Tuesday, December 5, 2023

पूर्वी राजस्थान में नहीं चला पायलट का जादू? कांग्रेस को 8 जिलों की गुर्जर बहुल 10 सीटों का हुआ नुकसान

गुर्जर समुदाय की बहुलता वाले पूर्वी राजस्थान के आठ जिलों में कांग्रेस को इस विधानसभा चुनाव में दस सीट का नुकसान हुआ है. समुदाय के लोगों ने दावा किया है कि सचिन पायलट की उपेक्षा इसका बड़ा कारण है. राज्य की 200 सदस्यीय विधानसभा की 199 सीट पर मतदान हुआ जिसके वोटों की गिनती रविवार को की गई. इसमें भाजपा को 115 सीट के साथ बहुमत मिला जबकि कांग्रेस 69 सीट पर सिमट गई.

पूर्वी राजस्थान के आठ जिलों --अलवर, भरतपुर, बूंदी, दौसा, धौलपुर, करौली, सवाई माधोपुर और टोंक में कांग्रेस की सीट इस विधानसभा चुनाव में 29 से घटकर 19 रह गईं, जबकि भाजपा को 14 सीट का फायदा हुआ और उसे कुल 42 में से 20 सीटें हासिल हुईं. साल 2018 में कांग्रेस ने पूर्वी राजस्थान में 42 में से 29 सीट जीती थीं जबकि भाजपा को छह सीट मिली थीं.

इस क्षेत्र की कई सीटों पर गुर्जर मतदाताओं को निर्णायक माना जाता है. गुर्जर समुदाय से आने वाले पायलट 2018 में कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष थे और तब उन्होंने चुनाव में पार्टी की अगुवाई की थी. लेकिन इस बार के चुनाव में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत अभियान का नेतृत्व कर रहे थे. पायलट ने अपनी टोंक सीट के साथ-साथ अपने समर्थकों की कुछ अन्य सीट पर ध्यान केंद्रित रखा था.

साल 2018 में कांग्रेस को बहुमत मिलने के बाद पायलट मुख्यमंत्री पद की दौड़ में थे लेकिन पार्टी आलाकमान ने अशोक गहलोत को तीसरी बार मुख्यमंत्री बनाते हुए पायलट को उपमुख्यमंत्री बनाया.

जुलाई 2020 में पायलट एवं उनके कुछ समर्थक विधायकों द्वारा गहलोत नेतृत्व के खिलाफ विद्रोह करने के बाद पायलट को उपमुख्यमंत्री एवं प्रदेश अध्यक्ष पद से हटा दिया गया. पायलट और गहलोत के बीच आंतरिक कलह खुलकर सामने आने पर गहलोत ने पायलट को 'गद्दार' और 'निकम्मा' तक कह दिया. दोनों नेताओं के बीच मनमुटाव काफी स्पष्ट रहा है.

धौलपुर जिले के एक सामाजिक कार्यकर्ता सुघर सिंह ने ‘पीटीआई-भाषा' से कहा कि दिसंबर 2018 में कांग्रेस की सरकार बनने के बाद से पायलट के साथ खराब व्यवहार को लेकर समुदाय में निश्चित रूप से नाराजगी थी. उनका कहना है कि सभी को उम्मीद थी कि कांग्रेस पायलट को मुख्यमंत्री बनाएगी लेकिन ऐसा नहीं हुआ.

उन्होंने कहा,‘‘इससे भी अधिक, उन्हें और अपमानित किया गया, जिससे समाज के लोग आहत हुए और इसलिए इस बार गुर्जर वोट कांग्रेस के खिलाफ चले गए हैं.''

उन्होंने दावा किया कि पायलट के 'अपमान' की वजह से ही कांग्रेस को नुकसान हुआ है. उन्होंने कहा,‘‘पायलट लोकप्रिय हैं. वह हमारे समुदाय से हैं और पिछली बार जब समुदाय ने कांग्रेस को वोट दिया तो उसे बहुत उम्मीद थी लेकिन उसे केवल निराशा मिली.''

गंगापुर सिटी में एक स्कूल चलाने वाले सुरेंद्र खटाना ने कहा कि पायलट के खिलाफ जिन शब्दों का इस्तेमाल किया गया उससे समाज के लोग नाराज हुए और इस चुनाव में कांग्रेस के खिलाफ जाने का फैसला किया. उन्होंने कहा,‘‘मतभेद हो सकते हैं लेकिन पायलट के खिलाफ इस्तेमाल किए गए शब्दों को कोई कैसे सहन कर सकता है. पायलट ने प्रदेश अध्यक्ष के रूप में पांच साल में पार्टी को दोबारा खड़ा करने के लिए कड़ी मेहनत की और पांच साल के कांग्रेस शासन के दौरान उन्होंने केवल संघर्ष किया.''

उन्होंने कहा कि समाज के लोगों ने अपने स्तर पर छोटी-छोटी बैठकें कीं और कांग्रेस के बजाय भाजपा को वोट देने का फैसला किया.

करौली के हिंडौन में एक कांग्रेस पार्षद ने कहा कि गहलोत का समर्थन करने के बदले कांग्रेस विधायकों को खुली छूट दी गई और यह भी समुदाय के खिलाफ गया क्योंकि विधायकों ने गुर्जर लोगों के काम नहीं किए.

उन्होंने कहा,‘‘मैंने समाज के कार्यक्रमों में सुना कि कैसे कांग्रेस सरकार में गुर्जर लोगों को अपने काम करवाने में समस्याओं का सामना करना पड़ रहा था. गुर्जर एक बड़ा समुदाय है और समाज के एक वरिष्ठ नेता की अनदेखी निश्चित रूप से नकारात्मक प्रभाव डालती है.''

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Monday, December 4, 2023

मध्य प्रदेश : शिवराज कैबिनेट के 10 से ज्यादा मंत्री हारे चुनाव

 मध्यप्रदेश के विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को दो तिहाई बहुमत मिल गया है. निर्वाचन आयोग के अनुसार, प्रदेश की 230 विधानसभा सीट में से भाजपा के उम्मीदवार 159 सीट जीत चुके हैं जबकि चार सीट पर आगे चल रहे हैं. वहीं कांग्रेस ने अब तक 63 सीट पर जीत दर्ज की है और वह तीन सीट पर आगे चल रही है. भाजपा मध्य प्रदेश में सत्ता बरकरार रखने के साथ ही अपने विधायकों की संख्या बढ़ाने में सफल रही जबकि शिवराज सिंह चौहान के नेतृत्व वाले मंत्रिमंडल के 10 से अधिक मौजूदा मंत्री पराजित हो गए हैं.

जिन अन्य प्रमुख मंत्रियों को हार का सामना करना पड़ा उनमें अटेर से अरविंद भदोरिया, हरदा से कमल पटेल और बालाघाट से गौरीशंकर बिसेन शामिल हैं. इनके अलावा हारने वाले मंत्रियों में बड़वानी से प्रेम सिंह पटेल, बमोरी से महेंद्र सिंह सिसोदिया, बदनावर से राजवर्धन सिंह, ग्वालियर ग्रामीण से भारत सिंह कुशवाह, अमरपाटन से रामखेलावन पटेल, पोहरी से सुरेश धाकड़ और परसवाड़ा से रामकिशोर कावरे शामिल हैं. एक अन्य मंत्री और पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती के भतीजे राहुल सिंह लोधी को खरगापुर से हार का सामना करना पड़ा.

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Sunday, December 3, 2023

बीजेपी सांसद सनी देओल ने पंजाब के गुरदासपुर क्षेत्र के मतदाताओं को ‘धोखा’ दिया : अरविंद केजरीवाल

आम आदमी पार्टी नेता अरविंद केजरीवाल ने शनिवार को गुरदासपुर लोकसभा क्षेत्र के मतदाताओं को “धोखा देने” के लिए भाजपा सांसद सनी देओल की आलोचना करते हुए कहा कि ऐसे “बड़े लोग” लोगों के कल्याण के लिए कुछ नहीं करेंगे. उन्होंने लोगों से 2024 के लोकसभा चुनावों में ‘आम आदमी' के लिए वोट करने को कहा. केजरीवाल ने विश्वास जताया कि पंजाब में उनकी पार्टी को मिल रहे “प्यार और आशीर्वाद” को देखते हुए आम आदमी पार्टी (AAP) राज्य में अगले साल आम चुनाव में सभी 13 संसदीय सीटें जीतेगी.

दिल्ली के मुख्यमंत्री और उनके पंजाब के समकक्ष भगवंत मान ने यहां अंतरराज्यीय बस टर्मिनल सहित 1,854 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाएं शुरू कीं.

'आप' के राष्ट्रीय संयोजक ने सांसद सनी देओल की उनके निर्वाचन क्षेत्र से “अनुपस्थिति” पर भी निशाना साधा. उन्होंने देओल पर गुरदासपुर के मतदाताओं को धोखा देने का आरोप लगाया. केजरीवाल ने कहा, “पिछली बार, आपने (इस सीट से) सनी देओल को चुना था. क्या वह कभी आए थे? क्या आपने कभी उनका चेहरा देखा है? वह कभी नहीं आए.”

केजरीवाल ने लोगों से लोकसभा चुनाव में 'आप' के लिए वोट करने की अपील करते हुए कहा, “हमने सोचा कि वह एक बहुत बड़े अभिनेता हैं और उन्हें वोट देंगे तो वह कुछ करेंगे. इतने बड़े लोग कुछ नहीं करेंगे. ‘आम आदमी' को वोट दें, वह आपके लिए कुछ करेगा और वह आपका फोन उठाएगा.”

इससे पहले, मान ने भी लोकसभा चुनाव के बाद निर्वाचन क्षेत्र की अनदेखी के लिए सांसद देओल की आलोचना की थी. मान ने कहा कि ऐसे लोग असंवेदनशील हैं और उन्हें आम आदमी से कोई सहानुभूति नहीं है.

उन्होंने कहा, “वह (देओल) अपनी फिल्म की सफलता के लिए स्वर्ण मंदिर में प्रार्थना करने आए, लेकिन अपने निर्वाचन क्षेत्र में जाने की जहमत नहीं उठाई, जो सिर्फ 40 किमी दूर है. ऐसे लोग आम लोगों का दर्द नहीं समझ सकते.”



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जम्मू-कश्मीर के युवाओं को रोजगार के अवसर दिलाने के लिए सेना ने की पहल

जम्मू-कश्मीर में स्थानीय आबादी पर सकारात्मक प्रभाव डालने की कोशिशों के तहत भारतीय सेना ने एक और दो दिसंबर को चिनार नौजवान क्लब, बोनियार में दो दिवसीय जॉब फेयर का आयोजन किया. इसका उद्देश्य रोजगार के अवसर तलाश रहे स्थानीय युवाओं को एक साझा मंच प्रदान करना है. नियोक्ताओं की और से करीब 600 नौकरियों के ऑफर थे, जॉब फेयर में इसके लिए राज्य के करीब 2500 युवा पहुंचे.

यह कार्यक्रम जम्मू-कश्मीर के रोजगार निदेशालय के सहयोग से आयोजित किया गया. निदेशालय केंद्र शासित प्रदेश और बाहर के नियोक्ताओं को एक साथ लाया. इससे उम्मीदवारों को खेती, बागवानी, पशुपालन और हथकरघा जैसे विभिन्न क्षेत्रों में नौकरियां तलाशने का मौका मिला.

जॉब फेयर स्व-रोजगार पैदा करने के उद्देश्य से विभिन्न संस्थागत योजनाओं और सभी उपलब्ध वित्तीय सहायता योजनाओं के बारे में जानकारी देने में भी सफल रहा. कई निजी फर्मों ने भी जॉब फेयर में भाग लिया. यह फर्में कुशल और अकुशल दोनों प्रकार के रोजगार के अवसर देती हैं.

नवनिर्मित आईटी लैब की सुविधा का उपयोग करके साइट पर विभिन्न नियोक्ताओं ने ऑनलाइन इंटरव्यू भी आयोजित किए. यह जॉब फेयर क्षेत्र में आर्थिक विकास को बढ़ावा देने और सेना और नागरिकों के बीच सामंजस्यपूर्ण बंधन को और मजबूत करने के समग्र दृष्टिकोण में भारतीय सेना का नया कदम है.



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Saturday, December 2, 2023

गदर 2 और टाइगर 3 को छोड़िए, एनिमल की आंधी में उड़े ऋतिक रोशन के भी रिकॉर्ड, रणबीर कपूर की फिल्म करेगी इतने करोड़ की ओपनिंग

Animal Opening Day Collection: रणबीर कपूर, बॉबी देओल, अनिल कपूर और रश्मिका मंदाना की मोस्ट अवेटेड फिल्म एनिमल ने बड़े पर्दे पर दस्तक दे दी है. फिल्म को एडवांस बुकिंग में जबरदस्त रिस्पॉन्स मिला है. एनिमल की एडवांस बुकिंग को देखे तो रणबीर कपूर की इस फिल्म को सनी देओल की गदर 2 और सलमान खान की टाइगर 3 से ज्यादा अच्छा रिस्पॉन्स मिला है. इतना ही नहीं अब एनिमल से रणबीर कपूर ने ऋतिक रोशन को भी पीछे छोड़ दिया है. उनकी इस फिल्म ने ऋतिक की वॉर से भी ज्यादा एडवांस बुकिंग की है.

इस बात का दावा खुद को ट्रेड एनालिस्ट मानने वाले बॉलीवुड एक्टर केआरके ने किया है. उन्होंने अपने एक्स अकाउंट के जरिए बताया है कि एनिमल ने एडवांस बुकिंग में वॉर से ज्यादा कमाई कर ली है, जिसने 50 करोड़ रुपये की ओपनिंग की थी. साथ ही केआरके ने एनिमल के साथ रिलीज हुई विक्की कौशल की फिल्म सैम बहादुर की एडवांस बुकिंग के बारे में भी बताया है. लेकिन बात करें एनिमल की एडवांस बुकिंग की तो अगर यह फिल्म 50 करोड़ से ज्यादा की ओपनिंग करती है तो रणबीर कपूर सलमान खान और सनी देओल दोनों को पीछे छोड़ देंगे.

सनी देओल की गदर 2 इस साल ज्यादा कमाई करने वाली फिल्मों में से एक है. लेकिन इस फिल्म ने 41 करोड़ से आसपास ओपनिंग की थी. वहीं सलमान खान की टाइगर 3 ने 44 करोड़ के आसपास ओपनिंग की. ऐसे में एनिमल की एडवांस बुकिंग को देखे तो इस फिल्म के जरिए रणबीर कपूर बॉलीवुड के दो नहीं बल्कि तीन सलमान खान, सनी देओल और ऋतिक रोशन को ओपनिंग के मामले में पीछे छोड़ देंगे. हालांकि एनिमल की पहले दिन की कमाई के सटीक आंकड़े आने बाकी हैं. 



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Animal Twitter Review: एनिमल का फर्स्ट डे फर्स्ट शो देखने गए फैंस ने दे दिया रिव्यू, जानें सोशल मीडिया पर किसने क्या कही बात

Animal Social Media Review: एनिमल की चर्चा बीते कुछ दिनों से चली आ रही है, जिसका कारण रणबीर कपूर का वाइलेंट लुक और धमाकेदार एक्शन है. वहीं फिल्म को ए सर्टिफिकेट मिलने के बाद लोगों की एक्साइटमेंट इसलिए भी बढ़ गई है कि एनिमल की कहानी (Animal Story) क्या है? एनिमल का रिव्यू (Animal Review) कैसा होगा? अब जब 1 दिसंबर को फिल्म रिलीज हो गई है तो सोशल मीडिया पर एनिमल का फर्स्ट डे फर्स्ट शो (Animal First Day First Show) देखने गए दर्शकों ने फिल्म का फर्स्ट हाफ कैसा था और फिल्म का रिव्यू कैसा है. यह बता दिया है. 

एक सोशल मीडिया यूजर ने लिखा, एनिमल की शुरुआत रणबीर मोंटाज लुक से होती है और इसके बाद बचपन का एपिसोड आता है. ब्लड बाथ की तर्ज पर बताई गई पिता पुत्र की कहानी. कभी बोर नहीं होने देती. एक्शन का भरपूर आनंद.

दूसरे यूजर ने एनिमल का एक सीन शेयर करते हुए लिखा, जबरदस्त पहला हाफ...

तीसरे यूजर ने लिखा, सिनेमा नेक्स्ट लेवल भय्या. रणबीर स्वैग आह कैरेक्टर मास एंट्री. बीजीएम वेरी लेवल.  इनका फर्स्ट हाफ पागल कर देता है. बॉबी देओल जबरदस्त..

बता दें, एनिमल में रणबीर कपूर के अलावा बॉबी देओल, अनिल कपूर और रश्मिका मंदाना अहम किरदार में नजर आ रहे हैं. जबकि फिल्म का बजट कुल 100 (Animal Budget) करोड़ बताया जा रहा है. वहीं कहा जा रहा है कि पहले दिन का वर्ल्डवाइड बॉक्स ऑफिस (Animal Worldwide Box Office Day 1) के साथ ही एनिमल बजट की कमाई हासिल कर लेगी. 



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Friday, December 1, 2023

Madhya Pradesh Exit Polls 2023 में बीजेपी को बढ़त के अनुमान पर शिवराज सिंह चौहान और कमलनाथ ने क्या कहा?

मध्य प्रदेश, राजस्थान, छत्तीसगढ़, मिजोरम और तेलंगाना में हुए विधानसभा चुनावों 2023 के नतीजे रविवार को आएंगे. इस बीच गुरुवार को कई एजेंसियों की तरफ से एग्जिट पोल का ऐलान किया गया. चुनावी राज्यों में सबसे बड़े सूबे मध्यप्रदेश में आठ एजेंसियों ने अपना एग्जिट पोल (MP Exit Poll) जारी किया है. इसमें से चार एग्जिट पोल सूबे में भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनाते दिख रहे हैं जबकि दो एजेंसियां बीजेपी और कांग्रेस के बीच कांटे की टक्कर बता रही है. वहीं दो एग्जिट पोल कांग्रेस को आसानी से बहुमत हासिल करता दिखा रहे हैं. एग्जिट पोल को लेकर अब रिएक्शन भी सामने आने लगे हैं. 

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा, ‘‘मैं शुरुआत से ही और प्रचार के दौरान भी कहता रहा हूं कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का स्नेह और नेतृत्व, अमित शाह (केंद्रीय गृह मंत्री) की रणनीति, जेपी नड्डा (भाजपा अध्यक्ष) का नेतृत्व और पार्टी कार्यकर्ताओं की कड़ी मेहनत के साथ-साथ राज्य सरकार की योजनाओं की बदौलत भाजपा को बड़ी जीत मिलेगी.''

वहीं कांग्रेस नेता कमलनाथ ने एग्जिट पोल के अनुमान पर कहा है कि मैंने हमेशा से कहा है कि देश एक विजन से चलता है, टेलीविजन से नहीं.कई एग्जिट पोल से पता चला है कि कांग्रेस राज्य में सरकार बना रही है, जबकि कई थोड़ा अलग दिखा रहे हैं.

कमलनाथ ने कहा कि आपको (पार्टी कार्यकर्ताओं को) इन सब चीजों में नहीं फंसना चाहिए और मतगणना के दौरान ‘अर्जुन' की तरह लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित रखना चाहिए ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि कांग्रेस के पक्ष में डाला गया प्रत्येक वोट पार्टी के लिए गिना जाए. इससे भारी जीत के साथ कांग्रेस सरकार का गठन सुनिश्चित होगा.

कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने कहा कि एग्जिट पोल के पूर्वानुमान अलग-अलग होते हैं और उनके बारे में कुछ नहीं कहा जा सकता है. राज्यसभा सांसद और राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री सिंह ने कहा, ‘‘लेकिन मैं दृढ़ता से कह सकता हूं कि कांग्रेस को मध्य प्रदेश में 130 से अधिक सीट मिलेंगी. लोगों में बदलाव की भावना है और उन्होंने कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ चुनाव लड़ा. लोग भाजपा, उसके कार्यकर्ताओं और चौहान के झूठे वादों के साथ-साथ खराब शासनतंत्र से तंग आ चुके हैं.''

दतिया सीट से चुनाव लड़ने वाले राज्य के गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि भाजपा 165 से अधिक सीट जीतेगी. उन्होंने कहा कि एग्जिट पोल ने राज्य से कांग्रेस के ‘‘बाहर निकलने'' का मार्ग प्रशस्त कर दिया है.

NDTV पोल ऑफ पोल्स का क्या है अनुमान?

पोल ऑफ पोल्स के तहत, मध्य प्रदेश की सभी 230 सीटों में बीजेपी को 124 सीटें मिलने का अनुमान है. यानी बीजेपी राज्य में सिंगल लार्जेस्ट पार्टी बनेगी. मध्य प्रदेश में कांग्रेस को 102 सीटें मिलने का अनुमान है. BSP+ के खाते में जीरो सीट और अन्य पार्टियों के खाते में 4 सीटें जाती दिख रही हैं. मध्य प्रदेश में बहुमत का आंकड़ा 116 है. 

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Rajasthan Exit Polls 2023 के अनुमानों को बीजेपी ने बताया सटीक, कांग्रेस नेताओं ने कहा- रिवाज बदलेगा

राजस्थान विधानसभा चुनाव के एग्जिट पोल (Rajasthan Exit Poll) के आंकड़ों में बीजेपी को बढ़त मिलती दिख रही है. 10 एग्जिट पोल में से 6 के आकंड़ो में भाजपा (BJP) को स्पष्ट बहुमत मिलता हुआ दिख रहा है. वहीं 3 एग्जिट पोल ने दोबारा से कांग्रेस (Congress) की सरकार बनने का अनुमान लगाया है. हालांकि अधिकतर एग्जिट पोल में दोनों ही दलों के बीच कड़े मुकाबले की बात कही है. एग्जिट पोल के सामने आने के बाद दोनों ही दलों के नेताओं की तरफ से रिएक्शन भी सामने आने लगे हैं.

एग्जिट पोल के अनुमानों पर बीजेपी नेता राज्यवर्धन सिंह राठौड़ ने कहा कि ...लोग परिवर्तन चाहते हैं. मुझे यकीन है कि बीजेपी राजस्थान में पूर्ण बहुमत के साथ सरकार बना रही है...मुकाबला केवल एग्जिट पोल तक ही सीमित है. नतीजे 3 दिसंबर को बीजेपी के पक्ष में ही आएंगे.

वहीं विधानसभा में विपक्ष के नेता बीजेपी विधायक राजेंद्र राठौड़ ने कहा है कि एग्जिट पोल अनुमान हैं... बीजेपी भारी जनादेश के साथ राजस्थान में सरकार बनाने जा रही है... हम मध्य प्रदेश में भी सरकार बनाएंगे.

कांग्रेस नेताओं का दावा- राजस्थान में ‘रिवाज बदलेगा, राज नहीं'

कांग्रेस नेताओं ने दावा किया कि राजस्थान में ‘रिवाज बदलेगा, राज नहीं' यानी एक बार फिर कांग्रेस की सरकार बनेगी. कांग्रेस प्रवक्ता गौरव वल्लभ ने एग्जिट पोल पर कहा, ‘‘एग्जिट पोल से संकेत मिलता है कि राजस्थान में ‘राज नहीं रिवाज' बदलने वाला है क्योंकि कांग्रेस बहुमत से जीतने जा रही है.''

कांग्रेस प्रत्याशी और मौजूदा मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास ने कहा कि कांग्रेस सरकार बना सकती है क्योंकि लोगों ने कांग्रेस के विकास मॉडल विश्वास जताया है. उन्होंने कहा, ‘‘कांग्रेस की सरकार बनने की संभावना अधिक है. लोगों ने कांग्रेस के विकास मॉडल पर मुहर लगा दी है.''

NDTV पोल ऑफ पोल्स का क्या है अनुमान?

NDTV पोल ऑफ पोल्स के मुताबिक, राजस्थान में सत्ता बदलने का रिवाज बरकरार रह सकता है. यानी जनता ने इस बार कांग्रेस को छोड़कर बीजेपी पर भरोसा जताया है. पोल ऑफ पोल्स के मुताबिक, राजस्थान की 199 सीटों में से बीजेपी को 104 सीटें मिलती दिख रही हैं. इसका मतलब साफ है कि बीजेपी को राज्य में पूर्ण बहुमत मिलने का अनुमान है. इसके साथ ही कांग्रेस + को 85 सीटें मिलती दिख रही हैं. अगर एग्जिट पोल के नतीजे सही साबित हुए तो अशोक गहलोत को सीएम की कुर्सी गंवानी पड़ सकती है. राज्य में बहुमत का आंकड़ा 101 है. बता दें कि राजस्थान की कुल 200 सीटों में से एक सीट पर कांग्रेस उम्मीदवार के निधन के कारण चुनाव स्थगित हो गए हैं.

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भारत, चीन अगले दौर की सैन्य वार्ता जल्द करने पर हुए सहमत

नई दिल्ली: भारत और चीन ने बृहस्पतिवार को शेष मुद्दों का समाधान करने और पूर्वी लद्दाख में सैनिकों को पूर्णत: पीछे हटाने के प्रस्तावों पर 'रचनात्मक' कूटनीतिक वार्ता की, लेकिन इसमें कोई बड़ी सफलता प्राप्त होने का कोई स्पष्ट संकेत नहीं मिला है. विदेश मंत्रालय ने कहा कि दोनों पक्षों ने 'उद्देश्य' हासिल करने के लिए वरिष्ठ कमांडरों की बैठक का अगला दौर जल्द आयोजित करने का फैसला किया और जमीन पर स्थिर स्थिति सुनिश्चित करने तथा किसी भी तरह की अप्रिय घटना से बचने की आवश्यकता पर सहमति व्यक्त की.

इसमें कहा गया है कि दोनों पक्षों ने स्थिति की समीक्षा की और शेष मुद्दों का समाधान करने एवं पूर्वी लद्दाख में सैनिकों को पूर्णत: पीछे हटाने संबंधी प्रस्तावों पर 'खुली, रचनात्मक और गहन' चर्चा की. यह वार्ता डिजिटल तरीके से भारत-चीन सीमा मामलों (डब्ल्यूएमसीसी) पर परामर्श एवं समन्वय के लिए कार्य तंत्र ढांचे के तहत हुई.

विदेश मंत्रालय में संयुक्त सचिव (पूर्वी एशिया) गौरांगलाल दास ने भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व किया. चीनी दल का नेतृत्व चीन के विदेश मंत्रालय में सीमा एवं समुद्री मामलों के महानिदेशक ने किया. विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा, ‘‘दोनों पक्षों ने भारत-चीन सीमा क्षेत्रों के पश्चिमी सेक्टर में वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) से लगे क्षेत्र में स्थिति की समीक्षा की और शेष मुद्दों का समाधान करने एवं पूर्वी लद्दाख में सैनिकों को पूर्णत: पीछे हटाने के प्रस्तावों पर खुली, रचनात्मक और गहन चर्चा की.''

इसमें कहा गया है, ‘‘दोनों पक्ष सीमावर्ती क्षेत्रों में शांति बनाए रखने, जमीन पर स्थिर स्थिति सुनिश्चित करने और किसी भी अप्रिय घटना से बचने की आवश्यकता पर सहमत हुए.'' विदेश मंत्रालय ने कहा, ‘‘दोनों पक्ष सैन्य और कूटनीतिक वार्ता जारी रखने और उपरोक्त उद्देश्य को प्राप्त करने के लिए वरिष्ठ कमांडरों की बैठक का अगला दौर जल्द आयोजित करने पर सहमत हुए.''

गत अक्टूबर में हुई सैन्य वार्ता में, भारतीय पक्ष ने देपसांग और डेमचोक में लंबित मुद्दों के समाधान पर जोर दिया था. भारत और चीन के सैनिकों के बीच पूर्वी लद्दाख में कुछ टकराव वाले बिंदुओं पर तीन साल से अधिक समय से गतिरोध की स्थिति है. हालांकि, दोनों पक्षों ने व्यापक कूटनीतिक और सैन्य वार्ता के बाद कई क्षेत्रों से सैनिकों की वापसी पूरी कर ली है.

भारत का कहना है कि जब तक सीमावर्ती इलाकों में शांति बहाल नहीं होगी, तब तक चीन के साथ उसके संबंध सामान्य नहीं हो सकते. पैंगोंग झील क्षेत्र में हिंसक झड़प के बाद 5 मई, 2020 को पूर्वी लद्दाख सीमा पर गतिरोध पैदा हो गया था.

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कांग्रेस पूर्ण बहुमत के साथ छत्तीसगढ़ में सरकार बनाएगी : भूपेश बघेल

छत्तीसगढ़ में हुए विधानसभा चुनाव को लेकर कुछ एग्जिट पोल में सत्ताधारी दल कांग्रेस को भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर मामूली बढ़त मिलने के पूर्वानुमान के बाद मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि उनकी पार्टी राज्य में पूर्ण बहुमत के साथ सरकार बनाएगी. रायपुर विमानतल पर संवाददाताओं से बघेल ने कहा कि भाजपा राज्य में विधायकों की खरीद-फरोख्त नहीं कर पाएगी.

एग्जिट पोल के बारे में पूछे जाने पर, बघेल ने कहा, ‘‘क्या एग्जिट पोल (विभिन्न एजेंसियों और चैनलों के) के बीच समानता है? दो दिन बाद (तीन दिसंबर को जब वोटों की गिनती होगी) सभी का एक ही पोल रिजल्ट सामने आएगा. एग्जिट पोल आने दीजिए, लेकिन हम पूर्ण बहुमत के साथ सरकार बनाएंगे.

एक चैनल के एग्जिट पोल में कांग्रेस को 90 सदस्यीय विधानसभा में से 57 सीट मिलने का पूर्वानुमान जताया गया, इस पर उन्होंने कहा, ‘‘पार्टी उससे भी अधिक सीट हासिल करेगी. 57 नहीं 75 सीट हासिल करेगी. क्रम बदल दिया जाएगा.''

यदि भाजपा ऑपरेशन लोटस (खरीद-फरोख्त) चलाती है तो अपने विधायकों को अन्य स्थानों पर स्थानांतरित करने की कांग्रेस की संभावित योजना के सवाल पर उन्होंने कहा, ‘‘इसकी (विधायकों को स्थानांतरित करने की) कोई आवश्यकता नहीं है. वे (भाजपा) ऐसा नहीं कर पाएंगे.'' उन्होंने कहा, ‘‘हमें अपने प्रयासों और लोगों पर पूरा भरोसा है.

एग्जिट पोल पर प्रतिक्रिया देते हुए भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व मुख्यमंत्री रमन सिंह ने कहा कि भाजपा को राज्य में 52-55 सीट मिलेंगी और स्पष्ट बहुमत के साथ सरकार बनाएगी.

उन्होंने कहा, ‘‘एग्जिट पोल दिखा रहे हैं कि भाजपा 15 (2018 में भाजपा द्वारा जीती गई सीट) से 48 सीट तक पहुंच रही है, जो चुनाव में पार्टी के प्रयासों का परिणाम है.. लेकिन मेरा मानना ​​है कि भाजपा को 52 से 55 सीट मिलेंगी. तीन दिसंबर को मतगणना के बाद यह स्पष्ट हो जाएगा.'' सिंह ने कहा कि भाजपा अपने घोषणापत्र और महिलाओं तथा युवाओं के समर्थन के कारण बेहतर दिशा में आगे बढ़ रही है. 

कई एग्जिट पोल में छत्तीसगढ़ में कांग्रेस और भाजपा के बीच कांटे की टक्कर का अनुमान जताया गया है.



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