Thursday, May 9, 2024

पैसे और प्रोपर्टी का लालच... : बेटा निकला मां-भाई का हत्यारा, गााजियाबाद पुलिस ने सुलझाई डबल मर्डर की गुत्थी

दोहरे हत्याकांड में गाजियाबाद पुलिस को सफलता मिली है.  गाजियाबाद के थाना लोनी बॉर्डर क्षेत्र की गुलाब वाटिका कॉलोनी में बुधवार सुबह मिले मां और बेटे के शव का खुलासा पुलिस ने कर दिया है. पुलिस के अनुसार, बड़े बेटे ने ही मां और भाई की हत्या की थी. पुलिस ने बताया कि देर रात घर के बड़े बेटे ने प्रॉपर्टी के लिए हत्या की. उसके बाद सुबह आकर पुलिस को गुमराह किया.  

गाजियाबाद के डीसीपी ग्रामीण विवेक चंद यादव ने बताया कि थाना लोनी बॉर्डर क्षेत्र के गुलाब वाटिका क्षेत्र में रहने वाले धर्मेंद्र ने बुधवार सुबह पुलिस को सूचना दी कि दूसरी मंजिल पर रहने वाले उसकी मां यशोदा और भाई की हत्या कर दी गई है. धर्मेंद्र ने आशंका जताई थी की घर में रखे पैसे और जेवरात की लूट के दौरान यह हत्या की गई है. 

पुलिस ने चंद घंटे में ही इसका खुलासा कर दिया है. दोहरे हत्याकांड का खुलासा करते हुए धर्मेंद्र को गिरफ्तार किया है. पुलिस के मुताबिक, मंगलवार देर रात धर्मेंद्र ने अपनी मां को चारपाई के पाया से वार कर हत्या कर दी. आवाज सुनकर जब धर्मेंद्र का छोटा भाई विजेंद्र आया तो उसकी भी हत्या कर दी.

पुलिस के अनुसार, विजेंद्र की उम्र 35 साल है. वह मानसिक रूप से भी कमजोर है. पुलिस ने बताया कि धर्मेंद्र के ऊपर डेढ़ लाख रुपए का कर्ज हो गया था, जिसके लिए वह अपनी मां से पैसे मांग रहा था. सभी पैसों का हिसाब धर्मेंद्र की मां के पास ही रहता था. साथ ही धर्मेंद्र को पता लगा था कि उसकी मां उसे प्रॉपर्टी में हिस्सा नहीं देने वाली है, ऐसे में उसने मां और भाई की हत्या कर दी.


 



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Wednesday, May 8, 2024

हार का डर या कुछ और...? मायावती ने भतीजे आकाश आनंद को हटाकर क्या चली 'चाल'?

लोकसभा चुनाव 2024 को लेकर जारी प्रचार अभियान के बीच बहुजन समाज पार्टी(Bahujan samaj party) की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती (Mayawati) ने अपने भतीजे आकाश आनंद (Akash Anand) को दोनों महत्वपूर्ण पदों से हटा दिया है. आकाश आनंद को नेशनल कोऑर्डिनेटर और बसपा प्रमुख मायावती की उत्तराधिकारी घोषित किया गया था. मायावती ने सोशल मीडिया साइट एक्स पर पोस्ट कर के इसकी जानकारी दी. मायावती ने उन्हें पद से हटाने को लेकर किए गए पोस्ट में लिखा कि पार्टी व मूवमेन्ट के व्यापक हित में पूर्ण परिपक्वता आने तक अभी उन्हें इन दोनों अहम जिम्मेदारियों से अलग किया जा रहा है. 

मायावती के इस कदम के बाद राजनीतिक गलियारों में कई तरह की अटकलों का बाजार गर्म है. हालांकि जानकारों का मानना है कि आकाश आनंद को पद से हटाने का फैसला हाल के दिनों में आकाश आनंद के द्वारा लिए गए फैसलों और उनके राजनीतिक भविष्य को देखते हुए मायावती के द्वारा उठाया गया है.

बसपा की परंपरागत राजनीति में सामंजस्य बनाने में असफल रहे आकाश?
बहुजन समाज पार्टी स्थापान के बाद से ही कैडर आधारित पार्टी रही है. बसपा की हमेशा से कोशिश रही है कि मीडिया की सुर्खियों से हटकर ग्राउंड जीरो पर लोगों को एकजुट किया जाए. हाल के दिनों में आकाश आनंद के आने के बाद बसपा की सक्रियता सोशल मीडिया में बढ़ी थी. मीडिया में भी उन्हें ठीक ठाक जगह मिल रही थी. हालांकि उनके कुछ विवादास्पद बयानों के कारण उनके ऊपर केस दर्ज हुए. गौरतलब है कि पिछले लगभग 2-3 दशकों से मायावती किसी भी राजनीतिक दल या समुदाय के खिलाफ विवादित बयान वाली राजनीति से बचती रही है.  ऐसे में आकाश आनंद के बयान को लेकर हुए हंगामा एक बड़ी वजह उनकी छुट्टी की रही. 

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जीत के साथ आकाश आनंद को लॉन्च करना चाहेगी BSP
इस लोकसभा चुनाव में बसपा अकेले मैदान में है. किसी भी दल के साथ उसका गठबंधन नहीं है. ऐसे में वोट परसेंट को लेकर जो भी आंकड़े हो लेकिन बसपा की सीट को लेकर तमाम जानकारों का मानना है कि वो पिछले चुनाव की तुलना में काफी कम होने वाली है. ऐसे में अगर इस चुनाव की पूरी जिम्मेदारी आकाश आनंद के नाम होती तो राजनीति में उनके नेतृत्व की शुरुआत ही असफलता के साथ होने की संभावना थी. संभावना है कि बसपा नेतृत्व ने इसे ध्यान में रखते हुए यह बड़ा फैसला लिया है. 

आकाश आनंद के नेतृत्व में संगठन हुआ कमजोर? 
आकाश आनंद को मायावती ने 2017 में यूपी विधानसभा चुनाव में मिली हार के बाद लॉन्च किया था. 2019 लोकसभा चुनाव में पहली बार आकाश आनंद को स्टार प्रचारक बनाया गया था. साल 2023 में उन्हें मायावती ने अपना उत्तराधिकारी बनाया था. हालांकि पिछले 6-7 साल से जब से वो राजनीति में सक्रिय रहे हैं बसपा की राजनीतिक जमीन तेजी से कमजोर हुई है. उनके बयानों को लेकर भी पार्टी को असहज होना पड़ा.

28 अप्रैल को सीतापुर की रैली में आकाश आनंद ने आपत्तिजनक शब्दों का प्रयोग करते हुए बीजेपी को निशाना बनाया था. जिसके बाद मायावती ने उनकी रैलियों पर रोक लगा दी थी. 

लोकसभा चुनाव के बीच नेतृत्व बदलने का क्या होगा असर? 
बहुजन समाज पार्टी की राजनीति को करीब से जानने वालों का मानना रहा है कि मायावती हमेशा से चौकाने वाले फैसले लेती रही है. हालांकि बीच चुनाव में नेशनल कोओर्डिनेटर पद से आकाश आनंद को हटाए जाने का बसपा के चुनाव अभियान पर असर डाल सकता है. हालांकि एक तथ्य यह भी है कि जिन दो राज्यों में उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में बसपा की मजबूत पकड़ है वहां की जिम्मेदारी पहले से ही मायावती के हाथ थी. 

बसपा में अभी भी स्टार प्रचारक के तौर पर मायवती की ही डिमांड रही है. ऐसे में आकाश आनंद के हटाए जाने का परसेप्शन के तौर पर असर हो सकता है लेकिन बसपा के वोटर्स पर शायद ही इसका कोई असर हो. 
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लंदन से एमबीए डिग्रीधारी आकाश को क्या फिर मिलेगा मौका? 
आकाश आनंद, मायावती के छोटे भाई आनंद कुमार के बेटे हैं. आनंद कुमार बसपा की राजनीति में सक्रिय रहे हैं. आकाश ने नोएडा और गुरुग्राम से स्कूली शिक्षा प्राप्त करने के बाद 2013 से 2016 के दौरान लंदन की यूनिवर्सिटी ऑफ प्लाईमाउथ से एमबीए की डिग्री ली है. मायावती ने मंगलवार को एक्स पर जो पोस्ट किया है उसमें लिखा है कि पार्टी व मूवमेन्ट के व्यापक हित में पूर्ण परिपक्वता (maturity) आने तक अभी उन्हें इन दोनों अहम जिम्मेदारियों से अलग किया जा रहा है. जानकार इसके तहत यह मान रहे हैं कि आकाश आनंद की यह छुट्टी कुछ दिनों के लिए या लोकसभा चुनाव तक के लिए ही है. भविष्य में एक बार फिर उन्हें बड़ी जिम्मेदारी दी जा सकती है. 

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Tuesday, May 7, 2024

सफेद बालों को काला करने में मददगार है इस चीज का रस, बस ऐसे करें इस्तेमाल

Home Remedies For Grey Hair: बाल हमारी सुंदरता को बढ़ाने में अहम भूमिका निभाते हैं. लेकिन आज की हमारी खराब लाइफस्टाइल और खान-पान के कारण न सिर्फ सेहत बल्कि स्किन और बालों पर असर देखा जा सकता है. आज के समय में सफेद बालों की समस्या काफी देखी जा सकती है. कम उम्र में हो रहे सफेद बाल न केवल हमारी सुंदरता पर ग्रहण डालते हैं बल्कि, हमें चिंता में भी डाल देते हैं. आपको बता दें कि बालों के सफेद होने के कई कारण (What causes gray hair at early age) हो सकते हैं. जिनमें खराब लाइफस्टाइल, अनहेल्दी खानपान या फिर मेडिकल कंडीशन भी हो सकती है. अगर आप भी अपने बालों को काला बनाना चाहते हैं तो आपनी डाइट का खास ख्याल रखें. 

बिना डाई के बाल काले कैसे करें? (How to make my hair black without dye)

शरीर में पोषक तत्वों की कमी के कारण बाल सफेद होने लगते हैं. ऐसे में बालों को काला करने के लिए डाइट में विटामिन सी की मात्रा बढ़ा दें. विटामिन सी की पूर्ति के लिए आप आंवला, खट्टे फल खाएं. आंवला में एंटीऑक्सीडेंट्स होते हैं जो बालों को मजबूती देते हैं और उन्हें काला बनाने में मदद कर सकते हैं. इसके अलावा अपनी डाइट में सूखे मेवे भी शामिल कर सकते हैं. ये बालों ग्रोथ के लिए अच्छे माने जाते हैं. 

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क्या गन्ने का जूस बालों के लिए अच्छा है- Is Suagrcane Juice Good For Hair?

गन्ने के जूस में बहुत सारे कार्ब्स, मिनरल, प्रोटीन, अल्फा हाइड्रॉक्‍सी एसिड, आयरन, जिंक, पोटैशियम और विटामिंस होते हैं. यह सारे पौष्टिक तत्व आपके शरीर की जरूरतों को पूरा करने के साथ-साथ आप की स्किन और बालों के लिए भी काफी लाभदायक माने जाते हैं. गन्ने के जूस का सेवन कर बालों को हेल्दी रखने में मदद मिल सकती है.

How To Turn White Hair To Black | सफेद बालों को हमेशा के लिए काला कैसे करें? बाल होंगे जड़ों से काले



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Monday, May 6, 2024

अगले 5 साल में ‘एक देश एक चुनाव’ लागू करेंगे : आंध्र प्रदेश की रैली में राजनाथ सिंह ने कहा

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने रविवार को कहा कि राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन के केंद्र में दोबारा सत्ता में आने पर पूरे देश में “एक राष्ट्र-एक चुनाव” प्रणाली लागू करेगा. कडप्पा जिले के जम्मलमाडुगु में एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए उन्होंने आंध्र प्रदेश में वाईएसआर कांग्रेस सरकार की आलोचना की और आरोप लगाया कि उसकी भ्रष्ट प्रथाओं के कारण राज्य 13.5 लाख करोड़ रुपये के कर्ज में डूब गया है.

वाईएसआरसीपी पर निशाना साधते हुए, सिंह ने कहा कि लोग बिगड़ती कानून व्यवस्था की स्थिति के कारण सत्तारूढ़ दल से तंग आ चुके हैं और उन्होंने आश्वासन दिया कि अगर राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) आंध्र प्रदेश में सत्ता में आता है, तो राज्य को “भ्रष्टाचार” से मुक्त कराया जाएगा.

अगले 5 साल में ‘एक देश एक चुनाव' लागू करेंगे 

भाजपा के वरिष्ठ नेता ने कहा, “आंध्र प्रदेश में विधानसभा चुनाव के साथ ही लोकसभा चुनाव भी हो रहे हैं. हमारी प्रतिबद्धता है कि हम अगले पांच वर्षों में पूरे देश में एक राष्ट्र-एक चुनाव लागू करेंगे ताकि समय और ऊर्जा की बचत हो.”

कांग्रेस पर कटाक्ष करते हुए उन्होंने कहा कि सबसे पुरानी पार्टी देश के राजनीतिक परिदृश्य से उसी तरह गायब हो जाएगी, जैसे डायनासोर धरती से गायब हो गए. उन्होंने उपहास करते हुए कहा, “दस साल बाद आप किसी भी बच्चे से पूछेंगे, वह कहेगा कि कांग्रेस पार्टी क्या है.”

राहुल गांधी की पाकिस्तान में प्रशंसा होने का आरोप लगाते हुए, उन्होंने कहा कि गांधी परिवार को भारत में राजनीति करने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है.

राजनाथ सिंह ने कहा कि कांग्रेस पार्टी ने हालांकि पूर्व प्रधानमंत्री पी.वी. नरसिम्हा राव को नजरअंदाज किया, लेकिन यह राजग था जिसने उन्हें सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार भारत रत्न से सम्मानित किया.

भारत दुनिया की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन गया है

उन्होंने कहा कि मोदी के प्रधानमंत्री बनने के बाद भारत दुनिया की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन गया है और तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की ओर अग्रसर है. सिंह ने कहा कि मोदी के नेतृत्व में देश में 25 करोड़ लोगों को गरीबी से बाहर निकाला गया है.

उन्होंने आगे कहा कि यह मोदी के कारण ही था कि रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध साढ़े चार घंटे तक रुका रहा ताकि भारत अपने 22,000 नागरिकों को निकाल सके.

भाजपा नेताओं ने कहा कि जब कांग्रेस पहले सत्ता में थी तो भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप थे, जबकि अटल बिहारी वाजपेयी या मोदी के नेतृत्व वाली भाजपा सरकारों के खिलाफ भ्रष्टाचार का एक भी आरोप नहीं लगाया गया था. उन्होंने कहा कि भाजपा ने अयोध्या में राम मंदिर निर्माण, धारा 370 को हटाने और तीन तलाक को खत्म करने जैसे वादे पूरे किए.



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Sunday, May 5, 2024

दिल्ली के केशवपुरम में दो बच्चों का मिला शव, पिता पर ही हत्या का शक

दिल्ली के केशव पुरम थाना इलाके में दो बच्चों की हत्या कर दी गई है. हत्या का शक फिलहाल पिता पर जताया जा रहा है क्योंकि बच्चों का पिता मौके से फरार है. फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी है.

जानकारी के अनुसार बच्चों का पिता अपने घर के नीचे परचून की दुकान चलता है. दुकान पर हत्या को अंजाम दिया गया है. मृतक लड़के की उम्र 11 साल, जबकि लड़की की उम्र 13 साल बताई जा रही है फिलहाल पुलिस के आला अधिकारी, फॉरेंसिक टीम और क्राइम टीम मौके पर है और मामले की जांच कर रही है.

 दोनों बच्चों को नजदीक अस्पताल ले जाएगा जहां पर डॉक्टर ने उनको अमृत घोषित कर दिया. पुलिस हत्या के पीछे के कारणों और हत्या किसने किया, यह पता लगाने में जुटी है. पुलिस ने स्थानीय लोगों से पूछताछ की है. 

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Saturday, May 4, 2024

छत्तीसगढ़ आबकारी घोटाला : ईडी ने 205 करोड़ रुपये मूल्य की संपत्तियां कुर्क कीं

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने शुक्रवार को कहा कि उसने छत्तीसगढ़ में कथित आबकारी घोटाले से जुड़े धनशोधन मामले की जांच के तहत सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी अनिल टुटेजा, रायपुर के महापौर के बड़े भाई व अन्य व्यक्तियों की 205 करोड़ रुपये मूल्य से अधिक की संपत्ति कुर्क की है. जांच एजेंसी ने एक बयान में कहा कि कुर्क की गई संपत्तियों में टुटेजा की 15.82 करोड़ रुपये की 14 संपत्तियां, रायपुर के महापौर व कांग्रेस नेता ऐजाज ढेबर के बड़े भाई अनवर ढेबर की 116.16 करोड़ रुपये की 115 संपत्तियां, विकास अग्रवाल उर्फ ​​सुब्बू की 1.54 करोड़ रुपये की संपत्तियां और अरविंद सिंह की 12.99 करोड़ रुपये की 33 संपत्तियां शामिल हैं.

बयान के अनुसार, भारतीय दूरसंचार सेवा (आईटीएस) के अधिकारी और आबकारी विभाग के विशेष सचिव अरुणपति त्रिपाठी की 1.35 करोड़ रुपये की संपत्ति, त्रिलोक सिंह ढिल्लों की 28.13 करोड़ रुपये की नौ संपत्तियां, नवीन केडिया के 27.96 करोड़ रुपये के आभूषण और आशीष सौरभ केडिया/दिशिता वेंचर्स प्राइवेट लिमिटेड की 1.2 करोड़ रुपये की चल संपत्ति कुर्क की गई है.

ईडी ने कहा कि अनवर ढेबर की कुर्क की गई संपत्तियों में रायपुर का होटल वेनिंगटन कोर्ट शामिल है. कुर्क की गईं 18 चल और 161 अचल संपत्तियों की कुल कीमत 205.49 करोड़ रुपये है. ईडी ने टुटेजा को इस मामले में हाल ही में गिरफ्तार किया था. ईडी का आरोप है कि शराब की अवैध बिक्री के माध्यम से मिले कमीशन को 'राज्य के सर्वोच्च नेताओं के निर्देशों के अनुसार' साझा किया गया था. 2003 बैच के भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) अधिकारी टुटेजा को इस मामले में हाल ही में ईडी ने गिरफ्तार किया था और एजेंसी ने उन्हें छत्तीसगढ़ में सक्रिय शराब सिंडिकेट का “सरगना” कहा था.

एजेंसी ने पहले जारी एक बयान में दावा किया था कि उसने सबूत इकट्ठा किए हैं, जिनसे पता चला है कि टुटेजा 'आधिकारिक तौर पर आबकारी विभाग का हिस्सा नहीं थे, फिर भी वह इस विभाग के संचालन में सक्रिय रूप से शामिल थे.”

ईडी का दावा है कि टुटेजा की 'मिलीभगत' के परिणामस्वरूप राज्य के राजस्व को 'भारी नुकसान' हुआ और शराब सिंडिकेट के लाभार्थियों की जेबें अपराध से अर्जित 2,100 करोड़ रुपये से अधिक की अवैध आय से भर गईं. ईडी ने दावा किया कि टुटेजा को भी इस लूट में बड़ा हिस्सा मिला. आईएएस अधिकारी टुटेजा पिछले साल छत्तीसगढ़ के उद्योग और वाणिज्य विभाग में संयुक्त सचिव के पद पर रहते हुए सेवानिवृत्त हुए थे.



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Friday, May 3, 2024

हमारी शक्सगाम घाटी में ऐसी हरकत बर्दाश्त नहीं : अवैध निर्माण की रिपोर्ट पर चीन को भारत की चेतावनी

भारत और चीन (India-China Border Dispute) के बीच लंबे समय से सीमा विवाद चल रहा है. कई दौर की बातचीत के बाद भी विवाद को सुलझाया नहीं जा सका है. चीन कई मौकों पर भारतीय क्षेत्रों को अपने मैप में दिखाने की हिमाकत करता है. भारत ने हर बार चीन की इन हरकतों का पुरजोर विरोध किया है. अब शक्सगाम घाटी को लेकर चीन नापाक हरकत पर उतर आया है. हाल ही में सैटेलाइट तस्वीरों से पता चला है कि चीन (China) पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) की शक्सगाम घाटी (The Shaksgam Valley)में अवैध निर्माण कर रहा है. सैटेलाइट तस्वीरों  से पता चलता है कि चीन घाटी में कंक्रीट की पक्की सड़क बना रहा है. भारत ने इसपर कड़ी आपत्ति जताई है. भारत ने चीन को चेतावनी देते हुए कहा, "शक्सगाम घाटी हमारी है. वहां ऐसी हरकत बर्दाश्त नहीं है."

भारत  के विदेश मंत्रालय ने गुरुवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में चीन की हरकत पर कड़ी आपत्ति जताई है. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा, "भारत शक्सगाम घाटी को हमेशा से भारत का हिस्सा मानता आया है. हमने कभी भी 1963 में हुए तथाकथित चीन पाकिस्तान समझौते (China-Pakistan Boundary Agreement)को स्वीकार नहीं किया है, जिसमें इस्लामाबाद ने शक्सगाम घाटी को अवैध रूप से बीजिंग को सौंपने की कोशिश की थी."

एंटनी ब्लिंकेन के दौरे से पहले चीन ने अमेरिका पर आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप का आरोप लगाया

भारत ने कहा, "चीन जमीन पर स्थिति बदलने की कोशिश कर रहा है. उसी के तहत वो शक्सगाम घाटी में अवैध निर्माण करवा रहा है. चीन की ये हरकत अस्वीकार्य है. हमारे पास अपनी रक्षा के अधिकार सुरक्षित हैं." 

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता जायसवाल ने कहा कि चीन के इन प्रयासों के खिलाफ हमने अपना विरोध चीन के समक्ष रखा है. मंत्रालय ने कहा, "शक्सगाम घाटी एक महत्वपूर्ण क्षेत्र है, जो पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में है. हम हमेशा अपने इस क्षेत्र के लिए आवाज उठाते आए हैं. चीन के इस कदम का हम विरोध करते हैं."

इससे पहले चीन ने लद्दाख सीमा पर अवैध निर्माण की कोशिश की थी. लद्दाख विवाद को लेकर विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि चीजों को आगे बढ़ाने के लिए अगले दौर की बातचीत जल्द होगी. रणधीर जायसवाल ने कहा, "भारत और चीन के बीच राजनयिक और सैन्य स्तर पर बातचीत चल रही है. ये मुद्दे गंभीर हैं. इसलिए इनमें समय लगता है. चीजों को आगे बढ़ाने के लिए हम जल्द ही अगले दौर की बातचीत करेंगे."

सीमा विवाद पर दोनों पक्षों के बीच आखिरी दौर की सैन्य बातचीत फरवरी में हुई थी. इस दौरानदोनों पक्ष जमीन पर शांति  बनाए रखने पर सहमत हुए, लेकिन किसी सफलता का कोई संकेत नहीं मिला.



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अमित शाह के फर्जी वीडियो मामले में तेलंगाना कांग्रेस के सदस्यों को दूसरा नोटिस जारी करेगी पुलिस

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के फर्जी वीडियो से संबंधित मामले में दिल्ली पुलिस कांग्रेस की तेलंगाना इकाई के सदस्यों को दूसरा नोटिस जारी कर सकती है. अधिकारियों ने बृहस्पतिवार को यह बात कही. कांग्रेस की तेलंगाना इकाई के चार सदस्यों को बुधवार को ‘इंटेलिजेंस फ्यूजन एंड स्ट्रैटेजिक ऑपरेशंस' (आईएफएसओ) के कार्यालय में पेश होना था, लेकिन वे पेश नहीं हुए.

जांच से जुड़े एक अधिकारी ने कहा, “हम उन्हें आईओ (जांच अधिकारी) के समक्ष पेश होने के लिए फिर से कहेंगे क्योंकि वे बुधवार को नहीं आए.”

तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी और तेलंगाना प्रदेश कांग्रेस कमेटी (टीपीसीसी) के चार सदस्यों - शिवकुमार अंबाला, अस्मा तसलीम, सतीश मन्ने और नवीन पेटम को दंड प्रक्रिया संहिता (सीआरपीसी) की धारा 91 और 160 के तहत समन जारी किए गए थे.

पुलिस सूत्रों के अनुसार, यदि किसी व्यक्ति को सीआरपीसी की धारा 160/91 के तहत नोटिस दिया जाता है, तो वह व्यक्ति या तो जांच अधिकारी के समक्ष उपस्थित हो सकता है या अपना कानूनी प्रतिनिधि भेज सकता है.

बुधवार को रेड्डी के वकील जांच अधिकारी के समक्ष उपस्थित हुए और उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेता का शाह के भाषण के वीडियो से छेड़छाड़ या इसे पोस्ट करने से कोई लेना-देना नहीं है.

पुलिस के अनुसार, झारखंड, उत्तर प्रदेश, राजस्थान और मध्य प्रदेश राज्यों के विभिन्न राजनीतिक दलों के लगभग 22 लोगों को मामले के संबंध में नोटिस जारी किया गया है और उन्हें बृहस्पतिवार, शुक्रवार व शनिवार को पुलिस के समक्ष पेश होने के लिए कहा गया है.

दिल्ली पुलिस के विशेष प्रकोष्ठ ने शाह के फर्जी वीडियो को लेकर ‘इंडियन साइबर क्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर' (आई4सी) की शिकायत पर रविवार को प्राथमिकी दर्ज की थी.

केंद्रीय गृह मंत्रालय के अंतर्गत आने वाले आई4सी की शिकायत में कहा गया है कि वीडियो में शाह के बयान में धार्मिक आधार पर मुस्लिमों का कोटा खत्म करने की प्रतिबद्धता की बात है, जबकि छेड़छाड़ करके प्रसारित किए गए फर्जी वीडियो को देखकर लगता है कि शाह सभी तरह का आरक्षण खत्म करने की वकालत कर रहे थे.



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"अमित शाह ने 'रजाकार' पर पेटेंट कराया है, जनता उन्हें जवाब देंगी": AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी

AIMIM (ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन) के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी (Asaduddin Owaisi) ने गुरुवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की उस टिप्पणी का मजाक उड़ाया, जिसमें उन्होंने "रजाकार" शब्द का इस्तेमाल करते हुए उनकी पार्टी पर निशाना साधा था. उन्होंने कहा कि उन्होंने कहा शाह को जवाब हैदराबाद के लोगों से मिलेगा, जनता इसका जवाब देगी.  ओवैसी ने एक एनडीटीवी के साथ एक एक्सक्लूसिव इंटरव्यू में कहा कि अमित शाह के पास इस शब्द पर पेटेंट करवाने का अधिकार है.

असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि मुझे लगता है कि अमित शाह के अलावा किसी को भी इसका इस्तेमाल नहीं करना चाहिए. उन्होंने कहा, "वह पिछले पांच साल से इन शब्दों का इस्तेमाल कर रहे हैं. लोग जवाब देंगे क्योंकि (वह) लोगों को इतने अपमानजनक तरीके से बुला रहे हैं... हमने जाति, पंथ, धर्म से ऊपर उठकर काम किया है. 

अमित शाह ने क्या कहा था? 
शाह ने हैदराबाद में कहा था कि 40 साल से रजाकारों के प्रतिनिधि हैदराबाद पर राज कर रहे हैं. इस बार, हम शहर को इनसे छुटकारा दिलाने के लिए लड़ रहे हैं.  हर किसी को मतदान करना चाहिए और शहर को मुख्यधारा में लाने का प्रयास करना चाहिए. 

गृहमंत्री की टिप्पणी पर कांग्रेस ने भी बोला हमला
अमित शाह की टिप्पणियों से कांग्रेस उम्मीदवार मोहम्मद वलीउल्लाह समीर सहित कई लोग नाराज हैं. कांग्रेस नेता ने सवाल किया है कि मंत्री ऐसे शब्दों का इस्तेमाल क्यों कर रहे हैं जिनका उस दिन की घटनाओं से कोई लेना-देना नहीं है. उन्होंने एक संवाददाता सम्मेलन में पूछा, "केंद्रीय गृह मंत्री द्वारा इस विभाजनकारी कथा को क्यों बढ़ावा दिया जा रहा है."

कौन थे रजाकार?
रजाकार शब्द का अर्थ होता है मिलिशिया यानी आम लोगों की सेना. हैदराबाद में निजाम के द्वारा इसका निर्माण किया गया था ताकि जरूरत पड़ने पर भारत सरकार के खिलाफ वो विद्रोह कर सके. हालांकि देश के प्रथम प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरु और गृहमंत्री सरदार पटेल ने इसका विरोध किया था. बाद के दिनों में भारत सरकार के प्रयासों से हैदराबाद को भारत में मिला लिया गया. गौरतलब है कि रजाकारों ने आम लोगों पर काफी जुल्म किया था. उन्होंने हिंदुओं और मुस्लिमों दोनों को निशाना बनाया था. 

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Amigo Cyber starts forensic lab to train cyber security experts

Amigo Cyber Defence LLP in Ahmedabad launches a cyber security and digital forensic lab to train experts, with a capacity for 300 daily trainees, merging theory and practice, offering advanced tools, and hands-on exercises.

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Thursday, May 2, 2024

चार्जशीट ऐसी हो कि कोर्ट साफ तौर पर समझ सके कि किस आरोपी ने कौन सा अपराध किया : सुप्रीम कोर्ट

आपराधिक मामलों में चार्जशीट को लेकर सुप्रीम कोर्ट का अहम फैसला आया है. सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने फैसले में कहा है कि, जांच एजेंसी द्वारा दायर चार्जशीट (charge sheet) में साक्ष्य की प्रकृति और मानक ऐसे होने चाहिए कि यदि साक्ष्य साबित हो जाए तो अपराध स्थापित हो जाना चाहिए. चार्जशीट में सभी कॉलमों में स्पष्ट और पूर्ण प्रविष्टियां होनी चाहिए ताकि अदालतें स्पष्ट रूप से समझ सकें कि किस आरोपी ने कौन सा अपराध किया है.  

कोर्ट ने कहा कि, जांच एजेंसी के सामने बयान और संबंधित दस्तावेजों को गवाहों की सूची के साथ संलग्न किया जाना चाहिए. अपराध में हर आरोपी द्वारा निभाई गई भूमिका का अलग से और स्पष्ट रूप से उल्लेख किया जाना चाहिए.  

जस्टिस संजीव खन्ना और जस्टिस एसवीएन भट्टी की पीठ ने कहा, एक संपूर्ण चार्जशीट ऐसी होनी चाहिए कि ट्रायल आरोपी या अभियोजन पक्ष पर प्रतिकूल प्रभाव डाले बिना आगे बढ़ सकें. चार्जशीट में स्पष्ट किए जाने वाले सबूतों की प्रकृति और मानक को प्रथम दृष्टया यह दिखाना चाहिए कि यदि सामग्री और सबूत साबित हो जाते हैं तो अपराध स्थापित हो जाए.

उन्होंने कहा कि, चार्जशीट तब पूरा होती है जहां कोई मामला आगे के सबूतों पर निर्भर नहीं होता है. चार्जशीट के साथ रिकॉर्ड पर रखे गए साक्ष्य और सामग्री के आधार पर ट्रायल होना चाहिए. यह मानक अत्यधिक तकनीकी या मूर्खतापूर्ण नहीं है, बल्कि देरी के साथ-साथ लंबे समय तक कारावास के कारण निर्दोष लोगों को उत्पीड़न से बचाने के लिए एक व्यावहारिक संतुलन है. चार्जशीट में सभी कॉलमों में स्पष्ट और पूर्ण प्रविष्टियां होनी चाहिए ताकि अदालतें स्पष्ट रूप से समझ सकें कि किस आरोपी ने कौन सा अपराध किया है. 

अदालत ने कहा है कि धारा 161 के तहत जांच एजेंसी के सामने बयान और संबंधित दस्तावेजों को गवाहों की सूची के साथ संलग्न किया जाना चाहिए. अपराध में आरोपी द्वारा निभाई गई भूमिका का आरोप पत्र में प्रत्येक आरोपी व्यक्ति के लिए अलग से और स्पष्ट रूप से उल्लेख किया जाना चाहिए. 

पीठ ने विवादित संपत्ति पर कई पक्षों द्वारा दायर मामलों से उत्पन्न अपीलों का निपटारा करते समय ये बातें कही. उत्तर प्रदेश में दर्ज की गई आपराधिक शिकायतों में धोखाधड़ी, विश्वासघात और आपराधिक साजिश के आरोप शामिल थे.  

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने मामले में एफआईआर (FIR) और मजिस्ट्रेट समन को रद्द करने से इनकार कर दिया था. सुप्रीम कोर्ट ने अंततः मृत व्यक्ति के बेटों द्वारा दायर अपील को अनुमति दे दी, जिनकी संपत्ति पर लड़ाई चल रही थी. अन्य अभियुक्तों को गिरफ्तारी पूर्व जमानत के लिए आवेदन करने की स्वतंत्रता दी गई. साथ ही उनके खिलाफ जारी समन आदेश को नए सिरे से फैसले के लिए मजिस्ट्रेट के पास भेज दिया गया है. 



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Wednesday, May 1, 2024

Lok Sabha Elections : EC ने जारी किया फाइनल आंकड़ा, पहले फेज में 66.14 तो दूसरे चरण में 66.71% वोटिंग

निर्वाचन आयोग (Election Commission) ने मंगलवार को बताया कि लोकसभा चुनाव (Lok Sabha Elections) के पहले और दूसरे चरण में क्रमश: 66.14 प्रतिशत और 66.71 प्रतिशत मतदान हुआ है. कांग्रेस, मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी और तृणमूल कांग्रेस ने 19 अप्रैल को पहले दौर के मतदान के 11 दिन बाद लोकसभा चुनाव के पहले दो चरणों के लिए अंतिम मतदान प्रतिशत के आंकड़ों की घोषणा करने और इसमें इतनी लंबी देरी को लेकर मंगलवार को निर्वाचन आयोग से सवाल किया.

आयोग ने आधिकारिक तौर पर मतदान का आंकड़ा साझा करते कहा कि चुनाव के पहले चरण में 102 सीट के लिए हुए मतदान में 66.22 प्रतिशत पुरुष और 66.07 महिला मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया जबकि कुल पंजीकृत तृतीय लिंग के मतदाताओं में 31.32 प्रतिशत ने मतदान किया है. आयोग के मुताबिक 2019 के चुनाव में पहले चरण में 69.43 फीसदी मतदान हुआ था.

दूसरे चरण में पिछले चुनाव की तुलना में कम मतदान
आयोग ने बताया कि 26 अप्रैल को दूसरे चरण का मतदान संपन्न हुआ जिसमें 88 सीट के लिए 66.99 पुरुष मतदाताओं ने और 66.42 प्रतिशत महिला मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया. इस चरण में तीसरे लिंग के पंजीकृत मतदाताओं में से 23.86ने मतदान किया. आंकड़ों के मुताबिक 2019 के लोकसभा चुनाव के दूसरे चरण में 69.64 प्रतिशत मतदान हुआ था.

पहले चरण में महिला मतदाताओं की सख्या अधिक
निर्वाचन आयोग के मुताबिक पहले चरण में जिन 21 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में मतदान हुआ, उनमें से 11 में महिला मतदाताओं की संख्या अधिक रही. इन राज्यों में अरुणाचल प्रदेश, असम, जम्मू-कश्मीर, लक्षद्वीप, मणिपुर, मेघालय, नगालैंड, पुडुचेरी, तमिलनाडु, उत्तराखंड और पश्चिम बंगाल शामिल हैं. आंकड़ों के मुताबिक दूसरे चरण में 13 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में मतदान हुआ जिनमें से असम, बिहार, जम्मू-कश्मीर, उत्तराखंड, केरल और पश्चिम बंगाल में पुरुषों के मुकाबले मतदान करने वाली महिला मतदाताओं की संख्या अधिक रही.

अंतिम आंकड़े में डाक मतपत्रों को भी जोड़ा जाएगा
निर्वाचन आयोग  ने यह स्पष्ट कर दिया कि मतदान के अंतिम आंकड़े डाक मतपत्रों की गिनती और कुल मतों की गिनती को जोड़ने के बाद ही उपलब्ध होंगे. डाक मतपत्रों में मतदान करने की सुविधा सेवा मतदाताओं, अनुपस्थित मतदाताओं जिनमें 85 वर्ष से अधिक आयु वाले, दिव्यांग, आवश्यक सेवाओं और चुनाव ड्यूटी पर कार्यरत कर्मियों को दी जाती है. आयोग ने बताया कि रोजाना प्राप्त होने वाले डाक मतपत्रों की जानकारी सभी उम्मीदवारों को दी जाती है.

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न्यूजक्लिक के संपादक की गिरफ्तारी मामले में SC ने दिल्ली पुलिस की कार्रवाई पर उठाए सवाल, फैसला सुरक्षित

न्यूज पोर्टल न्यूजक्लिक (News Portal Newsclick) के संपादक प्रबीर पुरकायस्थ (Prabir Purkayastha) की गिरफ्तारी के मामले पर सुप्रीम कोर्ट में मंगलवार को सुनवाई हुई. सुप्रीम कोर्ट ने गिरफ्तारी के बाद उनके वकील को सूचित किए बिना मजिस्ट्रेट के सामने पेश करने में जल्दबाजी के लिए दिल्ली पुलिस पर सवाल उठाया. जस्टिस बीआर गवई और जस्टिस संदीप मेहता की पीठ ने इस तथ्य पर भी हैरानी जताई कि पुरकायस्थ के वकील को रिमांड आवेदन दिए जाने से पहले ही रिमांड आदेश पारित कर दिया गया था.

गिरफ्तारी के तरीके पर सवाल उठाते हुए पीठ ने गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम 1967 के तहत एक मामले में  गिरफ्तारी और रिमांड को चुनौती देने वाली पुरकायस्थ की याचिका पर फैसला सुरक्षित रख लिया. पोर्टल के माध्यम से राष्ट्र-विरोधी प्रचार को बढ़ावा देने के लिए कथित चीनी फंडिंग के मामले में अक्टूबर को गिरफ्तारी के बाद से पुरकायस्थ हिरासत में हैं.

कपिल सिब्बल ने रखा पक्ष
सुनवाई के दौरान पुरकायस्थ की ओर से पेश वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल ने कहा कि उन्हें 3 अक्टूबर, 2023 की शाम को गिरफ्तार किया गया था. सिब्बल ने अदालत को बताया कि अतिरिक्त लोक अभियोजक के साथ लीगल एड वकील ही मौजूद थे. पुरकायस्थ के वकील को सूचित नहीं किया गया था. जब पुरकायस्थ ने इस पर आपत्ति जताई तो जांच अधिकारी ने उनके वकील को टेलीफोन के माध्यम से सूचित किया और रिमांड आवेदन वकील को व्हाट्सएप पर भेजा गया. पीठ ने ASG एसवी राजू से पूछा कि पुरकायस्थ के वकील को सूचित क्यों नहीं किया गया.

सुबह 6 बजे उसे पेश करने की क्या जल्दबाजी थी?- सुप्रीम कोर्ट
अदालत ने पूछा कि सुबह 6 बजे उसे पेश करने की जल्दबाजी क्या थी जबकि उन्हें पिछले दिन शाम 5.45 बजे गिरफ्तार किया गया था.आपके पास पूरा दिन था. पीठ ने कहा कि प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों के लिए आवश्यक है कि रिमांड आदेश पारित होने पर पुरकायस्थ का वकील उपस्थित रहे.  एएसजी राजू ने पीठ को तर्क देकर समझाने की कोशिश की लेकिन पीठ ने इस तर्क को मानने से इनकार कर दिया.

पीठ ने फैसला रखा सुरक्षित
लंबी बहस  के बाद आखिरकार पीठ ने इस मामले में अपना फैसला सुरक्षित रख लिया. पीठ पुरकायस्थ की  याचिका पर सुनवाई कर रही थी जिसमें दिल्ली पुलिस द्वारा उनकी गिरफ्तारी को बरकरार रखने के दिल्ली हाईकोर्ट के फैसले पर सवाल उठाया गया था. सह-अभियुक्त और न्यूजक्लिक के मानव संसाधन प्रमुख अमित चक्रवर्ती ने भी अपनी गिरफ्तारी को चुनौती देते हुए शीर्ष अदालत का दरवाजा खटखटाया था. लेकिन ईडी के सरकारी गवाह बनने के बाद उन्हें अपनी याचिका वापस लेने की अनुमति दी गई और उन्हें माफी दे दी गई.

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