Monday, January 8, 2024

‘न टायर्ड’ और ‘न रिटायर’ : हरियाणा के पूर्व CM भूपेंद्र सिंह हुड्डा

हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि वह न तो ‘टायर्ड' हैं और न ही ‘रिटायर' हैं और दावा किया कि प्रदेश में करीब दो लाख सरकारी पद खाली पड़े हैं जिन्हें इस साल होने वाले विधानसभा चुनाव के बाद कांग्रेस की सरकार बनने के बाद भरा जाएगा. कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ने यहां बरोदा में आयोजित पार्टी की जनआक्रोश रैली को संबोधित करते हुए प्रदेश की भारतीय जनता पार्टी (भाजपा)-जननायक जनता पार्टी (जजपा) सरकार पर हमला बोला और आरोप लगाया कि पिछले तकरीबन 10 साल में हरियाणा आज बेरोजगारी और अपराध में नंबर एक बन गया है.

पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा, “आज हरियाणा में दो लाख सरकारी पद खाली पड़े हैं. पक्की नौकरियों को कौशल रोजगार निगम के जरिए कच्ची (अनुबंध) में बदल दिया गया.”

उन्होंने कहा, “यही काम अग्निवीर योजना में हुआ जिसमें 18 साल का नौजवान भर्ती होगा और चार साल बाद 22 वर्ष की आयु में बेरोजगार होकर वापस घर लौट आयेगा.”

कांग्रेस नेता ने कहा कि प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनने पर कौशल रोजगार निगम को खत्म कर खाली पड़े दो लाख सरकारी पदों पर पक्की (नियमित) भर्ती की जाएगी.

हुड्डा ने दावा किया कि साल 2014 से पहले कांग्रेस शासन में हरियाणा प्रति व्यक्ति आय, प्रति व्यक्ति निवेश और नौकरी देने में नंबर एक था, लेकिन आज बेरोजगारी, अपराध में नंबर एक हो गया है.

कड़ाके की सर्दी के बीच उमड़ी भीड़ से विधानसभा में विपक्ष के नेता हुड्डा ने कहा कि वह ‘न तो टायर्ड हैं' और ‘न रिटायर' हैं और हरियाणा में सत्ता परिवर्तन की लड़ाई मजबूती से लड़ेंगे.

उन्होंने कहा, “पूरे हरियाणा में कांग्रेस के पक्ष में बदलाव की हवा चल रही है और प्रदेश में कांग्रेस सरकार बनने जा रही है.” राज्य में इस साल के अंत में विधानसभा चुनाव होने हैं.

हुड्डा ने कहा कि किसान आंदोलन के दौरान जान गंवाने वाले राज्य के लोगों के परिजनों को कांग्रेस की सरकार बनने पर सरकारी नौकरी दी जाएगी.

वहीं कांग्रेस के राज्यसभा सदस्य दीपेंद्र हुड्डा ने कहा, “लोकसभा चुनाव में पूरे देश की नजर हरियाणा पर होगी. ऐसे में पूरा देश देखेगा कि हरियाणा किसानों के साथ खड़ा होगा या किसानों पर अन्याय करने वालों के साथ, हरियाणा खिलाड़ी-बेटियों के साथ खड़ा होगा या उनके साथ अन्याय करने वालों के साथ. हरियाणा बेरोजगारों के साथ खड़ा होगा या बेरोजगारी देने वालों के साथ.”

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Sunday, January 7, 2024

कांग्रेस की ‘उत्तर प्रदेश जोड़ो यात्रा’ का 18वें दिन लखनऊ में समापन, नेताओं ने BJP पर किया तीखा प्रहार

कांग्रेस पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव एवं उत्तर प्रदेश के नवनियुक्त प्रभारी अविनाश पाण्डेय ने शनिवार को कहा कि जिस तरह से केंद्र की मोदी सरकार संविधान के साथ ‘खिलवाड़' कर रही है और एक ‘अघोषित सा आपातकाल' देश में लगा रखा है, उसके खिलाफ खड़े होने का वक्त आ गया है. सहारनपुर से 20 दिसंबर से शुरू हुई कांग्रेस की ‘उत्तर प्रदेश जोड़ो' यात्रा का 18वें दिन शनिवार को लखनऊ में समापन हुआ. इस मौके पर कांग्रेस नेताओं ने सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर तीखे प्रहार किए और आम जनता से संघर्ष का आह्वान किया.

कांग्रेस राज्य मुख्यालय से जारी बयान के अनुसार यहां अपने संबोधन में अविनाश पाण्डेय ने कहा कि ‘‘जननायक राहुल गांधी की ‘भारत जोड़ो न्याय यात्रा' जो आगामी 14 जनवरी से शुरू हो रही है, उस यात्रा में हम सबको शामिल होकर उसे सफल बनाना है और लोकतांत्रिक विचारों की इस लड़ाई को जन-जन तक पहुंचाना है.'' पाण्डेय ने कहा कि पिछले 18 दिन से चल रही ‘उत्तर प्रदेश जोड़ो यात्रा' के बाद जो जन समस्याएं देखने में आयी उन्हें एक प्रतिवेदन का रूप देकर योगी सरकार को प्रेषित किया जायेगा और अविलम्ब उनके समाधान की मांग की जायेगी.

बयान के अनुसार ‘‘उप्र जोड़ो यात्रा'' के आज अन्तिम दिन पदयात्रा राजधानी लखनऊ के रकाबगंज से शुरू हुई और शहीद स्मारक पर जाकर समाप्त हुई. प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय पूरी यात्रा में शामिल रहे और उन्होंने ‘उप्र जोड़ो यात्रा' के यात्रियों को धन्यवाद देते हुए कहा कि आप के हौसले के बिना यह यात्रा संभव न होती. राजधानी के विभिन्न मार्गों से गुजरती हुई कांग्रेस की ‘उप्र जोड़ो यात्रा' महाराणा प्रताप चौक पहुंची, जहां इंडियन ओवरसीज कांग्रेस उत्तर प्रदेश के चेयरमैन कैप्टन बंशीधर मिश्र के नेतृत्व में अतिथियों समेत यात्रा का भव्य स्वागत किया गया. भाजपा सरकार पर आरोप लगाते हुए कैप्टन मिश्र ने कहा कि सरकारी एजेंसियों का जिस तरह दुरुपयोग किया जा रहा है, वह निहायत ही निंदनीय और शर्मनाक है.

पूर्व केन्द्रीय मंत्री सलमान खुर्शीद ने कहा कि गंगा जमुनी तहजीब ही इस देश की वास्तविक पहचान है. राज्य सभा सदस्य प्रमोद तिवारी और पूर्व सांसद पीएल पूनिया ने सत्तारूढ़ भाजपा पर जमकर निशाना साधा. कांग्रेस की राष्ट्रीय प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने कहा कि यह (यात्रा का) समापन नहीं है, यह शुरुआत है जो आगे चलकर राहुल गांधी जी की ‘न्याय यात्रा' में तब्दील हो जाएगी और यह संघर्ष निरंतर जारी रहेगा.

उत्तर प्रदेश कांग्रेस विधान मंडल दल की नेता आराधना मिश्रा मोना ने कहा कि कांग्रेस पार्टी संघर्ष एवं बलिदान की पार्टी है हम किसी भी तानाशाह के जुल्म के आगे झुकने वाले नहीं है. कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता डॉ. सी.पी. राय ने बताया कि पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री के पौत्र विभाकर शास्त्री ने धन्यवाद ज्ञापित कर यात्रा के समापन की घोषणा की. संचालन राष्ट्रीय सचिव सहप्रभारी धीरज गुर्जर एवं तौकीर आलम ने किया.

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Saturday, January 6, 2024

"पत्नी नहीं मिलने तक ही कोई बेटा रहता है, लेकिन एक बेटी जीवनभर बेटी रहती है": महिला सशक्तिकरण पर न्यायमूर्ति बी.वी नागरत्ना

नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट की न्यायाधीश न्यायमूर्ति बी. वी. नागरत्ना ने शुक्रवार को कहा कि न्यायपालिका ने लैंगिक समानता की दिशा में एक उल्लेखनीय भूमिका निभाई है और सार्वजनिक जीवन के सभी क्षेत्रों में महिलाओं का प्रतिनिधित्व बढ़ाने के लिए सकारात्मक कदम उठाना सरकार के सभी अंगों का परम कर्तव्य है. अदालतों ने हमेशा भेदभाव को खत्म करने के लिए कदम उठाया है, लेकिन हमें अभी भी महिलाओं की नई पहचान नहीं दिख रही है.

महिलाओं को सशक्त बनाने पर सुप्रीम कोर्ट के कई फैसलों का हवाला देते हुए उन्होंने कहा, अदालतों ने यह सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है कि भेदभाव शासन का हिस्सा नहीं है. न्यायपालिका ने एक विशेष भूमिका निभाई है और कानूनों को कायम रखने या उन्हें मजबूत करके प्रणालीगत अन्याय से निपटने के लिए रचनात्मक उपाय तैयार किए हैं. लैंगिक भेदभाव को खत्म करने के लिए अदालतों ने हमेशा कदम उठाया है. 

न्यायमूर्ति नागरत्ना ने 28वें न्यायमूर्ति सुनंदा भंडारे स्मारक व्याख्यान को मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित करते हुए ‘‘भारतीय महिलाओं के सशक्तीकरण के लिए न्यायपालिका की भूमिका'' पर बात की और इस विषय पर अपने स्वयं के निर्णयों का उल्लेख किया. उन्होंने कहा कि एक बेटा तब तक बेटा रहता है जब तक उसे पत्नी नहीं मिल जाती, लेकिन एक बेटी जीवन भर बेटी रहती है.

गर्भवती कामकाजी महिलाओं की समस्याओं पर न्यायमूर्ति नवरत्न ने कहा, “महिलाओं से पूछा जाता है कि उनकी आखिरी माहवारी कब थी, यह जानने के लिए कि क्या वह गर्भवती हैं, और निजी क्षेत्र की महिलाएं मातृत्व अवकाश से लौटने पर अपनी जगह किसी और को पाती हैं, बच्चे के बाद उनकी नौकरी चली जाती है.

परिवार से संबंधित मुद्दों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, “महिलाओं और पुरुषों दोनों को यह एहसास होना चाहिए कि वे दोनों विवाह के महत्वपूर्ण स्तंभ हैं. परिवार को एक महत्वपूर्ण भूमिका निभानी चाहिए. अन्यथा घरेलू हिंसा उभरती हुई प्रवृत्ति है. परिवार और महिलाओं की खुशी और भलाई पर आधारित होनी चाहिए. हर सफल आदमी के पीछे एक परिवार का होना जरूरी है.”

न्यायमूर्ति नवरत्न ने कहा, “अब समय आ गया है कि पुरुषों को यह एहसास हो कि महिलाओं की वित्तीय और शैक्षिक स्वतंत्रता का मतलब है कि वे सशक्त हैं. मैं संतुलन बनाने की कोशिश कर रहा हूं, सशक्तिकरण के कारण महिलाओं को पुरुषों पर हावी नहीं होना चाहिए या किसी को दूसरों को नीचा नहीं देखना चाहिए. सम्मान और विनम्रता विवाह और परिवारों को बनाए रखने में बहुत मदद करेगी. विनम्र होना क्रोध के विपरीत है."

उन्होंने सभी संस्थानों से महिला सशक्तीकरण में मदद करने का अनुरोध करते हुए कहा, “मुझे एक ऐसे मुद्दे पर जोर देना चाहिए जो न्यायिक समीक्षा की गुणवत्ता के लिए महत्वपूर्ण है. न्यायपालिका को अधिक समावेशी और विविध बनाने में मदद करने के लिए संस्थानों की तत्काल आवश्यकता है. यह अदालतों की विश्वसनीयता और वैधता बनाएगा, भाषा में मदद करेगा और यह सुनिश्चित करेगा कि अदालतें अधिक लिंग तटस्थ बनें. 

न्यायपालिका को और अधिक समावेशी बनाने के लिए न्यायमूर्ति विश्वनाथन, जो सीजेआई भी बनेंगे, से मेरी तत्काल अपील है. कई मायनों में यह जस्टिस भंडारे को सबसे अच्छी श्रद्धांजलि होगी."

उन्होंने कहा कि महिलाओं के सशक्तीकरण के लिए लगातार और लक्षित कार्यवाही नहीं किये जाने से समानता केवल एक नारा बनकर रह जाएगी. उन्होंने कहा, ‘‘हर भारतीय को जिन उपलब्धियों पर गर्व हो सकता है, उनमें से एक यह है कि हमारे पास दुनिया में निर्वाचित महिला प्रतिनिधियों की सबसे बड़ी संख्या है."

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किम जोंग के साथ अक्सर देखी जाने वाली बेटी उत्तर कोरिया की संभावित उत्तराधिकारी : रिपोर्ट

उत्तर कोरियाई नेता किम जोंग-उन की युवा बेटी, जो लंबी दूरी के मिसाइल परीक्षणों सहित सार्वजनिक कार्यक्रमों में अक्सर अपने पिता के साथ जाती है, किम की सबसे संभावित उत्तराधिकारी बताई जा रही है. न्यूयॉर्क टाइम्स ने एक दक्षिण कोरियाई खुफिया एजेंसी के हवाले से ये खबर दी है. हालांकि, इसमें बेटी का नाम और उम्र सहित कोई भी व्यक्तिगत विवरण नहीं बताया गया, लेकिन दक्षिण कोरियाई अधिकारियों ने उसकी पहचान किम जू-ए के रूप में की है.

जू-ए ने तब सुर्खियां बटोरीं, जब सेवानिवृत्त एनबीए स्टार डेनिस रोडमैन ने कहा कि 2013 में प्योंगयांग में किम से मिलने पर उन्हें बच्चे को गोद में लेने की अनुमति दी गई थी.

उत्तर के राज्य मीडिया ने उन्हें किम की सबसे प्यारी संतान के रूप में बताया है और सैन्य जनरलों और अन्य उच्च पदस्थ अधिकारियों को उनके सामने घुटने टेकते हुए दिखाया है. न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, ऐसी तस्वीरों ने बाहरी विश्लेषकों के बीच व्यापक अटकलें शुरू कर दी हैं कि बेटी को उसके पिता के स्पष्ट उत्तराधिकारी के रूप में तैयार किया जा रहा है.

दक्षिण कोरियाई अधिकारियों का कहना है कि हालांकि किम की मृत्यु के बाद किम परिवार का ही वंशवादी शासन संभवतः जारी रहेगा, लेकिन उन्हें यकीन नहीं था कि कौन सा बच्चा उनका उत्तराधिकारी बनेगा.

दक्षिण कोरिया की मुख्य सरकारी जासूसी एजेंसी नेशनल इंटेलिजेंस एजेंसी ने नेशनल असेंबली के एक सदस्य के माध्यम से गुरुवार को जारी एक आकलन में कहा, "फिलहाल, किम जू-ए को सबसे संभावित उत्तराधिकारी के रूप में देखा जा रहा है." ये मूल्यांकन असेंबली की खुफिया समिति के सदस्य युन कुन यंग के प्रश्नों के एजेंसी द्वारा प्रदान किए गए लिखित उत्तरों में शामिल था.

जू-ए की पहली सार्वजनिक उपस्थिति नवंबर 2022 में दिखी थी, जब उन्होंने अपने पिता के साथ लंबी दूरी की मिसाइल परीक्षण देखा था. तब से वह किम के साथ सैन्य परेड जैसे महत्वपूर्ण राजकीय कार्यक्रमों में गई हैं, उत्तर कोरियाई मीडिया कवरेज में अपने पिता के साथ केंद्र मंच साझा कर रही हैं. राज्य मीडिया ने अक्सर पिता और बेटी को एक-दूसरे से हाथ मिलाते और प्यार भरे इशारों में एक-दूसरे के चेहरे को छूते हुए दिखाया है.

रविवार को प्योंगयांग में नए साल की पूर्व संध्या के जश्न में, किम को उत्तर कोरियाई टीवी फुटेज में अपनी बेटी को गले लगाते और गाल पर चूमते देखा गया था.

बता दें कि उत्तर कोरिया एक राजशाही नहीं है, लेकिन द्वितीय विश्व युद्ध की समाप्ति के बाद से यहां वंशवादी नेतृत्व रहा है. माना जाता है कि इसके शीर्ष नेता को सत्तारूढ़ वर्कर्स पार्टी कांग्रेस के माध्यम से चुना जाता है. हालांकि, वास्तव में किम ने अपनी स्थापना के बाद से देश को एक निजी पारिवारिक उद्यम की तरह चलाया है. किम के दादा और पिता दोनों ने अपनी मृत्यु तक शासन किया. किम ने अपने पिता किम जोंग-इल की 2011 में मृत्यु के बाद सत्ता संभाली थी.



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Friday, January 5, 2024

अब सिर्फ घर के देने होंगे पैसे : यूपी RERA के इस फैसले से खरीदारों को कैसे होगा फायदा?

उत्तर प्रदेश में रियल एस्टेट विनियमन एवं विकास अधिनियम (RERA) ने घर खरीदारों के हित में एक बड़ा फैसला लिया है. अब खरीदारों को सिर्फ घर के पैसे देने होंगे. अब बिल्डरों को घर खरीदारों को घर का असल एरिया साफ-साफ बताना होगा. अब तक कई बिल्डर कॉमन एरिया को भी शामिल करके पूरे हिस्से का पैसा घर खरीदारों से मांगते रहे हैं. खरीदार को घर के साथ ही कॉमन एरिया की कीमत भी देनी पड़ती है. कई बार तो घर बहुत छोटा मिलता है. कई बिल्डर यह बताते ही नहीं हैं कि कारपेट एरिया कितना होगा. लेकिन अब यूपी रेरा ने कह दिया है कि सुपर एरिया पर फ्लैट नहीं बेचे जा सकेंगे. 

यूपी रीयल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवलपमेंट एक्ट (RERA) ने कहा कि सुपर एरिया नहीं चलेगा. सुपर एरिया पर फ़्लैट की बिक्री अवैध मानी जाएगी. कारपेट एरिया के आधार पर फ़्लैट बेचना होगा. सुपर एरिया का कोई औचित्य नहीं है. RERA अधिनियम में सुपर एरिया की कोई परिभाषा नहीं है. रजिस्ट्रेशन के समय फ़्लैट की संख्या, दूसरी जगहों का उल्लेख होता है. यूपी RERA के पोर्टल पर बिक्री के लिए एक मॉडल समझौता है. यह समझौता कारपेट एरिया पर ही आधारित है. 

यूपी RERA ने अहम निर्देशों में कहा है कि, अब खरीदारों को सिर्फ घर के पैसे देने होंगे. फ़्लैट सुपर एरिया के नाम पर नहीं बिकेंगे. सिर्फ अपने घर का पैसे देना होगा, कॉमन एरिया का नहीं देना होगा. कारपेट एरिया का ही पैसा दिया जाएगा. कई बिल्डर सुपर एरिया का पैसा लेते हैं. वे बड़ा एरिया बताते हैं, छोटा घर मिलता है. यूपी RERA ने कहा कि सुपर एरिया नाम की कोई चीज नहीं. रेरा के फैसले से रियल एस्टेट सेक्टर में बदलाव दिखेगा. 

इससे रियल एस्टेट सेक्टर में कई बदलाव आने की आशा है. इससे पारदर्शिता बढ़ेगी. पता होगा कि, घर की कितनी क़ीमत देनी है. कारपेट एरिया होने पर कीमतें बढ़ने की संभावना है. 

यूपी रेरा ने कहा है कि सुपर एरिया पर फ़्लैट की बिक्री अवैध मानी जाएगी. कारपेट एरिया के आधार पर फ़्लैट बेचना होगा. RERA अधिनियम में सुपर एरिया की कोई परिभाषा नहीं है. 

क्या है सुपर एरिया और कारपेट एरिया? 

बिल्डर सुपर एरिया में कॉमन एरिया भी शामिल करता है. कॉमन एरिया में लिफ़्ट, गैलरी और दूसरी जगहें आती हैं. सुपर एरिया से फ़्लैट के सही आकार का अनुमान नहीं होता. कारपेट एरिया वह है जितनी जगह में सिर्फ फ़्लैट होता है. 



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Thursday, January 4, 2024

Salaar Box Office Collection Day 13: सालार बनी प्रभास के करियर की सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्म, 13वें दिन की अंधी कमाई

Salaar Box Office Collection Day 13: प्रभास स्टारर सालार का बॉक्स ऑफिस पर तूफानी कलेक्शन जारी है. इस एक्शन पैक्ड फिल्म को देश ही नहीं पूरी दुनिया में दर्शकों का भरपूर प्यार मिल रहा है. सालार एक के बाद एक कमाई के नए रिकॉर्ड्स बना रही है. रिलीज के 12वें दिन इस फिल्म ने बाहुबली-1 के रिकॉर्ड को तोड़ते हुए प्रभास के करियर की ग्लोबली सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्म बन गई है. वर्ल्डवाइड कमाई की बात करें तो सालार ने महज 12 दिन में 600 करोड़ का आंकड़ा पार कर दिया, जिसके बाद फिल्म के 13वें दिन के कलेक्शन पर सभी की निगाहें टिकी हुई है. रिलीज के 13वें दिन भी फिल्म ने अपना तूफानी कलेक्शन जारी रखते हुए अच्छी कमाई की है.

सालार का 13वें दिन का कलेक्शन (Salaar Box Office Collection Day 13)

रिलीज के 13वें दिन सालार ने भारत में लगभग 12.60 करोड़ की कमाई की है. इसी के साथ भारत में फिल्म की कुल कमाई लगभग 376 करोड़ पहुंच चुकी है. वहीं दुनियाभर में फिल्म कमाई के मामले में 700 करोड़ के आंकड़े से थोड़ी ही दूर है. फिल्म का कलेक्शन अगर इसी तरह जारी रहा तो बहुत जल्द सालार 700 करोड़ का आंकड़ा भी छू लेगी, जिसके बाद सबसे ज्यादा कमाई करने वाली भारतीय फिल्म का रिकॉर्ड इसके नाम होगा. कमाई के मामले में फिल्म ने एक हाई बेंचमार्क सेट कर दिया है. इस फिल्म के कलेक्शन का रिकॉर्ड तोड़ना या बराबरी करना किसी भी फिल्म के लिए मुश्किल होने वाला है.

एडवांस बुकिंग से बना रही है रिकॉर्ड

प्रभास की फिल्म सालार रिलीज के पहले से ही रिकॉर्ड्स बना रही है. एडवांस बुकिंग की बात करें तो सालार ने शाहरुख की डंकी को काफी पीछे छोड़ते हुए रिलीज से पहले ही लगभग 49 करोड़ की कमाई टिकट से कर ली थी. यही नहीं यह आंकड़ा डंकी के ओपनिंग कलेक्शन से भी ज्यादा है. इसके अलावा साल 2023 में यूएस में सबसे ज्यादा एडवांस बुकिंग करने वाली भारतीय फिल्म बन गई है. प्रभास ने इस फिल्म में पहली बार श्रुति हासन के साथ स्क्रीन शेयर की है.



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"अरविंद केजरीवाल को ED सुबह कर सकती है गिरफ्तार": AAP नेताओं ने किया दावा

दिल्ली आबकारी नीति मामले के संबंध में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के समन को दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल(Chief Minister Arvind Kejriwal) ने बुधवार को तीसरी बार नजर अंदाज कर दिया. इस बीच आम आदमी पार्टी के नेताओं ने ट्वीट किया है कि सीएम केजरीवाल के आवास पर गुरुवार की सुबह ईडी की टीम पहुंच सकती है और उन्हें गिरफ्तार कर सकती है. हालांकि ईडी के सूत्रों ने AAP नेताओं के दावे को गलत बताया है. अरविंद केजरीवाल की सरकार में मंत्री आतिशी ने सोशल मीडिया साइट एक्स पर दावा किया है कि खबर आ रही है कि ईडी छापेमारी करने जा रही है. गिरफ्तारी की भी संभावना है.

 एक अन्य मंत्री सौरभ भारद्वाज ने दावा किया है कि सुनने में आ रहा है कल सुबह मुख्यमंत्री केजरीवाल जी के घर ED पहुंच कर उन्हें गिरफ़्तार करने वाली है. AAP नेता जैस्मिन शाह ने भी गिरफ्तारी और छापेमारी की आशंका जतायी है. 

अरविंद केजरीवाल ईडी के सामने क्यों नहीं हुए पेश?

मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने बुधवार को जांच एजेंसी को लिखा कि वह राज्यसभा चुनाव और गणतंत्र दिवस की तैयारियों में व्यस्त हैं, लेकिन एजेंसी की किसी भी प्रश्नावली का जवाब देने के लिए तैयार हैं.‘आप' प्रमुख ने एजेंसी से अपने पहले के पत्रों का जवाब देने के लिए कहा जिसमें उन्होंने कथित पूछताछ/जांच के लिए बुलाए जाने से जुड़े वास्तविक इरादे और इस पूछताछ की प्रकृति और दायरे को लेकर स्पष्टीकरण मांगा था. 

केजरीवाल ने इससे पहले दो नवंबर और 21 दिसंबर के दो समन पर संघीय एजेंसी के सामने पेश होने से इनकार कर दिया था और नोटिस को ‘अवैध' और ‘राजनीति से प्रेरित' बताया था.

बीजेपी ने साधा निशाना

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने बुधवार को कहा कि दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ‘डर से कांप' रहे हैं और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के समक्ष पेश नहीं हो रहे हैं क्योंकि वह जानते हैं कि वह कथित शराब नीति घोटाले के ‘सरगना' हैं. भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता गौरव भाटिया ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा, ‘‘कट्टर बेईमान अरविंद केजरीवाल डर से कांप रहे हैं और ईडी के समन को नजरअंदाज करने के लिए एक के बाद एक बहाने बना रहे हैं.''

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ब्रोकली खाने से सेहत को मिलते हैं अनगिनत फायदे, जानने के बाद आप भी शुरू कर देंगे खाना

क्या आप जानते हैं कि सर्दियों के मौसम में ब्रोकली को अपनी डाइट में शामिल करने से कई स्वास्थ्य लाभ मिलते हैं? यह सब्जी पोषण का पावरहाउस है जो फाइबर, एंटीऑक्सिडेंट, विटामिन सी और के जैसे अन्य मिनरल्स से भरपूर है. ब्रोकोली खाने से इम्यूनिटी सिस्टम मजबूत होता है और शरीर को सर्दियों में होने वाली बीमारियों से लड़ने में मदद मिलती है. इसकी हाई फाइबर सामग्री के कारण, यह पाचन को बेहतर बनाता है और पेट को भी भरा रखता है. इसके अलावा, ब्रोकोली में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट सर्दियों के साथ आने वाली ड्राइनेस को दूर करके स्किन को हेल्दी बनाने में मदद करती है. यह सब्जी आपके मौसमी भोजन में स्वाद और पोषण जोड़ती है. इसलिए यहां हमने रोजाना ब्रोकोली खाने के कुछ स्वास्थ्य लाभों के बारे में बताया है.

कैंसर के खतरे को कम करता है

क्या आप जानते हैं कि ब्रोकोली में ग्लूकोसाइनोलेट्स की उच्च सांद्रता होती है, जिसमें सल्फर युक्त केमिकल्स होते हैं जिन्हें इंडोल-3-कार्बिनोल और अन्य जैविक रूप से सक्रिय पदार्थों में तोड़ा जा सकता है? इतना ही नहीं, इसमें मजबूत कैंसर-विरोधी गुण भी पाए जाते हैं.

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हेल्दी हार्ट

ब्रोकोली ब्लड वेसल्स को मजबूत करके हार्ट को हेल्दी बनाए रखने में मदद कर सकती है. इसका सल्फोराफेन बॉडी को लंबे समय तक रहने वाली शुगर की समस्या से बचाता है. इसके अलावा ब्रोकोली का सेवन करने से स्ट्रोक के खतरे वाले लोगों में कोरोनरी हार्ट रोग और सूजन का खतरा कम हो जाता है.

वजन घटाना

कैलोरी में कम और फाइबर में हाई, ब्रोकोली आपको ज्यादा खाने से रोककर वजन कम करने में मदद कर सकती है और आपके पेट को लंबे समय तक भरा रखने में मदद कर सकती है.

आंखों की रोशनी

ब्रोकोली में प्राकृतिक रूप से सल्फोराफेन होता है, एक एंटीऑक्सीडेंट जो आंखों को यूवी रेज से बचाता है, ये अंधेपन को रोकने में मदद कर सकता है. 



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Wednesday, January 3, 2024

'हिट-एंड-रन' कानून : सरकार और ट्रांसपोर्टरों के बीच हुई सुलह, ट्रक ड्राइवरों से की काम पर लौटने की अपील

  1. गृह सचिव के साथ चर्चा के बाद ट्रक ड्राइवरों का मुद्दा सुलझता हुआ दिख रहा है. ऑल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट कांग्रेस ने ड्राइवरों से हड़ताल खत्म करने और काम पर लौटने की अपील की है. हालांकि उन्होंने कहा है कि सरकार के साथ बातचीत जारी रहेगी.
  2. AIMTC कोर कमिटी के चेयरमैन बल मलकीत ने कहा कि भारतीय न्याय संहिता के मसले पर हमारी गृह सचिव से मुलाकात और बातचीत हुई है. अब हमें कोई दिक्कत नहीं है, सारे मसलों का समाधान होता दिख रहा है.
  3. अखिल भारतीय परिवहन कांग्रेस की बैठक पर केंद्रीय गृह सचिव अजय भल्ला ने कहा, "हमने आज अखिल भारतीय परिवहन कांग्रेस के प्रतिनिधियों से चर्चा की. सरकार ये बताना चाहती है कि नए कानून एवं प्रावधान अभी लागू नहीं हुए हैं."
  4. केंद्रीय गृह सचिव अजय भल्ला ने कहा कि हम ये भी कहना चाहते हैं कि भारतीय न्याय संहिता की धारा 106(2) लागू करने से पहले अखिल भारतीय परिवहन कांग्रेस से विचार विमर्श करने के बाद ही निर्णय लिया जाएगा.
  5. गृह सचिव की ऑल इंडिया ट्रांसपोर्ट कांग्रेस के प्रतिनिधियों से हुई ये मुलाकात हड़ताल खत्म करने को लेकर काफी अहम माना जा रहा है. गृह मंत्रालय ने मूल रूप से संघ की मुख्य मांग आपराधिक कानून को लागू करने से पहले परामर्श का आश्वासन दिया है.
  6. गृह सचिव अजय भल्ला ने ये भी कहा कि परिवहन संघ की मुख्य मांग पूरी कर दी गई है और कार्यान्वयन से पहले हितधारकों के साथ परामर्श किया जाएगा.
  7. उन्होंने कहा कि सरकार और ट्रांसपोर्टर इस बात पर सहमत हुए हैं कि परिवहन कर्मचारी तुरंत अपना काम फिर से शुरू करेंगे, वे ट्रक ड्राइवरों से काम फिर से शुरू करने की अपील करते हैं.
  8. तीन दिवसीय हड़ताल अगर जारी रहता है या अखिल भारतीय आंदोलन शुरू होता है तो ऐसे में सब्जियों, फलों और दूध जैसे आवश्यक उत्पादों की आपूर्ति भी प्रभावित हो सकती है.
  9. ‘हिट-एंड-रन' (दुर्घटना के बाद मौके से भाग जाना) मामलों के लिए नए आपराधिक कानून भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) के तहत जेल और जुर्माने की सज़ा के कड़े प्रावधान हैं, जिसके खिलाफ कुछ ट्रक, बस और टैंकर संचालकों ने सोमवार को तीन दिवसीय हड़ताल शुरू की थी.
  10. हालांकि ‘ऑल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन' ने राष्ट्रव्यापी हड़ताल का आह्वान नहीं किया है और इसके प्रतिनिधि बीएनएस के बारे में अपनी चिंताओं को व्यक्त करने के लिए गृह मंत्रालय के अधिकारियों से मिले हैं. ‘ऑल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन' में ट्रक संचालकों के अलग-अलग संघ शामिल हैं.


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Tuesday, January 2, 2024

भारत ने पाकिस्तान से हिरासत में मौजूद भारतीय कैदियों को रिहा करने के लिए कहा

भारत ने सोमवार को पाकिस्तान से 184 भारतीय मछुआरों की सजा पूरी होने के मद्देनजर उनकी रिहायी और स्वदेश वापसी की प्रक्रिया में तेजी लाने को कहा. विदेश मंत्रालय (एमईए) ने कहा कि इसके अलावा, इस्लामाबाद को पाकिस्तान की हिरासत में मौजूद 12 कैदियों को तत्काल राजनयिक पहुंच प्रदान करने के लिए भी कहा गया है, जिनके बारे में माना जाता है कि वे भारतीय हैं.

भारत ने यह अनुरोध 2008 के एक समझौते के तहत प्रत्येक कैलेंडर वर्ष में 1 जनवरी और 1 जुलाई को दोनों देशों द्वारा कैदियों और मछुआरों की सूचियों के आदान-प्रदान करने की प्रथा के संदर्भ में किया. भारत ने अपनी हिरासत में मौजूद 81 मछुआरों और 337 कैदियों की सूची साझा की है, जो पाकिस्तानी हैं या पाकिस्तानी माने जाते हैं.

विदेश मंत्रालय के अनुसार, इसी तरह, पाकिस्तान ने अपनी हिरासत में मौजूद 184 मछुआरों और 47 अन्य कैदियों की सूची साझा की है, जो भारतीय हैं या माना जाता है कि वे भारतीय हैं.

विदेश मंत्रालय ने कहा, 'भारत सरकार ने पाकिस्तान की हिरासत से कैदियों, लापता भारतीय रक्षा कर्मियों तथा मछुआरों को उनकी नौकाओं सहित जल्द रिहायी और स्वदेश वापसी का आह्वान किया है.''

एक बयान में कहा गया, 'इस संदर्भ में, पाकिस्तान को उन 184 भारतीय मछुआरों की रिहाई और स्वदेश वापसी में तेजी लाने के लिए कहा गया, जिन्होंने अपनी सजा पूरी कर ली है.'

इसमें कहा गया है, 'इसके अलावा, पाकिस्तान को उसकी हिरासत में मौजूद शेष 12 कैदियों को तत्काल राजनयिक पहुंच प्रदान करने के लिए कहा गया है, जिनके बारे में माना जाता है कि वे भारतीय हैं.'

विदेश मंत्रालय ने कहा कि पाकिस्तान से सभी भारतीय और भारतीय माने जाने वाले कैदियों और मछुआरों की रिहायी और वापसी होने तक उनकी सुरक्षा और कल्याण सुनिश्चित करने का अनुरोध किया गया है.

इसमें कहा गया, 'भारत एक-दूसरे के देश में मौजूद कैदियों और मछुआरों से संबंधित मामलों सहित सभी मानवीय मामलों का प्राथमिकता के आधार पर समाधान करने के लिए प्रतिबद्ध है.'

उसने कहा, 'इस संदर्भ में, भारत ने पाकिस्तान से मछुआरों सहित 65 पाकिस्तानी कैदियों की राष्ट्रीयता की स्थिति की पुष्टि करने के लिए अपने स्तर पर आवश्यक कार्रवाई में तेजी लाने का आग्रह किया है, जिनकी स्वदेश वापसी पाकिस्तान से राष्ट्रीयता की पुष्टि के अभाव में लंबित है.'

विदेश मंत्रालय ने कहा कि सरकार के निरंतर प्रयासों के परिणामस्वरूप, 2014 से 2,639 भारतीय मछुआरों और 67 भारतीय कैदियों को पाकिस्तान से वापस लाया गया है. इसमें 478 भारतीय मछुआरे और नौ भारतीय कैदी शामिल हैं जिन्हें 2023 में पाकिस्तान द्वारा सौंपा गया था.

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Monday, January 1, 2024

"लोकसभा चुनाव के लिए सीट बंटवारे को लेकर एमवीए में कोई खींचतान नहीं": संजय राउत

शिवसेना (यूबीटी) नेता संजय राउत ने रविवार को कहा कि आगामी लोकसभा चुनाव के लिए सीट बंटवारे को लेकर महाविकास आघाडी (एमवीए) के सहयोगियों के बीच कोई खींचतान नहीं है. उन्होंने कहा कि उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली पार्टी और दिल्ली तथा महाराष्ट्र के कांग्रेस नेताओं के बीच एक ‘‘बेहतर समझ'' है.

राउत ने शुक्रवार को कहा था कि उनकी पार्टी अगले साल लोकसभा चुनाव में महाराष्ट्र की 48 में से 23 सीट पर लड़ेगी. प्रदेश कांग्रेस ने राउत की टिप्पणी पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की थी.

इसके बाद पार्टी प्रमुख उद्धव ठाकरे ने शनिवार को कहा था कि वह ऐसा कुछ भी नहीं करेंगे जिससे एमवीए गठबंधन को कोई नुकसान पहुंचे. राउत ने पुणे में पत्रकारों से कहा कि उम्मीदवारों के चयन में जीतने की क्षमता मानदंड होगी.

उन्होंने कहा, "महाविकास आघाडी के घटक दलों के बीच सीट बंटवारे के मुद्दे पर कोई खींचतान नहीं है. हम (शिवसेना-यूबीटी) और दिल्ली के साथ-साथ महाराष्ट्र में कांग्रेस के नेताओं के बीच अच्छी समझ है. गठबंधन को लेकर कुछ नेताओं की टिप्पणी पर ध्यान न दें."

उन्होंने कहा, "हम अपनी सीट की सूची के साथ तैयार हैं और टिकट उन उम्मीदवारों को दिया जाएगा जिनमें चुनाव जीतने की क्षमता होगी." एमवीए में शिवसेना (यूबीटी), राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार गुट) और कांग्रेस शामिल हैं.

वंचित बहुजन अघाड़ी के नेता प्रकाश आंबेडकर को एमवीए में शामिल किए जाने की संभावना के बारे में पूछे जाने पर, राउत ने कहा, "हमारे और आंबेडकर के बीच सब कुछ ठीक है. वह एक अच्छे वक्ता हैं और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के खिलाफ अपने विचार स्पष्ट रूप से व्यक्त करते हैं."

राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा समारोह से कुछ दिन पहले अयोध्या में विभिन्न परियोजनाओं की शुरुआत को लेकर राउत ने व्यंग्यात्मक लहजे में कहा कि प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) अब अयोध्या से काम करेगा.

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"हमें जो भी सीटें मिलेंगी, उन पर मजबूती से चुनाव लड़ेंगे", नेशनल काउंसिल की मीटिंग में बोले अरविंद केजरीवाल

आम आदमी पार्टी (Aam Aadmi Party) की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक रविवार को हुई. इस मौके पर  AAP संयोजक अरविंद केजरीवाल ने कहा कि आम आदमी पार्टी पूरे देश में अपना संगठन बनाएगी. क्योंकि बिना मज़बूत संगठन के चुनाव नहीं जीता जा सकता है. उन्होंने कहा कि AAP इंडिया गठबंधन का हिस्सा है. हमें जो भी सीटें मिलेंगी, उन पर मजबूती से चुनाव लड़ेंगे और सारी सीटें जीतेंगे.  आप अगले साल होने वाले हरियाणा विधानसभा का चुनाव सरकार बनाने के इरादे से पूरी ताकत लगाकर लड़ेगी. AAP के जो पांच नेता आज जेल में हैं, वो हमारे हीरो हैं और हमें उन सभी पर बहुत गर्व है.

"मैं भी केजरीवाल" जन संवाद अभियान 4 जनवरी से

गौरतलब है कि आम आदमी पार्टी का "मैं भी केजरीवाल" हस्ताक्षर अभियान शनिवार को खत्म हो गया. यह अभियान 1 दिसंबर से 30 दिसंबर 2023 तक चला. आम आदमी पार्टी के संगठन महामंत्री और राज्यसभा सांसद डॉक्टर संदीप पाठक ने डोर-टू-डोर कैंपेन की सफलता और 4 जनवरी से शुरू होने वाले "मैं भी केजरीवाल" जन संवाद अभियान की ट्रेनिंग को लेकर पार्टी मुख्यालय में एक बैठक बुलाई थी. 

अरविंद केजरीवाल को खत्म करने के लिए षड्यंत्र

डॉक्टर संदीप पाठक ने कहा कि हमारे नेताओं ने दिल्ली में घर-घर जाकर लोगों को मोदी सरकार की तानाशाही से अवगत कराया. हमने दिल्ली के लोगों को बताया कि किस तरीके से मोदी सरकार आम आदमी पार्टी और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को खत्म करने के लिए षड्यंत्र रच रही है. हमने लोगों को बताया कि आज जो भी मोदी सरकार से सवाल पूछता है या तो उसको सस्पेंड कर दिया जाता है या फिर उसे सलाखों के पीछे डाल दिया जाता है? भाजपा केजरीवाल जी को गिरफ्तार करने के बाद पार्टी को तोड़ना चाहती है. मैं भाजपा से कहना चाहता हूं कि ना हम पहले कभी झुके थे और ना हम आगे कभी झुकेंगे. अगर हमारे सारे नेताओं को जेल के अंदर बंद कर दिया जाएगा, तब भी हम ईमानदारी और सच्चाई के लिए लड़ते रहेंगे. मैं भी केजरीवाल हस्ताक्षर अभियान की आज पूरी दिल्ली में चर्चा हो रही है.

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Sunday, December 31, 2023

राजस्थान: बीजेपी ने चुनाव लड़ रहे सुरेन्द्रपाल सिंह टीटी को मंत्री बनाया

राजस्थान में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने करणपुर सीट से चुनाव लड़ रहे पूर्व मंत्री सुरेन्द्रपाल सिंह टीटी को शनिवार को मंत्रिपरिषद में शामिल किया. इस सीट पर पांच जनवरी को मतदान होना है. कांग्रेस पार्टी ने इसके लिए भाजपा की आलोचना की है. राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि यह भाजपा आलाकमान के अहंकार को दर्शाता है.

राज्य मंत्रिपरिषद के विस्तार के लिए शपथ ग्रहण समारोह यहां राजभवन में आयोजित हुआ, जहां 12 को कैबिनेट, पांच को राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) व पांच को राज्यमंत्री पद की शपथ दिलाई गई. राज्यपाल कलराज मिश्र ने राजभवन में विधायकों और सुरेन्द्रपाल सिंह टीटी को पद व गोपनीयता की शपथ दिलाई.

वोटों की गिनती आठ जनवरी को होगी
टीटी ने राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) के रूप में शपथ ली. टीटी करणपुर सीट से भाजपा के उम्मीदवार हैं. राज्य में विधानसभा की 200 में से 199 सीटों के लिए 25 नवंबर को मतदान हुआ. इसका परिणाम तीन दिसंबर को घोषित किया गया. करणपुर गंगानगर सीट पर कांग्रेस प्रत्याशी और तत्कालीन विधायक गुरमीत सिंह कुन्नर के निधन के कारण चुनाव स्थगित कर दिया गया था. इस सीट पर अब पांच जनवरी को मतदान होगा. वोटों की गिनती आठ जनवरी को होगी.

छह दिसंबर तक यहां 2 लाख 40826 मतदाता थे
इस सीट पर भाजपा की ओर से पूर्व मंत्री सुरेंद्रपाल उम्मीदवार हैं तो कांग्रेस ने कुन्नर के बेटे रुपिंदर सिंह को प्रत्याशी बनाया है. करणपुर विधानसभा क्षेत्र में कुल 249 मतदान केंद्र हैं. छह दिसंबर तक यहां 2 लाख 40826 मतदाता थे.

वहीं कांग्रेस ने टीटी को मंत्री बनाए जाने की आलोचना की है. पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने 'एक्स' पर लिखा, ‘‘करणपुर में 5 जनवरी को होने वाले मतदान की आचार संहिता के प्रभावी होने के बावजूद वहां से भाजपा प्रत्याशी को मंत्री बनाना आचार संहिता का स्पष्ट उल्लंघन एवं वहां के मतदाताओं को प्रभावित करने का प्रयास है. निर्वाचन आयोग को इस पर संज्ञान लेकर अविलंब कार्रवाई करनी चाहिए.''

उन्होंने लिखा, ‘‘इस तरह के असंवैधानिक कदम उठाना लोकतंत्र में दुर्भाग्यपूर्ण है. यह भाजपा आलाकमान के अहंकार को दर्शाता है.'' वहीं कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने कहा कि पार्टी इस मामले को निर्वाचन आयोग के सामने उठाएगी.

डोटासरा ने 'एक्स' पर लिखा, ‘‘भाजपा का अहंकार सातवें आसमान पर है. भाजपा ने निर्वाचन आयोग को ठेंगा दिखाकर आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन करते हुए करणपुर से भाजपा प्रत्याशी सुरेंद्रपाल टीटी को मंत्री पद की शपथ दिलाई है.''

उन्होंने लिखा, ‘‘संभवतः देश में यह पहला मामला है जब चुनाव से पूर्व भाजपा ने अपने प्रत्याशी को मंत्री बनाया है, कांग्रेस इस मामले को निर्वाचन आयोग के संज्ञान में लाकर कार्रवाई की मांग करेगी.''

कांग्रेस नेता व पूर्व विधायक संयम लोढ़ा ने इस मुद्दे को उठाते हुए 'एक्स' पर पोस्ट किया, ‘‘करणपुर विधानसभा क्षेत्र के चुनाव में भाजपा प्रत्याशी सुरेंद्रपाल टीटी को मंत्री पद की शपथ दिलाना, आदर्श आचार संहिता का खुला उल्लंघन है. राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी प्रवीण गुप्ता से फोन पर बातचीत कर तत्काल कार्यवाही की मांग की.''

राजस्थान के पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट ने भी इस मुद्दे को उठाया. उन्होंने 'एक्स' पर पोस्ट किया, ‘‘मगर भाजपा ने आचार संहिता के बीच अपने प्रत्याशी को मंत्री पद देकर करणपुर के मतदाताओं को प्रलोभन देने जैसा काम किया है. करणपुर की स्वाभिमानी जनता इस अलोकतांत्रिक और अमर्यादित कदम के पीछे की राजनीति को समझ रही है. निर्वाचन आयोग को इस मामले का संज्ञान लेकर, उचित कार्रवाई करनी चाहिये.''

वहीं भाजपा की ओर से पूर्व नेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़ ने अपनी पार्टी के फैसले का बचाव करते हुए कहा कि टीटी की राज्यमंत्री के रूप में ली गई शपथ संविधान के प्रावधानों के अनुरूप ही है. उन्होंने ‘एक्स' पर पोस्ट किया, ‘‘संविधान के अनुच्छेद 164 (4) में निहित प्रावधानों के तहत किसी भी व्यक्ति को बिना निर्वाचित हुए 6 माह तक मंत्री पद धारण करने का अधिकार है. इस संवैधानिक प्रावधान के अनुसार मुख्यमंत्री की सलाह पर महामहिम राज्यपाल द्वारा किसी भी व्यक्ति को मंत्री पद की शपथ दिलाई जा सकती है. उसके बाद 6 महीने के अंदर उसे विधानमंडल का सदस्य निर्वाचित होना जरूरी है.''

राठौड़ ने कहा, ‘‘संविधान की तीसरी अनुसूची के अनुसार ली गई शपथ किसी प्रकार की आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन नहीं है. पूर्ववर्ती सरकार में भी मंत्री पद पर रहते हुए दर्जनों मंत्रियों ने चुनाव लड़ा है

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