Saturday, August 19, 2023

"स्क्रिप्टेड प्रोडक्शन" : नागा समूह ने वायरल वीडियो को लेकर कहा; मणिपुर में हथियार भेजने से किया इनकार

मणिपुर में पहाड़ी बहुसंख्यक कुकी और घाटी बहुसंख्यक मैतेई के मध्य जारी जातीय हिंसा के बीच केंद्र के साथ एक फ्रेमवर्क एग्रीमेंट पर हस्ताक्षर करने वाले नागाओं के सबसे बड़े सशस्त्र समूह ने हथियारों की आपूर्ति करने और एक विशेष समुदाय की मदद के लिए अपने कैडर को मणिपुर भेजने के आरोपों का दृढ़ता से खंडन किया है. नेशनल सोशलिस्ट काउंसिल ऑफ नागालैंड (इसाक-मुइवा) या National Socialist Council of Nagaland (Isak-Muivah) ने एक बयान में कहा कि एक वीडियो सोशल मीडिया पर व्यापक रूप से साझा किया जा रहा है जिसमें एक व्यक्ति आरोप लगा रहा है कि NSCN (IM) ने मणिपुर में मैतेई की मदद के लिए अपने लड़ाकों को भेजा था, यह 'कुछ शरारती एजेंसियों द्वारा स्क्रिप्टेड प्रोडक्शन' है. 

वीडियो में एक शख्स ने आरोप लगाया कि 15 अच्छी तरह से प्रशिक्षित NSCN (IM) लड़ाके कुकी के खिलाफ लड़ाई में मैतेई में शामिल होने के लिए मणिपुर आ रहे हैं. अनुसूचित जनजाति (एसटी) दर्जे की मैतेई की मांग के खिलाफ विरोध प्रदर्शन के दौरान 3 मई को भड़की हिंसा के बाद कुकी-ज़ो-चिन जनजातियों ने अलग प्रशासन की मांग शुरू कर दी है. 

NSCN (IM) ने कहा कि वीडियो में दिख रहे व्यक्ति की पहचान एच खोसीवेई लविंग्सन रोआ के रूप में की गई है, जो पिछले साल अक्टूबर में ‘राष्ट्रीय सेवा‘ में शामिल हुआ और इस साल की शुरुआत में अपना बुनियादी सैन्य प्रशिक्षण पूरा किया.

NSCN (IM) ने अपने एक बयान में कहा, ‘वह थुंग्बो ब्रिगेड में तैनात नागा सेना में एक निजी कर्मचारी है. 7 अगस्त 2023 को उसे कान के संक्रमण के लिए मेडिकल अवकाश दिया गया था और दीमापुर भेजा गया था, लेकिन वह तब से लापता है. 

NSCN (IM) के वरिष्ठ नेता एचआर शिमरे ने बयान में कहा कि वीडियो क्लिप ‘स्पष्ट रूप से शरारती एजेंसी का पूर्व नियोजित और स्क्रिप्टेड प्रोडक्शन है, जिसका लक्ष्य तबाही को आगे बढ़ाना और एनएससीएन को खराब रोशनी में चित्रित करना है.‘

इस साल जुलाई में नागालैंड पुलिस के एक इंस्पेक्टर, एक सशस्त्र समूह के नेता और चार अन्य लोगों को राज्य पुलिस शस्त्रागार से गोला-बारूद चोरी करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था. कथित तौर पर गोला-बारूद पड़ोसी राज्य मणिपुर भेजा जाना था. गिरफ्तार लोगों में से एक NSCN (IM) का नेता था. 

नागाओं और कुकियों के बीच 1990 के दशक की शुरुआत में जमीन को लेकर लड़ाई हुई थी. उस वक्त सैंकड़ों की संख्या में  लोग मारे गए थे. 

NSCN (IM) का गठन 1980 में किया गया था और इसका नेतृत्व 85 साल के थुइंगालेंग मुइवा कर रहे हैं. समूह के अन्य शीर्ष नेताओं में इसाक चिशी स्वू का 87 साल की उम्र में कई अंग फेल होने के चलते मौत हो गई थी. 1997 में, NSCN (IM) ने शांति के लिए केंद्र सरकार के साथ समझौता किया था और उसके बाद से केंद्र के दूतों के साथ बातचीत जारी रखी है. 

NSCN (IM) ने अगस्त 2015 में सरकार के साथ एक फ्रेमवर्क एग्रीमेंट पर हस्ताक्षर किये थे, जिसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राज्य में शांति स्थापित करने के लिए एक ‘ऐतिहासिक‘ कदम बताया था. 

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"मैं दुष्ट हूं...": ब्रिटिश नर्स एक साल में सात नवजात बच्चों की हत्या की दोषी

उत्तरी इंगलैंड के एक अस्पताल में कार्यरत भारतीय मूल का एक बाल चिकित्सक उन लोगों में शामिल है जिनकी मदद से ब्रिटिश अदालत ने शुक्रवार को एक नर्स को सात शिशुओं की हत्या का दोषी ठहराया. चेस्टर के ‘काउंटेस ऑफ चेस्टर' अस्पताल के चिकित्सक रवि जयराम ने कहा कि इस पूर्व नर्स के बारे में यदि उनकी चिंताओं पर ध्यान दिया गया होता और पुलिस को खबर दी गई होती तो कुछ शिशुओं की जान बचाई जा सकती थी.

मैनचेस्टर क्राउन अदालत में जूरी ने नर्स लूसी लेटबी (33) को शुक्रवार को सात नवजात शिशुओं की हत्या करने और छह अन्य शिशुओं की हत्या की कोशिश करने का दोषी पाया. उसे सोमवार को इसी अदालत में सजा सुनाई जाएगी.

जयराम ने फैसले के बाद ‘आईटीवी न्यूज' से कहा, ‘‘मैं वाकई मानता हूं कि चार या पांच बच्चे , जो आज स्कूल जा रहे होते, (इस दुनिया में) नहीं हैं.''

तीन बच्चों की मौत के बाद डॉक्टर हुए चिंतित

उन्होंने कहा कि जून, 2015 में तीन शिशुओं की मौत के बाद पहली बार चिकित्सक चिंता प्रकट करने लगे तथा जब और बच्चों की मौत हो गई तब उनके जैसे कुछ वरिष्ठ चिकित्सकों ने लेटबी के बारे में अपनी चिंता व्यक्त करने के लिए अस्पताल के वरिष्ठ कार्यकारियों के साथ कई बैठकें की.

आखिरकार, अप्रैल, 2017 में राष्ट्रीय स्वास्थ्य सेवा न्यास (नेशनल हेल्थ सर्विस ट्रस्ट) ने चिकित्सकों को एक पुलिस अधिकारी से मिलने की अनुमति दे दी.

डॉ जयराम ने कहा, ‘‘10 मिनट से भी कम समय तक हमारी बातें सुनने के बाद पुलिस को अहसास हुआ कि यह कुछ ऐसी बात है कि जिसमें उसे भी उतरना चाहिए. ..'' इसके बाद जांच शुरू हुई और लेटबी की गिरफ्तारी हुई.

लेटबी ने बच्चों की हत्या के लिए कई तरीके अपनाए

ब्रिटेन की क्राउन प्रोसीक्यूशन सर्विस (सीपीएस) ने बताया कि 2015 और 2016 के बीच अस्पताल के नवजात वार्ड में कुल 13 शिशुओं पर गुपचुप तरीके से हमला करने के लिए लेटबी ने कई तरीके अपनाए.

सीपीएस के अनुसार लूसी लेटबी (33) ने रक्त प्रवाह में हवा पहुंचाने, ‘नैसोगैस्ट्रिक ट्यूब' के माध्यम से उनके पेट में हवा और दूध पहुंचाने समेत विभिन्न तरीकों से इन नवजात शिशुओं को जान-बूझकर नुकसान पहुंचाया.

सीपीएस का कहना है कि लेटबी का मकसद शिशुओं की जान लेना होता था, लेकिन वह अपने सहकर्मियों को यह विश्वास दिलाती थी कि मौतें प्राकृतिक रूप से हुई हैं.

अभियोजन पक्ष के वकील निक जॉनसन ने कहा कि लुसी लेटबी ने अपने सहयोगियों को यह विश्वास दिलाया कि लगातार हो रही मौतें "सिर्फ दुर्भाग्य का परिणाम" थीं. लूसी लेटबी के अंतिम शिकार दो ट्रिपलेट लड़के थे, जिन्हें अदालत में शिशु 'ओ' और 'पी' कहा गया था.

जून 2016 में लूसी लेटबी के इबीसा में छुट्टी से लौटने के तुरंत बाद बच्चे 'ओ' की मौत हो गई, जबकि बच्चे 'पी' की उनके भाई-बहन के एक दिन बाद मौत हुई. यह भी कहा गया था कि लूसी लेटबी ने तीसरे बच्चे 'क्यू' को मारने का प्रयास किया था.

नियंत्रण से बाहर हो गई थी लूसी लेटबी

जॉनसन ने कहा कि उस समय तक लूसी लेटबी "पूरी तरह से नियंत्रण से बाहर" हो गई थी, और कहा कि "वह वास्तव में भगवान की भूमिका निभा रही थी."

लूसी लेटबी को दो बार गिरफ्तार किया गया और रिहा किया गया. 2020 में उसकी तीसरी गिरफ्तारी पर उस पर औपचारिक रूप से आरोप लगाया गया और हिरासत में रखा गया.

उसके घर की तलाशी के दौरान पुलिस को अस्पताल के कागजात और एक हस्तलिखित नोट मिला, जिस पर लुसी लेटबी ने लिखा था: "मैं दुष्ट (Evil) हूं, मैंने यह किया."

लूसी लेटबी ने बाद में यह कहकर नोट को समझाने की कोशिश की कि उसने इसे ट्रिपलेट बच्चों में से दो की मौत के बाद क्लेरिकल ड्यूटी निभाते हुए यह लिखा था.
(इनपुट AFP से भी)



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अजय मिश्रा टेनी से जुड़ा 23 साल पहले का सपा नेता की हत्या का केस सुप्रीम कोर्ट पहुंचा

उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी में 23 साल पुराने प्रभात गुप्ता हत्याकांड का मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है. केंद्रीय मंत्री अजय मिश्रा टेनी से जुड़े इस मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई है. प्रभात गुप्ता के भाई इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट पहुंच गए हैं.

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने प्रभात गुप्ता हत्याकांड में अजय मिश्रा टेनी को बरी कर दिया था. इलाहाबाद हाईकोर्ट ने यूपी सरकार की याचिका को खारिज कर दिया था. इलाहाबाद हाईकोर्ट ने ट्रायल कोर्ट के टेनी को बरी करने के फैसले को बरकरार रखा था.

लखीमपुर की निचली अदालत ने अजय मिश्रा टेनी को बरी कर दिया था लेकिन निचली अदालत के फैसले के खिलाफ राज्य सरकार ने हाईकोर्ट में अर्ज़ी दाखिल की थी. ट्रायल कोर्ट ने सबूतों के अभाव में टेनी को बरी किया था

साल 2000 में प्रभात गुप्ता की हत्या हुई थी और साल 2004 में ट्रायल कोर्ट ने सबूतों के अभाव में टेनी को बरी किया था. अजय मिश्रा के साथ सुभाष मामा, शशि भूषण, पिंकी और राकेश डालू को भी इस हत्याकांड में हाईकोर्ट से राहत मिल गई थी.

साल 2000 में प्रभात गुप्ता की उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी में सरे बाजार घर लौटते समय गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. प्रभात गुप्ता समाजवादी पार्टी का युवा नेता था. इस हत्याकांड में अजय मिश्रा टेनी समेत चार लोगों को नामजद किया गया था.



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Friday, August 18, 2023

ज्ञानवापी विवाद: एक हिंदू संगठन ने हिंदू और मुस्लिम पक्ष से विवाद को अदालत के बाहर सुलझाने की अपील की

काशी विश्वनाथ मंदिर के बगल में स्थित ज्ञानवापी परिसर को लेकर चल रही कानूनी जंग में काफी आगे रहे एक हिंदू संगठन ने विवाद को अदालत के बाहर सुलझाने के लिए एक खुला पत्र लिखा है. वाराणसी जिला अदालत के आदेश पर ज्ञानवापी परिसर के हो रहे वैज्ञानिक सर्वेक्षण के बीच लिखे गए इस खुले पत्र में हिंदू पक्ष के पैरोकार तथा विश्व वैदिक सनातन संघ के प्रमुख जितेंद्र सिंह बिसेन ने हिंदू और मुस्लिम पक्ष को ज्ञानवापी परिसर संबंधी विवाद अदालत के बाहर आपसी सहमति से सुलझाने के वास्ते बातचीत के लिए आमंत्रित किया है.

बिसेन ने कहा कि यह पत्र मामले की मुख्य वादी राखी सिंह की सहमति के बाद हिंदू पक्ष की ओर से जारी किया गया है. उन्होंने कहा, ‘‘अगर यह मामला आपसी सहमति से सुलझ जाए तो इससे बेहतर कुछ नहीं होगा.'' पत्र में बिसेन ने लिखा है कि ज्ञानवापी परिसर को लेकर हिंदू और मुस्लिम पक्ष अदालत में अपनी-अपनी दलीलें दे रहे हैं जबकि इस लड़ाई का लाभ कुछ असामाजिक तत्व अपने निजी फायदे के लिए उठाना चाहते हैं जो देश और समाज, दोनों के लिए हानिकारक हो सकता है.

उन्होंने कहा ‘‘ऐसे में हम सभी का यह कर्तव्य है कि अपने देश और समाज की रक्षा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए इस विवाद का निस्तारण शांतिपूर्ण तरीके से आपसी बातचीत के माध्यम से निकालकर एक मिसाल कायम करें.'' पत्र में दोनों पक्षों से बातचीत के लिए आगे आने का आह्वान करते हुए कहा गया है ‘‘हो सकता है आपसी बातचीत से अदालत के बाहर कोई शांतिपूर्ण समाधान निकल जाए. ''

इंतेजामिया मस्जिद कमेटी के संयुक्त सचिव मोहम्मद यासीन ने कहा कि उन्हें मीडिया के माध्यम से पत्र मिला है जिसे कमेटी की बैठक में प्रस्तुत किया जाएगा. उन्होंने कहा, ‘‘कमेटी के सदस्यों का जो भी फैसला होगा, वह मान्य होगा.'' हिंदू पक्ष के एक अन्य अधिवक्ता हरि शंकर जैन ने ‘एक्स' पर लिखा, ‘‘मैं स्पष्ट रूप से कहना चाहता हूं कि सनातन धर्मी काशी में भालेनाथ की एक इंच भूमि से भी समझौता नहीं करेंगे. यही हो सकता है कि मुसलमान क्षमा मांगे और अपना अवैध कब्जा हटा लें.''

हाल ही में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा था कि मुस्लिम समुदाय को यह स्वीकार करना चाहिए कि वाराणसी में ज्ञानवापी स्थल पर ‘एक ऐतिहासिक गलती' हुई थी और एक ‘समाधान' प्रस्तावित करना चाहिए. आदित्यनाथ ने मीडिया को दिए गए एक साक्षात्कार में कहा था, “अगर हम इसे मस्जिद कहते हैं, तो विवाद पैदा हो जाएगा. हमें इसे ज्ञानवापी कहना चाहिए. यह ज्ञानवापी है. मस्जिद के अंदर त्रिशूल क्या कर रहा है?”



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तमिलनाडु के मंत्री और उनकी पत्नी के बैंक खातों में बड़े पैमाने पर जमा हुई राशि, ED ने किया खुलासा

प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने गुरुवार को कहा कि तमिलनाडु में गिरफ्तार किए गए मंत्री वी सेंथिल बालाजी और उनकी पत्नी के बैंक खातों के विश्लेषण से पता चलता है कि उनमें बड़े पैमाने पर नकदी जमा हुई है. केन्द्रीय एजेंसी ने राज्य के परिवहन विभाग में कथित नौकरी घोटाले से जुड़े मनी लॉन्डरिंग के मामले में डीएमके नेता बालाजी के खिलाफ कुछ ही दिन पहले आरोपपत्र दाखिल किया है.

ईडी ने एक बयान में कहा कि एजेंसी ने चेन्नई की एक विशेष अदालत में 12 अगस्त को धन शोधन निषेध कानून (पीएमएलए) की विभिन्न धाराओं के तहत आरोपपत्र दाखिल किया और जिसने बुधवार को इस पर संज्ञान लिया.

करीब 3,000 पृष्ठ के आरोपपत्र में एजेंसी ने आरोप लगाया है कि बालाजी (47) ने (पूर्ववर्ती अन्नाद्रमुक सरकार में) तमिलनाडु के परिवहन मंत्री के आधिकारिक पद का अपने भाई आरवी अशोक कुमार और निजी सहायकों बी शन्मुगम और एम कार्तिकेयन के साथ मिलकर दुरुपयोग किया और उनके तथा राज्य परिवहन निगमों (एसटीयू) के तत्कालीन प्रबंध निदेशकों और अन्य अधिकारियों के साथ मिलकर आपराधिक षड्यंत्र रचा.

एजेंसी ने दावा किया है कि परिवहन निगमों में वाहन चालक, कंडक्टर, कनिष्ठ सहायक, कनिष्ठ अभियंता और सहायक अभियंता के पदों पर नियुक्ति के लिए आरोपी ने अभ्यर्थियों से अवैध तरीके से लाभ प्राप्त किए.

केन्द्रीय एजेंसी ने कहा, ‘‘ईडी की जांच के दौरान बैंक स्टेटमेंट के विश्लेषण से पता चलता है कि आरोपी वी सेंथिल बालाजी और उनकी पत्नी एस मेगला के बैंक खातों में बड़े पैमाने पर नकदी जमा हुई है.'' ईडी ने आरोप लगाया है, ‘‘ईडी ने अपराध से प्राप्त राशि के उपयोग और ‘धन के बदले नौकरी' घोटाला के कामकाज के तरीकों और साठगांठ के संबंध में ठोस साक्ष्य एकत्र किए हैं.''

ईडी ने कहा कि बालाजी से इन ‘‘ठोस साक्ष्यों के आधार पर जिरह की गई और वह उनका खंडन करने में असफल रहे और कोई संतोषजनक उत्तर नहीं दे पाए, इतना ही नहीं उन्होंने जांच में सहयोग नहीं किया.''

चेन्नई के पुझल केन्द्रीय कारागार में बंद बालाजी अब भी मुख्यमंत्री एमके स्टालिन नीत तमिलनाडु सरकार में बिना विभाग के मंत्री बने हुए हैं. ईडी ने धन शोधन के मामले में उन्हें 14 जून को गिरफ्तार किया था.



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बेगूसराय में दो शिक्षकों के बीच विवाद के बाद दो गुटों में हुई जमकर मारपीट, तीन घायल

बेगूसराय में दो शिक्षकों के बीच हुए विवाद को लेकर गुरुवार को स्कूल में पंचायत बुलाई गई थी जहां विवाद इतना बढ़ गया कि दोनों पक्षों के बीच पथराव और लाठियां चलने लगीं. मारपीट में तीन घायल हो गए. घटनास्थल की तस्वीरो में दर्जनों की संख्या में लोग लाठियों से एक-दूसरे पर हमला करते हुए दिख रहे हैं. रोड़े बाजी भी की जा रही है. 

यह घटना बखरी थाना क्षेत्र के प्राणपुर उत्क्रमित मध्य विद्यालय में हुई. मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी योगेंद्र कुमार के निर्देश पर बखरी डीएसपी चंदन कुमार कई थानों की पुलिस के साथ मौके पर पहुंचे और आक्रोशित लोगों को समझा कर मामले को शांत कराया. 

आरोप है कि 15 अगस्त को स्कूल में दो शिक्षकों के बीच कार्यक्रम के दौरान वंदे मातरम बोलने को लेकर विवाद हो गया था. उस विवाद को लेकर पंचायत की जा रही थी. पंचायत के दौरान ही दोनों पक्षों के बीच विवाद बढ़ गया और देखते-देखते भीड़ हिंसक हो गई. दोनों पक्षों की ओर से लाठियों से मारपीट शुरू कर दी गई‌. 

एसपी योगेंद्र कुमार ने बताया कि घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और मामले को शांत करा लिया गया है. तीन लोगों के जख्मी होने की सूचना मिली है, जिनका इलाज कराया जा रहा है. पुलिस को सूचना मिली थी कि बखरी थाना क्षेत्र के प्राणपुर गांव में एक सरकारी स्कूल है जहां पर दो शिक्षकों के बीच आपस में लड़ाई हो गई है और दोनों शिक्षक इसी स्कूल में पढ़ाते हैं. 

उन्होंने बताया कि, 15 अगस्त को झंडा वंदन के समय सांस्कृतिक कार्यक्रम के दौरान दोनों शिक्षकों के बीच आपस में किसी बात को लेकर बहस हुई थी. आज दोनों शिक्षक स्कूल में अपने-अपने साथ 10-10 बाहरी लोगों को लेकर पहुंचे. वहां दोनों पक्षों के बीच मारपीट की हो गई. इसमें तीन लोग जख्मी हो गए. सभी घायलों का इलाज स्थानीय अस्पताल में चल रहा है. दोनों शिक्षकों को पुलिस थाने में ले जाकर पूछताछ कर रही है. स्कूल के हेड मास्टर की भूमिका की भी जांच की जाएगी.



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Thursday, August 17, 2023

मनमाने ढंग से गिरफ्तारी का सामना करने वालों की आवाज न्यायालय में उठनी चाहिए : CJI

नई दिल्ली: भारत के प्रधान न्यायाधीश (सीजेआई) डी.वाई. चंद्रचूड़ ने कहा है कि न्यायिक प्रणाली की असली ताकत नागरिकों को न्याय तक पहुंच प्रदान करना और यह विश्वास दिलाना है कि मनमाने ढंग से गिरफ्तारी या विध्वंस की धमकी का सामना करने वाले को शीर्ष अदालत के न्यायाधीशों से सांत्वना मिलेगी और आवाज सुनी जाएगी. 

सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन (एससीबीए) द्वारा मंगलवार को शीर्ष अदालत के परिसर में आयोजित स्वतंत्रता दिवस समारोह में बोलते हुए, सीजेआई ने इस बात पर जोर दिया कि भारतीय न्यायपालिका के सामने सबसे बड़ी चुनौती न्याय तक पहुंचने में आने वाली बाधाओं को खत्म करना और यह सुनिश्चित करना है कि न्यायपालिका समावेशी हो और पंक्ति के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे.

उन्होंने कहा कि...क्योंकि मामले का परिणाम चाहे जो भी हो, मेरा मानना है कि हमारे तंत्र की असली ताकत हमारे नागरिकों को न्याय तक पहुंच प्रदान करना, व्यक्ति के आत्मविश्वास की वह भावना है कि मनमानी गिरफ्तारी, विध्वंस की धमकी... को सांत्वना मिलेगी और सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीशों द्वारा आवाज सुनी जाएगी.

स्वतंत्रता दिवस पर राष्ट्र के नाम अपने संबोधन में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा क्षेत्रीय भाषाओं में निर्णयों के मुख्य अंशों का अनुवाद करने के शीर्ष अदालत के कदम की सराहना करने के तुरंत बाद, न्यायमूर्ति चंद्रचूड़ ने कहा कि अब तक शीर्ष अदालत के 9,423 निर्णयों का क्षेत्रीय भाषाओं में अनुवाद किया गया है. सीजेआई ने नागरिकों को अपने सभी 35,000 फैसले क्षेत्रीय भाषाओं में उपलब्ध कराने के शीर्ष अदालत के प्रयासों के बारे में भी बात की.

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Chandraya-3 से पहले चांद पर पहुंचेगा Luna-25, मिशन मून को लेकर क्या कहते हैं एक्सपर्ट?

भारत के तीसरे मून मिशन 'चंद्रयान-3' और रूस के 'लूना-25' के अगले सप्ताह चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव (साउथ पोल) पर उतरने की होड़ तेज हो गई है. भारत की स्पेस एजेंसी इसरो ने चंद्रयान-3 मिशन को 14 जुलाई 2023 को लॉन्च किया था. यह 23-24 अगस्त को चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर सॉफ्ट लैंडिंग करेगा. वहीं, रूस का 'लूना-25' चंद्रयान-3 के दो दिन पहले 21-23 अगस्त को चांद के दक्षिणी ध्रुव पर लैंड करने वाला है. 

विशेषज्ञों का कहना है कि चंद्रयान-3 की योजना चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर उतरने वाला पहला मिशन बनने की है, वहीं लूना-25 के तेजी से कक्षा तक पहुंचने की होड़ ने इस पर नई रोशनी डाली है. लूना-25 चंद्रमा के बोगुस्लावस्की क्रेटर के पास लैंड करेगा.  जबकि चंद्रयान मैंजिनस U क्रेटर के पास लैंड करेगा.

चंद्रयान-3, भारत का चंद्रमा के लिए तीसरा मिशन है. इसने 5 अगस्त को चंद्रमा की कक्षा में सफलतापूर्वक प्रवेश किया. लॉन्चिंग के 40 दिन के भीतर सॉफ्ट लैंडिंग की तैयारी के लिए यह सावधानीपूर्वक अपनी कक्षा को समायोजित कर रहा है.

चंद्रमा पर रिसर्च में रूस महत्वपूर्ण वापसी कर रहा है. 1976 में सोवियत युग के लूना-24 मिशन के बाद लगभग पांच दशकों में पहली बार 10 अगस्त को लूना-25 अंतरिक्ष में भेजा गया. इसने चंद्रमा के लिए अधिक सीधे रास्ते को अपनाया है. संभावित रूप से यह लगभग 11 दिन में 21 अगस्त तक लैंडिंग का प्रयास करने में सफल हो जाएगा. लूना-25 के तेज यात्रा का श्रेय मिशन में इस्तेमाल यान के हल्के डिजाइन और कुशल ईंधन भंडारण को दिया गया है, जो इसे अपने गंतव्य तक छोटा रास्ता तय करने में सक्षम बनाता है.

वहीं, चंद्रयान-3 में फ्यूल के कम इस्तेमाल और कम खर्च में यान चंद्रमा पर पहुंच जाए, इसका ध्यान रखा गया है. इसलिए इसरो ने इसमें पृथ्वी की ग्रैविटी का इस्तेमाल किया. इस प्रोसेस में फ्यूल तो बच जाता है, लेकिन समय ज्यादा लगता है. इसलिए चंद्रयान को चांद पर पहुंचने में ज्यादा वक्त लग रहा है.

बेंगलुरु के इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ एस्ट्रोफिजिक्स के वैज्ञानिक क्रिसफिन कार्तिक ने ‘पीटीआई-भाषा' से कहा, ‘‘क्या होड़ से फर्क पड़ेगा? ब्रह्मांडीय अन्वेषण के विशाल दायरे में, पहुंचने का क्रम चंद्र परिदृश्य में महत्वपूर्ण बदलाव नहीं कर सकता है. फिर भी प्रत्येक मिशन से प्राप्त ज्ञान चंद्रमा के अतीत और क्षमता के बारे में हमारी समझ को समृद्ध करेगा. मूल्य हमारे संयुक्त प्रयासों के योग में निहित है.''

दोनों मिशन के अलग-अलग पहुंचने के समय का एक प्रमुख कारक उनका संबंधित द्रव्यमान और ईंधन दक्षता है. लूना-25 का भार केवल 1,750 किलोग्राम है, जो चंद्रयान-3 के 3,800 किलोग्राम से काफी हल्का है. भारत की अंतरिक्ष एजेंसी इसरो के अनुसार यह कम द्रव्यमान लूना-25 को अधिक प्रभावी ढंग से आगे बढ़ने में सक्षम बनाता है.

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के पूर्व अध्यक्ष डॉ के. सिवन ने बताया कि इसके अलावा, लूना-25 का अधिशेष ईंधन भंडारण ईंधन दक्षता संबंधी चिंताओं को दूर करता है, जिससे यह अधिक सीधा मार्ग अपनाने में सक्षम होता है. उन्होंने कहा कि इसके विपरीत, चंद्रयान-3 की ईंधन वहन क्षमता के अवरोध के कारण चंद्रमा तक अधिक घुमावदार मार्ग की जरूरत है.

चंद्रयान की कक्षा को चरणबद्ध तरीके से बढ़ाया गया था. यह प्रक्रिया प्रक्षेपण के लगभग 22 दिन बाद चंद्रमा की कक्षा में खत्म हुई. वैज्ञानिकों ने कहा कि अंतरिक्ष यान लैंडिंग के समय को प्रभावित करने वाला एक महत्वपूर्ण कारक आकाश में सूर्य का मार्ग है. यानों को जिस मार्ग से गुजरना है, वहां सूर्य का उगना आवश्यक है.

सिवन ने ‘पीटीआई-भाषा' से कहा, ‘‘मुझे यह देखकर खुशी हो रही है कि रूस भी चंद्रमा मिशन पर जा रहा है. अंतरिक्ष अन्वेषण में वैश्विक भागीदारी जिज्ञासा और खोज की मानवीय भावना को बढ़ाती है.''उन्होंने कहा, ‘‘दोनों मिशन का लक्ष्य चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर पहुंचना है. हालांकि, पहुंचने का क्रम मिशन के परिणामों पर महत्वपूर्ण प्रभाव नहीं डालेगा, लेकिन यह नयी सीमाओं की खोज के लिए सामूहिक प्रतिबद्धता को मजबूत करता है.''

उन्होंने कहा कि चंद्र परिदृश्य अद्वितीय है और विशिष्ट चुनौतियां प्रस्तुत करता है. मिशन की सफलता केवल लैंडिंग के क्रम से निर्धारित नहीं होती है. सिवन ने कहा, ‘‘चंद्र अन्वेषण के लिए उच्च प्रक्षेपक शक्ति और उन्नत प्रौद्योगिकियों की आवश्यकता होती है, जिनमें से प्रत्येक समग्र सफलता में योगदान देता है.''

उन्होंने कहा, ‘‘मिशन की योजना में पेलोड विचार महत्वपूर्ण हैं. चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव के अन्वेषण के लिए सटीकता, दक्षता और अनुकूलन क्षमता की आवश्यकता होती है. भारत का मिशन उच्चतम प्रक्षेपण मूल्यों को प्राप्त करने के लिए हमारे समर्पण को दर्शाता है, जो हमारी तकनीकी कौशल का प्रमाण है.''

अंतरिक्ष अन्वेषण में दुनिया की नये सिरे से पैदा हुई दिलचस्पी के साथ भारत और रूस ऐतिहासिक उपलब्धियों के शिखर पर खड़े हैं. दोनों देश पृथ्वी के खगोलीय पड़ोसी के रहस्यों को उजागर करने के लिए मानवता की खोज के पथ को आकार दे रहे हैं.

दुनिया की नजर दोनों मिशन पर है जिससे चंद्रमा की संरचना, उसके इतिहास और संसाधन के रूप में क्षमता के बारे में नयी जानकारी मिलने की उम्मीद है. स्वस्थ प्रतिस्पर्धा को विकास के लिए उत्प्रेरक बताते हुए कार्तिक ने कहा कि चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव की होड़ एक गतिशील माहौल को बढ़ावा देती है, जहां राष्ट्र एक-दूसरे की उपलब्धियों और असफलताओं से सीख सकते हैं.

उन्होंने कहा, ‘‘यह स्पर्धा नवाचार की भावना को पैदा करती है, जो हमें सामूहिक रूप से अपनी अंतरिक्ष यात्रा क्षमताओं में सुधार करने के लिए प्रेरित करती है.'' कार्तिक ने कहा, ‘‘हम अपनी समयसीमा का पालन करते हुए आगे बढ़ रहे हैं. हमारा दृष्टिकोण हमारी आर्थिक वास्तविकता के साथ जुड़ा है. किफायती होना एक पहलू है, लेकिन यह हमें सितारों तक पहुंचने से नहीं रोकता है। संसाधन का उपयोगी तरीके से इस्तेमाल के साथ हमारा लक्ष्य अपने राष्ट्र की आकांक्षाओं को पूरा करना है.''

चंद्रमा का दक्षिणी ध्रुव अपने संभावित जल संसाधनों और अद्वितीय भूवैज्ञानिक विशेषताओं के कारण विशेष रुचि जगाता है. अपेक्षाकृत अज्ञात क्षेत्र भविष्य के चंद्र मिशन के लिए महत्वपूर्ण है, जिसमें अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा का आगामी आर्टेमिस-तीन मिशन भी शामिल है, जिसका उद्देश्य पांच दशक के अंतराल के बाद मानव को चंद्रमा पर ले जाना है.

कार्तिक ने कहा, ‘‘चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव का अज्ञात क्षेत्र हमें हमारे आकाशीय पड़ोसी के बारे में अधिक गहन अंतर्दृष्टि को उजागर करने का वादा करता है। चंद्रमा पर हमारा मिशन अज्ञात का पता लगाने के हमारे संकल्प का एक प्रमाण है.'' उन्होंने कहा, ‘‘चंद्रमा का दक्षिणी ध्रुव वैज्ञानिक अवसरों का खजाना प्रदान करता है. इस क्षेत्र की खोज से मूल्यवान जानकारी प्राप्त होगी, जो चंद्रमा के इतिहास और विकास के बारे में हमारी समझ में योगदान देगी.''

विशेषज्ञों का कहना है कि मिशन के निष्कर्ष न केवल चंद्रमा के पर्यावरण के बारे में हमारी समझ को समृद्ध करेंगे बल्कि भविष्य के चंद्र अन्वेषण प्रयासों का मार्ग भी प्रशस्त करेंगे. सिवन ने कहा, ‘‘इन मिशन के माध्यम से, हम नयी तकनीकी क्षमताएं हासिल करेंगे जो अंतरिक्ष अन्वेषण में हमारी विशेषज्ञता का विस्तार करेगी. प्रत्येक मिशन में अभूतपूर्व विज्ञान प्रयोगों की क्षमता है जो चंद्रमा के रहस्यों के बारे में हमारी समझ को व्यापक बनाएगी.''

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Five of family killed in road accident in Gujarat, miraculous escape for two-year-old boy

Five people from a family died while a two-year-old boy escaped miraculously with minor injuries after two cars collided in Gujarat's Bharuch district on Wednesday.

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Wednesday, August 16, 2023

केरल में सेना की कमान ने पोनमुडी पहाड़ी पर चढ़कर मनाया 77 वां स्वतंत्रता दिवस

तिरुवनंतपुरम के पैंगोडे सैन्य स्टेशन पर तैनात भारतीय सेना की टुकड़ी ने मंगलवार को निकटवर्ती पोनमुडी पहाड़ी पर चढ़कर और वहां तिरंगा फहराकर 77 वां स्वतंत्रता दिवस मनाया.
रक्षा मंत्रालय के एक बयान में बताया गया कि सेना की टीम विभिन्न विद्यालयों में गयी तथा उसने बच्चों को मिठाइयां दी एवं अग्निपथ योजना के बारे में पर्चे बांटे.

उसमें कहा गया है, ‘‘ पूरे देश में सेना ने विभिन्न पहाड़ी किलों एवं पहाड़ों के शिखरों पर 77 वें स्वतंत्रता दिवस समारोह के तौर पर ध्वजारोहण किया. '' इस बीच, कोच्चि में दक्षिणी नौसेना कमान (एसएनसी) के युद्ध स्मारक पर नौसेना ने स्वतंत्रता दिवस मनाया.

बयान के अनुसार इस मौके पर दक्षिणी नौसेना कमान के फ्लैग अफसर कमांडिंग-इन- चीफ वाइस एडमिरल एम ए हंपिहोली ने पीवीएसएम, एवीएसएम, एनएम ने उन नौसैनिकों के सम्मान में एसएनसी युद्ध स्मारक पर माल्यार्पण किया जिन्होंने देश की खातिर सर्वोच्च बलिदान दिया. उन्होंने प्रतीकात्मक परेड का निरीक्षण भी किया.

परेड को संबोधित करते हुए वाइस एडमिरल ने बताया कि कैसे आजादी के बाद अप्रत्याशित चुनौतियों से पार पाते हुए भारत ताकतवर बना और उसने वैश्विक पटल पर सम्मान अर्जित किया.

उन्होंने सभी को देश की संप्रभुता की रक्षा में सशस्त्र बलों की अहम भूमिका की याद दिलाई और सभी कर्मियों से भविष्य की दृष्ट से अपने कौशल को निखारने का आह्वान किया.



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मां तुझे सलाम! पूरी दुनिया में बजा भारत का डंका, विश्व भर में भारतीयों ने मनाया 77वां स्वतंत्रता दिवस

विश्व भर में भारतीयों ने मंगलवार को पूरे उत्साह से भारत का 77वां स्वतंत्रता दिवस मनाया. वे दूतावासों, राजनयिक मिशन में एकत्र हुए, जहां उन्होंने एक-दूसरे को शुभकामनाएं दीं तथा राष्ट्रगान और देशभक्ति गीत गाये. वाशिंगटन में, बाइडन प्रशासन भारत के 77वें स्वतंत्रता दिवस समारोह में भारतीय-अमेरिकियों के साथ शामिल हुआ. अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन ने कहा कि दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंध पहले की तुलना में अधिक प्रगाढ़ हुआ है.

बीजिंग में प्रवासी भारतीयों और भारतीय दूतावास के अधिकारियों ने स्वतंत्रता दिवस मनाया.दूतावास ने सोशल मीडिया साइट ‘एक्स' (पूर्व में ट्विटर) पर कहा कि भारत की चार महिला गुमनाम नायिकाओं के बलिदान को प्रदर्शित करने वाले एक नाटक का बच्चों के एक दल ने मंचन किया.

जी20 की भारत की अध्यक्षता पर एक वीडियो भी प्रदर्शित की गई.शंघाई में भारत के महावाणिज्य दूत एन नंदकुमार ने पूर्वी चीन के महानगरों में भारत के महावाणिज्य दूतावास में तिरंगा फहराया और उन्होंने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का राष्ट्र के नाम संबोधन पढ़ा.

शंघाई स्थित भारतीय महावाणिज्य दूतावास ने ‘एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘भारत का 77वां स्वतंत्रता दिवस शंघाई में देशभक्ति के जज्बे और रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम के साथ मनाया गया. इस अवसर पर, नंदकुमार ने ध्वजारोहण किया और माननीय राष्ट्रपति(मुर्मू) का राष्ट्र के नाम संबोधन पढ़ा.''

लंदन में, भारतीय मूल के सैकड़ों लोग भारतीय उच्चायोग में एकत्र हुए. उन्होंने वंदे मातरम और भारत माता की जय के नारे लगाये. ब्रिटेन में, भारत के उच्चायुक्त विक्रम दोरईस्वामी ‘मोटो जीपी भारत रेस' की तैयारी के क्रम में मोटरसाइकिल सवार एक समूह के साथ एक कार्यक्रम में मोटरसाइकिल चलाई. यह प्रतिस्पर्धा अगले महीने, भारत में पहली बार आयोजित की जाने वाली है.

कार्यक्रम की शुरूआत राष्ट्रध्वज फहराने और राष्ट्रगान के साथ शुरू हुई. इसके बाद उच्चायुक्त ने राष्ट्रपति मुर्मू का राष्ट्र के नाम संबोधन पढ़ा.

दोरईस्वामी ने कहा, ‘‘मुझे लगता है कि आज 400 लोग आये, जो अनुमान से काफी अधिक है.''

उच्चायुक्त ने यहां के दौरे पर आये नेशनल ब्लाइंड क्रिकेट टीम के सदस्यों को सम्मानित किया. मंच पर एनसीसी कैडेट को भी सम्मानित किया गया.

आस्ट्रेलिया में, उच्चायुक्त मनप्रीत वोहर ने राष्ट्रध्वज फहराया और राष्ट्रपति मुर्मू का संबोधन पढ़ा.

केनबरा स्थित भारतीय उच्चायोग ने ‘एक्स' पर कहा, ‘‘इस अवसर पर, प्रवासी भारतीयों ने भारत के प्रगति की गाथा साझा की और भारतीय क्षेत्रीय भाषाओं में प्रस्तुतियां दीं. उच्चायोग ने हाथों में दीये के साथ पंचप्रण भी दिलाया.''

आस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज ने पूरे देश(आस्ट्रेलिया) में 77वां स्वतंत्रता दिवस मना रहे भारतीय समुदाय के लोगों को शुभकामनाएं दीं.

उन्होंने एक संदेश में कहा, ‘‘2023 में, भारत (प्रथम प्रधानमंत्री जवाहरलाल) नेहरू के सपनों को साकार करने में अपनी सफलता पर गर्व कर सकता है. हम एक अधिक समृद्ध देश हैं क्योंकि आपने आस्ट्रेलिया को अपना घर बनाया है.''

सिंगापुर में, इस अवसर पर कार्यवाहक उच्चायुक्त पूजा एम तिल्लु ने आईएनएस कुलिश की यात्रा पर आये 1,000 से अधिक प्रवासी भारतीयों का चालक दल के सदस्यों के साथ नेतृत्व किया.

आईएनएस कुलिश बैंड ने धुन बजाई और बैंड के सदस्यों ने स्थानीय भारतीय स्कूलों के छात्रों के साथ देशभक्ति गीत गाये.

आईएनएस कुलिश सैन्य अभ्यास के लिए यहां सोमवार को पहुंचा था.

नेपाल के विदेश मंत्री एन पी सौद ने ‘एक्स' पर भारत के 77वें स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं दीं.

उन्होंने कहा, ‘‘मैं भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर को शुभकामनाएं देता हूं. भारत के लोगों और सरकार को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं.''

श्रीलंका में, उच्चायुक्त गोपाल बागले और भारतीय उच्चायोग के अधिकारियों ने भारतीय शांति सेना स्मारक पर श्रद्धांजलि अर्पित की.
 



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"हमारी सरकार में सिर्फ शिलान्यास नहीं होता, हम योजनाओं को पूरा भी करते हैं" : अनुराग ठाकुर

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 77वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर लालकिले की प्राचीर से देश को संबोधित किया. इस दौरान उन्होंने 2024 लोकसभा चुनाव को लेकर एक भविष्‍यवाणी की. पीएम ने कहा कि वह अगले साल 15 अगस्‍त को फिर से लालकिले से देश को संबोधित करने आएंगे. पीएम के इस बयान पर केंद्रीय सूचना और प्रसारण मंत्री अनुराग ठाकुर ने कहा कि पीएम ने जो कहा है वो बिल्कुल सत्य है. क्योंकि उन्होंने पिछले 9 साल में देश के लिए बिल्कुल समर्पण भाव से काम किया है.

अनुराग ठाकुर ने कहा कि जिस व्यक्ति ने अपनी मेहनत से देश को दुनिया की 5वीं अर्थव्यवस्था बनाया हो. साढ़े 13 करोड़ लोगों को गरीबी रेखा से बाहर निकाला हो. 4 करोड़ पक्के मकान बनाए हों. महिलाओं को रसोई गैस के घुएं से मुक्त किया हो. जो पिछले 4 साल से लगातार दुनिया के सबसे लोकप्रिय नेता के रूप में चुने जा रहे हों. आज उनकी पहचान एक अलग रूप में दिखती है.

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि ऐसे बहुत से काम पहले नहीं थे जो आज हुए हैं. इसीलिए पीएम मोदी को अटूट विश्वास है कि जिन 140 करोड़ भारतीयों को उन्होंने परिवारजन माना है, वो जनता पिछली दो बार की तरह तीसरी बार भी उन्हें चुनेगी और वो भारत को दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनाएंगे.

भारत का युवा हर क्षेत्र में आगे जा सकता है- अनुराग ठाकुर
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि दुनियाभर में भारत के लिए जो विश्वास पैदा हुआ है, वो भारत की तरफ एक उम्मीद से देखते हैं. क्योंकि दुनिया की सबसे बड़ी युवा शक्ति भारत के पास है. इन युवाओं ने 9 सालों में स्टार्टअप इको सिस्टम को दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा इको सिस्टम बना दिया है. मोदी जी भारत के युवाओं को दुनिया के सबसे बड़े स्कील्ड पावर के रूप में खड़ा करना चाहते हैं. भारत के युवाओं में ताकत है, जिससे वो देश को हर क्षेत्र में आगे ले जा सकते हैं.

हम जिस योजना का शिलान्यास करते हैं, उसका उद्घाटन भी करते हैं- केंद्रीय मंत्री
अनुराग ठाकुर ने पीएम मोदी के बयान का जिक्र करते हुए कहा कि हमारी सरकार जिस भी परियोजना का शिलान्यास करती है. उसका उद्घाटन भी करती है. पिछली कांग्रेस सरकारों में कई सालों तक योजनाएं लटकी रहती थी.

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि हमारी सरकार कई रिफॉर्म लेकर आयी, जिसका असर दिख रहा है. हमने 1500 से ज्यादा पुराने कानून खत्म किए हैं. डिजिटली भी हम काफी आगे हैं. दुनियाभर के डिजीटल पेमेंट का 46 प्रतिशत भारत में होता है. हमने सिस्टम को पारदर्शी बनाया है. जी20 में आए दुनियाभर को नेताओं ने भी कहा है कि जो भारत ने कर दिखाया है, वो कोई और देश नहीं कर सकता

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भ्रष्टाचार मुक्त सरकार आज देश की मांग- अनुराग ठाकुर
उन्होंने कहा कि आज दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र भारत की मांग है कि भ्रष्टाचार मुक्त सरकार हो. जो पीएम मोदी के नेतृत्व में हमने पिछले साढ़े 9 सालों में कर दिखाया है. हमने हिंदु, मुस्लिम, सिख और इसाई सभी के लिए काम किया है. अनुराग ठाकुर ने कहा कि पीएम मोदी ने राजनीति में परिवारवाद को लेकर जो कहा है वो भी सच है, क्योंकि किसी परिवार की पीढ़ी ही पार्टी पर कब्जा जमाए रखे. इससे भी बचने की जरूरत है.



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Tuesday, August 15, 2023

Bigg Boss OTT 2 Top 3 से बाहर हुईं मनीषा रानी, अब अभिषेक मलहान और एल्विश यादव में फिनाले की जंग

पूजा भट्ट और बेबिका ध्रुवे के आउट होने के बाद टॉप-5 से एक और खिलाड़ी बाहर हुआ. तीसरा नंबर था मनीषा रानी का. शो में एंटरटेनमेंट का तड़का लगाने वाली मनीषा ने आखिर तक अपनी जगह बनाए रखी और जब आउट हुईं तो उनके फैन्स भी निराश हुए. वैसे शुरुआत में किसी को नहीं लगा था कि मनीषा इतना लंबा चलेंगे लेकिन उन्होंने अपनी पारी से साबित कर दिया कि वह किसी से कम नहीं. शो फॉलो करने वाले ज्यादातर लोगों का यही कहना था कि मनीषा रानी ही एक ऐसी कंटेस्टेंट थीं जिन्होंने शुरुआत से लेकर आखिर तक एंटरटेनमेंट का तड़का लगाए रखा. अगर वो पहले बाहर हो जातीं तो शो फीका पड़ सकता था.

शो में मनीषा का कॉन्ट्रिब्यूशन बिल्कुल शहनाज गिल जैसा था. जिस तरह शहनाज अपने प्यारे अंदाज से दर्शकों का दिल जीतने में कामयाब रहीं उसी तरह मनीषा रानी ने भी शुरू से ही अपनी बातों, दोस्ती और रिश्तों से दर्शकों के दिल में जगह बनाई. उनके को-कंटेस्टेंट का भी यही मानना था कि मनीषा ने शो में एंटरटेनमेंट और ड्रामा का तड़का लगाया. उनकी स्ट्रैटेजी लोगों को पसंद आई और इसी वजह से वो फिनाले तक पहुंची हालांकि शो के आखिर में वो फिनाले की रेस से बाहर हो गईं. 



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