Wednesday, December 13, 2023

राज्यों का कोई GST बकाया नहीं, कुछ प्रदेशों ने एजी रिपोर्ट नहीं सौंपी : वित्त मंत्री

केंद्र ने मंगलवार को राज्यसभा में कहा कि किसी भी राज्य का कोई भी जीएसटी (वस्तु एवं सेवा कर) बकाया उसके समक्ष लंबित नहीं है और कुछ प्रदेश सरकारों ने अपने हिस्से की धनराशि जारी करने के लिए महालेखाकार द्वारा प्रमाणित प्रमाणपत्र जमा नहीं किया है. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने राज्यसभा में प्रश्नकाल के दौरान पूरक प्रश्न का उत्तर देते हुए कहा कि यह विमर्श सही नहीं है कि केंद्र पर राज्यों का जीएसटी बकाया लंबित है और कुछ राज्यों ने महालेखाकार (एजी) की रिपोर्ट नहीं सौंपी है.

उन्होंने कहा, 'यह समझना अहम है कि एजी का प्रमाणन (अनिवार्य) है... अगर एजी का प्रमाण पत्र हमें नहीं मिलता है, तो हम इसे मंजूरी नहीं दे सकते.'

वित्त मंत्री ने कहा कि कुछ राज्य, एजी का प्रमाण पत्र भेजने के बाद भी केंद्र से तब तक रुकने के लिए कहते हैं जब तक वे इसे अंतिम मंजूरी नहीं दे देते.

वह तृणमूल कांग्रेस सदस्य साकेत गोखले के एक प्रश्न का उत्तर दे रहे थे, जिन्होंने राज्यों, खासकर पश्चिम बंगाल के जीएसटी बकाया के बारे में सवाल किया था.

वित्त मंत्री ने कहा कि वह विशेष तौर पर कुछ राज्यों के नाम बताएंगी 'ताकि लोगों के मन में कोई संदेह नहीं रहे'.

उन्होंने कहा कि गोवा ने वित्त वर्ष 2017-18, 2018-19 और 2019-20 के लिए एजी का प्रमाण पत्र जमा नहीं किया है. उसने अब तक वित्त वर्ष 2021-22 और 2022-23 की पहली तिमाही की रिपोर्ट भी नहीं भेजी है.

वित्त मंत्री ने कहा, ''2022-23 के लिए कर्नाटक को छोड़कर किसी राज्य ने अभी तक एजी का प्रमाणपत्र नहीं दिया है. पश्चिम बंगाल ने वित्त वर्ष 2019-20 से 2022-23 की पहली तिमाही तक एजी की रिपोर्ट नहीं भेजी है.''

उन्होंने कहा, 'पश्चिम बंगाल से एजी का प्रमाण पत्र नहीं आया है, इसलिए राशि जारी नहीं की जाएगी. इसे लंबित कहना, उचित नहीं होगा. उन्हें एजी का प्रमाण पत्र भेजने दीजिए, हम इसे मंजूरी दे देंगे.'

वित्त मंत्री ने कहा, 'केरल ने हमें एजी का प्रमाण पत्र भेजा है, लेकिन हमें तब तक रुकने के लिए कहा है जब तक वे एजी के साथ संख्याओं का मिलान नहीं कर लेते। इसलिए हम रुके हुए हैं. यह हमारी ओर से लंबित नहीं है.'

वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने एक अन्य पूरक सवाल के जवाब में कहा कि किसी भी राज्य सरकार का कोई जीएसटी बकाया नहीं है और संबंधित राज्यों को पहले ही राशि जारी की जा चुकी है.

उन्होंने कहा, 'कुछ राज्यों ने अपनी एजी रिपोर्ट नहीं भेजी है, इसके बावजूद हमने कुछ अस्थायी भुगतान किए हैं. एजी की रिपोर्ट मिलने के बाद उन्हें अंतिम भुगतान मिल जाएगा.''

कांग्रेस सदस्य राजीव शुक्ला ने गिरफ्तारी के प्रावधानों के दुरुपयोग का मुद्दा उठाया और सवाल किया कि सरकार जीएसटी ‘फाइलिंग' प्रक्रिया को सरल बनाने के लिए क्या कदम उठाएगी.

इसके जवाब में वित्त मंत्री सीतारमण ने कहा कि जीएसटी परिषद में राज्य सरकारों के वित्त मंत्री शामिल हैं और परिषद को व्यापारियों और व्यापारिक समुदायों के सामने आने वाली कठिनाइयों के बारे में बताया जा रहा है. उन्होंने कहा, ''जीएसटी परिषद इन चीजों पर चर्चा करती है और समय-समय पर प्रक्रिया को उसी के अनुसार सरल बनाया जाता है.''

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Tuesday, December 12, 2023

अनुच्छेद-370 को निरस्त करने संबंधी मोदी के फैसले ने देश की एकता, अखंडता को मजबूती दी : BJP

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने अनुच्छेद 370 को निरस्त करने संबंधी केंद्र के फैसले को उच्चतम न्यायालय द्वारा बरकरार रखे जाने के निर्णय को ‘ऐतिहासिक' बताया और कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 2019 में इस फैसले से भारत की एकता तथा अखंडता को और मजबूती दी. उच्चतम न्यायालय ने सर्वसम्मति से पूर्ववर्ती जम्मू-कश्मीर राज्य को विशेष दर्जा देने वाले अनुच्छेद 370 को निरस्त किए जाने के सरकार के फैसले को बरकरार रखते हुए सोमवार को कहा कि यथाशीघ्र राज्य का दर्जा बहाल किया जाना चाहिए और अगले साल 30 सितंबर तक विधानसभा चुनाव कराने के लिए कदम उठाए जाने चाहिए.

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने अनुच्छेद 370 को निरस्त करने संबंधी केंद्र सरकार के फैसले पर उच्चतम न्यायालय की ओर से मुहर लगाए जाने को हर भारतवासी को हर्षित करने वाला ‘ऐतिहासिक' निर्णय करार दिया और सोमवार को कहा कि आज जम्मू-कश्मीर विकास के एक ‘नये युग' में प्रवेश कर चुका है.

सिंह ने ‘एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘आज उच्चतम न्यायालय द्वारा, संविधान के अनुच्छेद 370 और 35ए को समाप्त करने के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के निर्णय और उस पूरी प्रक्रिया को सही ठहराया गया है. उच्चतम न्यायालय का यह ऐतिहासिक निर्णय हर भारतवासी को हर्षित करने वाला है.''

उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 370 को समाप्त करके प्रधानमंत्री मोदी ने न केवल एक नया अध्याय लिखा बल्कि भारत की एकता और अखंडता को नई मजबूती भी दी.

शीर्ष अदालत ने 2019 में जम्मू-कश्मीर से केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख को अलग करने के फैसले की वैधता को भी बरकरार रखा.

उन्होंने कहा, ‘‘आज जम्मू एवं कश्मीर विकास के एक नये युग में प्रवेश कर चुका है. मुझे पूरा विश्वास है कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में जम्मू एवं कश्मीर तथा लद्दाख का पूरा क्षेत्र विकास एवं सुशासन की दृष्टि से सिरमौर साबित होगा.''

विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने कहा कि शीर्ष अदालत का फैसला जम्मू-कश्मीर के साथ-साथ लद्दाख के लोगों के लिए उज्ज्वल भविष्य का संकेत देता है. उन्होंने कहा कि मोदी सरकार उनके और अधिक विकास के लिए अपने ‘अथक प्रयास' जारी रखेगी.

जयशंकर ने ‘एक्स' पर पोस्ट किया, ‘‘आज के ऐतिहासिक फैसले के माध्यम से, उच्चतम न्यायालय ने पांच अगस्त, 2019 को संसद द्वारा लिए गए फैसले को बरकरार रखा है. इस अवधि में जम्मू-कश्मीर और लद्दाख ने विकास, सुशासन और सशक्तीकरण को देखा है जो लंबे समय से अपेक्षित था.'' उन्होंने कहा, ‘‘इसने भारत की एकता और अखंडता को और मजबूत किया है.''

सूचना एवं प्रसारण मंत्री अनुराग ठाकुर ने कहा कि शीर्ष अदालत का फैसला देश के सभी ‘राष्ट्रवादी लोगों' के लिए जीत और जश्न का क्षण है, जिन्होंने ‘भारत के साथ जम्मू-कश्मीर के पूर्ण एकीकरण' का सपना देखा था और जिसके लिए उन्होंने राजनीतिक और कानूनी लड़ाई लड़ी और यहां तक ​​कि अपने जीवन का बलिदान भी दिया.

ठाकुर ने कहा कि मोदी सरकार ने नेहरू युग के दौरान कांग्रेस द्वारा की गई कई ‘ऐतिहासिक भूलों' में से एक को सुधारने के लिए पांच अगस्त, 2019 को जम्मू-कश्मीर का विशेष दर्जा समाप्त किया.

मंत्री ने कहा कि भारत का एकीकरण ‘एक प्रधान, एक निशान, एक विधान' के बिना अधूरा था और इस लक्ष्य को आखिरकार प्राप्त कर लिया गया. उन्होंने कहा, ‘‘मोदी जी के नेतृत्व में शांति और समृद्धि लौट रही है और लोगों ने आतंकवाद को खारिज कर दिया है.''

केंद्रीय मंत्री एवं भाजपा के पूर्व अध्यक्ष नितिन गडकरी ने कहा कि उच्चतम न्यायालय का फैसला ‘कानूनी फैसले से कहीं अधिक' है. उन्होंने ‘एक्स' पर पोस्ट किया, ‘‘यह एक मजबूत, अधिक एकजुट भारत के निर्माण में हमारे सामूहिक संकल्प की अभिव्यक्ति है.''

गडकरी ने कहा कि जम्मू और कश्मीर प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में ‘लोकतांत्रिक शासन के एक नए युग' में प्रवेश कर रहा है, राज्य ‘प्रगति के नए आयामों का अनुभव कर रहा है, विकास और आशावाद का एक अनूठा उदाहरण पेश कर रहा है.''

उन्होंने कहा, ‘‘ महिला सशक्तीकरण, युवाओं के लिए अवसर, दलितों के कल्याण से लेकर लोगों के संवैधानिक और बुनियादी अधिकारों को सुरक्षित करने तक, मोदी सरकार अक्षरश: जम्मू-कश्मीर के विकास के लिए प्रतिबद्ध है.''

केंद्रीय मंत्री भूपेन्द्र यादव ने कहा कि अनुच्छेद 370 को निरस्त करने पर शीर्ष अदालत का फैसला युवाओं, महिलाओं और ‘जम्मू-कश्मीर की महान भूमि' के सभी लोगों के भविष्य के रास्ते को मजबूत करता है.

शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि फैसला संसद के ‘ऐतिहासिक निर्णय' की संवैधानिक वैधता पर मुहर लगाता है और यह जम्मू-कश्मीर के साथ-साथ लद्दाख के लोगों के सपनों और आकांक्षाओं को साकार करने के लिए ‘नया जोश' प्रदान करेगा.

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शीर्ष अदालत के फैसले के बाद ‘एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘माननीय उच्चतम न्यायालय द्वारा अनुच्छेद 370 और 35 ए के संबंध में दिया गया निर्णय ‘अभिनंदनीय' है. यह ‘एक भारत-श्रेष्ठ भारत' की भावना को मजबूती प्रदान करने वाला है. ‘राष्ट्र प्रथम' की भावना के साथ आदरणीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में जम्मू-कश्मीर को देश की मुख्यधारा से जोड़ने वाले ऐतिहासिक कार्य के लिए 25 करोड़ प्रदेश वासियों की ओर से उनका पुनः हार्दिक आभार.''

हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने कहा कि यह प्रधानमंत्री मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का एक दूरदर्शी निर्णय था.

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Monday, December 11, 2023

"कोई भी बंधक जिंदा नहीं जाएगा, अगर..." : हमास ने दी इजरायल को धमकी

हमास (Hamas) ने इजरायल (Israel) को धमकी देते हुए कहा है कि अगर हमारी मांगें पूरी नहीं होती हैं तो कोई भी बंधक जिंदा नहीं बचेगा. हमास की आर्म्ड विंग के प्रवक्ता अबू ओबेदा ने इजरायल द्वारा बंदी बनाए गए फिलिस्तीनी कैदियों की रिहाई का जिक्र करते हुए एक टीवी रिपोर्ट में कहा, "न तो फासीवादी दुश्मन और उसका अहंकारी नेतृत्व... और न ही उसके समर्थक... किसी आदान-प्रदान और बातचीत की मांगों को पूरा किए बिना अपने कैदियों को जिंदा नहीं ले जा सकते." 

एक दिसंबर को खत्म हुए एक सप्ताह के युद्धविराम के दौरान हमास ने 80 इजरायलियों समेत 105 बंधकों को रिहा किया, इसके बदले में इजरायल ने 240 फिलिस्तीनी कैदियों को रिहा किया था.

इजरायल ने शनिवार को कहा कि फिलिस्तीनी क्षेत्र में 137 बंधक बचे हैं.

मध्यस्थ कतर ने रविवार को कहा कि नए युद्ध विराम को सुनिश्चित करने और अधिक बंधकों को रिहा करने की कोशिश जारी है, साथ ही चेतावनी दी कि लगातार हो रही इजरायली बमबारी की वजह से सफलता मिलने की संभावना कम हो रही है.

ओबेदा ने कहा कि इजरायली सेना के साथ हमास की जंग जारी रहेगी.

उन्होंने कहा, "हमारे पास हर मोहल्ले, सड़क और गली में इस बर्बर कब्जे करने वाले से लड़ने के अलावा कोई विकल्प नहीं है. दुश्मन का मकसद हमारी ताकत को तोड़ना है... लेकिन हम अपनी भूमि पर एक पवित्र युद्ध लड़ रहे हैं."

गाजा में युद्ध तब शुरू हुआ जब हमास ने 7 अक्टूबर को दक्षिणी इजरायल पर भीषण हमला करते हुए हजारों रॉकेट दागे थे, जिसमें हजारों आम नागरिकों की जान गई. 

हमास द्वारा संचालित स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, गाजा पट्टी में हमास के खिलाफ इजरायल के जवाबी हवाई, जमीन और समुद्री हमले में कम से कम 17,700 लोग मारे गए हैं, जिनमें से अधिकांश नागरिक हैं.

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Sunday, December 10, 2023

भारत ने बेहद सख्ती और शिद्दत से दिया जवाब : चीन के साथ गतिरोध पर विदेश मंत्री एस जयशंकर

विदेश मंत्री एस जयशंकर (S Jaishankar) ने शनिवार को कहा कि पिछले तीन वर्ष में भारत के समक्ष उत्तरी सीमाओं पर ‘‘असाधारण रूप से कठिन'' चुनौती थी लेकिन देश ने बेहद सख्ती से उसका जवाब दिया है और राष्ट्र की सुरक्षा के जरूरी सैन्य तैनाती भी की हुई है. जयशंकर ने यह बात पूर्वी लद्दाख में चीन के साथ जारी गतिरोध के संदर्भ में फिक्की में अपने संबोधन में कही. विदेश मंत्री ने अपने संबोधन में यह भी बताया कि किस प्रकार केन्द्र की नरेन्द्र मोदी सरकार आत्मविश्वास के साथ एक के बाद एक निर्णय लेती है फिर चाहे वे कितने भी कठोर और मुश्किल क्यों न हों. 

जयशंकर ने कहा, ‘‘आप सब जानते हैं कि पिछले तीन वर्ष में चुनौतियों की बात करें तो हमारे समक्ष उत्तरी सीमाओं पर असाधारण रूप से कठिन वक्त था.''

उन्होंने कहा,‘‘हालांकि कि ये कोविड के वक्त में हुआ, फिर भी हमने बेहद सख्ती से और पूरी शिद्दत से इसका जवाब दिया और आज की तारीख में हम हमारी राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए जिस भी प्रकार से जरूरी है हम डटे हुए हैं.''

जयशंकर ने यह भी बताया कि कैसे प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत ने आतंकवाद के खिलाफ वैश्विक जागरुकता पैदा करने की कोशिश की या क्वाड की रूपरेखा के तहत सहयोग के लिए आगे बढ़ा, लेकिन उस वक्त एक विमर्श था जिससे कोई असहज हो सकता था. यह परोक्ष रूप से चीन के संदर्भ में था. 

उन्होंने कहा, ‘‘अगर कोई और असहज महसूस करता है तो यह उनकी समस्या है.''

विदेश मंत्री ने कहा,‘‘आखिरकार हमें जो करना है हम वो करेंगे. फिर चाहने वह कितना भी मुश्किल या कठोर क्यों न हो.”

उन्होंने कहा कि इस प्रकार का रुख हमें ‘‘भारत के तौर पर वर्णित '' करेगा. 

भारत द्वारा रूस से कच्चे तेल की खरीद जारी रखने का विशेष रूप से उल्लेख किए बिना जयशंकर ने कहा कि ऊर्जा खरीद पर देश की पसंद राष्ट्रीय हितों से प्रेरित थी.

यूक्रेन संघर्ष के मद्देनजर रूस से कच्चा तेल नहीं खरीदने के पश्चिम के दबाव के बावजूद भारत ने ऐसा करना जारी रखा. 

उन्होंने बड़े व्यवसायों से भारत को अपनी आपूर्ति श्रृंखला बनाने में मदद करने का भी आह्वान किया. 

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दिल्ली : प्रोटीन पाउडर खरीदने के लिए युवक ने पूर्व महिला मित्र को किया ब्लैकमेल, मामला दर्ज

एक युवक ने प्रोटीन पाउडर खरीदने के लिए कथित तौर पर अपनी 19 वर्षीय पूर्व महिला मित्र से उसकी निजी तस्वीरों को इंटरनेट पर प्रसारित करने की धमकी देकर पैसे ऐंठने की कोशिश की. अधिकारियों ने शनिवार को यह जानकारी दी. अधिकारियों ने बताया कि आरोपी ने पूछताछ के दौरान पुलिस को बताया कि हाल में उसने जिम जाना शुरू किया था और आयातित प्रोटीन पाउडर व अन्य पूरक पोषक खरीदने के लिए उसे पैसों की जरूरत थी. पुलिस के अनुसार युवती और उसके पिता से जबरन पैसे ऐंठने की कोशिश करने के आरोप में दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है. 

पुलिस का कहना है कि इन आरोपियों में एक अभी किशोर है और वह पीड़िता का पूर्व मित्र है. पुलिस के मुताबिक युवती को धमकी देने के लिए अलग सोशल मीडिया अकाउंट बनाया था.

पुलिस उपायुक्त (उत्तर) मनोज कुमार मीणा ने कहा, "19 वर्षीय एक युवती ने नेशनल साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर शिकायत की जो साइबर थाने को मिली. युवती ने पुलिस को बताया कि उसे एक अज्ञात व्यक्ति से उसके सोशल मीडिया मंचों पर धमकी भरे संदेश मिल रहे हैं."

मीणा ने कहा, "पीड़िता ने पुलिस को बताया कि आरोपी धमकी दे रहा है कि यदि उसने उसे पैसे नहीं दिये तो वह उसकी निजी तस्वीरें सोशल मीडिया पर डाल देगा."

पुलिस ने कहा कि आधिकारिक शिकायत मिलने के बाद प्राथमिकी दर्ज की गयी और जांच शुरू की गई. 

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Saturday, December 9, 2023

CBSE Board Exam 2024: कक्षा 10वीं, 12वीं बोर्ड परीक्षा 2024 को लेकर सीबीएसई बोर्ड के कुछ बड़े ऐलान

CBSE Board Exam 2024 major Announcement: आगामी वर्ष की सीबीएसई बोर्ड परीक्षाएं 15 फरवरी से शुरू होने वाली है, जिसके लिए फॉर्म भरे जा चुके हैं और अब छात्रों को सीबीएसई बोर्ड कक्षा 10वीं, 12वीं परीक्षा 2024 डेटशीट का बेसब्री से इंतजार है. सूत्रों की मानें तो सीबीएसई बोर्ड किसी भी वक्त बोर्ड परीक्षा 2024 की डेटशीट जारी कर सकता है. जिसे सीबीएसई कक्षा 10वीं, 12वीं के छात्र बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट cbse.gov.in से चेक और डाउनलोड कर सकते हैं. इन सबके बीच आपको बता दें कि इस साल केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) द्वारा सीबीएससी कक्षा 10वीं और सीबीएसई कक्षा 12वीं बोर्ड परीक्षा को लेकर कई बड़े बदलाव किए गए हैं. अभी हाल ही में सीबीएसई बोर्ड ने रिजल्ट को लेकर एक बड़ा ऐलान किया था. सीबीएसई ने इस बार बोर्ड परीक्षा पैर्टन, अकाउंटेंसी के आंसर बुक आदि में भी कई बदलाव किए हैं. आइये जानते हैं-

CBSE Board Exam 2024: सीबीएसई बोर्ड ने अगले साल होने वाली बोर्ड परीक्षाओं का किया ऐलान, 10वीं, 12वीं की परीक्षाएं इस तारीख से

अकाउंटेंसी विषय में बड़ा बदलाव

केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने कहा कि अब बोर्ड ने अकाउंटेंसी विषय में दी जाने वाली उत्तर पुस्तिकाओं को खत्म करने का निर्णय लिया है. यह निर्णय हितधारकों से प्राप्त फीडबैक के आधार पर लिया गया. यह बदलाव बोर्ड परीक्षा 2023-24 से लागू होगा. बोर्ड ने नोटिस जारी करते हुए कहा, “यह सूचित किया जाता है कि बोर्ड परीक्षा, 2024 से सीबीएसई ने हितधारकों से प्राप्त फीडबैक के आधार पर उन उत्तर पुस्तिकाओं को हटाने का निर्णय लिया है जिनमें अकाउंटेंसी विषय में टेबल दी गई थीं. के विषय में तालिकाएं प्रदान की गई थीं. 2024 परीक्षा से कक्षा 12वीं में अन्य विषयों की तरह सामान्य पंक्ति की उत्तर पुस्तिकाएं अकाउंटेंसी विषय में भी प्रदान की जाएंगी.” 

रिजल्ट पर बड़ा ऐलान 

पिछले हफ्ते सीबीएसई ने रिजल्ट को लेकर एक बड़ा ऐलान किया है. सीबीएसई ने घोषणा की है कि बोर्ड 2024 में कक्षा 10वीं और कक्षा 12वीं की परीक्षा में बैठने वाले छात्रों को कोई ओवरऑल डिविजन, डिस्टिंक्शन या एग्रीगेट नहीं देगा. यही नहीं बोर्ड परसेंटेज भी नहीं बताएगा. 

सैंपल पेपर 

सीबीएसई बोर्ड ने 2024 में बोर्ड परीक्षा देने वाले कक्षा 10वीं, 12वीं के छात्रों के लिए सैंपल पेपर अपनी आधिकारिक वेबसाइट- cbseacademic.nic.in पर जारी किए हैं. बोर्ड ने कक्षा 10वीं के लिए कुल 60 और कक्षा 12वीं के लिए 77 सैंपल पेपर पत्र जारी किए हैं. 

अब यह सरकार भी देगी कक्षा 11वीं, 12वीं के छात्रों को NEET, JEE की फ्री कोचिंग, ऑनलाइन होंगी Classes

बोर्ड परीक्षा साल में दो बार

केंद्रीय शिक्षा मंत्री, धर्मेंद्र प्रधान ने बोर्ड परीक्षा को लेकर एक बड़ी घोषणा की थी. उन्होंने कहा था कि अब बोर्ड परीक्षाएं एक बार नहीं बल्कि साल में दो बार आयोजित की जाएंगी. छात्र चाहे तो एक और चाहे तो दोनों में भाग ले सकेंगे. दोनों परीक्षाओं में सर्वश्रेष्ठ स्कोर को रिजल्ट माना जाएगा. छात्र उन विषयों की बोर्ड परीक्षा में शामिल हो सकते हैं जिन्हें उन्होंने पूरा कर लिया है और जिनके लिए वे पूरी तरह से तैयार हैं. 

दो भाषाएं

इसके अतिरिक्त, कक्षा 11वीं और 12वीं के छात्रों को अब से दो भाषाएं पढ़नी होंगी. जिसमें से कम से कम एक भाषा भारतीय भाषा होनी चाहिए. किसी भी विषय के चुनाव में किसी तरह का प्रतिबंध नहीं होगा. छात्रों को विषय का चुनाव करने की पूरी आजादी होगी. 

JEE Main 2024: जेईई मेन के लिए आवेदन करने की अंतिम तारीख आज, Direct link से करें आवेदन 



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Friday, December 8, 2023

गाजा में मारे गए इजराइली नागरिकों में भारतीय मूल का सैनिक भी शामिल

यरुशलम: हमास शासित गाजा पट्टी में इस सप्ताह लड़ाई के दौरान भारतीय मूल के एक इजराइली सैनिक की मौत हो गई. भारतीय यहूदी समुदाय के सदस्यों ने यह जानकारी दी. भारतीय यहूदी समुदाय के लोगों ने बताया कि अशदोद के रहने वाले मास्टर सार्जेंट. (रेज.) गिल डेनियल की मंगलवार को गाजा में हत्या कर दी गई और जिसके बाद उनका अंतिम संस्कार बुधवार को उनके गृहनगर में सैन्य कब्रिस्तान में किया गया.

इजराइल के सुरक्षा बलों ने इस बात की पुष्टि की कि गाजा पट्टी में लड़ाई के दौरान मारे गए दो सैनिकों में गिल डेनियल भी शामिल थे. भारतीय यहूदी विरासत केंद्र ने कहा, ‘‘इस वीभत्स और क्रूर युद्ध में इजराइल ने अपने कई सैनिक खो दिए हैं. इस युद्ध में इजराइल ने राष्ट्र के सम्मान के लिए लड़ने वाले अपने कई सबसे अच्छे बेटे और बेटियों को खो दिया है. आज, हम एक और आईडीएफ (इजराइल रक्षा बल) सैनिक मास्टर सार्जेंट (रेज.) गिल डेनियल (34)की मृत्यु पर शोक व्यक्त करते हैं. वह योएल और माजल के पुत्र थे. ''

बेने इजराइल समुदाय के सदस्य गिल डेनियल का का ताल्लुक भारत के महाराष्ट्र से है. आईडीएफ द्वारा गाजा में अपना जमीनी अभियान शुरू करने के बाद से लड़ाई में लगभग 86 इजराइली सैनिक मारे गए हैं. सात अक्टूबर से लेकर अब तक कम से कम भारतीय मूल के चार इजराइली सैनिकों के मारे जाने की जानकारी है.

इस बीच, गाजा पट्टी के दूसरे सबसे बड़े शहर रफाह के केंद्र में बुधवार को इजराइली सैनिकों ने हमास के आतंकवादियों को निशाना बनाकर हमले किए. इजराइली सेना ने यह जानकारी दी. इजराइल के जमीनी हमलों ने हजारों फलस्तीनियों को क्षेत्र के सबसे दक्षिणी छोर की ओर जाने के लिए मजबूर कर दिया है और सहायता समूहों को भोजन, पानी और अन्य आपूर्ति पहुंचाने से रोक दिया है.

वहीं, अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार समूहों ने दावा किया है कि लगभग दो महीने पहले दक्षिण लेबनान में इजराइल की ओर से किए गए दो हमले स्पष्ट रूप से जानबूझकर किए गए थे और यह नागरिकों पर सीधा हमला था. इन हमलों में ब्रिटेन की समाचार एजेंसी रॉयटर्स के वीडियोग्राफर की मौत हो गई थी और छह अन्य पत्रकार घायल हो गए थे. एमनेस्टी इंटरनेशनल और मानवाधिकार निगरानी समूह ने कहा कि इजराइल के इन हमलों की युद्ध अपराध के रूप में जांच की जानी चाहिए.

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Thursday, December 7, 2023

सरसों का साग छांटते हुए खेसारी लाल यादव का वीडियो हो रहा है वायरल, लोग कह रहे हैं- मौसम बन गइल बा!

भोजपुरी स्टार खेसारी लाल यादव का वीडियो आए दिन वायरल होता रहता है. बेहतरीन अदाकारी और गायिकी के कारण खेसारी लाल यादव ने अपनी एक अलग पहचान बना ली है. अभी हाल ही में उनका एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. इस वीडियो में देखा जा सकता है कि खेसारी लाल यादव अपनी पत्नी के साथ सरसो का साग छांट रहे हैं. इस वीडियो को देखने के बाद कई यूज़र्स अपनी प्रतिक्रियाएं भी दे रहे हैं.

देखें वीडियो

वीडियो में देखा जा सकता है कि कैसे घर की सीढ़ी पर बैठकर खेसारी लाल यादव सरसो का साग छांट रहे हैं. लोगों को ये वीडियो काफी पसंद आ रहे हैं. वायरल हो रहे इस वीडियो पर कई लोगों की प्रतिक्रियाएं भी आ रही हैं. 

इस वीडियो को ChapraZila नाम के ट्विटर हैंडल से शेयर किया गया है. वायरल हो रहे इस वीडियो पर हज़ारों व्यूज़ मिल चुके हैं. वहीं इस वीडियो पर कई लोगों के कमेंट्स देखने को मिल रहे हैं. एक यूज़र ने कमेंट करते हुए लिखा है- गर्दा मचा दिए हैं भइया. एक अन्य यूज़र ने कमेंट करते हुए लिखा है- खेसारी लाल जमीन से जुड़े हुए कलाकार हैं.



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BBC के अगले चीफ के तौर पर भारतीय मूल के समीर शाह ब्रिटेन सरकार की पसंद

ब्रिटेन की सरकार ने बुधवार को बीबीसी के नए प्रमुख के लिए भारतीय मूल के समीर शाह के नाम को तय किया है.  सरकार ने अनुभवी टीवी पत्रकार समीर शाह को रिचर्ड शार्प के स्थान पर अपनी पसंद के रूप में नामित किया है. रिचर्ड शार्प को अप्रैल में पद से हटा दिया गया था. शाह की नियुक्ति को संसदीय समिति द्वारा अनुमोदित किया जाएगा. सरकार का यह फैसला ऐसे समय में आया है जब बीबीसी आर्थिक संकट से गुजर रहा है. बीबीसी ने हाल ही में अपने "न्यूज़नाइट" कार्यक्रम में कटौती की घोषणा की है. 

जानकारी के अनुसार 71 वर्षीय समीर शाह को सरकार के साथ लाइसेंस शुल्क में वृद्धि के लिए बातचीत करने का काम सौंपा जाएगा, जहां से बीबीसी को अधिकांश फंडिंग मिलती है. यूके मीडिया ने हाल ही में बताया कि प्रधान मंत्री ऋषि सुनक ने वार्षिक शुल्क में नौ प्रतिशत की वृद्धि को रोकने की योजना बनाई है, जो वर्तमान में प्रति परिवार £159 ($200) है.  समीर शाह ने 40 से अधिक वर्षों तक टेलीविजन में काम किया है और बीबीसी में करंट अफेयर्स के प्रमुख सहित कई भूमिकाएं निभाई हैं. उन्होंने एक बयान में कहा कि उन्हें सरकार का पसंदीदा उम्मीदवार नामित किये जाने पर ''खुशी'' है. 

बीबीसी के एक प्रवक्ता ने कहा कि हम इस घोषणा का स्वागत करते हैं कि समीर शाह को बीबीसी प्रमुख की भूमिका निभाने के लिए सरकार के पसंदीदा उम्मीदवार के रूप में चुना गया है और औपचारिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद बोर्ड में उनके शामिल होने की उम्मीद है. 

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Wednesday, December 6, 2023

सचिन पायलट की एक्टिविटी को किया ट्रैक, फोन भी टैप करवाया : अशोक गहलोत के OSD लाकेश शर्मा का दावा

राजस्थान के निवर्तमान मुख्यमंत्री अशोक गहलोत (Ashok Gehlot) के ऑफिसर ऑन स्पेशल ड्यूटी लोकेश शर्मा ( OSD Lokesh Sharma) विधानसभा चुनावों में कांग्रेस की हार के बाद लगातार खुलासे कर रहे हैं. अब उन्होंने सचिन पायलट (Sachin Pilot)को लेकर गहलोत के बारे में चौंकाने वाला दावा किया है. लोकेश शर्मा ने मंगलवार को आरोप लगाया कि 2020 में तत्कालीन उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट की बगावत से पहले और उस दौरान उनकी गतिविधियों और फोन को ट्रैक किया गया था. 

उन्होंने कहा कि यह निश्चित रूप से सामान्य बात है कि पायलट कहां जा रहे थे? किससे मिल रहे थे? किससे बात कर रहे थे? इन सब चीजों पर नजर रखी जा रही थी. इन आरोपों पर कांग्रेस नेता गहलोत और सचिन पायलट या उनके सहयोगियों की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है. 

लोकेश शर्मा ने आरोप लगाया, ''जब 2020 का राजनीतिक संकट आया. सचिन पायलट अपने 18 विधायकों के साथ चले गए थे. ऐसी स्थिति में सरकार ने अपनी मशीनरी को काम में लगाया था. तब हर किसी पर नजर रखी जा रही थी. ये लोग कहां जाते हैं, किससे मिलते हैं और वे किससे बात करते हैं. सबकुछ सर्विलांस पर था. पायलट का पीछा भी किया गया. उनके फोन भी टैप किए गए."

आसानी से रोका जा सकता था राजस्थान का नुकसान    
लोकेश शर्मा ने कहा, "राजस्थान का नुकसान आसानी से रोका जा सकता था. अपने सर्वे के आधार पर मैंने अशोक गहलोत से कहा था कि उन्हें मौजूदा विधायकों को बदलने की जरूरत है. साथ ही सीएम को सचिन पायलट के उठाए गए पेपर लीक मुद्दे पर भी ध्यान देना चाहिए. लेकिन गहलोत-पायलट की अंदरूनी कलह ने विधानसभा चुनाव में पार्टी पर भारी असर डाला. ये चुनाव हम जीत सकते थे."

बीकानेर या भीलवाड़ा से टिकट चाहते थे लोकेश शर्मा
बता दें कि लोकेश शर्मा को राजस्थान विधानसभा चुनाव लड़ने के लिए टिकट नहीं दिया गया था. वह बीकानेर और बाद में भीलवाड़ा से चुनाव लड़ने की इच्छा जाहिर कर चुके थे. यहां कांग्रेस 20 साल से हारती आ रही थी. लोकेश शर्मा ने कहा कि लेकिन गहलोत ने एक्पेरिमेंट करने से इनकार कर दिया था.

राजस्थान में नहीं थी एंटी इंकमबेंसी
उन्होंने कहा, "राजस्थान में कांग्रेस सरकार के खिलाफ कोई सत्ता विरोधी लहर नहीं थी. लेकिन लोग कई विधायकों को अपने प्रतिनिधि के रूप में वापस आते नहीं देखना चाहते थे. ऐसी रिपोर्टें मुख्यमंत्री को बताई गईं. ये सिर्फ मेरी रिपोर्टें नहीं थीं, बल्कि ऑल इंडिया कांग्रेस कमिटी के सर्वे और कुछ दूसरी रिपोर्टों में भी ऐसा कहा गया था. मैंने सीएम से कहा था कि मौजूदा विधायकों के टिकट काटे जाने चाहिए, लेकिन ऐसा नहीं किया गया."

रिपोर्टों पर कार्रवाई क्यों नहीं की गई? इसके जवाब में लोकेश शर्मा कहते हैं, "आप कह सकते हैं कि यह उनकी (गहलोत की) जिद थी. उन्हें शायद लगा कि यह उन लोगों के प्रति उनका नैतिक कर्तव्य था, जिन्होंने उनकी सरकार बचाने में मदद की थी." 

नहीं निकाल रहा टिकट न दिए जाने की भड़ास- लोकेश शर्मा
लोकेश शर्मा ने इस बात से इनकार किया कि टिकट नहीं दिये जाने के कारण वह ऐसे आरोप लगा रहे हैं. उन्होंने कहा कि यह पार्टी पर निर्भर है कि वह उनके टिकट पर फैसला करे या न करे. उन्होंने कहा, "मैं ऐसा अभी कह रहा हूं, क्योंकि मैं चाहता हूं कि सुधारात्मक कदम उठाए जाएं. क्योंकि लोकसभा चुनाव नजदीक हैं. चीजों को ठीक करना महत्वपूर्ण है."

राजस्थान चुनाव में कांग्रेस की हार के बाद लोकेश शर्मा ने निवर्तमान सीएम अशोक गहलोत पर निशाना साधा था. उन्होंने कहा था कि गहलोत का अनुभव, मैजिक और योजनाएं राज्य में कांग्रेस को सत्ता में वापस नहीं ला सकीं.

लोकेश शर्मा के बयानों पर पार्टी को गौर करना चाहिए- पायलट
इन आरोपों पर सोमवार को सचिन पायलट का भी बयान सामने आया. पायलट ने कहा था, "मैंने लोकेश शर्मा का बयान देखा है. यह अजीब है, क्योंकि वह मुख्यमंत्री के ओएसडी थे. इसलिए यह चिंता का विषय है. मेरा मानना ​​है पार्टी इस बात पर गौर करेगी कि उन्होंने ऐसा क्यों कहा. इसमें कितनी सच्चाई है इसकी भी जांच होनी चाहिए."


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कोलकाता में रहने वाले भारतीय शख्स से शादी करने के लिए भारत पहुंची पाकिस्तानी महिला

कोलकाता निवासी व्यक्ति से शादी करने के लिए एक पाकिस्तानी युवती ने मंगलवार को वाघा-अटारी अंतरराष्ट्रीय सीमा पार कर भारत में प्रवेश किया. दोनों की शादी अगले साल जनवरी में होने वाली है. कराची की रहने वाली जावेरिया खानुम ने अमृतसर जिले में अटारी से भारतीय सीमा में प्रवेश किया, जहां उनके मंगेतर समीर खान और उनके परिवार के कुछ सदस्यों ने ढोल-नगाड़ों के साथ उनका स्वागत किया. पूर्व में, खानुम की दो वीजा अर्जियां रद्द होने और कोविड महामारी के कारण शादी करीब पांच साल टलने के बाद उन्हें 45 दिनों का वीजा प्रदान किया गया है.

अटारी में जोड़े ने एक संक्षिप्त बातचीत में कहा कि शादी अगले साल जनवरी में होगी. खानुम ने कहा, ‘‘मुझे 45 दिनों का वीजा दिया गया है. यहां आकर मैं बहुत खुश हूं. यहां पहुंचते ही, मुझे काफी प्यार मिला. जनवरी के पहले सप्ताह में शादी होगी.'' उन्होंने शादी के लिए भारत की यात्रा संभव होने पर अपनी खुशी जाहिर करते हुए कहा कि दो बार वीजा हासिल करने की कोशिश की थी, लेकिन तीसरे प्रयास में सफलता मिली. उन्होंने कहा, ‘‘यह एक सुखद अंत है और खुशियों की शुरूआत है.''

खानुम ने कहा, ‘‘घर पर (पाकिस्तान में) सभी लोग खुश हैं. मुझे यकीन नहीं हो रहा कि पांच साल बाद मुझे वीजा मिल गया .''उन दोनों का एक-दूसरे से कैसे संपर्क हुआ, इस बारे में खान ने कहा कि उन्होंने अपनी मां के मोबाइल फोन पर खानुम की तस्वीर देखने के बाद उससे शादी करने की इच्छा जताई थी. उन्होंने कहा, ‘‘यह सब मई 2018 में शुरू हुआ. पढ़ाई पूरी कर मैं जर्मनी से घर आया था. मैंने अपनी मां के फोन पर उसकी तस्वीर देखी और अपनी इच्छा जताई. मैंने अपनी मां से कहा कि मैं जावेरिया से शादी करना चाहता हूं.''

खान ने वाीजा के लिए भारत सरकार के प्रति आभार जताया. उन्होंने बताया कि जर्मनी में पढ़ाई के दौरान उनके बहुत से दोस्त बने जो अफ्रीका, स्पेन, अमेरिका तथा कई अन्य देशों से हैं और उन सबके भी शादी में शामिल होने की संभावना है. संवाददाताओं से बातचीत के बाद, यह जोड़ा (खान और खानुम) अमृतसर से कोलकाता की उड़ान में सवार होने के लिए निकल गया

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Tuesday, December 5, 2023

पूर्वी राजस्थान में नहीं चला पायलट का जादू? कांग्रेस को 8 जिलों की गुर्जर बहुल 10 सीटों का हुआ नुकसान

गुर्जर समुदाय की बहुलता वाले पूर्वी राजस्थान के आठ जिलों में कांग्रेस को इस विधानसभा चुनाव में दस सीट का नुकसान हुआ है. समुदाय के लोगों ने दावा किया है कि सचिन पायलट की उपेक्षा इसका बड़ा कारण है. राज्य की 200 सदस्यीय विधानसभा की 199 सीट पर मतदान हुआ जिसके वोटों की गिनती रविवार को की गई. इसमें भाजपा को 115 सीट के साथ बहुमत मिला जबकि कांग्रेस 69 सीट पर सिमट गई.

पूर्वी राजस्थान के आठ जिलों --अलवर, भरतपुर, बूंदी, दौसा, धौलपुर, करौली, सवाई माधोपुर और टोंक में कांग्रेस की सीट इस विधानसभा चुनाव में 29 से घटकर 19 रह गईं, जबकि भाजपा को 14 सीट का फायदा हुआ और उसे कुल 42 में से 20 सीटें हासिल हुईं. साल 2018 में कांग्रेस ने पूर्वी राजस्थान में 42 में से 29 सीट जीती थीं जबकि भाजपा को छह सीट मिली थीं.

इस क्षेत्र की कई सीटों पर गुर्जर मतदाताओं को निर्णायक माना जाता है. गुर्जर समुदाय से आने वाले पायलट 2018 में कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष थे और तब उन्होंने चुनाव में पार्टी की अगुवाई की थी. लेकिन इस बार के चुनाव में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत अभियान का नेतृत्व कर रहे थे. पायलट ने अपनी टोंक सीट के साथ-साथ अपने समर्थकों की कुछ अन्य सीट पर ध्यान केंद्रित रखा था.

साल 2018 में कांग्रेस को बहुमत मिलने के बाद पायलट मुख्यमंत्री पद की दौड़ में थे लेकिन पार्टी आलाकमान ने अशोक गहलोत को तीसरी बार मुख्यमंत्री बनाते हुए पायलट को उपमुख्यमंत्री बनाया.

जुलाई 2020 में पायलट एवं उनके कुछ समर्थक विधायकों द्वारा गहलोत नेतृत्व के खिलाफ विद्रोह करने के बाद पायलट को उपमुख्यमंत्री एवं प्रदेश अध्यक्ष पद से हटा दिया गया. पायलट और गहलोत के बीच आंतरिक कलह खुलकर सामने आने पर गहलोत ने पायलट को 'गद्दार' और 'निकम्मा' तक कह दिया. दोनों नेताओं के बीच मनमुटाव काफी स्पष्ट रहा है.

धौलपुर जिले के एक सामाजिक कार्यकर्ता सुघर सिंह ने ‘पीटीआई-भाषा' से कहा कि दिसंबर 2018 में कांग्रेस की सरकार बनने के बाद से पायलट के साथ खराब व्यवहार को लेकर समुदाय में निश्चित रूप से नाराजगी थी. उनका कहना है कि सभी को उम्मीद थी कि कांग्रेस पायलट को मुख्यमंत्री बनाएगी लेकिन ऐसा नहीं हुआ.

उन्होंने कहा,‘‘इससे भी अधिक, उन्हें और अपमानित किया गया, जिससे समाज के लोग आहत हुए और इसलिए इस बार गुर्जर वोट कांग्रेस के खिलाफ चले गए हैं.''

उन्होंने दावा किया कि पायलट के 'अपमान' की वजह से ही कांग्रेस को नुकसान हुआ है. उन्होंने कहा,‘‘पायलट लोकप्रिय हैं. वह हमारे समुदाय से हैं और पिछली बार जब समुदाय ने कांग्रेस को वोट दिया तो उसे बहुत उम्मीद थी लेकिन उसे केवल निराशा मिली.''

गंगापुर सिटी में एक स्कूल चलाने वाले सुरेंद्र खटाना ने कहा कि पायलट के खिलाफ जिन शब्दों का इस्तेमाल किया गया उससे समाज के लोग नाराज हुए और इस चुनाव में कांग्रेस के खिलाफ जाने का फैसला किया. उन्होंने कहा,‘‘मतभेद हो सकते हैं लेकिन पायलट के खिलाफ इस्तेमाल किए गए शब्दों को कोई कैसे सहन कर सकता है. पायलट ने प्रदेश अध्यक्ष के रूप में पांच साल में पार्टी को दोबारा खड़ा करने के लिए कड़ी मेहनत की और पांच साल के कांग्रेस शासन के दौरान उन्होंने केवल संघर्ष किया.''

उन्होंने कहा कि समाज के लोगों ने अपने स्तर पर छोटी-छोटी बैठकें कीं और कांग्रेस के बजाय भाजपा को वोट देने का फैसला किया.

करौली के हिंडौन में एक कांग्रेस पार्षद ने कहा कि गहलोत का समर्थन करने के बदले कांग्रेस विधायकों को खुली छूट दी गई और यह भी समुदाय के खिलाफ गया क्योंकि विधायकों ने गुर्जर लोगों के काम नहीं किए.

उन्होंने कहा,‘‘मैंने समाज के कार्यक्रमों में सुना कि कैसे कांग्रेस सरकार में गुर्जर लोगों को अपने काम करवाने में समस्याओं का सामना करना पड़ रहा था. गुर्जर एक बड़ा समुदाय है और समाज के एक वरिष्ठ नेता की अनदेखी निश्चित रूप से नकारात्मक प्रभाव डालती है.''

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Monday, December 4, 2023

मध्य प्रदेश : शिवराज कैबिनेट के 10 से ज्यादा मंत्री हारे चुनाव

 मध्यप्रदेश के विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को दो तिहाई बहुमत मिल गया है. निर्वाचन आयोग के अनुसार, प्रदेश की 230 विधानसभा सीट में से भाजपा के उम्मीदवार 159 सीट जीत चुके हैं जबकि चार सीट पर आगे चल रहे हैं. वहीं कांग्रेस ने अब तक 63 सीट पर जीत दर्ज की है और वह तीन सीट पर आगे चल रही है. भाजपा मध्य प्रदेश में सत्ता बरकरार रखने के साथ ही अपने विधायकों की संख्या बढ़ाने में सफल रही जबकि शिवराज सिंह चौहान के नेतृत्व वाले मंत्रिमंडल के 10 से अधिक मौजूदा मंत्री पराजित हो गए हैं.

जिन अन्य प्रमुख मंत्रियों को हार का सामना करना पड़ा उनमें अटेर से अरविंद भदोरिया, हरदा से कमल पटेल और बालाघाट से गौरीशंकर बिसेन शामिल हैं. इनके अलावा हारने वाले मंत्रियों में बड़वानी से प्रेम सिंह पटेल, बमोरी से महेंद्र सिंह सिसोदिया, बदनावर से राजवर्धन सिंह, ग्वालियर ग्रामीण से भारत सिंह कुशवाह, अमरपाटन से रामखेलावन पटेल, पोहरी से सुरेश धाकड़ और परसवाड़ा से रामकिशोर कावरे शामिल हैं. एक अन्य मंत्री और पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती के भतीजे राहुल सिंह लोधी को खरगापुर से हार का सामना करना पड़ा.

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